
त्रेहान palace,,
अभी-अभी अश्की ने अरमान का फोन उठाया था और फोन पर आगे से जो जावेद ने कहा था उसे सुनकर अश्की का दिल धक सा रह गया था। क्योंकि अभी-अभी जावेद ने किसी को मारने की बात की थी और ऊपर से ड्रग्स की भी बात की थी जिसे सुनकर अश्की के पैरों तले जमीन ही खिसक चुकी थी। अगले ही पल उसके हाथों से फोन छूट कर जमीन पर गिर चुका था। और उसकी आंखों में आंसू लबालब बहने लगे वह रोते हुए बोली नहीं नहीं मैं आपको ऐसा नहीं करने दूंगी आप आप दोबारा किसी की जान नहीं ले सकते,,
आप इतने बेरहम नहीं हो सकते आप अरमान जी मुझे आपको रोकना होगा इतना कहकर अश्की ने अपनी आंखों में आंसू साफ किया,, इस वक्त उसकी आवाज बेहद लड़खड़ा रही थी और उसका पूरा शरीर कांप रहा था। जिस वजह से वह नीचे पड़ा हुआ मोबाइल भी ठीक से नहीं उठा पा रही थी। इस वक्त वह नीचे की तरफ झुकी हुई थी और अरमान का मोबाइल उठाने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसके हाथ ही उसका साथ नहीं दे रहे थे।
उसकी बॉडी इस हद तक शिवर कर रही थी कि दो बार उसने फोन उठाया और दो बार ही उसके हाथ से फोन नीचे गिर पड़ा लेकिन किसी तरह उसने फोन उठाया और दोबारा टेबल पर रखकर खुद को नार्मल करने की कोशिश करने लगी,, उसकी सांस इस वक्त हद से ज्यादा गहरी चल रही थी। और उसके माथे पर पसीने की बूंदे उभरी हुई थी। तभी बाथरूम का दरवाजा खुला जिससे अश्की एक बार फिर से कांप उठी,, और अरमान बाहर की तरफ आया इस वक्त अश्की का दिल धक-धक कर रहा था।
बाहर आते ही अरमान की नजरे अश्की पर और भी ज्यादा गहरी हो गई। क्योंकि इस वक्त अरमान की नजरे उसके गोरे पैरों पर थी वहीं अश्की इतना ज्यादा उस फोन वाली बात में खो गई थी कि उसे इतना भी ध्यान नहीं रहा था कि उसने अरमान की शर्ट पहनी हुई है। जिससे उसके थाई पार्ट साफ अरमान को दिखाई दे रहे थे। अश्की को इस तरह से देखकर अरमान ने अपना लोअर लिप अंदर की तरफ दबाया और अपने कदम अश्की की तरफ बढ़ा दिए इस वक्त अरमान ने अपनी कमर पर सिर्फ टॉवल लपेट रखा था। अरमान अभी-अभी बाथरुम से क्विक शावर लेकर आया था जिस वजह से उसने सिर्फ कमर पर टावल लपेट रखा था उसके अलावा उसके बदन पर इस वक्त कुछ भी नहीं था।
दूसरी तरफ अश्की जो कि नज़रें झुकाए खड़ी थी इस वक्त उसकी बॉडी पूरी तरह से शिवर कर रही थी। जिस तरह से अरमान उसकी तरफ अपने कदम बढ़ा रहा था अश्की को अरमान अपने करीब आते हुए साफ महसूस हो रहा था जिससे उसका गला और भी ज्यादा सूखने लगा। अभी अरमान उसके करीब आ ही रहा था कि तभी एक बार फिर से अरमान का फोन जो कि अश्की ने उठकर टेबल पर रखा था वह एक बार फिर से बजने लगा और उसके फोन की आवाज सुनकर अश्की का दिल एक बार फिर से जोरो से धक-धक करने लगा,, फोन बजने से अश्की की हालत और भी ज्यादा खराब हो रही थी।
अरमान ने अब फोन की घंटी की आवाज सुनकर अपने कदम फोन की तरफ बढ़ा दिए ,, फोन के पास पहुंचकर उसने फोन उठाया तो उस पर दोबारा से जावेद का कॉल आ रहा था और अब वह कॉल रिसीव करते हुए बालकनी में चला गया। वहीं अश्की जो अभी अपनी जगह पर खड़ी सुन थी। वह खुद में ही बड़बड़ाई मैं अरमान जी को कैसे रोकूंगी मैं तो उनसे डरती ही बहुत हूं। अगर मैं ऐसे ही डरती रही तो मैं तो अरमान जी को रोक ही नहीं पाऊंगी,, मुझे अपने डर पर काबू पाना होगा अगर मुझे अरमान जी को यह जुर्म करने से रोकना है तो मुझे अपने डर पर काबू पाना होगा इतना कहते हुए वह गहरी गहरी सांस भर रही थी,,
