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Heartless armaan

Red velvet casino,

अभी-अभी अरमान ने रसिया के एक जाने-माने गैंगस्टर लियुक को गोली मारी थी। वह भी इसीलिए कि उसने अभी-अभी अश्की की कीमत लगाने की कोशिश की थी। वहीं दूसरी तरफ, अश्की की जोरदार चीख वहां पर गूंज गई थी। अश्की, जो की स्टेज पर खड़ी-खड़ी कांप रही थी, उसके हाथ इस वक्त उसके होठों पर आए हुए थे। उसकी नजरें इस वक्त लियुक पर थी। इस वक्त अश्की की पूरी बॉडी शिवर कर रही थी और डर के मारे उसका गला पूरी तरह से सूख चुका था। वही अरमान की नजरे अभी भी अश्की पर बेहद सर्द थी।

हमेशा एक्सप्रेशन लेस रहने वाला अरमान का चेहरा आज बहुत ज्यादा सख्त था। अब वह अगले ही पल स्टेज पर गया और दूसरे ही पहले वहां पर एक जोरदार थप्पड़ की आवाज गूंज गई।

दूसरे ही पल अश्की जमीन पर जा गिरी। अश्की का पूरा गाल लाल पड़ चुका था और उसकी आंखों से आंसू ओर भी तेजी से बहने लगे थे। अब वो अरमान से ओर भी ज्यादा डर चुकी थी। वही अरमान ने अब उसके बालों को मुट्ठी में भरा और अगले ही पल उसे ऊपर की तरफ उठाया। फिर अपना कोट उतारकर उसके बदन पर पहना कर उसके चेहरे को गौर से देखने लगा, जहां पर अरमान की उंगलियों के निशान छप चुके थे। अश्की तो बस अरमान के चेहरे की तरफ देखे जा रही थी। डर के मारे उसका कलेजा उसके हलक में अटक चुका था जैसे।

अब उसका रोना थोड़ा तेज होने लगा था। जिसे सुनकर अरमान ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली और अपना हाथ अपने सिर के पीछे ले जाकर किसी साइको की तरह अपने सिर को सहलाने लगा। जैसे कि अपने गुस्से को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा हो। इस वक्त वो हद से जायदा डेंजर्स लग रहा था। उसकी तरफ देख कर अश्की का रोना तेज होते जा रहा था। अश्की का रोना देख कर अरमान का गुस्सा बढ़ता जा रहा था।

अब अरमान ने अपनी उंगली उसके होठों पर रखते हुए कहा,

"शशशशीईईई.......,

अपना रोना बंद करो दिलरुबा, अभी तो मैने कुछ नहीं किया। अभी तो बहुत कुछ होना बाकी है। अगर अब तुम्हारे रोने की आवाज आई, तो यहां पर जितनी भी लाशे गिरेंगी, उनकी जिम्मेदारी तुम होगी।" उसकी बात सुनकर अश्की की सांस उसके गले में अटक गई। डर के मारे उसका पूरा बदन कांपने लगा। इस वक्त अश्की का जो हाल था, उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। डर के मारे उसका चेहरा भी पीला पड़ चुका था। वही वहां पर खड़े अलग-अलग देशों से आए गैंगस्टर भी अब वहां पर खड़े अरमान को देख रहे थे। किसी की हिम्मत नहीं थी कि वह कुछ कह पाए।

अरमान अब नीचे की तरफ झुका और उसने अश्की को अपने कंधे पर उठा लिया। अब अश्की उसके कंधे पर झूल रही थी। अश्की की तो हिम्मत ही नहीं पड़ी कि अब वह कुछ बोल तक पाए।

अरमान अब उसे लेकर बाहर की तरफ आया। अगले ही पल उसने उसे गाड़ी में बैठाया और खुद दूसरी तरफ आकर बैठ गया। अरमान की आंखें हद से ज्यादा लाल थी और गुस्से से उसका चेहरा पत्थर सा नजर आ रहा था। अब वह अपनी गाड़ी में आकर बैठा और तेजी से अपनी गाड़ी वहां से ले गया। गाड़ी चलाते हुए ही उसने मोबाइल पर कुछ किया। एक बार फिर से अरमान का चेहरा पूरी तरह से अब एक्सप्रेशंस लेस हो चुका था। वही अश्की, जो की दुबक कर दूसरी तरफ गाड़ी में बैठ चुकी थी, अभी भी उसका बदन बुरी तरह से कांप रहा था। उसने आज जो अरमान का रूप देखा था, उससे उसकी डर के मारे हालत खराब हो रही थी।

