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Kidneping

त्रेहान farmhouse,

अश्की इस वक्त बेड पर लेटकर रो रही थी. उसकी आंखों से आंसू तेजी से बह रहे थे और कानों में अरमान की कही हुई बातें गूंज रही थी. अरमान का इस तरह से उसे बार- बार उसकी औकात याद दिलाना, अश्की को अपने अंदर तक चुभ रहा था. उस बात को याद करते हुए उसे अपने दिल में एक अलग ही टीस उठ रही थी. वह रोते हुए बोली, आप बहुत बुरे है अरमान जी, बहुत बुरे हैं. जब भी कोई बात होती है, आप मुझे मेरी औकात याद दिला देते हैं. तो ठीक है, इस बार जब आप मेरे पास आएंगे, तब मैं आपको अपनी औकात दिखाऊंगी। इतना कहते हुए उसने अपनी आंखों से आंसू पोंछे. इस वक्त उसके चेहरे पर बेहद जिद्दी एक्सप्रेशन थे.

लेकिन फिर भी उसकी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे. अभी भी उसे अरमान की कही हुई बातें अंदर तक तडपा रही थी. अब एक बार फिर से वह रोने लगी. रोते रोते उसकी आंख लगने ही वाली थी कि तभी सर्वेंट घबराई हुई अंदर की तरफ आई. अंदर आते ही उसने अश्की को आवाज दी, क्योंकि अभी उसकी आंख हल्की सी बंद ही हुई थी.

सर्वेंट जल्दी से अश्की के पास आई और उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोली, मेमसाहब, मेंससाहब। जैसे ही सर्वेंट की घबराई हुई आवाज अश्की के कानों में पडी, अश्की हडबडा कर जल्दी से उठी और अपनी बडी- बडी आंखों से सर्वेंट को देखने लगी. अश्की, जिसने अब अरमान की शर्ट पहनी हुई थी. जैसे ही उसने खुद को देखा, तो सर्वेंट के सामने वह खुद को थोडा ऑकवर्ड सा महसूस करने लगी. लेकिन अगले ही पल जो सर्वेंट ने कहा, उसे सुनकर अश्की के होश पूरी तरह से उड गए और उसका दिल एक पल के लिए धक सा रह गया क्योंकि सर्वेंट उसकी तरफ देखकर बोली, मेमसाहब, बाहर में गेट पर ही साहब का एक्सीडेंट हो गया है और उन्हें बहुत सारी चोटें आई है।

जैसे ही अश्की ने यह बात सुनी, अश्की का दिमाग पूरी तरह से घूम गया. अगले ही पल वह अपनी जगह से खडी हुई और बाहर की तरफ दौड पडी. इस वक्त अश्की को ऐसा लग रहा था जैसे कि उसे सर्वेंट ने उसके बदन का सारा खून निचोड लिया हो. अश्की का पूरा चेहरा पीला पड चुका था. दिल की धडकन पूरी तरह से जैसे ड्रॉप होने पर आ गई थी.

वह बिना यह देखें कि उसने क्या पहना हुआ है, वह लगातार भागते हुए बाहर की तरफ आई. उसका भागना इतना तेज था कि एक पल के लिए उसका पैर mat में फंसकर वह गिरने ही बाली थी. फिर भी उसने खुद को संभाला और बाहर की तरफ भागी. उसकी आंखों से आंसू तेजी से बह रहे थे. हाथों से अपने आंसू साफ करते हुए वह लगातार बाहर की तरफ भाग रही थी. जितनी तेजी से वह बाहर की तरफ भागी थी, अगर अश्की गिर जाती, तो उसको बहुत ज्यादा चोट भी लगती. लेकिन खुद की परवाह किए बिना ही अश्की अरमान के लिए बाहर की तरफ भाग रही थी.

तकरीबन पाँच मिनट बाद ही, वह मैन गेट के दरवाजे से होते हुए बाहर आ चुकी थी. जैसे ही वह बाहर आई, तो वो पागलों की तरह अरमान को ढूंढने लगी इस वक्त उसे इतना भी होश नहीं था कि वह Kiss तरह से अरमान के पीछे पागल हुए जा रही थी. उसने इर्द- गिर्द देखा, तो वहां पर कोई भी नहीं था जब उसने आसपास किसी को नहीं देखा, अभी भी उसकी आंखों में आंसू पूरी तरह से जमे हुए थे. वो रोते हुए चिल्ला कर बोली, अरमान जी, कहां हैं आप?

इतना कहते हुए उसकी सांस लगभग से उखडने लग गई थी. इस वक्त उसकी सांसे इतनी ज्यादा गहरी चल रही थी कि उसे लग रहा था, जैसे उसकी जान ही उसके बदन से निकल जाएगी पैर पूरी तरह से कांप रहे थे.