इस वक्त उसका कलेजा भी कांप रहा था। वहीं अरमान जो कि बालकनी में जावेद से बात कर रहा था अब उसने एक बार फिर से बालकनी के कॉफी टेबल पर पड़ी हुई सिगरेट उठाई और अपने होठों में दबाकर लाइटर से जलाकर उसे कश भरने लगा और जावेद से बात करने लगा वहीं जावेद एक बार फिर से वही बात दोहराते हुए बाॅस वह कर्मा पकड़ा गया,, कर्मा का नाम सुनकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई। अरमान अब बेहद डोमिनेटिंग वॉइस में बोला पकड़ के रखो उसे आज रात आऊंगा ,,, इतना कहकर उसकी नज़रें आसमान पर गहरी हो गई थी।
और अभी भी उसके चेहरे पर मिस्टीरियस डेविल स्माइल थी। दूसरी तरफ कमरे में अश्की के चेहरे पर अब परेशानी झलक रही थी उसके दिमाग में एक ही बात चल रही थी कि वह कैसे अरमान को जाने से रोकेगी,,
वहीं दूसरी तरफ,,
नियति जी का कमरा,,
नियति जी इस वक्त फोन पर किसी से बात कर रही थी और साथ ही साथ में अंगूर अपने मुंह में डालकर खा रही थी। और इस वक्त उनके चेहरे पर भी एक मिस्टीरियस स्माइल थी। वह अब गहरी आवाज में बोली तो आज वह अपने अड्डे पर पहुंच रहा है। मतलब आज रात फिर से एक काली रात है। जिसमें उसका असली चेहरा फिर से बाहर आएगा तो देर किस बात की,, मुझे तो तीर निशाने पर लगाना है और लगेगा भी तुम फ़िक्र मत करो आज रात उसकी सच्चाई इस छोकरी के सामने मैं लाकर रहूंगी और यह छोकरी खुद से छोड़कर जाएगी,,
इतना कहते हुए नियति जी के चेहरे पर कुटिल मुस्कुराहट और भी बड़ी हो गई अब वह अपनी जगह से खड़ी हुई,,, कि तभी जानवी जी उनके सामने आकर खड़ी हुई जानवी जी अपनी पलके झुकाते हुए बोली मां अपने मुझे बुलाया,, तभी नियति जी गहरी सांस लेकर बोली अपनी बहू की पहली रसोई नहीं करोगी जैसे ही नियति जी ने यह बात कही जानवी जी हैरानी से नियति जी को देखने लगी अभी-अभी नियति जी जिस तरह से अश्की से नफरत कर रही थी और अब उनका यू अश्की को पूछना जानवी जी को थोड़ा अजीब लग रहा था लेकिन वह कह भी क्या सकती थी।
उन्हें पता नहीं क्यों नियति जी की बातों पर हल्का-हल्का डर लग रहा था लेकिन फिर भी वह अपना सिर झुका कर बोली लेकिन मां अरमान उसे काम नहीं करने देगा तो अभी वह बोल ही रही थी कि तभी नियति जी उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोली तू कैसी मां है जो अपने बेटे की बहु को बुला नहीं सकती तू,, हम नहीं जानते हमें उसकी पहली रसोई करवानी है और जैसे मर्जी करवा आज शाम का खाना वही बनाएगी नहीं तो इस घर का चूल्हा आज नहीं जलेगा,,
इतना कहकर नियति जी अंदर की तरफ चली गई वहीं जानवी जी तो बस वहीं पर खड़ी रह गई उन्हें अब और भी ज्यादा डर लगना शुरू हो गया पता नहीं नियति जी के दिमाग में क्या चल रहा था और यह चीज वह बहुत अच्छी तरह से समझ रही थी कि कुछ ना कुछ तो बहुत बड़ा होने वाला है। अब उन्होंने गहरी सांस ली और सिर झुका कर अपने कमरे में चली गई कमरे में जाते ही सिद्धांत जी सामने सोफा पर बैठे चाय पी रहे थे और इस वक्त उन्होंने हाथों में अखबार पकड़ी हुई थी जानवी जी सिद्धांत जी की तरफ देखकर बोली मां बहू की रसोई की बात कर रही हैं बहु पहली रसोई करवानी है।
