
त्रेहान पैलेस,
अभी- अभी हंसिका ने अश्की के सामने एक फोन मिलाया था. अगले ही पल दूसरी तरफ से वो फोन उठा भी लिया गया था. तभी अश्की के कानों में एक आवाज पडी, जिसे सुनकर वो पूरी तरह से कांप उठी थी. एक पल के लिए उसका दिल धक सा रह गया था. इस वक्त उसे ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसके बदन में से उसकी पूरी जान कर ली हो. वो अपने लडखडाते हुए कदमों से आंखों में नमी लिए ना में सिर हिलाते हुए पीछे की तरफ जा रही थी. उसकी सांसे हद से ज्यादा गहरी होनी शुरू हो गई थी.
वही फोन में, तभी अरमान की आवाज दोबारा से अश्की के कानों में पडी, जोकि हंसिका से बात कर रहा था. क्या हुआ जान, कोई प्रॉब्लम हो गई क्या? तभी हंसिका उसकी बात का जवाब देते हुए बोली, वो तुम्हारी वाइफ। अभी हंसिका ने इतना ही कहा था कि तभी दूसरी तरफ से अरमान की आवाज आई. वाइफ नहीं है वो मेरी, सिर्फ डिजायर है, जो बस शरीर के काम आती है. जब उससे मन भर जाएगा, तब उसे अपनी जिंदगी से दफा कर दूंगा।
बस अरमान का इतना कहना था कि अश्की को ऐसा लगा, जैसे उसका कलेजा फट गया हो. उसका दिल धक सा रह गया था. अब जो नमी उसकी आंखों में आई थी, वो लबालब आंसुओं की तरह उसके गालों पर बहने लगी. वही जानती थी कि Kiss कदर उसका दिल इस वक्त आग में झुलस रहा था. दूसरी तरफ अश्की का ये हाल होता देखकर हंसिका के चेहरे पर डेविल स्माइल थी. अब उसने उसे फोन को काटा और जेब में डालते हुए अगले ही पल उसने नियति जी के आगे अपना हाथ किया.
नियति जी ने अपने पॉकेट में से डायवोर्स पेपर्स निकाल कर हंसिका के हाथ पर रख दिए. अश्की, जो पूरी तरह से बिखर चुकी थी, उसे तो ऐसा लग रहा था, जैसे पल में ही उसकी पूरी दुनिया ही उजड गई हो. अभी हंसिका अपने हाथ में डिवोर्स पेपर लिए अश्की की तरफ बढ रही थी कि तभी बाहर से कुछ कदमों की आवाज सब के कानों में पडी. वह आवाज सुनकर नियति जी वास्तव जी और हंसिका का चेहरा और भी ज्यादा खिल गया.
उन्होंने पलट कर दरवाजे की तरफ नहीं देखा. जैसे मानो जानते हो कि दरवाजे पर इस वक्त कौन था. तभी हंसिका अश्की के सामने आकर खडी हुई और पेपर आगे बढाते हुए बोली, साइन इट। अश्की, जिसका चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका हुआ था, उसका दिल इस वक्त बुरी तरह से कांप रहा था. उसकी नजरें अब जमीन पर गढ चुकी थी. उसने एक बार भी अब ऊपर नजर उठाकर हंसिका के चेहरे की तरफ नहीं देखा था. वही हंसिका उसकी तरफ पेपर बढाते हुए चिल्ला कर बोली, आई said, Sign इट.
वैसे भी मेरे ammy को तुम्हारी जरूरत नहीं है. उसकी बॉडी नीड थी तुम और अब उसे उस चीज की कोई ज्यादा जरूरत नहीं, बिकॉज अब वो मेरे साथ Night स्पेंड कर लेगा. तुम Tension मत लो इस चीज की। उसके चिल्लाने का भी अश्की पर जैसे कोई असर नहीं हो रहा था. तभी दरवाजे से आवाज हुई, यह क्या हो रहा है? बस यह आवाज ही काफी थी अश्की की नजरे ऊपर उठने के लिए. अगले ही पल अश्की की नजर ऊपर की तरफ उठी. सामने इस वक्त उसकी अम्मा खडी थी और अम्मा को वहां पर देखकर अश्की का रोना और भी ज्यादा तेज हो गया. अगले ही पल, वह तेजी से भागते हुए अम्मा के गले जा लगी.
