
पठानी हाउस,,
असुर इस वक्त कनिका को अपनी गहरी नजरों से देख रहा था। वहीं कनिका को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था वह इस वक्त पूरी तरह से बेलिबास असुर के सामने थी और उसके हाथ पूरी तरह से बेड रेस्ट से बंधे हुए थे। दूसरी तरफ असुर ने भी अपने अप्पर बॉडी पर जो कुर्ता पहना था वह अब फाड़ दिया था क्योंकि कनिका ने उसे कुछ देर पहले कसम दी थी। उसे उसकी कसम जिससे वह सबसे ज्यादा प्यार करता था।
क्योंकि बाहर इस वक्त सीसी दरवाजे पर खड़ी थी। लेकिन कुछ देर दरवाजा खटखटाने के बाद सीसी वहां से चली गई क्योंकि वह समझ चुकी थी। असुर और कनिका में कुछ पर्सनल मोमेंट्स चल रहे होंगे इसीलिए वह वहां से जा चुकी थी वहीं असुर अब कनिका को अपनी गहरी नजरों से देख रहा था जिसने अपनी नज़रें पूरी तरह से झुका ली थी। असुर ने अब अपने कदम उसकी तरफ बढ़ाने शुरू किये,, जैसे ही असुर ने अपने कदम उसकी तरफ बढ़ाए कनिका का दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा,, वह खुद में ही सिमटने लगी थी।
दूसरी तरफ असुर बिल्कुल उसके पास आकर खड़ा हुआ और उसे अपनी गहरी नजरों से देखते हुए पूरी तरह से उसके ऊपर झुका और अगले ही पल उसने उसके बालों को मुट्ठी में भरकर उसका चेहरा ऊपर की तरफ किया,, असुर ने उसके बालों को इतनी कसकर मुट्ठी में भरा था कि कनिका के मुंह से आह निकल गई थी। वह तड़प कर बोली धीरे असुर बाबू मुझे दर्द हो रहा है,, वहीं असुर अब उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला,,, ना मैंने कभी किसी से प्यार किया है और ना कर सकता हूं। यह इश्क प्यार मोहब्बत यह सब ढकोसले बाजी,, मेरे लिए नहीं बनी और वैसे भी मेरा इन चीजों से विश्वास उठ चुका है। इतना कहते हुए असुर की आंखें बेहद सख्त थी।
वहीं कनिका जो कि असुर की आंखों में आई सख्ती को साफ देख सकती थी। उसकी आंखों में अब नमी उतर आई थी कहीं ना कहीं यह सख्ती उसी की वजह से थी और यह बात वह बहुत अच्छे से जानती थी लेकिन उसे इस चीज की जरा भी भनक नहीं थी कि असुर के मन में क्या चल रहा है। वहीं असुर दिल में मुझे तुम्हारे मुंह से सच सुनना है। मेरी मीठी गोली और चाहे उसके लिए मुझे कितना भी तुम्हें तोड़ना क्यों ना पड़े मैं तोडूंगा इतना सोचते हुए असुर के चेहरे पर सख्ती और भी ज्यादा बढ़ गई थी। और रही बात इश्क की तो यह असुर तो आज भी तुझसे इश्क करता है।
असुर पूरी तरह से उसके ऊपर झुका और उसकी आंखों में देखते हुए,, अभी वह उसके ऊपर झुका ही था कि तभी उसे बाहर हाल से कुछ आवाज आई जिसे सुनकर असुर वहीं पर रुक गया वहीं कनिका के चेहरे पर अब सवालियां एक्सप्रेशन आ चुके थे,, लेकिन असुर के चेहरे पर अब तिरछी मुस्कुराहट आ गई वह धीमे से बोला,, शादी मुबारक हो अमानत...
इतना कहते हुए उसके चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट और भी लंबी हो चुकी थी।
दूसरी तरफ हाल में,,.
