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Troma,animal going to itly

इटली में,

वशिष्ठ फार्महाउस,

शिखा अभी-अभी फार्म हाउस आई थी, लेकिन अभी उसने अपना बुलेट ठीक से लगाया भी नहीं था कि तभी उसका फोन रिंग करने लगा। फोन की आवाज सुनकर उसकी एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई। अब उसने अपने फोन की तरफ देखा, तो उसकी बेस्ट फ्रेंड निहारिका का कॉल आ रहा था। निहारिका भी उसकी बेस्ट फ्रेंड थी, हालांकि वंशिका भी उसकी बेस्ट फ्रेंड थी। लेकिन निहारिका वंशिका से बहुत ज्यादा अलग थी। दोनों ही सगी बहनें थी, लेकिन निहारिका और वंशिका में जमीन आसमान का फर्क था। जहां वंशिका में बचपना था, वही निहारिका बहुत ज्यादा समझदार थी। अब निहारिका का फोन अपने फोन पर आते देख शिखा को थोड़ा अजीब लग रहा था, क्योंकि निहारिका बहुत कम शिखा को कॉल करती थी।

क्योंकि वह एक घरेलू लड़की थी। वह अपने घर में रहना पसंद करती थी। लेकिन फिर भी उसकी शिखा के साथ बहुत बनती थी। वह कभी-कभार वंशिका से कहकर शिखा को घर बुलाती थी, लेकिन फिर भी शिखा बहुत कम आती थी। यह तीनों बेस्ट फ्रेंड व चाइल्डहुड फ्रेंड्स थी और चाइल्डहुड से ही निहारिका और शिखा बहुत कम बोलती थी। लेकिन फिर भी उन दोनों की काफी हद तक बनती थी। भले ही एक दूसरे को फोन नहीं करती थी, लेकिन उनका दिल का आपस का बहुत ही अच्छा कनेक्शन था।

निहारिका का कॉल आते देख शिखा ने जल्दी से कॉल अटेंड किया और अगले ही पल दूसरी तरफ से एक चहकती हुई आवाज आई। उस चहकती हुई आवाज को सुनकर शिखा के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए, क्योंकि निहारिका तो बहुत ज्यादा शांत रहती थी। ऐसे निहारिका को चहकते हुए देखकर उसे थोड़ा अजीब लग रहा था।।तभी निहारिका अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली, "कहां है तू शिखु, तुझे पता है, आज मैंने ड्रिंक की। मेरा भी दिल किया कि आज मैं ड्रिंक करूं, क्योंकि कोई मुझे नहीं समझता।"

उसकी ड्रिंक करने की बात सुनकर शिखा की आंखें बड़ी हो गई। अगले ही पल शिखा सर्द आवाज में बोली, "तू कहां है?" शिखा के लिए ड्रिंक करना और सिगरेट पीना तो आम बात हो चुकी थी, लेकिन निहारिका, निहारिका एक बहुत ज्यादा सुलझी हुई लड़की थी। उसके बस में यह चीज बिल्कुल भी नहीं थी। ऐसे अब निहारिका की ड्रिंक की बात सुनकर शिखा की आंखें सर्द हो गई थी। उसे कुछ गड़बड़ लग रही थी। इसीलिए वह एक बार फिर से दांत पीसकर बोली, "तू कहां है, मैंने तुझे कुछ पूछा है।"

तभी निहारिका उसे दर्द भरी आवाज से व्यंग्य से हंसकर बोली, "क्या फायदा है पूछने का भी, क्योंकि अब तो मैं दुनिया से जाने वाली हूं।" उसकी बात सुनकर शिखा की आंखें लाल होने लगी। उसकी आंखें एक पल के लिए बड़ी भी हो चुकी थी। वह जल्दी से बोली, "बकवास बंद कर, कहां पर है तू? मुझे जल्दी बता।" लेकिन निहारिका तो जैसे कुछ बताने के लिए तैयार ही नहीं थी। लेकिन अगले ही पल अब शिखा ने उसकी आगे बात नहीं सुनी, अब उसने जल्दी से फोन काटा और शिखा की लोकेशन देखने लगी। जैसे ही उसने निहारिका की लोकेशन देखी, तो उसका दिल जैसे एक पल के लिए रुक सा गया। क्योंकि निहारिका की लोकेशन एक ब्रिज की शो हो रही थी। यह चीज देखकर शिखा को अब निहारिका के लिए डर लग रहा था।

वह जल्दी से अब बाइक पर बैठी और तेजी से वहां से निकल गई। वह Castelvecchio Bridge के लिए निकल गई। यह ब्रिज काफी ज्यादा बड़ा था, जिस वजह से अब शिखा को निहारिका के लिए डर लग रहा था। उसका दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था। वह निहारिका की आवाज से इतना तो समझ चुकी थी कि निहारिका के साथ जरूर कुछ ना कुछ हुआ है, जो वह इस तरह से ड्रिंक करके ब्रिज पर आई थी। जिस तरह से उसकी आवाज टूटी हुई थी, शिखा को उसके दर्द का अंदाजा भी हो चुका था। अब उसकी बाइक तेजी से सड़कों पर भाग रही थी।

