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बढ़ता दर्द

शेखावत पैलेस,

इस वक्त शेखावत ए पैलेस के गार्डनम सब पार्टी में थे। के तभी

पार्टी हॉल के बीचो- बीच कुछ टूटने की आवाज आई. टूटने की आवाज सुनकर AS की आंखें बडी हो गई. सब की नजरे सेंटर में खडी सौम्या पर आ चुकी थी दूसरी तरफ dhaanishk, जोकि बार काउंटर पर खडा ड्रिंक कर रहा था, उसकी पीठ अभी भी सौम्या की तरफ थी. पर अब उसने अपनी नजर घूमा कर पीछे की तरफ देखा, तो सौम्या का हाल देखकर उसका दिल जैसे धडकना ही भूल गया. उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल होने लगी थी तभी AS ने dhaanishk की तरफ देखा, जिसकी हालत खराब हो रही थी. उसे देखकर AS को भी अपने दिल में एक तडप सी महसूस होने लगी.

दूसरी तरफ सौम्या, जो की पूरी तरह से ड्रंक थी. उसने बोतल अपने हाथों में पकडी हुई थी, वह नीचे फेंक कर तोड दी थी. अभी भी उसने अपने ऊपर dhaanishk की शर्ट ही पहनी हुई थी. उसके अलावा उसके नीचे कपडे उसने पहने हुए थे. वह अब अगले ही पल टेबल पर खडी हुई और टेबल से ही एक कांच का गिलास उठाया. उसी के साथ चम्मच उठा लिया और उस गिलास और चम्मच को खडखडाते हुए बोली,

Hello everybody, hello hello, सब मेरी तरफ देखो. मैं एक अनाउंसमेंट करना चाहती हूं. आज मेरे पति की इंगेजमेंट है। इतना कहते हुए उसने अपना एक हाथ dhaanishk की तरफ उठाया. जैसे ही उसने dhaanishk की तरफ अपना हाथ उठाया, dhaanishk का दिल तडप उठा. तभी सौम्या ने जो आगे कहा, उसे सुनकर dhaanishk को ऐसा लगा कि उसके ऊपर जैसे बादल फट गए हो.

सौम्या इस वक्त शेखावत पैलेस के गार्डन एरिया के केंद्र में एक टेबल के ऊपर खड़ी थी। इस वक्त उसने अकेली शर्ट पहनी हुई थी, जो कि उसके घुटनों तक आ रही थीं। इस वक्त तो वह हद से ज्यादा ड्रिंक थी। अभी-अभी कुछ देर पहले उसने अपने हाथ में पकड़ी हुई शराब की बोतल भी जमीन पर फेंक कर तोड़ दी थी। अब उसके हाथ में एक कांच का गिलास था और दूसरे हाथ में एक चम्मच पकड़ हुआ था। जिससे वह लगातार उस गिलास को बजा रही थी। वहां पर खड़े हर एक शख्स की नजरे अब सौम्या पर टिक चुकी थी।

दूसरी तरफ dhaanishk का दिल सौम्या की यह हालत देखकर धक सा रह गया था। वह चाह कर भी आज कुछ नहीं कर पा रहा था। वहां खड़ी काजल की भी हालत सौम्या को देखकर खराब होने लगी थी। उसकी आंखों में भी कहीं ना कहीं नमी उतर आई थी। वह नहीं जानती थी कि आखिर सौम्या की जिंदगी में चल क्या रहा है? लेकिन सौम्या की हालत देखकर वह समझ चुकी थी कि इस वक्त वह उससे ज्यादा हर्ट थी। उसे भी पहले हैरानगी हुई थी, जब दानिश की इंगेजमेंट की न्यूज़ उसे मिली थी। लेकिन अब वह भी क्या कर सकती थी। वह तो खुद इस वक्त कसूरवार बनकर AS के कटघरे में खड़ी थी। जिस वजह से AS उसे हर वक्त गुनहगारों की तरह ट्रीट करता था।

इस वक्त उसकी नजरें सौम्या पर थी। जिसे देखकर उसे अपने दिल में एक अलग ही हूक उठती हुई महसूस हुई। हालांकि वह अपने होठों पर यह दर्द बयां नहीं कर पा रही थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि सौम्या की हालत को देखकर वह क्या ही कहें। क्योंकि सौम्या की हालत तो उससे भी बदतर हुई पड़ी थी। उसने तो फिर भी खुद को संभाल लिया था। सौम्या में तो इतनी जान भी नहीं थी कि वह खुद को संभाल पाए। काजल की आंखों में लगभग से नमी उतर आई थी। अब वह अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमाते हुए वहां से जाने को हुई कि तभी AS ने उसकी कलाई पकड़ ली। वह उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, "क्या बात है, देखना नहीं चाहोगी कि एक ईमानदार और सच्चे इंसान की क्या हालत होती है इश्क में। अगर तुम्हें इश्क हुआ होता, तो तुम्हारी भी आज यही हालत होती।"

