08

Inocent ashki

त्रेहान farmhouse,

अरमान और अश्की इस वक्त किचन के पास खडे थे. वहीं अरमान ने उसकी कमर को अपने हाथों में थाम रखा था और पूरा दबाव उसके जिस्म पर बनते हुए उसे चूम रहा था. इस वक्त वह पूरी तरह से उसके होठों को अपने होठों में लेकर उसपर अपना कहर बरसा रहा था. वह तकरीबन पंद्रह मिनट से उसे चूम रहा था जिस वजह से अश्की की सांसे रुकने तक आ गई थी. लेकिन अरमान की सॉफ्ट होने का नाम ही नहीं ले रही थी. वह लगातार अश्की के होठों को खाने में लगा हुआ हुआ था. ऐसे ही पाँच मिनट और बीत गए जब अश्की को सांस लेने में ज्यादा ही दिक्कत होने लगी तो उसने अब अरमान के कंधों पर जोर- जोर से मुक्के बरसाने शुरू कर दिए कि किसी तरह अरमान उसे छोडे लेकिन अरमान ने उसकी कमर पर अपनी पकड और भी कस दी, जिससे अश्की की सिसक निकल गई जो कि अरमान ने उसके होठों में दबा दी,

तकरीबन पंद्रह मिनट और चूमने के बाद अरमान ने एकदम से अश्की को छोडा जिससे अश्की ने एकदम से अपनी सांस अंदर की तरफ खींची और उसका सीना ऊपर की तरफ उठ गया. अश्की इस वक्त गहरी गहरी सांस भर रही थी जिस वजह से उसका सीना ऊपर की तरफ उठ रहा था. और उसका उठ रहा सीना इस वक्त अरमान के सीने से टकरा रहा था. अश्की के सीने को अपने सीने पर महसूस कर अरमान के चेहरे के भाव अब बदलने लगे थे. जिस वजह से अरमान की पकड अब उसकी कमर पर कसने लगी थी.

उसके चेहरे के हाफ- भाव बदलते देखा अश्की को अब अरमान से डर लगने लगा था. अब वह अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली देखिए हमने खाना बनाया है और सुबह का वक्त है और यह सब चीज सुबह- सुबह अच्छी नहीं लगती प्लीज खाना खा लीजिए और हमें भी बहुत भूख लगी हुई है हमने सुबह से कुछ भी नहीं खाया है और अब तीन बजने को है. इतना कहते हुए उसने अपना सिर पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाया हुआ था. उसकी हिम्मत नहीं थी कि वह अरमान की आंखों में एक बार भी झांक ले क्योंकि इस वक्त अरमान की नजरे उस पर बेहद इंटेंस थी.

जो कीः अश्की साफ महसूस कर सकती थी इस वक्त अश्की का दिल तेजी से धडक रहा था. वहीं अरमान ने अब अपना हाथ उसकी कमर पर रखा और अपने सीने से सटाते हुए बोला, लेकिन मेरी भूख का क्या, अरमान की बात पर अश्की नजरे चुराते हुए लडखडाती आवाज में, खाना खा लीजिए भूख भी मिट जाएगी, अश्की की बात सुनकर अरमान के होठों के कोने हल्के से ऊपर की तरफ उठ गए, लेकिन अश्की ने यह चीज नहीं देखी थी क्योंकि उसकी नजरें पूरी तरह से नीची थी. इस वक्त अरमान ने जिस तरह से उसकी कमर पर हाथ रखकर खुद से सटाया हुआ था. इस वक्त उसका दिल जोरो जोरो से धक- धक कर रहा था.

वहीं अरमान अब उसके चेहरे के ऊपर झुका और अपनी गर्म सांस उसके चेहरे पर छोडते हुए बेहद सिडक्टिव वॉइस में, लेकिन मुझे तो किसी और चीज की भूख लगी हुई है. और वह भूख तो सिर्फ तुम ही मिटा सकती हो, उसकी बातों का मतलब समझ कर अश्की की धडकनों ने और भी ज्यादा शोर करना शुरू कर दिया था जिसका शोर अरमान के कानों तक भी जा रहा था. लेकिन फिलहाल अरमान ने उसे छोडा क्योंकि वह भी जानता था कि कल रात से अश्की ने कुछ नहीं खाया था. तो इस वक्त अश्की का खाना खाना बहुत ज्यादा जरूरी था.

अरमान अब नीचे की तरफ झुका और अगले ही पल अश्की को अपनी गोद में उठा लिया. अरमान के एकदम से अश्की को गोद मैं उठाने से अश्की पूरी तरह से हडबडा गई थी और उसके हाथ पूरी तरह से अरमान के कंधों पर कस गए थे. उसे अब डर लगने लगा था कि कहीं अरमान उसे कमरे में दोबारा ना ले जाए इसलिए वह कुछ बोलने को हुई, लेकिन उससे पहले ही अरमान ने उसको अपनी गहरी नजरों से देखते हुए, बोला चेयर पीछे खींचो, उसकी बात सुनकर अब जाकर अश्की ने कुर्सी की तरफ देखा क्योंकि अब अरमान डाइनिंग टेबल की चेयर के पास आकर खडा हो गया था. जिसे वह अश्की को खींचने को कह रहा था. अश्की ने अब चेयर पीछे की तरफ खींची तो अरमान चेयर पर आराम से बैठ गया.

