
होटल पैराडाइज,
अभय इस वक्त शर्टलेस सावरी के सामने खड़ा था और सावरी की सांस उसके गले में अटक चुकी थी। क्योंकि जिस तरह से अभय पिछली रात सावरी के साथ वाइल्ड होकर इंटिमेट हुआ था, अभी तक सावरी का शरीर दर्द से तड़प रहा था। लेकिन अब जिस तरह से अभय एक बार फिर से उसके सामने अभय शर्ट निकाल कर खड़ा हो गया, तो सावरी की सांसे अब गहरी होने लगी थी। उसकी आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे थे, क्योंकि अभी उसकी हालत नहीं थी कि वह अभय को और झेल पाती। उसे ऐसा लग रहा था, अगर एक बार फिर से अभय ने अपनी हैवानियत उसे दिखाई, तो वह शायद मर ही जाएगी।।







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