AS की बात सुनकर काजल का दिल एक पल के लिए तड़प उठा था। लेकिन उसने अपने होठों को अंदर की तरफ दबाया और अपना चेहरा नीचे की तरफ झुका लिया। वो वहीं पर खड़ी हो गई, क्योंकि उसमें हिम्मत नहीं थी कि वह नजरे उठाकर सौम्या की तरफ देख सके।

दूसरी तरफ सौम्या, जो कि इस वक्त टेबल पर खड़ी थी। वह अब अपनी उंगली dhaanishk की तरफ पॉइंट करते हुए लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली, "hello everybody, how are you hello hello hello" जिस तरह से सौम्या की ज़ुबान इस वक्त थरथरा रही थी, साफ पता चल रहा था कि उससे बोला भी नहीं जा रहा था। लेकिन फिर भी उसने अपने शब्दों को बाहर निकालते हुए कहा, "वह जो शख्स, वहां पर बार काउंटर पर बैठा है ना, क्या नाम है उस शख्स का, हां मिस्टर dhaanishk कपूर, आज से पहले वह शख्स मेरा पति हुआ करता था।

अब वह किसी और से शादी करने वाला है। जानते हो क्यों, क्योंकि उस शख्स को मुझसे नफरत हो गई है। वह शख्स मुझ पर विश्वास नहीं करता। करें भी कैसे, मैंने उसका विश्वास तोड़ क्यों दिया। लेकिन you know what, मुझे अभी भी दर्द हो रहा है यहां पर।" इतना कहते हुए उसने अपने सीने पर हाथ रखा और dhaanishk की तरफ देखा। जिस तरह से उसने इस बार dhaanishk की तरफ नजर घुमाई थी, एक पल के लिए dhaanishk का दिल जैसे धड़कना ही भूल गया था।

वही सौम्या अब एक बार फिर से बोली, "लेकिन कोई बात नहीं, मैंने दर्द ही उसे इतना दिया है। कोई भी इंसान होता, वह मुझसे जुदा ही होना चाहता ना। अगर किसी और को भी मैं ऐसे ही दर्द देती, मैने, मैने उसे बहुत प्यार किया, लेकिन अब, अब मैं उसे खुद से आजाद करती हूं।

I set you free Mr Kapoor because I really love you always ever forever forever forever." इतना कहते हुए उसने लगभग अपने हाथों को अपने सीने पर ऐसे रख लिया, जैसे dhaanishk को अपनी आगोश में भर रही हो। लेकिन dhaanishk तो अभी भी उससे उतने ही दूरी पर था।

इस वक्त dhaanishk को जिस तरह से सौम्या देख रही थी, रह रहकर dhaanishk की आंखों में नमी उतर रही थी। वह चाह कर भी रो नहीं सकता था। अपने आंसुओं को बाहर नहीं निकलने दे सकता था। क्योंकि उसे कमजोर नहीं पड़ना था। इसीलिए उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा दिया, लेकिन उसके दिल की टीस, जो उसे जीने नहीं दे रही थी।

ना चाहते हुए भी उसकी आंखों में से एक बूंद उसके गालों पर लुढ़क आई। इस वक्त dhaanishk की आंखें खून से भी ज्यादा लाल थी। उसका दिल तड़प रहा था सौम्या को अपनी आगोश में भरने के लिए। वही सौम्या, जो की टेबल पर खड़ी थी, वह व्यंग्य से हंसी और बाली, "अब मेरा चेहरा भी देखना नहीं पसंद क्या मिस्टर कपूर, जो इस तरह से अपना चेहरा मेरी तरफ से मोड़ लिया।" सौम्या की बात सुनकर dhaanishk को ऐसा लग रहा था, जैसे सौम्या ने जलता हुआ लावा उसके कानों में डाल दिया हो। वह इस वक्त बिलकुल नहीं जानती थी कि dhaanishk की क्या हालत थी।

