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Berukhi

रेड कैफीन बार,

अरमान इस वक्त एक प्राइवेट Room में था, जहां पर वह इस वक्त सोफे पर बैठा हुआ था. उसके सामने वही लडकी खडी थी, जो अभी कुछ देर पहले वह बाहर से अपने साथ अंदर की तरफ लेकर आया था. यह लडकी, जिसका नाम फातिमा था. वह इस वक्त अरमान के सामने खडी थी. उसने इस वक्त व्हाइट Color की चमकीली शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई थी. जिस वजह से उसकी बॉडी काफी ज्यादा रिवीलिंग थी. वह ड्रेस इतनी ज्यादा शॉर्ट थी कि फातिमा के थाई पार्ट्स में से उसके निजी कपडे साफ दिखाई दे रहे थे.

लेकिन अरमान, जोकि सोफे पर अपने दोनों हाथ सोफे रेस्ट पर रखकर आराम से बैठा हुआ था. उसने अपने होठों में सिगरेट दबा रखी थी और सिगरेट के लंबे कश भरते हुए वह फातिमा की तरफ देख रहा था. लेकिन फिर भी उसकी वह लाल आंखें फातिमा पर नहीं थी. उसकी आंखों के सामने अश्की का चेहरा ही घूम रहा था. वही सामने खडी फातिमा, जिसने शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई थी, अब उसने अपनी ड्रेस के पीछे अपना हाथ ले जाते हुए अपनी ड्रेस की जिप खोली. अगले ही पल उसकी dress उसके कंधों से सरक कर नीचे जा गिरी.

अब वह सिर्फ अपनी पैंटी और ब्रा में थी. वही अरमान, जो उसे देख तो रहा था, लेकिन उसकी नजरें उस पर होते हुए भी उस पर नहीं थी. उसकी आंखों के सामने तो सिर्फ अश्की का चेहरा घूम रहा था. वह मासूम चेहरा, जिस पर बहते हुए आंसू उसके चेहरे को भिगो रहे थे. उन्हें देखकर अरमान अभी तक बेचैन हुए जा रहा था. वही फातिमा उसे अभी गहरी नजरों से देख रही थी. अरमान को देखते हुए ही फातिमा के चेहरे पर डेविल स्माइल बार- बार तैर रही थी. क्योंकि अरमान की तरफ देखकर ही पता चल रहा था वह किसी नॉर्मल घर से तो बिल्कुल भी नहीं लग रहा था.

अरमान ने भले ही कैजुअल कपडे पहने थे, लेकिन जिस तरह से उसके कान में स्टड था और गले में सोने की चैन थी और हाथों की फिंगर में गोल्ड रिंग और डायमंड रिंग्स पहनी हुई थी. उसी से पता चल रहा था कि अरमान छोटी- मोटी हस्ती तो बिल्कुल भी नहीं है. अब फातिमा अरमान के करीब होकर उसके ऊपर झुकी. अगले ही पल उसने अरमान की शर्ट के बटन खोलने शुरू किए. जिससे अरमान की पकड सोफे पर कस चुकी थी.

फातिमा का उसे छूना, जैसे उसे अंदर तक जला रहा था. जिस तरह से फातिमा उसके ऊपर झुक कर उसकी शर्ट के बटन खोल रही थी उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आने लगे थे. ना चाहते हुए भी एक बार फिर से उसकी आंखों के सामने अश्की का चेहरा घूम रहा था. अश्की की वह मासूमियत और जिस तरह से अश्की ने उसके दिल में कुछ ही दिनों में अपनी जगह बनाई थी, हर छोटे- छोटे पल उसकी आंखों के आगे घूम रहे थे.

जैसे बात बात पर अश्की की आंखों में आंसू आ जाना. अश्की का यूं उसकी आंखों के सामने बार- बार आ जाना उसे अंदर तक बेचैन कर रहा था. फातिमा उसके सीने को चूम रही थी. उसे अपने बदन पर एक घिनौना महसूस था. उसकी पकड सोफे के रेस्ट पर कसती जा रही थी. सांस हद से ज्यादा गहरी होनी शुरू हो गई थी. अगले ही पल अरमान ने अपनी आंखें पूरी तरह से बंद कर ली थी. वह फातिमा के होठों को अपने सीने पर महसूस कर रहाथा.