अभी वह चिल्ला ही रही थी कि तभी उसके पास एक तेजी से आकर एक कार रुकी. उस कार को देखकर अश्की ने जब उस कार की तरफ देखा. उस कार के दरवाजे पूरी तरह से काले थे. उन काले दरवाजों में अंदर नहीं देखा जा सकता था. उसे लगा शायद अरमान उस गाडी में है. इसलिए उसने जल्दी से उस गाडी का दरवाजा खोला. जैसे ही उसने अंदर की तरफ देखा, तो उसकी आंखें बडी हो गई. उस गाडी में कुछ गुंडे बैठे हुए थे, जिन्होंने अपने चेहरे पूरी तरह से रुमाल से ढके हुए थे. अब उन्होंने अश्की का हाथ पडकर अगले ही पल उसे गाडी में खींच लिया.

दूसरी तरफ,

अरमान इस वक्त अपनी Meeting में बैठा हुआ था और उसके सामने ही ड्रग्स की Meeting चल रही थी. सामने वाला शख्स, जो की गुरदित मेहरा था, वह सिर्फ सप्लाई करने आया था. यह इंडिया के मोस्ट वांटेड ड्रग्स थे, जो कहीं पर भी पे नहीं जाते थे. गुरदीप यह ड्रग्स ऑस्ट्रेलिया से इंडिया कैसे लाता था, यह वही जानता था. यह ड्रग्स इतनी ज्यादा एक्सपेंसिव थी कि एक बार लेने से ही इसकी हाई डोज हद से ज्यादा बढ जाती थी और इंसान नशे में जैसे पागल ही हो जाते थे.

अरमान, जो कि स्पेशल होकर बैठा हुआ था, इस वक्त उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था. लेकिन पता नहीं क्यों, उसके चेहरे की शांति देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे अंदर उसके कोई लावा जल रहा हो. लेकिन फिर भी जैसे वह अपने चेहरे पर यह चीज आने नहीं देना चाहता था.

दूसरी तरफ सामने बैठा गुरजीत मेहरा यह चीज हल्की- हल्की नोटिस कर रहा था, लेकिन फिर भी उसने कुछ ज्यादा ध्यान नहीं दिया. वह अब अरमान की तरफ देखते हुए बोला, मिस्टर त्रेहान, क्या आप एक बार इसे टेस्ट करना चाहेंगे? इतना कहते हुए उसने ड्रग्स की तरफ इशारा किया. उसका इशारा समझ कर अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, अरमान त्रेहान किसे मुंह लगाएगा, किसे नहीं, यह अरमान त्रेहान की मर्जी है. किसी की औकात नहीं कि अरमान त्रेहान को बता सके कि उसे क्या करना है क्या नहीं? इतना कहते हुए अरमान के चेहरे पर बेहद एटीट्यूड झलक रहा था. यह चीज देखकर गुरदित मेहरा उसकी तरफ देखता ही रह गया. लेकिन बात तो यह थी कि उसकी आंखों के सामने अभी भी अश्की का चेहरा घूम रहा था. जिस तरह से अश्की ने उसे उसके काम को लेकर टोका था, अरमान को यह चीज बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी थी.

अरमान का ऐसा एटीट्यूड देखकर गुरदित अरमान की तरफ देखते हुए बोला, लेकिन Mister त्रेहान। इससे आगे वह कुछ कहता, अरमान अब अपनी जगह से खडा हुआ और अपने कदम बाहर की तरफ बढाते हुए बोला, मुझे यह डील पसंद नहीं आई, सो डील इस कैंसिल। अरमान की बात सुनकर गुरदीप का चेहरे का रंग उड गया. जैसे की वह deal को अपने हाथों से जाने ना देना चाहता हो. लेकिन इससे आगे वह कुछ कह पाता, अरमान अब वहां से निकल चुका था. उसके कदम इतने ज्यादा तेज थे कि गुरदीप तो उसे रोक ही नहीं पाया.

अरमान तेजी से चलते हुए अपनी गाडी की तरफ आया. तभी जल्दी से जॉर्डन उसके आगे आकर खडा हुआ और अगले ही पल जो उसने सुना, अरमान की आंखें बडी हो गई. अगले ही पल उसका चेहरा गुस्से से कांपने लगा और जबडे पूरी तरह से कस चुके थे.

अरमान दांत पीसकर बोला, किसकी इतनी हिम्मत हुई कि वह मेरे फार्म हाउस तक पहुंच गया. लगता है इस इंसान को अपनी जान नहीं प्यारी। इतना कह कर अरमान अब अपनी गाडी में बैठा और उसने अपने फोन को ऑन किया. अगले ही पल उसे फोन पर एक लोकेशन शो होने लगी. उस लोकेशन को देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी.

जॉर्डन, जो कि अभी- अभी गाडी में बैठा था, उसने पूछे मुडके अरमान की तरफ देखा और अगले ही पल उसने आगे की तरफ देखा. जहां पर कार में छोटी सी एलईडी लगी हुई थी. अब उस एलईडी पर एक लोकेशन शो हो रही थी जिसे देखकर जॉर्डन ने गाडी की स्पीड तेजी से उसे लोकेशन की तरफ बढा दी.