जिस तरह से वह इस वक्त अम्मा के गले लगी थी, अम्मा ही जानती थी कि उन्हें कैसा महसूस हो रहा था. उन्हें अश्की की हालत देखकर ही समझ लग गया था कि कुछ तो उसके साथ बहुत बुरा हुआ है. क्योंकि ऐसी हालत तो कभी उन्होंने अश्की की देखी ही नहीं थी. वह नहीं जानती थी कि उनके आने से पहले अभी- अभी कुछ देर पहले क्या हुआ था. ना ही उन्होंने हंसिका और अरमान की बात सुनी थी. लेकिन अश्की का चेहरा देखकर वह सब समझ चुकी थी.
अम्मा, जो पहले अश्की से नाराज थी. नाराज भी नहीं थी, वह तो बस किसी वजह के कारण चुप थी. अब उन्होंने अश्की को अपने सीने से हटाया और उसकी आंखों में देखते हुए, क्या हुआ बिटिया, क्या बात हुई? तू इस तरह रो क्यों रही है? उनकी बात सुनकर अश्की के मुंह से तो जैसे आवाज ही नहीं निकल रही थी. बस उसका रोना पल पल बढता जा रहा था. तभी पीछे से गौरव की आवाज अश्की के कानों में पडी. गौरव की आवाज सुनकर अश्की की आंखें बडी हो गई, क्योंकि गौरव अम्मा को यहां पर लेकर आया था. क्योंकि उस दिन जब क्लब में उसने अश्की को देखा था, तो उसे कुछ गडबड लगी. जिस वजह से उसने अम्मा को मुंबई में बुला लिया था.
अम्मा एक बार फिर से उसे कंधों से पकडते हुए बोली, बोल ना बेटा, क्या बात है? तू कुछ बोलती क्यों नहीं? अभी अम्मा बोल ही रही थी कि तभी उनके कानों में हंसिका की आवाज पडी. यह क्या बताएगी आंटी, मैं बताती हूं.
आपकी बेटी पूरी तरह से बेशर्म है. जिसे इतना ही नहीं पता कि जिस मर्द के साथ वो रह रही है, वह शादीशुदा है। हंसिका की बात सुनकर अश्की ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली. उसके बोल अश्की के दिल पर क्या कहर रहे थे, यह तो वही जानती थी. तभी अम्मा उस पर गरज कर बोली, ए लडकी, जुबान संभाल के बात कर.
हमारी बेटी ऐसा कुछ भी नहीं कर सकती, जिससे हमारे माथे पर लांछन लगे। तभी हंसिका व्यंग्य से हंसते हुए बोली, अच्छा, इसीलिए इतने दिनों से शादीशुदा मर्द के साथ रह रही है. अरमान त्रेहान एक शादीशुदा मर्द है. वह मेरे पति हैं. बहुत दावा कर रही है आप अपनी बेटी के सती सावित्री होने का. अगर इतनी ही आपकी बेटी सती सावित्री होती, तो क्या मेरे पति के साथ रातें रंगीन करती। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अम्मा चिल्ला कर बोली, अपना मुंह बंद रखो. अगर गंदगी तुम्हारे दिमाग में है, तो हम उसका कुछ नहीं कर सकते.
और रही बात तुम्हारी शादीशुदा होने की, क्या सबूत है तुम्हारे पास कि हमारी पोती की जिससे शादी हुई है, उससे ही तुम्हारी शादी हुई है. बताओ जरा हमें। अम्मा की बात सुनकर हंसिका के चेहरे पर डेविल स्माइल और भी लंबी हो गई. वो गहरी नजरों से देखते हुए बोली, जरूर, अभी दिखाते है। इतना कहते हुए हंसिका ने नियति जी की तरफ देखा, तो नियति जी ने हां में सिर हिला दिया. कुछ ही देर में नियति जी अपने कमरे में गई और एक ब्लू Color की फाइल अपने कमरे से लेकर आई.
अब वह भी ब्लू Color की फाइल उन्होंने अम्मा जी की तरफ बढा दी. उस फाइल को देखकर अश्की का दिल धडकने से इनकार करने लगा था. उसकी सांसों ने जैसे रुकना शुरू कर दिया था. अश्की की पकड अम्मा की हाथ पर कसती जा रही थी. जिस तरह से अश्की का बिहेवियर था, अम्मा को यह तो पता चल चुका था कि कहीं ना कहीं अश्की अरमान से अपना दिल लगा बैठी होगी. तभी उसकी यह हालत हो रही थी.