पर उसके होंठ उसे बिल्कुल भी सुकून नहीं दे रहे थे, बल्कि वह अंदर तक उसे जला रहे थे.

वहीं दूसरी तरफ,

जिस तरह से अरमान अश्की को रोते हुए छोडकर आया था, वह अभी भी वैसे ही अपनी जगह पर बैठे- बैठे रो रही थी. उसकी आंखें पूरी तरह से भीगी हुई थी और फर्श को पूरी तरह से भिगो रही थी. अभी वह रो ही रही थी कि तभी हाल में पडा हुआ इंटरकॉम रिंग करने लगा. इंटरकॉम को बजते हुए देखकर अश्की, जोकि बेजान सी अपनी जगह पर लेटी हुई रोए जा रही थी. उसने अपनी आंखों को पोंछा और सवालिया नजरों से इंटरकॉम की तरफ देख रही थी.

कुछ देर इंटरकॉम बजने के बाद अपने आप बंद हो गया. उस इंटरकॉम को देखकर अश्की का दिल न जाने क्यों बहुत तेजी से धडक रहा था. लेकिन अगले ही पल वह अपनी जगह से खडी हुई और अपने बदन पर लपेटी हुई चद्दर को उसने ठीक किया और अपने कदम इंटरकॉम की तरफ बढा दिए. इस वक्त उसके हाथ पैर ठंडे पड रहे थे. कुछ ही देर में वह इंटर कॉम के पास पहुंची. अगले ही पल इंटरकॉम बजते हुए बंद हो गया. जिसे देखकर अश्की और भी ज्यादा बेचैन हो उठी.

लेकिन अगले ही पल उसकी बेचैनी को मिटाते हुए वह इंटरकॉम दोबारा से बजने लगा. जिसे देख अश्की ने जल्दी से इंटरकॉम दोबारा से उठाया और कान से लगा लिया. अगले ही पल दूसरी तरफ से कुछ कहा गया, जिसे सुनकर अश्की का दिल धक सा रह गया. उसके हाथ में पकडा हुआ फोन नीचे जमीन पर जा गिरा.

अश्की जल्दी से कमरे की तरफ भागी और कुछ ही देर में उसने जल्दी से अपनी साडी पहनी और बाहर की तरफ भाग आई. इस वक्त उसने अपने चेहरे पर मेकअप तक नहीं किया था. लेकिन फिर भी रोने की वजह से उसका चेहरा पूरी तरह से लाल पड चुका था. होंठ तो पहले ही नेचुरली पिंक थे. शिवाय सिंदूर के, उसके चेहरे पर इस वक्त कुछ भी नहीं था. अब वह जल्दी से बाहर की तरफ आई और अगले ही पल पार्किंग एरिया में गाडी खडी थी. उस गाडी को देखकर वह जल्दी से उस गाडी में जाकर बैठ गई. त्रेहान फार्महाउस के बाहर पाँच, छह गाडियां हमेशा ही रहती थी. हर एक गाडी में अलग- अलग ड्राइवर होता था.

तो किसी को कुछ ज्यादा कहने की जरूरत नहीं पडती थी. वहीं अश्की जैसे ही गाडी में बैठी, तो ड्राइवर ने उसे पीछे की तरफ देखा. अश्की ड्राइवर की तरफ देखकर बोली, रेड कैफम बार।

बार का नाम सुनते ही ड्राइवर की आंखें बडी हो गई. वह ऐसे कैसे अरमान के पीछे जा सकता था. वह जानता था कि अरमान बार गया हुआ था और यह बात तकरीबन जितने भी ड्राइवर थे, उन्हें पता थी. अब उनके चेहरे पर परेशानी झलक रही थी. ड्राइवर को इस तरह से परेशान होता देखकर अश्की, जिसकी आंखें ड्राइवर पर गहरी हो गई थी, वह गुस्से से दांत पीसते हुए बोली, तुम चल रहे हो या तुम्हें इस नौकरी से ही बाहर निकाल दें। उसकी बात सुनकर अब ड्राइवर के चेहरे पर और भी ज्यादा डर लगने लगा, क्योंकि वह जानता था कि अश्की चाहे तो एक मिनट में उसे इस Job से बाहर निकाल सकती थी.

