
रेड कैफीन बार,
अरमान ने अभी- अभी अश्की को बेड पर धक्का दिया था और अश्की किसी बेजान लाश की तरह बेड पर गिरी थी. उसके बदन में जैसे जान ही नहीं बची थी. चेहरा पूरी तरह से पीला पड चुका था और वह खुद पूरी तरह से सुन्न पड चुकी थी. उसे अपने कानों पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि अरमान ने जो अभी- अभी कहा था, क्या वह सच था. क्या उसके पिता ने उसकी मॉम का रेप किया था. वही अरमान उसे अपनी लाल आंखों से देख रहा था. इस वक्त उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल थी. अब वह एक झटके से उसके ऊपर चढा और उसके गालों को अपने हाथों में कसकर पकडते हुए दांत पीसकर बोला,
क्या सोचा था तुमने कि तुम मेरी बीवी बन गई हो, तो अपना हक जमा लोगी बिल्कुल नहीं, तुम्हें खून के आंसू रुलाने के लिए मैंने तुमसे शादी की थी. अब तुम मुझे छोड कर चली जाओ, नो नो दिल रुबा. अभी तो मेरे बदले की शुरुआत हुई है। अश्की, जो की बिल्कुल सुन्न पडी थी. अरमान की आवाज जैसे ही उसके कानों में पडी, वह बेसुद सी अरमान की तरफ सूनी आंखों से देखते हुए बोली, ऐसा, ऐसा नहीं हो सकता. मेरे बाबा, मेरे बाबा ऐसे नहीं थे. आप आप झूठ बोल रहे हैं ना, Mister त्रेहान।
इतना कहते हुए उसने बडे प्यार से अरमान के गालों पर हाथ रखा. लेकिन अरमान उसके हाथ को पूरी तरह से झटकते हुए बोला, यही सच है, तुम्हारा बाप एक नंबर का कुत्ता था। उसकी बात सुनकर अश्की तडपते हुए बोली, बस कीजिए अरमान जी, आप ऐसे ही मेरे पापा को। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान ने उसके बालों को बडी बेरहमी से मुट्ठी में भरा. जिस तरह से अरमान ने उसके बालों को मुट्ठी में भरा था, आज तक उसने इस तरह से उसके बालों को नहीं पकडा था. आज अश्की को अपने बालों में हद से ज्यादा दर्द हो रहा था. वह रोते हुए बोली, मुझे दर्द हो रहा है, Mister त्रेहान। उसकी बात पर अरमान दांत पीसते हुए बोला, सो व्हाट! मैं क्या करूं? मुझे तो अपना ही दर्द महसूस नहीं होता, तो तुम्हारा क्या दर्द महसूस करूंगा। अरमान ने जिस तरह से उसके बालों को पकडा हुआ था, अश्की का चेहरा पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ चुका था. अरमान अब उसके चेहरे पर झुका और सख्त आवाज में बोला, कभी तुम्हारी अम्मा ने तुम्हारे बाप का जिक्र तुम्हारे सामने किया है. एक बात बताओ मुझे, क्या कभी उन्होंने तुम्हें उनके बारे में कुछ बताया।
जैसे ही अरमान ने यह बात कही, एक पल के लिए अश्की पूरी तरह से सुन्न पड चुकी थी. यह बात तो सच थी, जब से अश्की अम्मा के पास थी, तब से ही अम्मा ने कभी उसके पापा का नाम उसके सामने नहीं लिया था. सिर्फ अम्मा उसकी मां का जिक्र करती थी. भले ही वह अनाथ आश्रम में पली बढी थी, लेकिन अश्की की मॉम जब तक जिंदा थी, वह अनाथ आश्रम में उसके साथ रही थी. जब उनकी मौत हो गई, तो उन्होंने अपनी बेस्ट Friend
रोहणी अग्रवाल को सौंप दिया था. रोहिणी अग्रवाल, उर्फ अम्मा, और अम्मा ने ही उसके बाद अश्की को पाल- पोश कर बडा किया था. अश्की बारह साल की थी, जब उनकी मां साक्षी अरोरा पूरी हो गई. साक्षी के पूरा होने के बाद अम्मा ने उसे गोद ले लिया था. अम्मा ने ही उनका ख्याल रखा था. जब भी अम्मा और अश्की के बीच बात हुई थी, तो सिर्फ साक्षी को लेकर होती थी. कभी भी अम्मा ने अश्की के पिता का जिक्र उसके सामने कभी नहीं किया था. ना ही कभी अश्की ने उनसे पूछा कि उनके पापा Kiss तरह के थे, क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि अम्मा परेशान हो. इसीलिए उसने कभी पलट कर अम्मा को सवाल जवाब नहीं किए थे.
