
Shekhawat palace
सौम्या इस वक्त dhaanishk के सामने निडर खडी थी. इस वक्त उसकी आंखों में एक अलग सा जिद्दीपन था, जो कि सिर्फ dhaanishk के लिए था. वही dhaanishk का दिल इस वक्त तेजी से धडक रहा था सौम्या ने अपने सीने पर गन पॉइंट की हुई थी. उसने अभी- अभी जो dhaanishk से पूछा था, उसे सुनकर dhaanishk को समझ नहीं आया था कि वह आखिर सौम्या को क्या जवाब दें. वह अब सौम्या की तरफ गहरी नजरों से देखते हुए बोला, तुम पागल हो गई हो क्या? इंगेजमेंट होने वाली है मेरी.
और हमारा डिवोर्स होने वाला है. इस बात का कोई मतलब नहीं बनता। उसकी बात पर सौम्या व्यंग्य से हंसी और बोली, हां या ना.
अगर आज रात आप मेरे साथ बिताएंगे, तो उसी रात के सहारे मैं पूरी उम्र बताऊंगी, Mister कपूर. लेकिन अगर आपको यह रात भी मुझसे छीननी है, तो मुझे जीना ही नहीं है। सौम्या का जिद्दीपन देखकर अब तो dhaanishk को भी एक अलग ही बेचैनी महसूस हो रही थी. इस वक्त उसका दिल तेजी से धडक रहा था. उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह सौम्या से कहे तो कहे क्या? उसके लिए शब्द ही कम पड रहे थे. पर किसी तरह से वह सौम्या को कन्वेंस करने की कोशिश करते हुए धीरे- धीरे कर उसकी तरफ कदम बढा रहा था. जिससे सौम्या भी वाकिफ हो रही थी.
वह जल्दी से अपना एक कदम पीछे की तरफ लेते हुए बोली, स्टॉप there Mister कपूर, अगर आपने एक भी कदम आगे बढाया, तो यह मत सोचिएगा कि अकेली गोली ही मेरे सीने पर चलेगी. पीछे बालकनी देख रहे हैं, कितनी गहरी है. नहीं, यह ऊंचाई पच्चीस तीस फीट तो होगी ही, जिसमें मैं आसानी से गिरकर मर सकती हूं. वैसे भी मरने का डर तो मुझे अब भी नहीं है. आपके बिना जीने से तो मर जाना बेहतर।
तभी dhaanishk चिल्ला कर बोला, आई सेड शट अप, बकवास बंद करो अपनी और चुप हो जाओ, बिल्कुल चुप. क्या, जताना क्या चाहती हो? हां, क्या जताना चाहती हो कि ishq करती हो मुझसे. नहीं, तुमने कभी मुझसे इश्क किया ही नहीं. अगर इश्क करती, तो इस तरह से Hospital जाकर abortion ना करवाती।
Dhaanishk की बात सुनकर सौम्या एक बार फिर से तडप कर हंसी और बोली, मतलब सच में आपको मुझ पर विश्वास नहीं, Mister कपूर? उसकी बात सुनकर dhaanishk बिल्कुल शांत हो गया. लेकिन उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस भी हो चुका था. जिस तरह से dhaanishk शांत खडा था और उसका चेहरा इमोशन लैस हो चुका था, सौम्या को इतना बताने के लिए काफी था कि उसे बिल्कुल भी सौम्या पर विश्वास नहीं है.
अब सौम्या पूरी तरह से बिखर गई. वह पागलों की तरह हंसने लगी और हंसते हुए ही चिल्लाई, इसी दिन के लिए मैंने इतना ज्यादा इश्क किया था, Mister kapoor आपको. दिल तोड दिया आपने तो मेरा, कमबख्त कब से यही समझ रहा था कि आप इश्क कर बैठे हैं इस दिल से. लेकिन आप तो बस अपनी आंखों के धोखे में मशहूर थे। इतना कहते हुए उसका बंदूक वाला हाथ पूरी तरह से नीचे की तरफ हो गया था. वह हंसी और मुस्कुराए और बोली, नहीं चाहिए आपकी एक रात भी।
अब उसने अपनी बंदूक वहीं जमीन पर फेंकी और अपनी नजरें dhaanishk की तरफ उठाकर बोली, यही तक थे हमारे रास्ते और अब मैं आपको खुद छोडती हूं. Mister कपूर, वादा करती हूं कि आपके रास्ते में अब कभी नहीं आऊंगी. लेकिन एक बात कहना चाहूंगी, आप शादी तो कर रहे हैं, पर शादी के वचनों को निभाना जरूर. उसमें एक वचन यह भी होता है कि अपनी पत्नी पर पूरा विश्वास रखें. पर आपकी आंखों में तो विश्वास का एक तिनका मुझे नजर नहीं आया।
सौम्या की बात पर dhaanishk ही जानता था कि उसे अपने दिल में क्या महसूस हो रहा था. उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल हो चुकी थी और हाथों की मुट्ठियां कस चुकी थी. पर फिर भी जैसे उसने अपने दिल को पत्थर सा बना लिया था.