अब उसने बिना वक्त गंवाए जल्दी से गाडी स्टार्ट की और अपनी गाडी बार की तरफ बढा दी. वही अश्की, जोकि पिछली सीट पर बैठी हुई थी, इस वक्त उसका दिल जोरों जोरों से धक धक कर रहा था. अश्की के चेहरे पर उसकी बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी. तकरीबन आधे घंटे बाद उसकी गाडी रेड caffeine बार के आगे आकर रुकी.

उस बार को देखकर अश्की का दिल और भी तेजी से धडकने लगा. वह अपने धडकते हुए दिल के साथ गाडी से बाहर उतरी और कुछ देर उस बार को देखने लगी. उस बार को देखते हुए ही उसे एक बहुत ज्यादा अजीब सी फीलिंग आ रही थी. वहां के माहौल को देखकर अश्की का दिमाग जैसे एक पल के लिए सुन्न ही पड गया था. क्योंकि वहां पर खडे लडके लडकियां बाहर ही एक दूसरे को चूम रहे थे और कोई साइड अंधेरे में ले जाकर एक दूसरे के साथ इंटीमेट हो रहे थे. जिसे देखकर अश्की की आंखें शर्म से झुक गई थी.

उसकी आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने को आतुर थे. लेकिन उसने अपने आंसुओं को रोक कर अपने कदम थोडे से अंदर की तरफ बढाए ही थे कि तभी उसके सामने जावेद आकर खडा हुआ. इस वक्त जावेद के चेहरे पर परेशानी झलक रही थी. जावेद ने ही अश्की को बार में बुलाया था. अब जावेद उसके सामने आकर खडा हुआ और उसने अश्की को आगे की तरफ ले जाना शुरू किया. कुछ ही देर में जावेद ने उसे उस Room के सामने लाकर खडा कर दिया, जहां पर अरमान उस लडकी के साथ गया था.

उस कमरे को देखकर अश्की को कुछ- कुछ होने लगा था. उसे ऐसा लग रहा था, जैसे कि उसके बदन से उसकी जान निकलती जा रही हो. पर किसी तरह वह हिम्मत करके अपनी जगह पर खडी थी. लेकिन उसे अपने पैरों से जान निकलती हुई महसूस हो रही थी. उसके हाथ उसका साथ नहीं दे रहे थे. उसके हाथ इस वक्त बुरी तरह से शिवर कर रहे थे.

आंखों में आंसू एक बार फिर से तेजी से बहने लगे थे. किसी तरह हिम्मत करके अश्की ने अपने कांपते हुए हाथों को ऊपर की तरफ उठाया और धीरे- धीरे कर दरवाजे के हैंडल को खोल लिया. अगले ही पल, दरवाजा, जोकि नाम मात्र का बंद था, वह पूरी तरह से खुल गया. फातिमा दरवाजा पूरी तरह से लॉक करना भूल चुकी थी, जिस वजह से इतनी इजीली दरवाजा खुल भी गया था. अब जैसे ही अश्की ने सामने का नजारा देखा, उसे ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसकी जान ही उसके बदन से निचोड ली हो.

उसकी आंखों में आंसू जो कब से वह रोकने की कोशिश कर रही थी, अब एक बार फिर से झर झर बहने लगे थे. क्योंकि उसके सामने ही अरमान बेड पर लेटा हुआ था और उसके बदन से उसकी शर्ट गायब थी. फातिमा पूरी तरह से उसके ऊपर झुकी हुई थी और उसकी चेस्ट को चूम रही थी. वही अरमान ने एक बार भी उसके ऊपर अपना हाथ नहीं रखा था. उसने अपने हाथों से बेडशीट को पूरी तरह से मुट्ठी में कसा हुआ था.

