
City Hospital,,
कनिका इस वक्त बेजान बेड पर लेटी हुई थी और असुर उसके ऊपर पूरी तरह से झुका हुआ था। असुर के आंसू इस वक्त कनिका के चेहरे को पूरी तरह से भिगो रहे थे। असुर जोर से चिल्ला रहा था, गिड़गिड़ा रहा था कनिका को उठाने के लिए, लेकिन कनिका की आंखें एक पल के लिए भी फड़फड़ाई नहीं थी। बाहर दरवाजे पर खड़ा अमानत भी यह चीज देख रहा था। उसकी आंखों में भी नमी तैर रही थी। दूसरी तरफ अफसाना की भी रो-रो कर बुरी हालत हो चुकी थी।







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