
Hotel Paradise,,
अभी इस वक्त बालकनी में खड़ा था। और इस वक्त उसका चेहरा गुस्से से कांप रहा था। क्योंकि इस वक्त उसे इंटिमेसी चाहिए थी। और पिछले दो दिनों से वह सावरी के साथ इंटीमेट नहीं हुआ था। जब से उन दोनों की शादी हुई थी वह दोनों हर रोज इंटिमेट होते थे जिस वजह से अभी की फिजिकल डिजायर्स और भी ज्यादा बढ़ गई थी। और इस वक्त साबरी को पीरियड्स थे जिस वजह से अभय उसके करीब नहीं जा पा रहा था। कल ही उसे पीरियड्स हुए थे कल सारा दिन अभी उसके पास नहीं आया था और रात भी उसने ऐसे ही निकाल और ऊपर से आज का पूरा दिन अब तो जैसे अभय पागल सा होने लगा था।
उसे अपने dick में हद से ज्यादा सेंसिटिविटी महसूस हो रही थी। जिस वजह से उसका dick पूरी तरह से रिएक्ट पोजीशन में खड़ा था। अभी जो हद से ज्यादा इरिटेट और गुस्से में था वह उसकी तरफ देखकर बोला बहन का लौड़ा बैठ जा,, तुझे साले फुदक कर बाहर आने को फिर रहा है पेट से,, बहन के लोड़े को 2 दिन हो गए भोसड़ी नहीं मिली तो पेट फाड़ने को फिर रहा है ऊपर से मेरा भी जीना हराम कर रखा है madarchod ,, उसने अब अपना dick अपने हाथ में पकड़ कर नीचे की तरफ किया लेकिन अगले ही पल वह दोबारा से उतनी ही स्पीड से ऊपर की तरफ खड़ा हो गया है।
अभी का गुस्सा उसे और भी ज्यादा बढ़ गया वह गुस्से से दांत पीसते हुए बोला दिल तो कर रहा है इसी दीवार में छेद कर दूं और फिर इसी में तेरे को डाल करना इस दीवार को चोद दूं। दूसरी तरफ से सांवरी जो की बेड पर लेटी हुई थी। उसे इस वक्त हद से ज्यादा घबराहट हो रही थी क्योंकि उसे अभी से अभी भी डर लग रहा था भले ही अभी बालकनी में खड़ा था लेकिन उसकी गालियां और उसके कहे हुए शब्द में पूरी तरह से सावरी कानों में पढ़ रहे थे।
जिस वजह से साबरी बिस्तर पर लेटी हुई कांप रही थी उसे डर लग रहा था की कहानी अभय अंदर जाकर उसके साथ फिर से वही सब करना शुरू न कर दे,, जैसे-जैसे अभी की बातें उसके कानों में पढ़ रही थी उसके हाथ पैर ठंडे पड़ रहे थे। दूसरी तरफ अभी जो खुद को हद से ज्यादा कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था इस वक्त वह सिगरेट पर सिगरेट पिए जा रहा था और अब जब उससे ज्यादा कंट्रोल नहीं हुआ वह खुद से ही बड़बड़ाया,, भोसड़ी की को अकेली तो है नहीं जिसे पीरियड्स आते होंगे और भी दुनिया जहान में औरतें होती हैं जिनको पीरियड्स आते हैं। उनकी भी तो पिलाई होती होगी उनकी भी तो ठुकाई होती होगी,,
कौन सा ऐसे कीड़े पड़ जाएंगे अगर इसमें से इस टाइम पर ठोक दूंगा कुछ नहीं होगा इतना कहकर उसने अपने कदम अंदर की तरफ बढ़ा दिए जैसे ही सावरी के कानों में यह बात पर ही सावरी की हालात पूरी तरह से खराब हो गई अब वह अपने बिस्तर पर पड़ी पड़ी पूरी तरह से सन पड़ गई थी हाथ पैर तो पहले ठंडे पड़ चुके थे लेकिन अब तो जैसे साथ देना ही छोड़ गए थे ऊपर से पीरियड्स इन ऊपर से अभी की बातें उसे पहले ही इस चीज का आभास होने लगा था जिस तरह से अभय खुद को कंट्रोल कर रहा था वह जानती थी कि अभय ज्यादा देर खुद को कंट्रोल नहीं कर पाएगा,,