अरमान को यूं किसी के साथ देखकर अश्की का जो हाल हो रहा था, वही जानती थी. उसकी सांसे जैसे रुकने की कगार पर आ चुकी थी. वह किसी तरह यहां तक पहुंच तो गई थी, लेकिन अब उसके पैरों ने उसका साथ देना ही छोड दिया था. उसके कदम आगे नहीं बढ पा रहे थे. दूसरी तरफ फातिमा, जो कि उसके ऊपर झुकी हुई थी, जैसे ही उसने दरवाजा खुलते हुए देखा, तो सामने किसी लडकी को देखकर उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए. वह गुस्से से दरवाजे की तरफ देखते हुए बोली, हाउ डेयर यू, तुम्हारे पास मैनर्स नाम की कोई चीज नहीं है. किसी के Room में ऐसे नहीं घुसते.

किसी के पर्सनल मोमेंट्स को ऐसे नहीं देखते, तुम कैसे ताडे जा रही हो हमें। इतना कहकर वह अरमान के ऊपर से उठी. वही अरमान, जोकि आंखें बंद किए उसके नीचे लेटा हुआ था, उसने अभी भी अपनी आंखें नहीं खोली थी. दरवाजा खुलते ही उसे एहसास हो गया था कि कमरे में कौन आया था.

लेकिन फिर भी उसने अपनी आंखें नहीं खोली थी. अश्की अब कांपते हुए पैरों के साथ आगे की तरफ बढी और लडखडाती हुई आवाज में बोली, मिस्टर त्रेहान।

अरमान की धडकनों को बढाने के लिए बस अश्की का उसका नाम लेना ही काफी था. अश्की के होठों से अरमान का नाम लेते ही उसका दिल तेजी से धडकने लगा था. लेकिन उसने अभी भी अपनी आंखें नहीं खोली थी. जब कुछ देर उसने अपनी आंखें नहीं खोली, एक बार फिर से अश्की अपनी कांपती हुई आवाज में बोली, जवाब दीजिए Mister त्रेहान, आप यहां पर क्या कर रहे है?

जैसे ही अश्की ने यह सवाल किया, अरमान ने अपनी आंखें खोली. उसकी नजर सामने खडी फातिमा पर गई. वह फातिमा को सर्द नजरों से देखते हुए बोला, क्या मुझे तुम्हें बताना पडेगा कि सेक्स कैसे होता है। उसकी बात पर फातिमा की आंखें बडी हो गई. फातिमा अश्की की तरफ देखकर बोली,

लेकिन यह लडकी। तभी अरमान उसकी बात बीच में काटते हुए बोला, कुछ बेशर्मों को बीच में आने की आदत होती है, तो क्या तुम। अभी वह बोल ही रहा था कि तभी अश्की उसके और फातिमा के बीच में आकर खडी हो गई. इस वक्त अश्की को अपने दिल में इतना दर्द महसूस हो रहा था कि वह बता नहीं सकती थी. जिस तरह से अरमान की बेरुखी उसे अंदर तक तोड रही थी, यह वही जानती थी कि वह क्या महसूस कर रही थी.

अश्की ने आंखों से तेजी से बहते हुए आंसुओं को साफ किया और अरमान की तरफ देखते हुए बोली, क्यों कर रहे हैं Mister त्रेहान, मैं तो आपकी जरूरत भी बनने को तैयार हूं ना।

अभी वह बोल ही रही थी कि तभी फातिमा ने उसका हाथ पकड कर अपनी तरफ घुमाया और दांत पीसकर बोली, ओ! तुम हो कौन और ऐसे हमारे बीच क्यों आ रही हो? अगर तुझे कोई पसंद है, तो जा ना, बाहर बहुत से मर्द है, उन्हीं के साथ जाकर मुंह मारना. यहां पर आकर क्या कर रही है। जैसे ही फातिमा ने यह कहा, अरमान की सर्द नजरे फातिमा की तरफ घूम गई.

लेकिन अभी अरमान ने उसे ऐसा कुछ नहीं कहा. वही फातिमा भी अब अश्की की हाथ पकडकर उसे खींचते हुए बोली, चल, मैं दिखाती हूं कितने मर्द हैं यहां पर, कोई भी तुझे मिल जाएगा तेरे साथ रात बिताने के लिए। फातिमा की इस हरकत पर अश्की की आंखें बडी हो गई. वह तो बस फातिमा के मुंह की तरफ

देखते ही जा रही थी.

To be continue.

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