हंसिका ने अब वह पेपर्स अम्मा की तरफ बढाए ही थे कि अम्मा ने अपने हाथ आगे की तरफ बढाए. तभी हंसिका ने अपना हाथ पीछे लेते हुए कहा, रुकिए रुकिए आंटी जी, इतनी भी क्या जल्दी है. मेरी एक शर्त है. अगर इन पेपर्स में मेरी और अरमान की शादी हुई होगी,
तो आपको हमारी एक बात माननी पडेगी. जिससे इस लडकी का पीछा मेरे पति से हमेशा हमेशा के लिए छूट जाएगा। हंसिका की बात पर अम्मा के चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशन आ गए. वहीं अश्की का दिल जोरो से धडकने लगा. उसे हंसिका के इरादे तो पहले से ही नेक नहीं लग रहे थे. लेकिन अब उसका अम्मा को इतनी बात कहना, अब उन्हें अंदर तक और भी ज्यादा डर पैदा करने के लिए काफी था.
वही अम्मा एक्सप्रेशंस होकर हंसिका की तरफ देख कर बोली, अपनी शर्त बताओ और फिर हम इस चीज को डिसाइड करेंगे कि हमें क्या करना है, क्या नहीं? यह हमारी बेटी का जीवन है. उसे Kiss तरह से रखना है, यह हम पर लागू होता है। उसकी बात पर हंसिका शातिराना मुस्कुराते हुए बोली, तो क्या आप अपनी बेटी की शादी इस पीछे खडे लडके के साथ कर देंगे, अभी के अभी।
हंसिका की बात सुनकर अश्की की आंखें बडी हो गई. उसे ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसके पैरों तले से जमीन ही खींच ली हो. उसकी आंखों के सामने एक पल के लिए ऐसा लगा, जैसे अंधेरा छाने लगा पडा हो. उसके मुंह से धीमे से बस एक नाम निकला और वह था, उसका अपना maan.
हंसिका ने तो जो कहा सो कहा, लेकिन अम्मा का जवाब सुनकर तो अश्की को सबसे बडा झटका लगा. अम्मा ने तो जैसे उसके सीने में से उसका दिल निकाल कर ही बाहर रख दिया हो. वह बेहद सख्ती से बोली, मंजूर है मुझे। दूसरी तरफ पीछे खडा गौरव, जो कि पहले ही इस चीज की ताक में था, उसके चेहरे पर अब devil smile आ चुकी थी. उसे तो जैसे अपनी मंजिल पूरी होती हुई दिखाई दे रही थी. अब उसने हंसिका की तरफ देखा. हंसिका ने भी गौरव की तरफ देखा. दोनों के चेहरे पर इस वक्त क्रीपी सी स्माइल थी.
जैसे आंखों ही आंखों में बहुत कुछ कह रहे थे. तभी हंसिका ने अपने हाथ में पकडी हुई फाइल अम्मा की तरफ बढा दी. जैसे ही अम्मा ने वह फाइल पकडी, तो एक पल के लिए अम्मा के भी हाथ कांप रहे थे. पता नहीं क्यों, उस फाइल को पकडते हुए जैसे दिल में एक अजीब सी टीस उठती हुई महसूस हो रही थी. अगर अम्मा की यह हालत थी, तो अश्की का तो हाल ही क्या होगा. यह तो अम्मा की सोच से ही परे था.
अम्मा ने अब उस फाइल को खोलकर देखा. उस फाइल को देखकर अम्मा की आंखों में भी एक पल के लिए नमी तैर गई. होना क्या था, वही हुआ, जिस बात का डर था. उसमें अरमान और हंसिका के Sign थे, जिन्हें शायद धोखे से करवाया गया था या फिर माजरा ही कुछ और था. क्योंकि अरमान क्या सच में उस पर Sign करता. यह बात सोचने पर तो पीछे खडी नियति जी भी मजबूर थी. आखिर हंसिका ने अरमान के Sign इन पेपर्स पर लिए कैसे लिए और रही बात अरमान की वॉइस की,
तो अरमान इस तरह से हंसिका से इतने प्यार से बात कैसे कर रहा था. यह चीज सोचकर तो नियति जी का भी दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था.
