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Kidneping

इटली में,

लगभग से 15 गाड़ियों का काफिला इटली की सड़कों पर इस वक्त दौड़ रहा था। वह ब्लैक कलर की मर्सिडीज़ कार थी। उन गाड़ियों को देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे कि किसी मिनिस्टर की गाड़ियों का काफिला जा रहा हो। सारी गाड़ियां ब्लैक कलर की थी, लेकिन एक केंद्र में कार थी, जो की अकेली व्हाइट कलर की थी। वह कार का मॉडल हद से ज्यादा खूबसूरत और अट्रैक्टिव लग रहा था।

इस गाड़ी में इस वक्त animal बैठा हुआ था। अब तक इटली में सुबह हो चुकी थी। इस वक्त सुबह के 11 बजे चुके थे। इस वक्त animal, जोकि गाड़ी में बैठा हुआ था, उसकी नजरें अपनी गाड़ी में से खिड़की के बाहर थी। तभी उनकी गाड़ी एक बड़े से एयरपोर्ट के आगे से गुजरी। जैसे ही उनकी गाड़ी बड़े से एयरपोर्ट के आगे से गुजरी, तो animal की आंखें बड़ी हो गई।

दूसरी तरफ एक गहरी काली आंखों वाली लड़की, जोकि animal की ही गाड़ी के काफिले को देख रही थी। वह बस उन गाड़ियों को देख रही थी। उसे तो जैसे कुछ खास फर्क ही नहीं पड़ रहा था। लेकिन उस लड़की को देखकर एनिमल की आंखें बेहद बड़ी हो चुकी थी। लेकिन कुछ ही देर में उनकी गाड़ी का काफिला वहां से गुजर गया।

रात के 10 बजे,

एक शानदार सी पार्टी,

जोकि विशिष्ट खानदान ने उनकी छोटी बेटी उमा विशिष्ट के लिए रखी थी। आज उमा विशिष्ट का जन्मदिन था। Vishisht हवेली पूरी तरह से इस वक्त फेयरी लाइट्स से जगमगा रही थी। हर तरफ फेयरी लाइट्स और रोशनी ने पहरा बनाया हुआ था, जिस वजह से वहां पर पूरे महल की चकाचौंध में वह और भी ज्यादा खूबसूरत लग रहा था। विशिष्ट महल के बाहर ही एक बड़ी सी शानदार पार्टी चल रही थी। एक सॉफ्ट म्यूजिक और साथ में बेहद शानदार थीम, हर किसी ने वहां पर ब्लैक कलर के कपड़े पहने हुए थे। किसी ने ब्लैक कलर का गाउन, तो किसी ने ब्लैक कलर का शॉर्ट ड्रेस पहना हुआ था।

जिस तरह से वहां पर इस वक्त पार्टी चल रही थी, साफ पता चल रहा था कि वहां पर आने वाला हर एक शख्स नॉर्मल तो बिल्कुल भी नहीं था। हर एक शख्स की अपनी ही एक पहचान थी। वहां पर आए हुए शख्स रईस खानदान से लग रहे थे। वही साइड में एक बार काउंटर लगा हुआ था, जिस पर एक लड़की बैठी लगातार शराब पर शराब पिए जा रही थी। उसकी गहरी काली आंखें स्टेज पर खड़ी हुई लड़की पर थी, जोकि मिस्टर विशिष्ट और मिसेज वशिष्ठ के साथ खड़ी थी।

फिर वह व्यंग्य से हंसी और बोली, "मेरी जिंदगी में आग लगाकर आज यह लोग खुशियां मना रहे हैं।" इतना कहते हुए वह लड़की अपनी जगह से खड़ी हुई।।यह लड़की कोई और नहीं, शिखा थी। इस वक्त शिखा ने ब्लैक कलर की साड़ी, जो की शिफॉन की थी और वह साड़ी पूरी तरह से प्लेन साड़ी थी।

उस साड़ी का ब्लाउज काफी शॉर्ट था, जिस वजह से उसके क्लीवेज साफ दिखाई दे रहे थे। ऊपर से उसका गोरा पेट, जोकि शिफॉन की साड़ी के बीच से भी नजर आ रहा था, बहुत से ज्यादा सेक्सी लग रहा था। उसके लंबे खुले बाल, जो कि उसकी कमर से नीचे लहरा रहे थे, उनमें हल्का-हल्का कर्ल पड़ा हुआ था। जिस वजह से वह और भी ज्यादा खूबसूरत लग रही थी।

लेकिन क्या फायदा ऐसी खूबसूरती का, जब दिल ही अंदर से जल रहा हो। उसके दिल की जलन उसकी आंखों में दिखाई दे रही थी, जिनमें बेतहाशा दर्द उतरा हुआ था। इस वक्त शिखा किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। लेकिन कहते हैं ना, अप्सरा चाहे हद से ज्यादा खूबसूरत हो, जब तक उसकी खुशी उसके साथ ना हो, वह अप्सरा भी फीकी लगती है। वही हाल कुछ शिखा का था। शिखा दिखने में बेहद खूबसूरत थी। लेकिन उसकी खूबसूरती में हर वक्त एक कमी रहती थी, जोकि शिखा नहीं जानती थी।