जैसे ही जानवी जी ने पहली रसोई का नाम लिया सिद्धांत जी हैरानी से जानवी जी की तरफ देखते हुए बोले मां को हो क्या गया है वह क्या अरमान के स्वभाव को नहीं जानती वह अपनी बीवी को रसोई में कुछ बनाना तो दूर पैर तक नहीं रखने देगा,, सिद्धांत जी की बात सुनकर जानवी जी ने गहरी सांस ली और बोली और उन्होंने जिद पकड़ कर रखी है अगर आज बहू ने खाना ना बनाया तो वह किचन में खाना नहीं बनने देंगी,, जानवी जी की बात सुनकर सिद्धांत जी के चेहरे पर अब और भी ज्यादा परेशानी झलकने लगी उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि जानवी जी अश्की को नीचे कैसे लाएंगी वह अब परेशानी से बोले लेकिन आप बहू को नीचे कैसे लेकर आएंगी,,
क्योंकि अरमान तो उसे नीचे आने की तक की इजाजत नहीं देगा,, इतना तो आप भी जानती हैं जानवी जी,, उनकी बात पर जानवी जी के चेहरे पर परेशानी और भी झलकने लगी,, लेकिन फिर उन्होंने गहरी सांस ली और सिद्धांत जी की तरफ देखकर बोली हमें नीचे लाना होगा बहू को सिद्धांत जी मानते हैं। हमारे कारण आज तक अरमान ऐसा है। हमारी उस गलती की सजा आज तक हमें मिल रही है हमारा अरमान हमारी तरफ देखता तक नहीं इतना कहते हुए जानवी जी की आंखों से आंसू बहने लगे वहीं सिद्धांत जी अब उनके करीब आए और उनकी आंखों से आंसू साफ करते हुए बोले नहीं जानवी जी इसमें आपकी कोई गलती नहीं है।
उस वक्त हालात ही कुछ ऐसे थे और अरमान को आपने खुद के बेटे से ज्यादा प्यार दिया है आज तक मैंने आपके मुंह से यह नहीं सुना कि अरमान आपका सौतेला बेटा है। जैसे ही उन्होंने सौतेले बेटे की बात कही जानवी जी उनके होठों पर हाथ रखते हुए बोली नहीं सिद्धांत जी वह मेरा ही बेटा है किसने कहा और कभी भूलकर भी इस बात का जिक्र बाहर मत कीजिएगा,, अरमान के लिए जानवी जी की तड़प देखकर सिद्धांत जी की आंखों में भी नमी तैरने लगी थी।
वहीं दूसरी तरफ,,
अरमान के कमरे में,,
अश्की इस वक्त दीवार से लगी हुई थी और उसके सामने ही अरमान खड़ा था जो उसे अपनी गहरी नजरों से देख रहा था। इस वक्त अरमान ने अश्की के आसपास अपने हाथ रखे हुए थे। और पूरी तरह से अश्की के ऊपर झुका हुआ था वहीं अश्की अपना सिर झुका कर खड़ी थी। उसकी इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह अरमान की आंखों में देख ले हालांकि वह खुद को हिम्मत दिला रही थी कि किसी तरह वह अरमान के आगे डरना थोड़ा कम करें लेकिन उसका डर बढ़ता जा रहा था क्योंकि जिस तरह से कल उसने अरमान को देखा उसका डरना लाजमी था।
वहीं अरमान अब उसके शर्ट के बटन पर उसकी उंगलियां घूमाने लगा था जिस तरह से अरमान ने उसके सीने पर हाथ रखा हुआ था अश्की के रोंगटे एक बार फिर से खड़े हो रहे थे। इस वक्त उसे हद से ज्यादा डर लग रहा था क्योंकि जिस तरह से अरमान उसकी शर्ट के बटन के साथ खेल रहा था उससे साफ पता चल रहा था कि अरमान के इंटेंशन उसके लिए क्या है। वह अपनी लड़खङाई हुई आवाज में बोली ,, वो हम वो वो.....