दूसरी तरफ सौम्या ने अपनी बात कह कर अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए. अभी दो कदम आगे ही बढाए थे कि तभी dhaanishk ने उसका हाथ अपने हाथ में पकड लिया. लेकिन अब शायद देर हो चुकी थी. सौम्या का चेहरा बेजान सा था. कोई भाव नहीं, कोई तकलीफ नहीं, कोई दिल की हलचल नहीं, ना ही उसने पलट कर dhaanishk की तरफ देखा.
dhaanishk अब गहरी आवाज में बोला, अगर तुम सच्ची हो, तो मुझे यह बताओ कि तुम उस अस्पताल में रुद्र के कहने पर क्यों गई थी और वह भी अबॉर्शन करने के लिए। जैसे ही dhaanishk ने यह बात कहीं, सौम्या ने एक झटके से dhaanishk का हाथ अपने हाथ से छुडा लिया और बेहद गहरी आवाज में बोली, मुझे अनजानो को सफाई देने में कोई इंटरेस्ट नहीं है, Mister dhaanishk कपूर। इतना कहकर वह तेजी से वहां पर से निकल गई. पीछे छोड गई dhaanishk के दिल में एक अनचाहा दर्द, जो उसकी आंखों से साफ झलक रहा था.
अब एक बार फिर से वह अपने कमरे में आई और अब एक वाइन की बोतल निकाल कर अपने होठों से लगाकर गटागट पीने लगी. इस वक्त उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल थी. कुछ ही पल में उसने वह बोतल पूरी तरह से खाली कर जमीन पर पटक कर तोड दी. वही उस कांच की बोतल पर लेट गई, जिससे उसके पूरे बदन पर चोटों के निशान आ गए. लेकिन उसे उस चोट का कोई असर नहीं हो रहा था.
उसकी आंखों में भी जैसे जज्बात खत्म हो चुके थे. ऐसा लग रहा था, जैसे उसके दिल में जज्बातों ने दम तोड दिया हो. इतना दर्द उसने झेल लिया था कि अब जज्बातों की जगह ही जैसे बाकी नहीं रह गई थी. वह इस वक्त लगभग सीलिंग की तरफ देख रही थी. पीठ पूरी तरह से छलनी हुई थी, जिस वजह से खून लगातार उसकी पीठ से बह रहा था. लेकिन उसे इस चीज से कोई फर्क नहीं पड रहा था. जितनी शराब उसने इस वक्त पी ली थी, शायद कोई और होता, तो शायद उसे बहुत ज्यादा तकलीफ होती लेकिन वह तो अपने दिल में ही इतनी तकलीफ दफन कर चुकी थी. उसे बाकी तकलीफें होना ही बंद हो गई थी.
वहीं दूसरी तरफ dhaanishk, जो अपने Room में वैसे ही खडा था. इस वक्त उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल थी. ऐसा लग रहा था, जैसे वह भी पूरी तरह से बिखर गया हो. अब वह जल्दी से बाहर निकला और तेजी से शेखावत पैलेस से बाहर निकल गया. बाहर की तरफ जाकर वह गाडी में बैठते ही वाला था कि तभी उसे पीछे से आवाज उसके कानों में पडी, जो की कल्याणी जी की थी. लेकिन उसने कल्याणी जी की आवाज का कोई जवाब नहीं दिया और गाडी में बैठकर तेजी से वहां से निकल गया.
dhaanishk की गाडी इस वक्त सडकों पर तेजी से चल रही थी. उसकी आंखें इस वक्त हद से ज्यादा लाल थी तभी उसने अपनी गाडी की एकदम से स्पीड और भी ज्यादा तेज कर दी और जोरो से चिल्लाते हुए रोने लगा. उसका रोना इतना खौफनाक था कि शायद सौम्या सुनती तो तडप जाती.
लगातार गाडी चलाते हुए लगभग से चलाए जा रहा था और रोए जा रहा था. वह चिल्लाते हुए खुद से ही बोला, मुझे माफ कर दो, मुझे तुम पर खुद से ज्यादा भरोसा है. लेकिन अभी मैं तुम्हें अपने पास नहीं रख सकता. यह मेरी मजबूरी है. मुझे AS की खातिर उस तक पहुंचना होगा. जिसमें तुम्हें भी खतरा हो सकता है. तुम्हें खतरे में डालना अपनी जान को खतरे में डालने के बराबर होगा अगर गलती से भी तुम्हें कुछ हो गया, तो मैं तो जी ही नहीं पाऊंगा.
इसीलिए तुम्हें मुझसे दूर रहना होगा, सौम्या, उसके लिए चाहे मुझे खुद को जितना मर्जी तुम्हारी आंखों में गिराना क्यों ना पडे, मैं गिराऊंगा. मुझे तुमसे दूर रहना है. मैंने तुम्हें तोड दिया, मैं जानता हूं तुम्हें इतनी तकलीफ हो रही होगी, लेकिन तुम्हें यह तकलीफ बर्दाश्त करनी होगी. उसके लिए चाहे मुझे तुम्हारी आंखों के सामने शादी क्यों ना करनी पडे। इतना कहकर वह लगभग से चिल्ला पडा, आई
एम सो Sorry ...
सौम्या, आई एम सो सॉरी.
To be continue.....







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