
त्रेहान पैलेस,
शाम के सात बजे,
त्रेहान पैलेस इस वक्त बेहद शानदार सजा हुआ था. जिस तरह से आज त्रेहान पैलेस सजा हुआ था, साफ पता चल रहा था कि यहां कोई छोटी- मोटी पार्टी तो बिल्कुल नहीं होने वाली. यह पार्टी काफी बडी लग रही थी. दूसरी तरफ त्रेहान पैलेस के अंदर कुछ ऐसा चल रहा था, जिससे हर कोई शख्स अनजान था. लेकिन क्या वाकई में सब अनजान थे, अब यह तो वक्त ही बताने वाला था. एक ऐसा षड्यंत्र रचा जा रहा था, जहां पर शायद हर किसी की रूह कांपने वाली थी.
नियति जी, वास्तव जी और साथ में हंसिका, जो आज षड्यंत्र रच रहे थे. एक बहुत भयंकर तूफान आने को था. इस तूफान को लाने वाला था, अरमान.
दूसरी तरफ,
त्रेहान farmhouse,
अश्की इस वक्त रेडी हो चुकी थी और आईने के सामने खडी थी. इस वक्त उसने एक पीच Color की साडी पहनी हुई थी, जिसमें वह बहुत ज्यादा खूबसूरत लग रही थी. ऊपर से उसने गले में डायमंड का नेकलेस और कानों में डायमंड के झुमके, छोटी सी बिंदी, केंद्र में मांग निकालकर सिंदूर भरा हुआ था. उसके बाल पूरी तरह से खुले थे, जिनमें हल्के- हल्के कर्ल्स डाले हुए थे. जिस वजह से उसके बाल और भी ज्यादा खूबसूरत लग रहे थे.
लेकिन इतना खूबसूरत लगने के बावजूद उसके चेहरे पर एक अलग ही मायूसी छाई हुई थी, क्योंकि शाम को जब अरमान ने उसे अपनी चेस्ट पर चूमने को कहा था, उसने अपनी नजरें पूरी तरह से झुका ली थी. अरमान ने तो उसे सबके सामने Kiss कर लिया था, लेकिन वह तो अकेले में भी Kiss करने में उसे शर्मा रही थी. यह चीज देखकर अरमान उससे गहरी आवाज में बोला, बस इतना ही इश्क था, एक Kiss तो तुमसे होती नहीं। इतना कहकर उसने गहरी सांस ली और अपनी शर्ट उठाकर वार्डरोब से बाहर निकलने को हुआ की तभी पीछे मुडे बिना बोला,
शाम को तुम्हें गाडी लेने आएगी, उसमें बैठकर सीधे पैलेस निकल जाना। अरमान की इतनी बेरुखी देखकर अश्की को अपने दिल में एक अलग ही टीस उठती हुई महसूस हो रही थी. इस वक्त उसका चेहरा हद से ज्यादा मायूस था, क्योंकि तब से अरमान फार्म हाउस वापस नहीं आया था. हो सकता था कि वह वहीं से ही पार्टी में आने वाला था. इस वक्त वह नमी लिए सामने आईने की तरफ देखते हुए बोली,
कम से कम मुझे लेने ही आ जाते, मान. hmm.
हर बात पर मेरा दिल दुखाना जरूरी होता है क्या? इतना कहते हुए उसकी आंखों में नमी लगभग से उसके गालों पर लुढक आई थी. तभी उसके कानों में गाडी के हॉर्न की आवाज पडी. गाडी के हॉर्न की आवाज सुनकर एक पल के लिए उसकी आंखें बडी हो गई. उसे ऐसा लगा कि शायद अरमान आया है. अगले ही पल उसने जल्दी से अपने आंसू साफ किए और जल्दी से जल्दी बाहर निकलने को हुई. तभी उसने सामने जब ड्राइवर को गाडी में देखा, तो उसका चेहरा एक बार फिर से मायूस हो गया. आंसू एक बार फिर से गालों पर लुढक आए.
वहीं दूसरी तरफ,
अरमान, जो कि अपनी केबिन में इस वक्त बैठा हुआ था. उसके लैपटॉप पर इस वक्त फुटेज चल रही थी, जो कि किसी और की नहीं, बल्कि अश्की की थी. वह अपनी गहरी नजरों से अश्की को इस वक्त देख रहा था. इस वक्त उसके चेहरे पर अजीब सी एक्सप्रेशन थे, जो शायद अश्की की आंखों में आंसू देखकर आए थे. इस वक्त उसके हाथों की मुट्ठियां कसी हुई थी और आंखें हद से ज्यादा लाल थी.