दूसरी तरफ AS भी अपनी लाल आंखों से उन दोनों को इस तरह से बेहाल देख रहा था। उसके लिए भी यह सिचुएशन कंट्रोल से बाहर होती जा रही थी। लेकिन dhaanishk ने उसे अपनी कसम दी थी कि वह सौम्या और उसके बीच नहीं आएगा, चाहे कुछ भी हो जाए। इसीलिए वह इस वक्त चुप खड़ा था। दूसरी तरफ काजल, जो AS के पास खड़ी थी, उसने अब AS का हाथ पकड़ा और उसकी तरफ देखते हुए बोली, "क्या यूं ही चुप खड़े रहेंगे आप? क्या आपको उन पर तरस नहीं आ रहा? वह किस तरह से एक दूसरे के लिए तड़प रहे हैं। क्यों इतने पत्थर दिल हुए जा रहे है?"

काजल की बात सुनकर AS ने उसकी तरफ देखा और एक्सप्रेशन लैस होकर बोला, "तुम तो अपना मुंह बंद ही रखो। यह उन दोनों की निजी बात है, मैं उसमें नहीं पड़ सकता।" उसकी बात पर काजल आंखों में नमी लिए हुए बोली, "मैं जानती हूं कि वह उनकी निजी बात है। लेकिन क्या आप उन दोनों के रिश्ते को यूं ही बिखरने देंगे? क्यों कर रहे है dhaanishk आखिर ऐसा? आखिर ऐसी भी क्या मुसीबत आन पड़ी, जो उन्हें सौम्या की ऐसी हालत नहीं दिखाई दे रही।"

वह अभी बोल ही रही थी कि तभी AS उसकी तरफ देखते हुए बोला, "तुम्हें कब से हमारी चिंता होने लगी और यह बार-बार हमारी चिंता होने का ढोंग करना बंद कर दो। मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता ऐसे ढोंग ढकोसले। तुम जैसी औरतें दूसरों के बिस्तर...।" इतना कहकर AS चुप हो गया। AS की बात सुनकर काजल की आंखों में जो नमी उतरी थी, वह उसके गालों पर उतर आई। अब उसने AS का हाथ छोड़ा और भागते हुए शेखावत पैलेस के अंदर चली गई। वह इस वक्त खुद को संभाल नहीं पा रही थी। जिस तरह से AS ने उससे बात की थी।

दूसरी तरफ से सौम्या अब टेबल से उतरी और लड़खड़ाते हुए कदमों से उसने अपने कदम dhaanishk की तरफ बढ़ा दिए। कुछ ही देर में वह बिल्कुल dhaanishk के करीब आकर खड़ी हो गई। जैसे ही वह dhaanishk के करीब आकर खड़ी हुई, तो सौम्या की खुशबू dhaanishk को उसी वक्त महसूस हो गई थी कि वह इस वक्त उसके करीब आकर खड़ी हो गई है। लेकिन फिर भी उसने पलट कर सौम्या की तरफ नहीं देखा। इस वक्त उसने अपने दिल को जैसे पत्थर ही बना दिया था।

वही सौम्या अब दर्द भरा मुस्कुराई और उसके कंधे पर हाथ रख उसने dhaanishk को अपनी तरफ पलटने की कोशिश की। लेकिन dhaanishk उसका हाथ अपने कंधे से झटकते हुए बोला, "मुझे छूना बार-बार बंद करो। मुझे अच्छा नहीं लग रहा है। मैंने तुम्हें पहले भी कहा है कि हमारा रिश्ता अब खत्म हो चुका है। तो बार-बार ऐसे छूकर मुझे।" अभी वह बोल ही रहा था कि तभी सौम्या ने उसकी बाहें पकड़ कर एक झटके से उसे अपनी तरफ घुमाया। इतना करते हुए उसे अपना काफी हद तक जोर लगाना पड़ा था, लेकिन इतना भी नहीं।

क्योंकि dhaanishk भी जानता था कि सौम्या इतनी मजबूत तो है नहीं। ऊपर से dhaanishk खुद उसका चेहरा देखना चाहता था। भले ही वह उसे बोल नहीं सकता था, कम से कम किसी तरह सौम्या को देख तो पा रहा था। उसके लिए इतना ही काफी था। अभी सौम्या ने उसे अपनी तरफ पलटा ही था कि तभी वहां पर एक लड़की आई, जिसने सौम्या का हाथ पड़कर पीछे की तरफ किया और बोली, "यह आप क्या कर रही है सौम्या, क्यों मेरे होने वाले हस्बैंड को परेशान कर रही है?" जैसे ही यह आवाज सौम्या के कानों में पड़ी और उस लड़की को देखा, जिसका नाम सोनिया था। सौम्या सोनिया की तरफ देखकर बोली, "तुम्हारा पति अभी हुआ नहीं है। वह अभी भी मेरे पति हैं।भले ही हमारे डिवोर्स पेपर हो पर साइन हो गए हो, लेकिन जब तक वह डाइवोर्स सही मायने में लीगली कोर्ट तक नहीं पहुंच जाता, तब तक हमारा डिवोर्स नहीं होगा।