आज अरमान के मुंह से यह बात सुनकर अश्की को अपने दिल में सांसे घुटती हुई महसूस हो रही थी कि उसके पिता ने इस तरह की हरकत की अरमान अब उसकी आंखों में देखते हुए उसके गालों को कसकर पकडते हुए ही बोला, तुम्हारे पिता का नाम जानना चाहोगी, जयवंत अरोडा. उसने तुम्हारी मां को बहुत प्यार किया था. उसके प्यार की निशानी हो तुम. उसे आज भी लगता है कि तुम और तुम्हारी मां साक्षी दोनों मर गए. लेकिन उसे इतना नहीं पता कि तुम अभी भी जिंदा हो. वह इंसान अपनी दूसरी औरत के साथ रंगरलियां मना रहा है. लेकिन अब वह बेऔलाद है. लेकिन जिस दिन उसे तुम्हारे बारे में पता चलेगा। इतना कहते हुए उसने अश्की के गालों पर हाथ बेहद सेडक्टिव वे में लगाया.
उसकी बात पर अश्की को एक तकलीफ सी अपने दिल में उठती हुई महसूस हो रही थी कि अरमान सिर्फ उसे अपने बदले के लिए use करेगा. वह रोते हुए बोली, क्या सिर्फ आप इसीलिए मुझे अपने साथ रखेंगे कि आपको मेरे बाप से बदला लेना है. क्या और कोई वजह नहीं। उसकी बात सुनकर अरमान का चेहरा एक बार फिर से सख्त पड गया. वह अब सख्त आवाज में बोला, बिल्कुल, कोई शक?
उसकी बात सुनकर अश्की का दिल तडप उठा और उसकी आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे. उसके आंसू देखकर अरमान की मुट्ठियां एक बार फिर से कसने लगी थी. उसका वह हाथ, जो उसके गालों पर था, अब वह सख्त होता जा रहा था. वह दांत पीसकर बोला, मैंने कहा, अपने आंसुओं को अपनी आंखों में रखो। तभी अश्की रोते हुए बोली, तो आपको क्या फर्क पडता है, अगर मैं रो रही हूं तो, रोने दीजिए मुझे।
अश्की की बात पर अब अरमान एक पल के लिए चुप हो गया. अगले ही पल गहरी आवाज में बोला, यू आर राइट, मुझे क्या फर्क पडता है. तुम मरो या जियो, है तो मुझे तुमसे नफरत ही।
उसकी बात सुनकर अश्की की आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे. वह रोते हुए चुप हो गई, पर उसके आंसू रुक नहीं रहे थे. वही अरमान अब उससे गहरी आवाज में बोला, अब तो तुम्हें पता चल गया है ना कि मैं तुमसे नफरत करता हूं, तो अब यह खुलेआम होगा. दुख को अपने अंदर समेटने की आदत डाल लो. अब तुम्हें मुझसे सिर्फ दुख के अलावा कुछ नहीं मिलेगा. अब तुम्हें पता चलेगा कि तुम्हारी औकात क्या है।
इतना कहकर अरमान अब उसके ऊपर से उठ गया. उसकी बात सुनकर अश्की बस अपनी जगह पर लेटी रह गई. उसे अपने दिल में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था. अब वह फूट- फूट कर रोने लगी. आज उसे अपनी किस्मत पर हद से ज्यादा रोना आ रहा था. उसके पिता की वजह से उसके आगे मुसीबतें हद से ज्यादा बढ चुकी थी. आज पहली बार उसने अपने इश्क का इजहार किया और वह इश्क भी उसके लिए अधूरा रह गया. हमेशा ही उस बेचारी ने कुछ ना कुछ खोया था. लेकिन आज अपना इश्क खोते हुए देखकर उसका दिल कर रहा था कि वह अपनी जान दे दे. वह अंदर से अरमान के प्यार के लिए तडप रही थी, लेकिन कर भी क्या सकती थी. उसके पिता ने उसे नजरे मिलाने तक का नहीं छोडा था. अरमान ने कुछ देर उसकी तरफ देखा, जो बुरी तरह से रो रही थी. उसको बुरी तरह से रोता हुआ देखकर अरमान को पता नहीं क्यों बहुत अजीब सा लग रहा था. उसके हाथों की मुट्ठियां और भी ज्यादा तेजी से कसती जा रही थी. अरमान अगले ही पल उसकी तरफ पीठ करके खडा हो गया. इस वक्त अरमान की आंखें और भी ज्यादा लाल होने लग गई थी. अरमान को अपना दिल इतना ज्यादा जलता हुआ महसूस हो रहा था कि उसका दिल कर रहा था कि अपने दिल को आग लगा दे.
वही अश्की फूट- फूट कर रोते हुए मन में ही बोली, सही तो कह रहे हैं वह, Kiss मुंह से वह मुझसे प्यार करें. मुझे तो जिंदा रहने तक का हक नहीं है. नफरत करने लायक हूं मैं और पापा ने इस तरह की गंदी हरकत करके मुझे शर्मसार कर दिया है. क्या मुंह लेकर मैं उनसे अपने इश्क की भीख मांगू? दर्द तो इस बात का है कि इश्क हुआ भी तो उससे, जिसके दर्द का कारण मैं खुद हु. शर्म आ रही है आज मुझे खुद पर कि मैं ऐसे इंसान की औलाद हूं. जिसने इतनी गंदी हरकत की. इतनी ओछी हरकत की. आपकी वजह से पापा मेरी आज नजरे शर्म से झुक गई है. लेकिन मुझे उसके दर्द पर मरहम बनना होगा. इश्क तो अब मुझे आपसे हो गया, लेकिन अब इस इश्क को निभाना मेरी जरूरत ही नहीं, मेरी सांसों के लिए भी जरूरी हो चुका है. मैं जानती हूं, मेरे बाप ने जो हरकत की है, वह माफी के लायक तो नहीं. लेकिन आपको सुकून तो मैं अपने मरते सांस तक देकर रहूंगी. उसके लिए चाहे मुझे आपकी हर जलालत सहनी पडे, मैं वह भी सहूंगी. पर आपको छोडकर कहीं नहीं जाऊंगी। इतना कहकर वह अपनी जगह से उठी.