वहीं दूसरी तरफ,,

नियति जी, जो कि इस वक्त अपने बेड पर बैठी हुई थी और एक मेड उनके पैर की मालिश कर रही थी। उन्होंने अपना सर headrest पर लगा रखा था और आंखें पूरी तरह से बंद थी। तभी उनका फोन बजा और फोन की आवाज सुनकर उन्होंने अपनी आंखें खोली। इस वक्त उनका फोन पूरी तरह से वाइब्रेट कर रहा था। अब उन्होंने फोन उठाया, तो दूसरी तरफ से कुछ कहा गया। जिसे सुनकर नियति जी के चेहरा पूरी तरह से पीला पड़ गया और डर के मारे उनका गला सूखने लगा।

वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली, "नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। अगर ऐसा हुआ।" इतना कहते हुए उनके माथे पर पसीने की बूंदें छलक आई। तभी उनके रूम का दरवाजा खुला और नियति जी के पति वास्तव जी अंदर आए। वास्तव जी की नजर जैसे ही नियति जी पर पड़ी और उनके चेहरे के हाव-भाव देखकर वह बेहद दिलकश आवाज में बोले, "क्या बात है जानेमन, आज चेहरे का रंग कैसे उड़ा हुआ है? लगता है, कोई कांड किया हुआ तुमने?" तभी नियति जी बोली, "मैंने कोई कांड नहीं किया। आप अपने कांड देखिए, जो अब तक किए है।"

नियति जी की बात सुनकर वास्तव जी उन्हें घूर कर देखा और बोले, "अपना मुंह बंद ही रखो, तुमसे तो कम ही कांड किए है मैंने। मैंने सुना है, अरमान ने शादी कर ली। मैं कुछ दिनों के लिए फौरन क्या गया, पीछे से इतना बड़ा कांड हो गया और तुमने मुझे फोन तक नहीं किया।" वास्तव जी की बात पर नियति जी मुंह बनाते हुए बोली, "तो क्या मैं आपके पीछे-पीछे घूमती रहूंगी इतनी सी बातों को लेकर, अब उस लड़की से निपटना मेरा ही काम है। तुम जानते हो, वह लड़की कौन है?" नियति जी की बात पर वास्तव जी की भौहें ऊपर की तरफ उठ गई। वह अब सवालिया नजरों से नियति जी को देखने लगे। नियति जी दांत पीसकर बोली, "यह वही लड़की है।"

जैसे ही नियति जी ने यह बात कही, वास्तव जी के चेहरे के होश पूरी तरह से फाख्ता हो गए। वो अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोले, "क्या कह रही हो, वो वापिस आ गई। अगर वो आ गई, तो अरमान.....।"

इतना कहते हुए उनके चेहरे का रंग पीला पड़ चुका था। वो अब जल्दी से नियति जी को देखते हुए झल्ला कर बोले, "तो तुमने कुछ किया क्यों नहीं, ऊपर से अरमान ने उससे शादी कर ली। ohhh god,,, मुझे, मुझे कुछ करना होगा। अगर, अगर अरमान को पता चल गया....

No no, मै ये risk नहीं ले सकता।" इतना कहते हुए वो बाहर की तरफ चले गए। वही नियति जी ने अपने सिर पर हाथ रख लिया और बोली, "अभी पहला रायता फैलाया ठीक नहीं हो रहा और अब ये चले ओर कांड करने, अब तो गई भैंस पानी में...."

इतना कहते हुए नियति जी की भी हालत बेहद खराब थी। अब वह अपनी जगह से खड़ी हुई और वास्तव जी के पीछे-पीछे बाहर की तरफ चली गई।

वहीं दूसरी तरफ,

अरमान की गाड़ी इस वक्त हाईवे पर तेजी से दौड़ रही थी। वह इस वक्त सामने सड़क की तरफ गहरी नजरों से देख रहा था। उसकी आंखें इतनी ज्यादा लाल थी कि अश्की सहमी हुई एक साइड पर अपनी सीट से चिपक कर बैठी हुई थी। पिछले डेढ़ घंटे से अरमान लगातार गाड़ी ड्राइव कर रहा था, लेकिन उसने एक बार भी कहीं पर गाड़ी नहीं रोकी थी। तकरीबन 15 - 20 मिनट गाड़ी चलाने के बाद उनकी गाड़ी एक बड़े से विला के बाहर आकर रुकी।