तभी उसने अपने टेबल पर से सिगरेट उठाई और अपने होठों में दबा ली. उसके लंबे कश भरते हुए अश्की को इत्मीनान से देखने लगा, जो इस वक्त हाल में खडी थी और सामने ही दरवाजे पर गाडी खडी थी. जिसे वह हाल में से ही देख रही थी.
अश्की ही जानती थी कि ड्राइवर को देखकर उसे इस वक्त Kiss तरह महसूस हो रहा है. अब उसने अपनी आंखों से आंसू साफ किए और मायूसी के साथ उस गाडी में जाकर बैठ गई. जब अरमान ने उसे गाडी में बैठते हुए देखा, तो उसने गहरी सांस लेकर उसे लैपटॉप को बंद कर दिया. अब उसकी नजर सामने Wall पर थी, जहां पर अश्की की बडी सी फोटो लगी हुई थी. उस फोटो में अश्की बेहद खूबसूरत लग रही थी. जिसमें उसने एक ब्लैक Color की साडी पहनी हुई थी. यह फोटो देखकर लग रहा था, जैसे अश्की उस वक्त मेच्योर तो बिल्कुल भी नहीं लग रही थी.
उसमें अश्की लगभग से पंद्रह सोलह साल की लग रही थी. उस फोटो को देखते हुए अरमान बेहद गहरी आवाज में बोला, तुम दुश्मन हो, इसके अलावा कुछ भी नहीं. इतना कहते हुए अरमान की नजरे अश्की पर बेहद गहरी हो चुकी थी. अब वह गहरी सिगरेट का गहरा कश भरते हुए ही अपनी जगह से खडा हुआ. अगले ही पल लाइटर अपने हाथ में पकडते हुए उस फोटो के पास आया, जोकि काफी ज्यादा बडी थी. अब उस लाइटर को जलाकर उस फोटो के नीचे कर दिया, जिससे धीरे- धीरे कर अश्की की वह फोटो जलने लगी.
वह फोटो तो जल रही थी, लेकिन साथ ही साथ जल रहा था अरमान का दिल. पता नहीं क्यों, अश्की की फोटो जलाने के बावजूद उसे सुकून नहीं मिल रहा था. अरमान इस चीज को मना नहीं कर सकता था कि अब उसे अश्की से फर्क पडने लगा था. लेकिन वह चीज यह मान भी नहीं रहा था.
वहीं दूसरी तरफ,
गाडी में बैठी हुई अश्की की नजरे इस वक्त बाहर रोड पर थी. इस वक्त उसकी आंखों में आंसू बेहिसाब थे. हर बढते पल के साथ उसका दर्द बढता ही जा रहा था. दिमाग में सिर्फ इतनी बात चल रही थी कि अरमान को शायद उसने नाराज कर दिया. अगर वह एक बार उसकी चेस्ट पर Kiss कर देती, तो क्या ही चला जाता. इतना सोचते हुए वह खुद को ही कोसे जा रही थी और खुद में ही बडबडाई,
अगर हम उनकी चेस्ट पर Kiss कर देते, तो हमारा भी क्या बिगड जाता. हम भी गांव की गवार कहीं की, जब देखो, तब शर्माने लगते हैं. पति है वह हमारे। इतना कहते हुए उसने अपने आंसुओं को पोंछा. अब वह एक बार फिर से खुद से बोली, कोई बात नहीं, फिर क्या हुआ, हमने उनकी चेस्ट पर Kiss नहीं किया. लेकिन अब हम उन्हें खुश करने के लिए.