रही बात शादी की, तो शादी भी बीच में रह जाएगी। अगर मैं चाहूं, तो तुम्हारी शादी वहीं पर खत्म हो जाएगी। अगर ज्यादा बीच में पड़ने की कोशिश की ना, मैं तुम्हारा मुंह तोड़ दूंगी। पीछे हट जाओ।" सौम्या की बात सुनकर सोनिया ने अपने जबड़े पूरी तरह से कस लिए थे। वह गुस्से में दांत पीसकर बोली, "यू ब्लडी।" इससे आगे वह कुछ बोलती कि तभी dhaanishk ने उसका हाथ पकड़ा और अपनी तरफ घूमाते हुए बोला, "don't you dare." इतना कहते हुए उसकी आंखें आग उगल रही थी, जोकि सोनिया भी साफ महसूस कर रही थी। सोनिया ने अब अपना सलाइवा गटका और साइड पर हो गई। वही dhaanishk अब एक्सप्रेशन लेस होकर सौम्या की तरफ देखने लगा। दोनों की नजरे आपस में मिली हुई थी।

इस वक्त सौम्या की आंखों में जितना नशा चढ़ा हुआ था, वही dhaanishk का नशा पूरी तरह से उसके ऊपर से उतर चुका था। क्योंकि सौम्या ने टेबल पर खड़े होकर जिस तरह से अपने प्यार का इजहार किया था, वह जैसे dhaanishk की रूह तक उतर गया था।

लेकिन अभी भी उसने खुद को इस कदर पत्थर किया हुआ था कि वह जैसे सौम्या के सामने पिघलने नहीं वाला था। तभी सौम्या अपने कदम आगे बढ़ाते हुए बिल्कुल उसके पास आकर खड़ी हुई। जिस तरह से सौम्या अपने कदम उसकी तरफ बढ़ा रही थी, dhaanishk को अपनी बॉडी में गूसबंप्स उठते हुए महसूस हो रहे थे। जिस वजह से उसके माथे पर पसीने की बूंदे भी आने लगी थी।

सौम्या बिल्कुल उसके सामने आकर खड़ी हुई और अपनी मदहोशी भरी नजरों से उसे देखते हुए बोली, "सगाई मुबारक हो, मिस्टर कपूर।" उसने बोला तो था, लेकिन उसकी बात में अलग ही दर्द था, जो dhaanishk को भी काफी हद तक महसूस हुआ था। तभी सौम्या उसके पास आकर बोली, "क्या मुझे congratulate नहीं करेंगे?" जैसे ही उसने इतनी बात कही, तो एक पल के लिए dhaanishk के चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशनआ गए। उसके चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशन देखकर सौम्या दर्द भरा मुस्कुराई और बोली, "फिक्र मत करिए।

आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है।" सौम्या के मुंह से ऐसी बात सुनकर वहां पर खड़े हर एक शख्स के चेहरे पर इस वक्त सवालिया एक्सप्रेशन थे। कोई नहीं जानता था कि अभी सौम्या क्या बोलने वाली है। तभी जो सौम्या ने कहा, उसे सुनकर dhaanishk के होश पूरी तरह से उड़ गए। सौम्या dhaanishk की आंखों में देखते हुए बोली, "ठीक 3 दिन बाद इस मंडप में, जिसमें आपकी शादी होगी, उसी में मेरी भी शादी है मिस्टर कपूर और वह शादी किसके साथ है, आप जानते है।"

सौम्या की बात सुनकर dhaanishk का दिल धड़कने से इनकार कर रहा था। इस वक्त उसके हाथों की मुट्ठियां इतनी कसकर बंद चुकी थी। वही जानता था कि उसने खुद को कैसे संभाल रखा था। अब उसे सौम्या का दर्द अपने अंदर महसूस होने लगा था। अब बारी dhaanishk की थी दर्द महसूस करने की।

To be continue..

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