यह वह विला नहीं था, जहां पर अरमान अश्की को पहले लेकर आया था। यह अरमान का पर्सनल विला था, जिसके बारे में किसी को भी कुछ नहीं पता था। यहां तक कि अरमान के परिवार वालों को भी इस विला के बारे में नहीं पता था। अब अरमान बाहर की तरफ आया। अगले ही पल, उसने दूसरी तरफ से आकर दरवाजा खोलकर अश्की को अपनी गोद में उठाया और अंदर की तरफ ले जाने लगा। जैसे ही उसने अश्की को अपनी गोद में दोबारा से उठाया, अश्की का दिल जोरो से धक-धक करने लगा। पूरे रास्ते अरमान ने अश्की से एक भी शब्द नहीं कहा था। जिस वजह से अश्की की हालत ओर भी खराब हो रही थी।

कुछ ही देर में अरमान अश्की को लेकर अंदर की तरफ आया। अंदर आते ही बाहर बड़ा सा स्विमिंग पूल और स्विमिंग पूल के पास ही बड़ा सा गार्डन एरिया था। दिखने में वह विला किसी महल से कम नहीं लग रहा था। वही अरमान अब अश्की को लेकर स्विमिंग पूल के पास आया। अगले ही पल उसने अश्की को स्विमिंग पूल में फेंक दिया। जैसे ही उसने अश्की को स्विमिंग पूल में फेंका, अश्की तुरंत डूबने लगी। क्योंकि उसे तैरना बिल्कुल भी नहीं आता था। वही अरमान उसे अभी भी गहरी नजरों से देख रहा था।

अभी भी जैसे उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ था। वह अपनी लाल आंखों से अश्की को देख रहा था। अब उसने अपनी शर्ट को उतारा और खुद भी स्विमिंग पूल में छलांग लगा दी। जैसे ही अरमान ने स्विमिंग पूल में छलांग लगाई, अश्की तेजी से अरमान से लिपट गई। अरमान स्विमिंग पूल के बीचो-बीच खड़ा था। अश्की की हाइट अरमान से काफी ज्यादा छोटी थी, जिस वजह से अश्की स्विमिंग पूल में डूब रही थी। लेकिन अरमान के कंधों तक स्विमिंग पूल का पानी आ रहा था। अश्की अरमान के कंधों को पकड़कर ऊपर की तरफ उठ गई और गहरी गहरी सांस लेने लगी, क्योंकि पानी उसके अंदर तक जा चुका था।

वह रोते हुए बोली, "आप ऐसा क्यों कर रहे है? आप मुझे यहां पर क्यों लेकर आए हो? यह क्या तरीका है किसी से बिहेव करने का और मैं वहां पर नहीं आना चाहती थी। मुझे वहां पर।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान ने उसके होठों पर उंगली रखते हुए कहा,

"शशइईई.......dilruba

मैंने तुमसे कुछ नहीं पूछा, मुझे तो बस उन लोगों की नजरों की चुभन महसूस हो रही है। जिन जिन लोगों ने तुम्हारे इस मखमली बदन को देखा होगा। दिल तो कर रहा है, उनकी आंखें जला दूं और जलेगी भी।" उसकी बात सुनकर अश्की के रोंगटे खड़े हो रहे थे। उसके दिल की धड़कनों की स्पीड ओर भी ज्यादा बढ़ चुकी थी। वही अरमान किसी सनकी से कम नहीं लग रहा था, जिस तरह से वह अश्की को देख रहा था। उसे देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे कि किसी ने उसके पागलपन को बढ़ावा दे दिया हो। अश्की अपनी लड़खड़ाती हुई जबान से एक बार फिर से कुछ बोलने को हुई कि तभी अरमान ने

एक बार फिर से उसके होठों पर उंगली रखते हुए कहा,

"शीईईई......

चुप, एकदम चुप दिलरुबा, अब तुम्हारी बारी है सजा काटने की।" इतना कहते हुए उसने अगले ही पल अश्की के होठों पर अपने होंठ रख दिए और पूरा प्रेशर बनाकर उसे किस करने लगा। जिस वजह से अश्की उसके प्रेशर को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। उसे सांस लेने में हद से ज्यादा दिक्कत हो रही थी। उसका चेहरा पूरी तरह से पीछे की तरफ हो रहा था। दोनों इस वक्त स्विमिंग पूल के पानी में खड़े थे। अरमान ने उसके होठों पर पूरी फोर्स से अपने होंठ रखे हुए थे, लेकिन उसे अभी तक किस स्टार्ट नहीं किया था। अश्की की आंखें पूरी तरह से बंद पड़ चुकी थी, लेकिन अरमान उसके चेहरे को देखे जा रहा था।