बढ़ते पल के साथ उसका दिल बैठा जा रहा था। लेकिन अगले ही पल, उसने ऐसे ही बाइक चलाते हुए दोबारा से निहारिका को कॉल लगाया। इस बार कॉल लगाने पर निहारिका ने फोन नहीं उठाया। यह चीज देखकर शिखा का दिल और भी बैठने लगा। उसकी आंखें जो की हद से ज्यादा लाल थी, अब उसमें हल्की नमी भी छाने लगी थी। इस वक्त उसका डर भी उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। तभी उसने दोबारा से निहारिका को कॉल लगाया, तो इस बार निहारिका ने कॉल उठा लिया। अब वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली, "क्या बात है, तू ढंग से मरने भी नहीं दे रही है।" तभी शिखा चिल्लाते हुए बोली, "शट अप निहारिका! तू जहां भी है, वहीं पर खड़ी रह। मैं अभी पहुंच रही हूं तेरे पास।" तभी निहारिका व्यंग्य से हंसते हुए बोली, "तुझे मेरे तक पहुंचने की जरूरत नहीं है, मेरी जान,

क्योंकि अब मैं बहुत दूर जा रही हूं। इतनी दूर कि कोई भी मुझ तक नहीं पहुंच सकेगा। बहुत शौक है ना लोगों को मुझे तकलीफ देने का, क्या फायदा जीने का? क्या फायदा किसी से प्यार करने का, जब अपना प्यार ही धोखा दे जाए, तो क्या ही है वह जिंदगी।" इतना कहते हुए निहारिका की आंखों से आंसू बहने लगे। अब वह तड़प कर बोली, "मैं जीना नहीं चाहती शिखू, मुझे जीना नहीं है। मुझे, मुझे अपने दिल में एक अलग ही दर्द महसूस हो रहा है।" इतना कहते हुए निहारिका, जो की ब्रिज पर खड़ी थी, वह अपने दिल पर उंगली पॉइंट कर रही थी। दूसरी तरफ वहां पर खड़े आसपास लोग सभी निहारिका को ही देख रहे थे, जिसके एक हाथ में बोतल थी, तो दूसरे हाथ में फोन था, जो उसने कान से लगा रखा था।

वह बेहिसाब रोए जा रही थी। इस वक्त रो-रो कर उसका चेहरा लाल हो चुका था। वह रोते हुए अपना नाक साफ करते हुए बोली, "क्या फायदा जीने का, जहां मोहब्बत ही ना हो।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी शिखा चिल्लाते हुए बोली, "जस्ट शट अप! बकवास बंद रख, बस मुझसे फोन पर बात करती रह।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी निहारिका का कॉल बीच में कट गया। निहारिका का कॉल कटते देख शिखा का मन पूरी तरह से बेचैन हो उठा। अब एक बार फिर से वह निहारिका को कॉल लगाने लगी। इस बार निहारिका का फोन ही नहीं लग रहा था। यह चीज उसे और भी डरा रही थी।

तकरीबन पौने घंटे बाद, वह Castelvecchio Bridge पर पहुंची। अगले ही पल, वहां का नजारा देखकर शिखा का दिल धक सा रह गया, क्योंकि शिखा पानी में कूद चुकी थी। उसका फोन कटे हुए कम से कम 15-20 मिनट तो हो ही गए थे। अब उसकी लाश लोग बाहर की तरफ निकाल रहे थे। अब शिखा के पैर पूरी तरह से कांप रहे थे। इस वक्त शिखा की आंखें जो की नम और गहरी लाली से भरी पड़ी थी।

उसका चेहरा उसका दर्द साफ बयां कर रहा था। वही पास में एंबुलेंस थी और कुछ लोग मिलकर निहारिका की डेड बॉडी को पानी से बाहर निकाल रहे थे। इस वक्त निहारिका को डूबे हुए ज्यादा समय नहीं हुआ था, लेकिन फिर भी देखकर ही पता चल चुका था कि निहारिका अब इस दुनिया में नहीं रही। शिखा कांपते हुए पैरों से ब्रिज की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन जैसे ही वह पूरी तरह से ब्रिज के पास पहुंची। जैसे जैसे निहारिका की लाश को ऊपर की तरफ ले जाया जा रहा था, शिखा का दिल धड़कने से इंकार करने लगा था। तभी वहां पर वंशिका भी पहुंची और निहारिका को इस तरह से देखकर वंशिका की हालत तो ऐसी हो गई थी कि वह खड़े-खड़े वहीं पर बेहोश हो चुकी थी। उसको बेहोश होते देख कर शिखा जल्दी से उसकी ओर भागी और उसे संभाला। इस वक्त शिखा को खुद को तो संभालना ही था और साथ ही साथ वंशिका को भी संभालना था। खुद को तो फिर भी संभाल लेती, लेकिन वंशिका में अभी तक बहुत ज्यादा बचपना था।