इतना कहकर वह चुप हो गई. अगले ही पल, उसके गाल लाल हो गए. ऐसा लग रहा था, जैसे अश्की के दिमाग में इस वक्त कुछ चल रहा था. कुछ ही देर में अश्की की गाडी त्रेहान पैलेस पहुंच चुकी थी और अब तक साढे आठ बज चुके थे. अब तक पार्टी शुरू हो चुकी थी. वही नियति जी, वास्तव जी और हंसिका, जो एक साथ खडे एक दूसरे की तरफ देख रहे थे. तभी हंसिका वास्तव जी की तरफ देखकर बोली, वह आपकी थर्ड ग्रेड बहू आएगी कि नहीं. इतना कहते हुए हंसिका के चेहरे पर फ्रस्ट्रेशन साफ दिखाई दे रही थी. हंसिका की फ्रस्ट्रेशन देखकर वास्तव जी का चेहरा पीला पडता जा रहा था. उन्हें अब डर लगने लगा था, क्योंकि साढे आठ बज चुके थे. ना तो अरमान आया था और ना ही अश्की का कोई अता पता था. वह लोग चाहते थे कि अश्की अरमान से पहले आए. इसीलिए उन्होंने अरमान को बिजी करने के लिए
ऑफिस में कोई काम के चलते अरमान को ऑफिस भिजवा दिया था. ताकि अरमान कुछ देर के लिए बिजी रह सके. लेकिन अश्की को ना आता देख अब वास्तव जी की हालत खराब होती जा रही थी. क्योंकि इस वक्त अश्की का आना बहुत जरूरी था, तभी वह अपनी प्लानिंग को अंजाम दे सकते थे. लेकिन अगले ही पल उनकी नजर बाहर दरवाजे पर गई. दूसरे ही पल उनके चेहरे पर कुटिल मुस्कराहट तैर गई, जोकि बेहद भयानक थी. जब हंसिका ने उनके चेहरे की कुटिल मुस्कुराहट देखी, तो हंसिका ने वास्तव जी की नजर का पीछा किया. उसके चेहरे पर भी वही स्माइल आ चुकी थी.
अब वक्त था अपनी प्लानिंग को अंजाम देने का. वह लोग चाहते थे कि अरमान ना आए. ठीक वही हुआ, अरमान इस वक्त त्रेहान पैलेस नहीं आया था.
अरमान को अश्की के साथ ना देखकर उनकी खुशी का ठिकाना ना रहा. हंसिका, जोकि वास्तव जी की तरफ देख रही थी, अब वास्तव जी ने उसकी तरफ देखते हुए इशारा किया. उसे इशारे को पकड हंसिका तो बस उडती हुई अश्की की तरफ पहुंच गई. वह धीरे- धीरे बेहद सेडक्टिव वे में चलती हुई अश्की की तरफ जा रही थी. इस वक्त उसके हाथ में ड्रिंक का गिलास था. अश्की, जोकि इस वक्त अपने ही ख्यालों में गुम इधर- उधर देख रही थी. उसे इस पार्टी में आकर बहुत अजीब सा महसूस हो रहा था. पता नहीं क्यों, लेकिन उसका दिल कर रहा था कि वह पार्टी से वापस चली जाए.
क्योंकि उस पार्टी में मौजूद लोग ज्यादातर ड्रिंक वगैरह कर रहे थे. उनमें लडकियां भी मौजूद थी. उन लडकियों को देख कर अश्की हैरान हो रही थी. अभी वह इधर- उधर देख ही रही थी कि तभी हंसिका उसके सामने आकर खडी हुई और उसे देखते हुए बोली,
तो तुम हो अरमान की पत्नी? उसकी बात सुनकर अश्की ने उसे सवालिया नजरों से देखा. अश्की ने अभी तक हंसिका को नहीं देखा था. जिस वजह से उसे हंसिका के बारे में कुछ खास पता नहीं था कि हंसिका कौन है. उसकी सवालिया नजर खुद पर पाकर हंसिका व्यंग्य से हंसी और बोली, पहचाना नहीं, बताती हूं, पहले चलो अंदर मेरे साथ। इतना कहते हुए लगभग से हंसिका ने अश्की का हाथ कसकर अपने हाथों में जकड लिया था. जिस तरह से हंसिका ने उसका हाथ पकडा था, एक पल के लिए अश्की की सिसकी उसके होठों से निकल चुकी थी. क्योंकि हंसिका ने उसके हाथ को बेहद बेरहमी से अपने हाथ में झकडा हुआ था. जिस वजह से उसकी उंगलियां अश्की की कलाई पर लगभग से धस गई थी. उसकी उंगलियों के निशान अश्की की हथेली पर छप चुके थे. लेकिन हंसिका को इस चीज से कोई लेना- देना नहीं था. वह तो लगभग से खींचते हुए अश्की को अंदर की तरफ ले जाने लगी.