वही वास्तव जी के चेहरे पर भी डेविल स्माइल थी. वह सारी बात जानते थे. लेकिन इस चीज का खुलासा अब बाद में होने वाला था. हंसिका, जोकि अम्मा जी के सामने ही खडी थी. वह अम्मा जी की तरफ देखते हुए बोली, तो बताइए आंटी जी, क्या आप अभी इसी वक्त इस अश्की का डिवोर्स करवा कर इस लडके से शादी करवाएगी।
हंसिका ने बस इतना ही कहना था कि अश्की बीच में बोली, मैं किसी से शादी नहीं करूंगी. मुझे, मुझे इन पेपर्स पर भी नहीं यकीन. मुझे इस वॉइस पर भी नहीं यकीन. मुझे, मुझे मान से मिलना है. मुझे मेरे मान से मिलना है. जब तक मेरे मान मेरे सामने यह बात नहीं कहते, मैं नहीं मानूंगी। अश्की की बात सुनकर हंसिका की आंखें बडी हो चुकी थी. उसके चेहरे पर डेविल स्माइल लगभग उड चुकी थी. वहीं गौरव के भी होश उड चुके थे, क्योंकि अश्की तो बोलने वाली थी ही नहीं, तो आज अश्की के अंदर पता नहीं कहां से इतनी हिम्मत आ गई थी. वह अपने लिए आवाज उठा रही थी. शायद यह हिम्मत उसे अरमान से मिली थी. लेकिन अगले ही पल उसकी हिम्मत चूर- चूर हो गई, जब अम्मा की आवाज उसके कानों में पडी.
हमें मंजूर है. आज ही मैं इन दोनों को मंदिर में लेकर जाऊंगी और अश्की की शादी गौरव से करवाऊंगी। तभी हंसिका बीच में उनकी बात काटते हुए बोली, नहीं, उसे मंदिर वगैरह जाने की जरूरत नहीं है. मंडप लग चुका है. घर के बैक साइड मंडप लगा हुआ है. आप चलिए, हम आते है। अश्की के पैरों तले जमीन ही खिसक गई. उसने अम्मा की तरफ देखा, जोकि अश्की की तरफ देखा तक नहीं रही थी.
अम्मा के चेहरे की तरफ देखकर ही लग रहा था, जैसे उन्होंने अपने कलेजे पर पत्थर रख लिया हो. उन्होंने अब अपना चेहरा अश्की की तरफ घुमाया और अपनी पत्थर जैसी आंखों से, जो की पूरी तरह से ठंडी पडी हुई थी, अश्की को देखते हुए बोली, डाइवोर्स पर Sign करो अभी। अम्मा का इतना ही कहना था कि अश्की को ऐसा लगा, जैसे अम्मा ने उसकी जान अपनी हथेली पर मांग ली हो. वह अम्मा की तरफ देखते हुए बोली, नहीं अम्मा, हमारी बात.
अभी उसने इतना ही कहा था कि अम्मा ने उसके चेहरे के आगे अपना हाथ किया और बोली, हमने कहा डाइवोर्स पेपर पर Sign करो और आज ही तुम्हारी शादी गौरव से होगी। अम्मा की बात सुनकर अश्की ही जानती की थी कि उसका दिल Kiss कदर तडप रहा था. उसकी आवाज उसके गले में अटक कर रह गई थी. तभी हंसिका ने अम्मा के आगे वह पेपर्स बढा दिए, जो कि तलाक के थे. अम्मा उन पेपर्स को लेकर अश्की के आगे कर बोली, साइन करो इन पर। अश्की, जो की अम्मा की बात सुनकर अब शांत हो चुकी थी. उसने अपना चेहरा फिर से एक बार पूरी तरह से झुका लिया था. उसकी आंखों से आंसू लबालब बहे जा रहे थे, कलेजा फटे जा रहा था.
पर वहां पर खडे किसी भी शख्स को इस चीज से कोई भी खास फर्क नहीं पड रहा था. अगर फर्क पड रहा था, तो सिर्फ अम्मा को. वही जानती थी कि वह Kiss तरह से कठोर बनकर इस वक्त अश्की के सामने खडी थी. उन्हें इस वक्त अरमान गलत लग रहा था, लेकिन क्या सच में अरमान इस वक्त गलत था.
अम्मा अब सख्त आवाज में बोली, हमने कहा, जल्दी से Sign करो यहां पर। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अश्की के सिसकने की आवाज उनके कानों में पडी. अगले ही पल, जो अश्की ने कहा, उसे सुनकर अम्मा की आंखें बडी हो गई थी. अश्की अपनी धीमी सी आवाज में बोली, हम नहीं कर सकते अम्मा, हम नहीं कर सकते, हमें maan. पर भरोसा है।
To be continue.







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