दूसरी तरफ,

एक अंधेरे से भरे हुए कमरे में अश्की एक चेयर पर बंधी हुई थी. उसकी आंखों से आंसू तेजी से बह रहे थे. उसके मुंह पर एक ब्लैक Color की पट्टी लगाई हुई थी. जिस वजह से वह बोल भी नहीं पा रही थी. अभी भी उसने वही शर्ट पहनी हुई थी, जो उसने फार्म हाउस में पहनी हुई थी. उस शर्ट में से उसके गोरे पैर साफ दिखाई दे रहे थे. इस वक्त अश्की का दिल तेजी से धडक रहा था. उसका चेहरा डर से कांप रहा था, क्योंकि इस वक्त वह बहुत ज्यादा अंधेरे कमरे में थी. अभी वह दर्द के मारे खुद में सिमट ही रही थी कि तभी उस Room का दरवाजा खुला.

दरवाजा खुलते ही दो आदमी अंदर की तरफ आए. उन आदमियों की लाल आंखें ही बता रही थी कि वह कितने ज्यादा नशे में थे. अब वह आदमी अंदर की तरफ आए और अश्की की तरफ देखकर बोले, आज मेमसाहब ने तो हमारी लॉटरी लगा दी. इतनी खूबसूरत लडकी, सारी रात मजे करेंगे, तब भी मन नहीं भरेगा। इतना कहते हुए उन लडकों के चेहरे पर बेशर्मी भरे भाव साफ दिखाई दे रहे थे. जिन्हें देखकर अश्की का चेहरा पूरी तरह से सफेद पड चुका था और होंठ कांपने लगे थे.

उसे ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसका दिल निचोड कर उसके सीने से बाहर निकाल लिया हो. वही वह दो लडके श्यामू और सुधीर आगे की तरफ आए और बेशर्मी से उसके पैरों की तरफ देखते हुए बोले, चल, मैं पहले पैरों से शुरुआत करता हूं, तू इसके सीने से शुरुआत कर। इतना कहते हुए सुधीर ने उसके सीने की तरफ देखा, तो अश्की बुरी तरह से कांप उठी.

उसके दिल की धडकनें जैसे धडकने से इंकार कर रही थी. अब सुधीर और श्यामू जल्दी से आगे की तरफ आए. सुधीर, जो कि उसके पैरों के पास बैठ गया था और श्यामू उसके कंधों के पास आकर खडा हो गया था. उसके पीछे जैसे ही श्यामू आकर खडा हुआ, अश्की के हाथ पैर फूलने लगे और सांस गहरी होने लगी.

वही श्यामू ने अब उसके पैरों के पास आकर जैसे ही उसने अश्की की थाई पर हाथ रखा, अश्की को ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसे बुरी तरह से नोच दिया हो. उसने तडपते हुए मुंह से बहुत जोरों की आवाज निकाली तो थी, लेकिन घुट कर रह गई.

वह लगातार रो रही थी, लेकिन श्यामू और सुधीर को उस पर बिल्कुल भी तरस नहीं आया वही श्यामू अब लगातार उसकी थाई पार्ट को सहलाते हुए पागलों की तरह हंस रहा था. अश्की को अपने बदन से जान निकलती हुई महसूस हो रही थी. जिस तरह से श्याम उसके थाई पार्ट को सहला रहा था, अश्की को खुद से घिन महसूस हो रही थी.

उसे अब अरमान का Touch याद आ रहा था. जब- जब अरमान ने उसे छुआ था, अश्की को कभी भी उसके छूने से ऐसी गंदी वाइब नहीं आई थी. जिस तरह से श्यामू को छूने से उसे घिनौनापन महसूस हो रहा था.

वही श्यामू अब सुधीर की तरफ देखकर बोला, ऐसा कर, तू बाहर जा, पहले मुझे मजे लेने दे. फिर बाद में तू आ आईयो। उसकी बात पर सुधीर उसे घूरते हुए बोला, क्यों, तू अकेले क्यों लेगा? हम साथ- साथ में लेते हैं ना। उसकी बात पर श्यामू मुंह बनाते हुए बोला, ऐसे मजा नहीं आएगा. तू चल बाहर, पहले मुझे लेने दे, उसके बाद तू आना। अब सुधीर उसकी तरफ गहरी नजरों से देखते हुए बोला, ऐसा कर, तू पहले जा, पहले मुझे लेने दे। तो श्यामू उसे मुंह बनाते हुए बोला, तू हमेशा अपनी मनमर्जी करता है. कभी तो मुझे भी अपनी मन की मर्जी कर लेने दिया कर. जा ना यार। उसकी बात पर अब सुधीर ने गहरी सांस ली और उसकी तरफ देखकर बोला, ठीक है, पर जल्दी करना.

यार बडी खूबसूरत है मुझे भी इसे चखना है। इतना कहकर सुधीर अब बाहर की तरफ चला गया. वहीं श्यामू अब अपने होठों पर जीभ घूमाते हुए अश्की को देख रहा था. जिस तरह से श्यामू अश्की को देख रहा था, उसके रोंगटे खडे हो रहे थे और जान निकलती हुई महसूस हो रही थी.

To be continue.

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