और अश्की को भी अपने साथ ही चेयर पर बैठा लिया वहीं अश्की अब उसकी गोद से उठने को हुई कि तभी अरमान ने अपनी पकड उसकी कमर पर कस दी, और अश्की को अपनी गहरी नजरों से देखने लगा जिससे न चाहते हुए भी अब अश्की को उसकी गोद में बैठना पडा, अब उसने खाने की तरफ देखा और धीरे- धीरे खाना खुद सर्व करने लगा, अरमान को इस तरह से खाना सर्वे करते देख अश्की जल्दी से बोली प्लीज खाना मुझे सर्व करने दीजिए ऐसे मेरे होते आप खाना सर्व करेंगे मुझे अच्छा नहीं लगेगा, उसकी बात पर अरमान जिसके होंठ इस वक्त अश्की के कान के पास थे,

वह बेहद धीमी और सिडक्टिव वॉइस में बोला, क्यों क्यों अच्छा नहीं लगेगा तुम्हें, उसकी बात सुनकर अश्की का दिल जोरो जोरो से धडकने लगा, अब अश्की को समझ में नहीं आ रहा था कि वह अरमान को क्या जवाब दे, वहीं अरमान की नजरे अब उस पर हद से ज्यादा गहरी हो गई थी वह उसके मुंह से इस चीज का जवाब सुनना चाहता था. लेकिन अश्की उसकी गोद में चुपचाप अपना सिर नीचे झुकाए बैठी रही, उसने अरमान की बात का कोई भी जवाब नहीं दिया,

तभी अरमान एक बार फिर से अपनी गहरी आवाज में बताओ ना, तुम्हें क्यों अच्छा नहीं लगेगा, अरमान की बात पर अश्की अपने हाथों की उंगलियां उलझते हुए वो वो. आप हमारे पति है ना और अम्मा कहती है कभी भी पत्नी के होते पति को काम नहीं करना चाहिए, उसकी बात सुनकर अरमान की नजरे अब उस पर और भी ज्यादा गहरी हो गई अब उसने एक बार फिर से अश्की के कानों को चुमते हुए बोला, I do not believe in this, इतना कहकर अब उसने दोबारा से खाना अपनी प्लेट में सर्व किया और इस वक्त उसने अपनी प्लेट में पालक पनीर और थोडा सा दही राइता सर्व किया था अब उसने एक निवाला बनाया और उसमें पालक पनीर भर के अश्की के मुंह की तरफ कर दिया वहीं अश्की तो बस उसके चेहरे की तरफ देखने लगी,

अरमान अब एक बार फिर से अपने सिडक्टिव वे में बोला क्या बात है अगर इतना ही प्यार आ रहा है तो क्यों ना Room में चले, अरमान की बात सुनकर अश्की हडबडा गई और अगले ही पल उसने अपना मुंह खोला और अरमान ने उसके मुंह में वह बाइट रख दी, अरमान ने अब दूसरी बाइट बनाई और धीरे- धीरे कर वह खुद भी उसके साथ खाना खाने लगा, एक आखिरी बाइट रह गई तो अश्की अरमान की तरफ देखकर बोली, क्या यह बाइट मैं आपको बनाकर खिलाऊ, उसकी बात पर अरमान का हाथ वहीं पर रुक गया अब उसने अपना एक्सप्रेशनलेस चेहरा अश्की की तरफ किया और उसके चेहरे को गौर से देखने लगा, वह इस वक्त अश्की की आंखों में बडे ध्यान से कुछ देखने की कोशिश कर रहा था,

और कुछ देर उसकी आंखों में देखते रहने के बाद, ऐसा लग रहा था जैसे उसके दिमाग में इस वक्त कुछ चल रहा हो, लेकिन उसने ज्यादा कुछ रिएक्ट नहीं किया जब उसने कुछ देर कुछ नहीं कहा तो अश्की ने उस लास्ट बची बाइट का निवाला बनाया और अरमान के मुंह की तरफ बढा दिया है वहीं अरमान जो कि अपनी सोच में था अब जाकर उसने अश्की के हाथ की तरफ देखा जो एक निवाला बनाकर अरमान के मुंह की तरफ बढा रही थी. अरमान ने अपना मुंह नहीं खोला तो अश्की मायूसी से बोली क्या मैं एक निवाला भी आपको नहीं खिला सकती,

उसकी बात सुनकर अरमान ने एक गहरी सांस ली और बोला नहीं, इतना कहकर उसने अश्की को अपनी गोद से उठाया और अंदर की तरफ चला गया, वहीं अश्की तो अपने हाथों में निवाला पकडे वैसे ही खडी रह गई थी. उसकी आंखों में अब नमी तैरने लगी थी. वह रोते हुए खुद में ही बोली आखिर पति हैं आप मेरे अगर मेरे हाथ से नहीं खाएंगे तो क्या, उस लडकी के हाथ से खाना चाहते हैं इतना कहते हुए उसने अपनी आंखों के आंसू साफ किये और एक बार फिर से उसके दिमाग में वही बात गूंजने लगी जो उस लडकी ने कुछ देर पहले कही थी कि अरमान की उसके साथ शादी होने वाली है अब उसके दिल में एक चीस घर करने लगी थी कि कहीं अरमान सच्ची में उस लडकी से शादी तो नहीं करने वाला, और वह कौन सा अरमान को इतना जानती थी अभी कल ही तो उसकी अरमान से शादी हुई थी.