डर के मारे उसके मुंह से जुबान तक नहीं निकल रही थी। वहीं अरमान जो कि उसके होठों की तरफ देख रहा था जिस तरह से उसके होंठ फड़फड़ा रहे थे अरमान को अपना शरीर अकड़ता हुआ महसूस हो रहा था इस वक्त अश्की के होंठ बेहद सेक्सी लग रहे थे। अरमान का दिल कर रहा था कि उसके होठों को पकड़ कर अपने होठों में ले और बेइंतहा मसले,, दूसरी तरफ अश्की इस चीज से बिल्कुल ही अनजान थी वह अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली,, हम हमें भूख लगी है,, उसकी बात पर अरमान ने कोई भी रिएक्ट नहीं किया,, लेकिन अभी भी उसकी नज़रें उसके होठों पर टिकी हुई थी,,
वह अभी उसके होठों पर झुकने ही वाला था कि तभी एक बार फिर से उसका फोन रिंग किया और यह चीज देखकर अरमान की भौहें तन गई,, इस वक्त उसका चेहरा बेहद सर्द हो चुका था। लेकिन अब उसने दोबारा से फोन की तरफ देखा तो जावेद का फोन आ रहा था जावेद का फोन दोबारा से देखकर अरमान की एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई वह यह तो समझ चुका था कि कोई जरूरी कॉल होगा इसीलिए वह जल्दी से फोन की तरफ बढ़ने को हुआ,, कि तभी अश्की ने उसका हाथ पकड़ लिया,, जैसे ही अश्की ने अरमान का हाथ पकड़ा,, अरमान के कदम वहीं पर रुक गए जो उसके चेहरे पर अभी-अभी सर्द भाव आए थे। वह एक पल के लिए पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस हो गए थे।
अरमान को अपने दिल में एक अलग ही हलचल होती हुई महसूस हो रही थी लेकिन इस वक्त वह इस हलचल से बिल्कुल ही अनजान था दूसरी तरफ अश्की जिसने अरमान को रोक तो लिया था अब उसे इतना ज्यादा डर लग रहा था उसे खुद ही समझ नहीं आ रहा था कि वह अरमान को क्या कहें वहीं अरमान अभी भी वैसे ही खड़ा था इस वक्त उसकी पीठ अश्की की तरफ थी । लेकिन अब उसने पलट कर अश्की की तरफ देखा तो अश्की का दिल और भी तेजी से धड़कने लगा,
जैसे ही अरमान ने उसे देखा और अगले ही पल अरमान ने उसके हाथ की तरफ देखा जिससे उसने उसका हाथ पकड़ रखा था जैसे ही अरमान ने उसके हाथ की तरफ देखा अगले ही पल अश्की अपना हाथ पीछे की तरह खींचने को हुई,, तभी अरमान ने उसका वही हाथ पकड़ा और अगले ही पल उसे अपनी तरफ खींचा जिससे अश्की उसके सीने से जा टकराई,, और उसके मुंह से सिसकी निकल गई वहीं अरमान अब उसके चेहरे पर झुका और गहरी नजरों से देखते हुए बोला,,,
Not bad दिलरुबा,, हिम्मत तो है तुममें,, इतना कहते हुए अरमान की नजरे उसके गले पर चली गई थी जिनमें से उसके लिए बसें हल्की-हल्के शो हो रहे थे और वह चीज देखकर अरमान का दिमाग अब घूमने लगा था कि तभी एक बार फिर से उसका फोन बजा और इस बार अरमान ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली,,, अरमान के चेहरे से देख कर लग रहा था जैसे अरमान को अब गुस्सा आने लगा था अब उसने एक बार फिर से अश्की को छोड़ा।