जिस तरह से वह अश्की को खींचते हुए लेकर जा रही थी, अश्की की आंखें हैरत से फैल गई थी. जितनी तेजी से लगभग से घसीटते हुए वह अंदर लेकर आई थी. अश्की के पैर भी लडखडा गए थे, क्योंकि उसकी साडी की प्लेट्स उसके पैर के नीचे एक पल के लिए आ गई थी जिस वजह से उसका पैर हल्का सा लडखडा गया था. अगर अश्की वक्त पर खुद को ना संभालती, तो हो सकता कि वही सबके सामने वह गिर जाती. लेकिन इस बीच किसी की भी नजर ना अश्की और ना ही हंसिका पर गई.
देखते ही देखते हंसिका ने उसे खींचते हुए अंदर लाकर उसने लगभग से धकेलते हुए हाल में खडा खडा कर दिया. यह चीज देखकर अश्की तो बस हंसिका की तरफ देखते ही रह गई. अब हंसिका उसे देखते हुए बोली, जानना चाहती हो, मैं कौन हूं.
हंसिका की बात सुनकर अश्की, जिसकी आंखों में अभी भी नमी थी. वह अपनी नमी भरी आंखों से हंसिका के चेहरे को देख रही थी. हंसिका दिखने में थी तो खूबसूरत, लेकिन उसमें घमंड हद से ज्यादा था. वह गुरुर उसके चेहरे पर साफ झलकता था. वह बडे गुरुर से बोली, मैं हूं हंसिका अरमान त्रेहान। जैसे ही उसने यह बात कही, एक पल के लिए
अश्की को ऐसा लगा, जैसे उसकी धडकनों ने रुकना शुरू कर दिया था. उसकी सांस उसके गले में अटक चुकी थी. वह अपनी जगह पर खडी- खडी जैसे जम सी गई थी. उसे यूं अपनी जगह पर freez हुआ देखकर हंसिका के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई. अब वह उसकी आंखों के आगे चुटकी बजाते हुए बोली, क्या हुआ, यकीन नहीं हो रहा? देखना चाहती हो, हमारी शादी बचपन में हो चुकी है. You नो चाइल्डहुड। इतना कहते हुए वह इससे आगे कुछ बोलने को हुई कि तभी पीछे से वास्तव जी और नियति जी की आवाज आई, बिल्कुल सही कहा हंसिका ने.
अरमान की शादी हंसिका से बहुत पहले हो चुकी है. यह तुम ही हो, उसकी जिंदगी में आने वाली दूसरी औरत। अब तो अश्की को ऐसा लगा, जैसे उसके सिर पर बादल ही फट गए हो. तभी नियति जी बोली, इसीलिए तो मैं तुम्हारा तलाक कराने उस दिन आई थी. लेकिन तुम बेशर्म लडकी कहां मानने वाली हो. तुम जैसी लडकियां तो रखेल कहलाने के लायक होती हैं।
इतना कहते हुए नियति जी के चेहरे पर अश्की के लिए नफरत साफ दिखाई दे रही थी. अब हंसिका उसके पास आई और उसके गालों को अपने हाथों में भींचते हुए बोली, बहुत कर लिया तुमने अरमान को सेटिस्फाइड, अब दफा हो जाओ उसकी जिंदगी से. क्योंकि तुम उसकी पत्नी नहीं हो. मैं उसकी पत्नी हूं। इतना कहते हुए लगभग से हंसिका पीछे की तरफ होने को हुई कि तभी अश्की अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली,
मुझे इन सब चीजों पर विश्वास नहीं. अगर यह बात अरमान जी खुद मेरे सामने कहेंगे, तभी मुझे विश्वास होगा। अश्की की बात सुनकर हंसिका के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई. तभी हंसिका बेहद गुरूर से बोली, ओके फाइन, तुम अरमान की बातों पर यकीन करना चाहती हो ना, तो अभी दिखाती हूं तुम्हें। इतना कह कर अगले ही पल उसने अपने फोन से अरमान को फोन किया. एक बेल में ही अरमान ने आगे से फोन उठा लिया. इस वक्त हंसिका ने फोन लाउडस्पीकर पर लगा रखा था. तभी दूसरी तरफ से अरमान की आवाज आई. बोलो जान, क्यों इतना डिस्टर्ब कर रही हो? पता है ना, आज मैं बिजी हूं।
जैसे ही अरमान की यह बात अश्की के कान में पडी, उसकी का दिल धक सा रह गया.
To b
e continue.
Do din se hospital me fansi thi is wajah se chepter nahi de payi







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