शिखा आप अपनी जगह से खड़ी हुई और स्टेज की तरफ बढ़ गई।

वही स्टेज पर खड़े मिस्टर विशिष्ट और मिसेज विशिष्ट अपनी बेटी उमा का केक काटने ही जा रहे थे। तभी शिखा वहां पर आकर सेंटर में खड़ी हो गई और अगले ही पल तेजी से तालियां बजाने लगी। वहां पर हल्का-हल्का म्यूजिक था। जैसे ही शिखा ने तालियां बजानी शुरू की, वह म्यूजिक वहीं पर रुक गया। वही शिखा, जो कि नशे में थी, लेकिन फिर भी उसे देखकर कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वह नशे में थी। एक पल के लिए भी उसके कदम लड़खड़ा नहीं रहे थे।

शिखा को यू तालियां बजाते हुए देख मिस्टर वशिष्ठ के चेहरे पर गुस्सा छलकने लगा। वही मिसेज विशिष्ट तो पहले ही उसे नफरत भरी निगाहों से देख रही थी। अब शिखा आगे की तरफ आई और बोली, "कंग्रॅजुलेशंस मिस उमा विशिष्ट, उर्फ मेरे बाप की सौतेली बेटी।" जैसे ही उसने यह बात कही, स्टेज पर खड़ी उमा का चेहरा मायूस हो गया। वह अपनी मायूसी भरी नजरों से शिखा को देखते हुए बोली, "प्लीज दी, आज नहीं।"

उसकी बात पर शिखा व्यंग्य से हंसी और बोली, "बस यही तो बात है तुम्हारी, तुम इन लोगों जैसी नहीं हो। इसीलिए मैं चुप हो जाती हूं। लेकिन मेरे बाप की बेटी रहोगी तो तुम सौतेली ही ना, क्या पता कब रंग बदल जाओ।" इतना कहते हुए शिखा की नजरे उस पर गहरी हो गई थी। लेकिन उमा का चेहरा पूरी तरह से मायूस हो गया। वही उमा अब उसकी तरफ बढ़ने को हुई कि तभी

शिखा उसे हाथ बढ़ाकर रोकते हुए बोली, "stop it,

मेरे पास मत आना, वरना तुम मेरी वह नफरत देखोगी, जो आज तक मिस्टर विशिष्ट और मिसेज विशिष्ट देखते आए हैं। मुझे अपनी बहन समझने की गलती मत कर देना। नफरत करती हूं मैं तुमसे, जानती हो ना और यह नफरत क्यों करती हूं और किस लिए करती हूं, यह तुम अच्छी तरह से जानती हो। मुझे तुम्हें एक्सप्लेन करने की जरूरत नहीं।"

शिखा की बातों से उमा की आंखें नम हो गई थी। वही मिसेज विशिष्ट उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोली, "उदास मत हो बेटी, यह तो है ही नशेड़ी कहीं की। जब देखो, जहां देखो, घुसी चली आती है। इसे तो हमारी खुशियों से ही नफरत है। जलती है हमारी..।"

अभी वह बोल ही रही थी कि तभी उमा उन्हें रोकते हुए बोली, "मां, चुप हो जाइए। आपकी वजह से दी मुझ पर कभी ट्रस्ट ही नहीं करती है। आप जानती है ना, how much I love her, तो क्यों बार-बार मुझे उनसे दूर करने की कोशिश करती है। क्यों नहीं रहती हम दोनों से दूर, मैं खुद संभाल लूंगी उन्हें। लेकिन आप।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी शिखा हंसते हुए बोली,

"तुम मुझे संभालोगी, तुम, तुम्हारी इतनी औकात नहीं है कि तुम शिखा वशिष्ठ को संभाल पाओ। शिखा विशिष्ट एक आग है। शिखा वशिष्ठ का सेक कोई सहन नहीं कर सकता। अगर कोई उसके पास भी आया, तो जलकर राख होगा। शिखा विशिष्ट चीज ही ऐसी है। इंसान को भी जहर कर मार दे और इंसान को पता भी ना चले कि वह कब जहर निगल गया।" इतना कहते हुए शिखा के चेहरे पर एटीट्यूड साफ दिखाई दे रहा था।

शिखा वहां से पलटी और अपने कदम उसने बाहर की तरफ बढ़ा दिए। कुछ ही देर में वह पार्किंग एरिया में आकर खड़ी हुई। तभी उसके पीछे एक शख्स आकर खड़ा हो गया।

अगले ही पल वह शख्स उसको कमर से पकड़ते हुए उसके ऊपर झुका। जैसे ही शिखा को कमर पर किसी के हाथ महसूस हुए, तो शिखा की आंखें बड़ी हो गई। अगले ही पल, वह पलटने को हुई, लेकिन उस शख्स ने उसे पलटने नहीं दिया। अगले ही पल, उसकी तरफ देखते हुए उसने शिखा की गर्दन पर एक इंजेक्शन रखा और अंदर की तरफ लगाते हुए बोला, "hello my queen, बहुत वेट किया मैंने तुम्हारा।" इतना कहते हुए वह शख्स पूरी तरह से शिखा के ऊपर झुका हुआ था। शिखा, जिसकी आंखें बड़ी हो चुकी थी। जैसे ही इंजेक्शन उसकी गर्दन में चुभा, उसके मुंह से आह निकल गई। अगले ही पल वह पूरी तरह से बेहोशी में उस शख्स की बाहों में झूल रही थी।

To be continue...

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