जिस तरह से अश्की का सिर पीछे की तरफ हो रहा था, अरमान ने अब उसके सिर के पीछे हाथ रखकर अपने हाथ का दबाव उसके सिर के पीछे बना दिया। जिससे अश्की का सिर वहीं पर ठहर गया। वह ओर भी प्रेशर के साथ अश्की के होठों पर अब अपने होंठ रगड़ने लगा। अरमान जिस तरह से उसके होठों पर अपने होंठ रगड़ रहा था, अरमान के सख्त होंठ अश्की के नरम होठों को एक तरह से ओर भी ज्यादा तकलीफ दे रहे थे। अश्की बेचारी कुछ कर भी नहीं पा रही थी। तकरीबन 10 मिनट बाद अरमान ने उसके होठों पर से अपने होंठ हटाए और एक बार फिर से उसे गहरी नजरों से देखने लगा।

वहीं अश्क अब ओर भी तेजी से गहरी गहरी सांस लेने लगी। जिस वजह से उसका सीना अरमान के सीने से टकरा रहा था। उसका वह मुलायम सीना अपने सीने पर महसूस कर अरमान एक पल के लिए पागल सा होने लगा था। वही अश्की अब लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली, "मेरी बात तो सुन लीजिए, अरमान जी....,

वह, वह हमें शाम को फोन आया था कि आपको चोट....।" उसने अभी इतना ही कहा था कि अरमान ने एक बार फिर से उसके होठों को अपने होठों में भर लिया, क्योंकि उसके होंठ अब हल्के से खुल चुके थे। अब अरमान उस बेहद पेशेंटली चूमने लगा था। उसके दोनों होठों को अपने होठों में लेकर दबाते हुए वह उसे चूम रहा था। अश्की के होठों को वह कभी-कभी दांत में भी दबा रहा था। जिससे अश्की को हद से ज्यादा दर्द महसूस हो रहा था। उसकी सिसकियां अरमान के होठों में दबकर घूम हुए जा रही थी।

अरमान जिस तरह से अश्की के होठों पर कहर बरसा रहा था, अश्की अब हद से ज्यादा तड़प रही थी। उसके नाखून अरमान के कंधों पर धसने लगे थे। अब उन दोनों की आंखें खुली थी और वह एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे। जहां अरमान की आंखों में पागल और sanak था, तो दूसरी तरफ अश्की की आंखों में इस वक्त बेइंतहा दर्द। अभी उनकी किस ब्रेक नहीं हुई थी कि तभी वहां पर कुछ कदमों की आवाज हुई। जिसे सुनकर अश्की ने अरमान को पीछे करने की कोशिश की। लेकिन अरमान लगातार उसके होठों को अपने होठों में फंसाए खाए जा रहा था।

वह अश्की को छोड़ ही नहीं रहा था। ऐसे ही किस करते हुए अश्की की नजरे सामने की तरफ गई, तो उसका दिल जैसे धड़कने से इंकार करने लगा, क्योंकि इस वक्त उसके सामने करिश्मा खड़ी थी। उसकी हालत इस वक्त ऐसी थी कि कोई भी उसे देखता, तो उसका दिल दहल जाता। वही अश्की का भी हाल हुआ। करिश्मा को देखकर अश्की की हालत इतनी खराब हो गई कि देखते ही देखते अरमान को किस करते हुए ही वह बेहोश हो गई। यह चीज देखकर अरमान ने भी अपने होंठ अश्की के होठों से हटा लिए। अब वह अपने एक्सप्रेशन लेस चेहरे से अश्की को देख रहा था। दोनों इस वक्त स्विमिंग पूल के पानी से भीगे हुए थे।

दूसरी तरफ अब अरमान की गहरी नजरे करिश्मा पर थी, जिसके हाथ पैर पूरी तरह से जला दिए गए थे। उसका आधा चेहरा भी जला दिया गया था और आधा चेहरा अभी भी दिखाई दे रहा था। अभी भी वह दर्द से तड़प रही थी। लेकिन उसके मुंह से आवाज नहीं निकल पा रही थी, क्योंकि उसकी जुबान काट दी गई थी। अब अरमान ने अश्की को गोद में उठाया और उसे लेकर स्विमिंग पूल से बाहर आते हुए उसने एक नजर करिश्मा की तरफ देखा, जिसका चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका हुआ था और कांप भी रहा था।

To be continue.....

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