अरमान, जो कि दूसरी तरफ जाने को हुआ कि तभी अश्की ने उसे पीछे से अपनी बाहों में भर लिया. जैसे ही अश्की ने अरमान को पीछे से बाहों में भरा, अरमान का दिल तेजी से धडक उठा. उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ चुके थे. अश्की अरमान के गले लगते हुए बोली, कर लीजिए नफरत, जितनी कर सकते हैं, उतनी कीजिए, बेतहाशा कीजिए. लेकिन अब इश्क हो गया है आपसे. मानती हूं मैं कि मैं सिर्फ आपकी नफरत के लायक हूं. मैं वादा करती हूं आपसे, आप जितनी नफरत देंगे, मैं आपको उतना इश्क करूंगी. मैं अपने पापा की की हुई गंदी हरकत को ठीक तो नहीं कर सकती, लेकिन अपने इश्क से आपके दर्दों पर मरहम तो लगा सकती हूं।
अश्की की बात सुनकर अरमान को अपने अंदर एक अनकहा तूफान उठता हुआ महसूस हो रहा था. जिससे अश्की से वह दूर रहना चाहता था. इसीलिए वह अश्की से बहुत ज्यादा दूर भागना चाहता था. जो उसकी मां के साथ हुआ था, उसे देखकर तो अब अश्की से वह हद से ज्यादा नफरत करता था. क्योंकि पहले दिन तो उसके साथ इंटीमेट होना सिर्फ उसके लिए जरूरत था, लेकिन उसके बाद उसने जब अश्की के पास्ट के बारे में पता किया, तो उसने यह सारा प्लान बनाया था. वह अश्की को सिर्फ अपनी मिस्ट्रेस बनाना चाहता था. वह उसे कभी भी पत्नी का दर्जा तो देना ही नहीं चाहता था.
पर अब जो उसके अंदर अनकहे अरमान उठने लगे थे, यह उसे हद से ज्यादा परेशान कर रहे थे. वह नहीं चाहता था कि उसके अंदर उठ रहे अरमान बडे, इसीलिए वह अश्की को खुद से और भी ज्यादा दूर कर रहा था. उसे अपनी मां के साथ किया हुआ रेप याद आ रहा था. जिस रेप की वजह से उसकी मॉम की पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई. उसके पिता ने उसकी मॉम को छोड दिया और उसकी मॉम ने इसी दर्द के साथ खुदकुशी कर ली. आज भी वह मंजर उसकी आंखों के सामने घूमता था, जो उसे अंदर तक तोड देता था. शांत रहने वाला अरमान अश्की को देखकर अब बेकाबू होने लगा था.
अब जिस तरह से अश्की ने उसे अपनी बाहों में भरा हुआ था, उससे अपने प्यार का इजहार कर रही थी, अरमान की सांस गहरी होती जा रही थी. उसका दिल का तूफान एक बवंडर में बदल रहा था, जो वह संभाले नहीं संभाल पा रहा था. अरमान ने अब उसके हाथों को मुट्ठी में पकडा और एकदम से झटके से नीचे की तरफ छोडते हुए उसकी तरफ घुमा.
वह इसके बालों को एक बार फिर से मुट्ठी में भरते हुए बोला, जलन सहन चाहती हो, इश्क देना चाहती हो मुझे, तो ठीक है, अब जो तुम्हारे साथ होगा, उसके बाद तुम पछताओगी कि क्यों तुमने इस राक्षस से इश्क कर लिया। इतना कहकर उसने अश्की को जोर से एक बार फिर से बेड पर धक्का दिया. अगले ही पल, उसने अश्की के सीने पर हाथ रखकर उसका पल्लू साइड पर कर दिया. अरमान की लाल नजरे अब अश्की के बदन पर जा ठहरी.
वही अश्की जैसे ही लेटी, उसने भी अरमान को कुछ नहीं कहा. वह बस अपनी हसरत भरी नजरों से अरमान को देख रही थी, जो उसे अपनी लाल आंखों से देख रहा था. अब अश्की ने अपने दोनों हाथों को फैला कर अरमान की तरफ किया. जैसे ही अरमान को उसने अपने हाथों में भरने के लिए अपने हाथ
उठाए, एक पल के लिए अरमान उसकी तरफ देखता ही रह गया.
To be continue.







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