और अपने कदम दोबारा से मोबाइल की तरफ बढ़ाए अश्की ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन अब अरमान नहीं रुका ,, अरमान ने जावेद का फोन उठाया और सामने से जावेद ने कुछ कहा उसे सुनकर अरमान का चेहरा पूरी तरह से सख्त पड़ गया उसने बस एक ही जवाब दिया ,, I'll come right now,, इतना कहकर उसने फोन काटा और अगले ही पल हो वह वार्डरोब की तरफ बढ़ गया उसने अब अश्की की तरफ देखा तक नहीं,, वहीं अश्की के चेहरे पर एक बार फिर से परेशानी झलकने लगी थी।
दूसरी तरफ अरमान जो कि वार्डरोब में कपड़े बदल रहा था 15 मिनट में उसने व्हाइट शर्ट और उसके ऊपर ब्लैक ब्लेजर नीचे से ब्लैक पेंट और लेदर के शूज पहनकर बाहर की तरफ निकला इस वक्त उसके बाल बेहद मैस हुए पड़े थे लेकिन फिर भी वह हद से ज्यादा हैंडसम लग रहा था एक पल के लिए अश्की की नजर जैसे अरमान पर ही रुक गई थी। अश्की तो जैसे अपनी पलके झपकना ही भूल गई थी। उसे यह तक याद नहीं था कि उसे किसी तरह से अरमान को रोकना था। वहीं अरमान अब जल्दी से बाहर की तरफ चला गया वहीं अश्की तो बस अरमान को देखते ही रह गई,,
जैसे ही अरमान कमरे से बाहर निकला अब जाकर अश्की को होश आया कि उसे अरमान को रोकना था। वह जल्दी से अरमान के पीछे भागते हुए लिफ्ट तक आई लेकिन तब तक लिफ्ट से होते हुए अरमान बाहर की तरफ जा चुका था। लेकिन अब दोबारा अश्की दूसरी लिफ्ट से नीचे की तरफ आई,, अरमान को जाता हुआ देख अश्की के चेहरे पर अब मायूसी झलक रही थी।
वह अभी भी लिफ्ट के पास कुछ दूरी पर खड़ी थी लेकिन अब वह नीचे आ चुकी थी। दूसरी तरफ नियति जी जो कैमरे से बाहर निकली थी अश्की को यूं देखकर उनकी आंखों में चमक आ चुकी थी। लेकिन अभी भी अश्की ने अरमान की शर्ट ही पहनी थी और उस शर्ट को देखकर नियति जी के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ चुके थे। और उनका चेहरा सख्त भी हो चुका था वह अब आगे की तरफ आकर बोली ,,,हाय राम यह लड़की कितनी अश्लीलता फैलाएगी तू ऐसे कपड़े पहन कर कोई नीचे आता है क्या तुझे शर्म नहीं आती अभी तो तुझे आए हुए कुछ घंटे भी नहीं हुए,, जैसे ही नियति जी ने यह बात कही अश्की का रंग पूरी तरह से उड़ गया,,
अब जाकर उसने खुद को देखा और अब एक बार फिर से उसने अपनी शर्ट नीचे की तरफ करनी शुरू कर दी और उसका चेहरा अब पूरी तरह से शर्म से झुक चुका था,, और आंखों में आंसू लबालब बहने लगे थे,, तभी नियति जी दांत पीसते हुए बोली कलयुग है रामजी कलयुग है कितनी घटिया लड़की से अरमान ने शादी की है पता नहीं कहां से गंदा खून उठा कर ले आया है।
जिसे इतना ही नहीं पता कि घर की बहुएं कैसे कपड़े पहनती हैं चरित्रहीन कहीं की,, नियति जी की बात सुनकर अश्की का दिल तो ऐसा कर रहा था कि कोई गड्ढा खोदे वह उसी में धंस जाए इस वक्त उसको हद से ज्यादा रोना आ रहा था,, तू कितनी घटिया लड़की है पता नहीं किस गंदी नाली का कीड़ा है।
अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान की आवाज पीछे से आई,, आपकी हिम्मत कैसे हुई मेरी बीवी के साथ ऐसी बात करने की,, जैसे ही अरमान की आवाज नियति जी के कानों में पड़ी तो उनकी आंखें बड़ी हो गई वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली,, देख यह कपड़े कैसे पहन कर आई नीचे इसे शर्म नहीं आई ऐसे कपड़े पहनते हुए तभी अरमान र्सद आवाज में बोला उसने मेरे कहने पर यह कपड़े पहने हैं,,, तभी नियति जी दांत पीसकर बोली और तेरे कहने पर भी यह नीचे भी आई है क्या,,
हमारे घर में यह लक्षण नहीं चलते हैं। तभी अरमान अश्की को गहरी नजरों से देखते हुए,, रूम में जाओ और जब तक मैं घर वापस ना आऊं रूम से बाहर मत निकालना,, अरमान की बात सुनकर नियति जी का रंग पूरी तरह से उड़ गया अगर अश्की रूम में चली गई तो नियति जी उसे नीचे कैसे लाएंगी यही तो वह चाहती थी वह किसी तरह से अश्की को हाॅल में लाना चाहती थी। और अब अगर अश्की हाॅल में आई थी तो अरमान उसे ऊपर भेज रहा था। नियति जी के चेहरे पर परेशानी झलकने लगी लेकिन वह कुछ सोचते हुए बोली,,, रुक जा अरमान वह इस घर की बहू है उसे आज की रसोई तो करने दे,,
नियति जी की बात पर अरमान की सर्द नजरे अब नियति जी पर ठहर गई अरमान की र्सद नजरे खुद पर महसूस कर नियति जी की भी नजरे अरमान पर गहरी हो गई लेकिन अरमान ने अगले ही पल उनको पूरी तरह से इग्नोर किया,, और अश्की को अपनी गोद में उठाकर,, लिफ्ट में चला गया इस वक्त अरमान के दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। लेकिन उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशनलैस था उसकी वह चारकोल ग्रे eyes इस वक्त बहुत कुछ बयां कर रही थी। पर चेहरा पूरी तरह से भावहीन था।
वहीं अश्की का दिल तो जोरो जोरो से धड़क रहा था जिस तरह से अभी-अभी अरमान ने उसकी साइड ली थी। एक पल के लिए अश्की का दिल तेजी से धड़क उठा था। अरमान अब उसे गोद में उठाकर अपने कमरे में लेकर आया और अगले ही पल उसने अश्की को बेड पर लेटाते हुए,, आज तो तुम इस शर्ट में बाहर चली गई दिलरुबा लेकिन आगे से ऐसे कपड़ो में तुम बाहर गई,, इतना कहकर अरमान ने अपनी बात बीच में अधूरी छोड़ दी,, लेकिन उसकी बात में वार्निंग साफ दिखाई दे रही थी। जिसे सुनकर अश्की के रोंगटे खड़े हो रहे थे। अब अगले ही पल अरमान उसके होठों पर होंठ रख wildly किस करने लगा,, इस वक्त अरमान हद से ज्यादा वाइल्ड था उसके हाथ अश्की के बदन पर चल रहे थे वहीं अश्की बस दर्द से कराह रही थी। अब अरमान ने उसके होठों को छोड़ा और गहरी नजरों से देखने लगा अरमान के wildly किस करने से अश्की के होंठ सूज चुके थे और हल्के हल्के उभरे हुए भी थे।
अरमान अब अपनी गहरी आवाज में बोला,, मैंने तुम्हारे लिए कुछ रूल्स सेट किए हैं,, और तुम्हें उन रूल्स को फॉलो करना होगा,, उसकी
बात सुनकर अश्की सवालियां एक्सप्रेशन के साथ अरमान को देखने लगी,,
To be continue...
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