
राठौर फार्म हाउस,
मृत्युंजय इस वक्त बाथरूम में खड़ा धानी को चूम रहा था। वही मृत्युंजय का रिएक्शन देखकर धानी की आंखें बड़ी हो चुकी थी। लेकिन अगले ही पल, उसने अपने दोनों हाथ मृत्युंजय के सीने पर रखे और उसे खुद से दूर करने की कोशिश करने लगी। वह उसकी बाहों में बुरी तरह से झटपटा रही थी। वही मृत्युंजय के हाथ उसकी कमर पर पूरी तरह से जकड़े हुए थे। वह लगातार उसे चूमते हुए अपनी पकड़ उसकी कमर पर कसते जा रहा था।







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