अबे जल्दी से अंदर आया और अपने कपड़े पूरी तरह से अपने बदन से अलग करती है और सामने सावरी के जाकर खड़ा हो गया,, वही सावरी जो कि अपनी आंखें बंद करके लेटी हुई थी जैसे ही अभी उसके सामने आकर खड़ा हुआ उसे पता तो चल गया था लेकिन अब उसका दिल धक सा रह गया था वह अपनी आंखें तक नहीं खोल रही थी। तभी अभी ने उसकी हिप्स पर जोर से स्पेन करते हुए बोला उठ रे,,
तेरे को बहुत नींद आ रही है जल्दी उठ मेरे को खुजली हो रही है बस हो गया तेरा हो गई एक दिन की रेस्ट बहुत है इतनी कहकर उसने जल्दी से सावरी के कपड़े उतारने शुरू कर दिए नहीं सावरी तो जैसे अपनी जगह पर लेटी लेटी स्तब्ध रह गई,, और अब उसकी आंखों में एक बार फिर से आंसू बहने लगे थे वह रोते हुए बोली लेकिन हमें बहुत दर्द हो रहा है तभी अभी उसके गालों को अपने हाथों में भेजते हुए बोला तो क्या करूं अगर तेरे को दर्द हो रहा है तो मुझे अपनी जरूरत पूरी नहीं करनी है क्या मैं तेरी शक्ल ही देखता रहूं साली बहन चोद कल से लगा रखा है मेरे को पीरियड आया पीरियड आया तो क्या करूं मैं,,
ये भोसड़ी का बैठने का नाम भी तो नहीं ना ले रहा है। मुझे अब बोल नहीं रहा जाएगा तुझे जो करना है कर चाहे मरी हुई लाश की तरह मेरे नीचे पड़ी रह ,, मुझे तो अब और कंट्रोल न होगा इतना कहकर उसने लगभग से सावरी के कपड़े उसके बदन से अलग कर दिए थे। लेकिन उसकी पैंटी अभी भी उसके बदन पर ही थी। साइंटिफिक के किनारो पर हल्का हल्का ब्लड डिस्टेंस उसे अभी भी दिखाई दे रहा था जिसे देखकर अभय को हल्की सी भी गिन महसूस नहीं हो रही थी अब अगले ही पल उसने अपना हाथ उसकी पैंटी पर रखा ही था कि तभी सावरी उसके हाथ पैर हाथ रखते हुए बोली क्षमा कर दीजिए ठाकुर साहब आज के लिए रुक जाइए,,
अभी मेरा फ्लोर बहुत तेज है अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अभय ने उसके हाथ पर थप्पड़ मारते हुए बोला पीछे करी से अब दोबारा मुझे रोकना तो याद रखना अगली बार अगवाड़े की जगह पिछवाड़ा मांग लूंगा,, अभी उसने यह बात कही ही थी कि तभी सावरी की आंखें बड़ी हो गई दूसरे ही पल अभी की भी आंखों में वही बेसब्री उत्तर आई है और अब उसके दिमाग में जो चल रहा था वह सावरी ने बखूबी पहचान लिया था वह रोते हुए बोली नहीं नहीं ठाकुर साहब बहुत दर्द होता है वहां पर,,, लेकिन अभी अब नहीं रुका उसने सभी को पालता और अगले ही पल उसकी पैंटी उसके बदन से अलग कर साइट पर फैक्ट्री और अब सावरी की गोरी ass अभी के सामने थी जिसे देखकर अभय ने अपने होठों पर अपनी जीत घुमाई,,
वहीं दूसरी तरफ,,
आदर्श इस वक्त ध्वनि को अपने डेविल नजरों से देख रहा था जो कि बिस्तर पर लेटी हुई थी वह अब पूरी तरह से बेलीबास़ था। इस वक्त उसकी होठों पर डेविल स्माइल उतरी हुई थी और अब वह बेहद गहरी आवाज में बोला जैसे मेरी वाइफ की मर्जी wifey इतना कहकर वह पूरी तरह से ध्वनि के ऊपर आया और अगले ही पल उसके गले को चूमते लगा और गले को चूमते हुए ही उसके हाथ ध्वनि के बदन पर घूमने लगे थे।
To be continue....







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