यह बात अब उसे अंदर तक तंग कर रही थी जिस वजह से उसका मन बहुत ज्यादा बेचैन होने लगा था अब उसने उस बाइट को प्लेट में रखा, और वहां से बर्तन उठाने को हुई कि तभी वहां पर सर्वेंट आ गए और अश्की के हाथों से बर्तन लेते हुए बोले मालकिन आप कोई काम नहीं कर सकती यह सिर्फ आज के दिन आपने खाना बना लिया, हम आपके आगे हाथ जोडते हैं प्लीज किसी चीज को हाथ मत लगाइए नहीं तो मालिक हमें यहां से निकाल देंगे उसकी बात पर अश्की ने अब कुछ नहीं कहा, और अब उसने अपने कदम भी कमरे की तरफ बढा दिए थे, इस वक्त उसका मन हद से ज्यादा बेचैन था जिस वजह से, उसे कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था अब वह अंदर की तरफ आई तो उसे सिगरेट की स्मेल आने लगी तो वह समझ चुकी थी कि अरमान बालकनी में खडा होकर सिगरेट पी रहा होगा,

वहीं अरमान जो की बालकनी में खडा- खडा सिगरेट पी रहा था उसे भी यह चीज पता चल गई थी कि अश्की कमरे में आ चुकी है लेकिन उसने पलटकर अश्की की तरफ नहीं देखा, वहीं अश्की अब बिना कमरे में रुके वह बाथरूम में चली गई इस वक्त अश्की का सिर दर्द से फट रहा था. इस कुछ सेकंड में जिस तरह से अरमान ने उसके हाथ से निवाला खाने से मना कर दिया था उसे यह चीज बहुत ज्यादा चुभ रही थी. वहीं अरमान जो कि बालकनी में खडा था. जैसे ही अश्की बाथरूम में गई अब उसने पलट कर बाथरूम के दरवाजे की तरफ देखा और गहरी आवाज में बोला, आई होप तुम्हारी यह मासूमियत सच्ची हो, अगर तुम्हारी यह मासूमियत धोखा हुआ तो धोखा अरमान त्रेहान को बिल्कुल नहीं पसंद, जिस दिन मुझे पता चला कि तुम मुझे धोखा दे रही हो उस दिन मैं तुम्हें जिंदा जला दूंगा,

इतना कहते हुए अरमान की आंखें बेहद सख्त थी. और उसकी आंखों के सामने एक लडकी का चेहरा घूम रहा था. वह लडकी एक शख्स से कंटीन्यूअस लड रही थी और तभी वह लडकी ने उस शख्स को धक्का देते हुए बोली मुझे तुमसे प्यार नहीं है तो मतलब नहीं है समझे तुम इसीलिए, कभी भी एक लडके के साथ नहीं रहती हूं तुम लोग Check होने शुरू हो जाते हो तुमसे शादी क्या कर ली तुम तो हर वक्त मेरे साथ चिपके रहते हो, उस पाल को याद कर अरमान की आंखें हद से ज्यादा लाल हो चुकी थी ऐसा लग रहा था जैसे अरमान की आंखों में एक पल के लिए खून उतर आया हो, लेकिन अगले ही पल अरमान ने अपनी आंखें कसकर बंद की और कुछ देर बाद अरमान ने अब गहरी सांस ली और एक बार फिर से अपनी आंखें खोलकर सामने की तरफ देखते हुए सिगरेट पीने लगा,

इस वक्त उसकी आंखों में जैसे कई गहरे राज छिपे हुए थे. जिससे अश्की बिल्कुल अनजान थी और जब उसके सामने आने वाले थे तो उसकी पूरी दुनिया हिलने वाली थी. और क्या तब अश्की अरमान के साथ रहने के लिए राजी होगी यह भी नहीं पता था. लेकिन अरमान को इस चीज से कोई भी फर्क नहीं पडता था क्योंकि उसे पता था कि उसे अश्की को अपने साथ कैसे रखना है. उसे इस चीज से बिल्कुल भी फर्क नहीं पडता था कि अगर अश्की को यह चीज पता चल गई, तो क्या होगा,

तभी उसकी नजर बाहर Garden एरिया पर गई जहां पर दो बॉडीगार्ड्स एक शख्स को बेहद बेरहमी से मारते हुए अंदर की तरफ ला रहे थे और उस शख्स का चेहरा खून से लहू लोहान हुआ पडा था. और अब अरमान की डेविल नजरे उस शख्स पर थी.

To be continue.

Write a comment ...

Write a comment ...