जिसे देखकर शिखा इतना तो समझ चुकी थी कि वंशिका को इस वक्त गहरा सदमा पहुंचा होगा। अब उसने जल्दी से एंबुलेंस से किसी की हेल्प ली और उसे एंबुलेंस में लेटाया। कुछ ही समय में डॉक्टर वंशिका का चेकअप कर रहे थे और वंशिका का चेकअप करते हुए डॉक्टर के चेहरे पर परेशानी झलक रही थी।

डॉक्टर को यूं परेशान होता देखकर शिखा ने उनकी तरफ देखा, तो डॉक्टर ने बताया कि इस वक्त वंशिका को मेंटल ट्रॉमा हुआ है। जिस वजह से वह इस तरह से बेहोश हो रही है। उसे होश में लाना बहुत ज्यादा जरूरी है। नहीं तो वंशिका कोमा में चली जाएगी। यह बात सुनकर शिखा की आंखें बड़ी हो गई। अब उसके चेहरे पर और भी ज्यादा परेशानी झलक रही थी। एक तरफ निहारिका की डेड बॉडी और दूसरी तरफ वंशिका,

जो की मेंटल ट्रॉमा की वजह से हो सकता था कि कोमा में भी जा सकती थी। अभी शिखा और भी ज्यादा परेशान हो चुकी थी। उसने अपने बचपन में ही अपनी मां को खो दिया था। निहारिका और वंशिका ही इकलौती उसकी सहेलियां थी, जो उसे बहुत ज्यादा प्यार करती थी। हर वक्त उसके साथ रहती थी और अब उनका दोनों को इस तरह से देखकर शिखा को अपने अंदर कुछ टूटता हुआ महसूस हो रहा था। उसने अब गहरी सांस ली। उसे पता था कि अब उसे वंशिका को संभालना है।

जिस तरह से निहारिका वंशिका को संभालती थी, बारी अब शिखा की थी। इसीलिए शिखा ने खुद को संभाला और एक नजर निहारिका की तरफ देखा, जो कि अब एंबुलेंस की तरफ ले जाने लगे थे। उसको यूं देखकर शिखा को अपने दिल में हुक सी उठती हुई महसूस हो रही थी। लेकिन उसका चेहरा इस वक्त पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस लगता है। ऐसा लग रहा था, जैसे उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा हो। सबसे पहले तो उसके दिमाग में यह चल रहा था कि आखिर निहारिका ने सुसाइड क्यों किया? अगर प्यार की बात की जाए, तो उसे तो कभी किसी से प्यार था ही नहीं और एकदम से प्यार की बात बीच में आना तो मतलब कुछ ना कुछ तो था, जो निहारिका उससे छुपा रही थी। अब उसे उस जड़ तक पहुंचना था कि आखिर निहारिका ने सुसाइड क्यों की? अब उसे जानने के लिए शिखा जमीन आसमान एक करने वाली थी।

वहीं दूसरी तरफ,

आयरलैंड पर,

Animal, जो कि बाहर गार्डन में पुश अप कर रहा था, इस वक्त उसकी बॉडी जो की धूप में थी, वह बहुत ज्यादा शाइन कर रही थी। वह लगातार से पुश अप कर रहा था और उसकी tained बॉडी हद से ज्यादा अट्रैक्टिव लग रही थी। तभी वहां पर जॉर्डन आया। जॉर्डन उसकी तरफ देखकर गहरी आवाज में बोला, "boss, हम इटली के लिए निकलना है और आधे घंटे में जेट रेडी हो जाएगा।" उसकी बात पर Animal, जो की लगातार गार्डन में पुश अप कर रहा था, वह वहीं पर रुक गया। वह उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला,

"वह लोग इस डील के लिए माने कि नहीं। अगर नहीं माने, तो I don't care about that. मुझे किसी भी हाल में यह ड्रग्स की डील अपनी चाहिए, बिकॉज यह सबसे ज्यादा प्रॉफिटेबल डील है, जो कि हम अपने हाथों से नहीं जाने दे सकते। अगर नहीं मानते तो, तो फाड़ के रख दो सालों को, I don't care about anyone Dammt.

एंड यू नो व्हाट, एनिमल को बिल्कुल नहीं पसंद कि कोई उसके काम के बीच में आए।" तभी जॉर्डन एनिमल के आगे सिर झुकाते हुए बोला, "नो boss, उन्होंने हमें इटली बुलाया है और अब वहां पर जाकर ही पता चलेगा कि क्या?"

उसकी बात पर Animal ने अपने होठों पर उंगली रखकर कहा, "ssshhhhhh.....,

मुझे किसी से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे इतना पता कि this is done and how you know very well, I can't explain anything." इतना कहते हुए Animal का चेहरा बेहद सख्त था। इस वक्त उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था।

तकरीबन रात के 10 बजे,

Animal की गाड़ियां इस वक्त तेजी से सड़कों पर दौड़ रही थी। कुछ ही देर में वह एक खाली ग्राउंड में आकर रुकी, जहां पर एक प्राइवेट प्लेन खड़ा था।

To be continue....

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