अमानत जो कि हाल में केंद्र में खड़ा था वह असुर को आवाज लगा रहा था दूसरी तरफ उसके पीछे ही अफसाना सिर झुकाए हुए अंदर की तरफ आ रही थी उसका दिल इस वक्त तेजी से धक धक कर रहा था। उसने अपना चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका रखा था। तभी रीमा जो कि किचन में काम कर रही थी। वह बाहर की तरफ आई रीमा अफसाना की नंद थी। और वह भी यहां पर काम करती थी। लेकिन वह अफसाना को जरा सा भी पसंद नहीं करती थी और अब अफसाना को अमानत के पीछे आता देख उसका चेहरा गुस्से से लाल होने लगा और उसके जबड़े अब पूरी तरह से कसते जा रहे थे।
अब वह आगे की तरफ आई और अगले ही पल उसने अफसाना का हाथ पकड़ा और उसे खींचने को हुई कि तभी अफसाना ने अमानत का हाथ पकड़ लिया जिसे देखकर अमानत की एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई और उसने अफसाना के हाथ की तरफ देखा और उसकी नजर अफसाना पर बेहद गहरी हो गई,, दूसरी तरफ रीमा हैरानी से अफसाना की तरफ देख रही थी जिसने अमानत का हाथ पकड़ा हुआ था। अफसाना अपनी नमी भरी आंखों से अमानत की तरफ देख रही थी।
दूसरी तरफ अब असुर भी हाल में पहुंच चुका था और उसके पीछे ही कनिका भी हाल में आ चुकी थी। वहीं असुर अपने हाथों को उलझाए अमानत की तरफ देख रहा था। जिसकी नजरे इस वक्त अफसाना पर थी। अफसाना अपनी नम आंखो से अमानत की तरफ देखते हुए,, कुछ बोलने को हुई कि तभी रीमा उसका हाथ छुड़ाते हुए अमानत के आगे अपना सिर झुका कर बोली माफ कीजिएगा छोटे मालिक,, यह बेवकूफ है इसे कुछ भी समझ नहीं है इसलिए अभी वह बोल ही रही थी कि तभी वहां पर एक जोरदार तमाचे की आवाज गूंज गई,, जो कि अमानत ने रीमा के गाल पर जड़ा था,, और यह चीज देखकर असुर के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई थी। जैसे ही रीमा को चांटा लगा अफसाना तो जैसे अपनी जगह पर खड़ी-खड़ी सुन पड़ गई,,, उसे अमानत से ऐसी उम्मीद तो बिल्कुल भी नहीं थी अब तो उसका दिल और भी तेजी से धड़कने लगा था। और अब उसके दिमाग में एक ही बात चल रही थी कि रीमा अब उसे बिल्कुल भी नहीं छोड़ने वाली थी। लेकिन वह इस चीज से बिल्कुल अनजान थी कि अमानत अब रीमा का क्या करने वाला था।
अमानत अब नीचे की तरफ झुका और अगले ही पल उसने रीमा के बालों को कसकर मुट्ठी में भरते हुए उसे ऊपर की तरफ उठाया और गुस्से से दांत पीसकर बोला अपने दायरे में रहना नहीं सीखा क्या तुमने और मेरी बीवी को हाथ लगाने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई,, अमानत के मुंह से बीवी सुनकर अफसाना की आंखें और भी तेजी से बरसने लगी और उसकी आंखों में आंसू उसके गालों पर लुढ़क आए थे। दूसरी तरफ अमानत अब दोबारा से रीमा के चेहरे पर थप्पड़ जड़ने को हुआ कि तभी उसने अपना हाथ रोक लिया और अब उसने गहरी नजरों से अफसाना की तरफ देखा,,
जो कि रीमा के आगे आकर खड़ी हो गई थी अमानत के अब जबड़े कस चुके थे। वह गुस्से से दांत पीसकर बोला बीवी साइड हटो,, उसके मुंह से अपने लिए बीवी शब्द सुनकर अफसाना के रोंगटे खड़े हो रहे थे दूसरी तरफ असुर तो बस चुपचाप खड़ा उसे देखे जा रहा था अब उसने अपनी जेब से सिगरेट का बॉक्स निकाला और होठों में सिगरेट दबाकर साइड पर सोफे पर बैठकर आराम से कश भरते हुए सामने का नजारा देखने लगा वहीं कनिका तो यह चीज देखकर ही हैरान हो रही थी असुर का ऐसा काम नेचर देखकर,, उसे हैरानी हो रही थी और दूसरा झटका तो यह लग रहा था कि अमानत ने शादी कर ली हालांकि वह अमानत को जानती नहीं थी लेकिन इतना तो समझ गई थी कि असुर और अमानत का कोई गहरा कनेक्शन है।
अभी तक उसे अमानत के बारे में इतना नहीं पता था कि अमानत असुर का छोटा भाई था। वहीं अफसाना जो कि रीमा के सामने आकर खड़ी हो गई थी । अमानत की बात सुनकर अफसाना की हालत तो जैसे खराब हो गई थी। वह अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली,,, देखिए यह हमारी उसने इतना ही कहा था कि तभी अमानत ने उसकी कमर पर अपना हाथ रखा और अगले ही पलक खुद से सटाते हुए बोला,, मेरे सिवा तुम्हारा कोई नहीं है बीवी एक बात कान खोलकर सुन लो और ना ही कभी हो सकता है।
और रही बात रिश्तों की तुम्हारा रिश्ता अब सिर्फ मुझसे है। और किसी से नहीं इतना कहते हुए उसकी नज़रें रीमा पर गहरी हो गई थी वहीं रीमा तो पूरी तरह से घबरा चुकी थी। अमानत की बात सुनकर अफसाना की सांस गहरी होनी शुरू हो गई थी अब वह अगले ही पल नीचे की तरफ झुका ,, और अगले ही पल उसने अफसाना को गोद में उठा लिया। और उसे दोबारा से दरवाजे पर लेकर आया। और अब उसने हाल में सभी तरफ नजर घुमाई तो उसे सामने ही कनिका नजर आई तो कनिका को देखकर,, उसने अब गहरी आवाज में बोला आप जरा हमारा गृह प्रवेश करवा देंगी,,
उसकी बात पर कनिका ने अब असुर की तरफ देखा जो कि अब भी अमानत की तरफ देख रहा था। अब उसने एक नजर कनिका की तरफ देखा और आंखों को झपका दिया जिससे कनिका अब रसोई घर में गई जहां पर और भी सर्वेंट लगी हुई थी और वह आपस में बात कर रही थी। एक सर्वेंट दूसरी सर्वेंट से बोली अमानत सर ने अफसाना से शादी कर ली। अमानत सर भी असुर सर की तरह ही है पता ही नहीं चला कब शादी कर ली लेकिन असुर सर की शादी पता नहीं कब होगी,, हालांकि अमानत सर तो असुर सर से बहुत छोटे हैं इतना कहते हुए वह आपस में फुसफुस रही थी और उन दोनों की बात सुनकर कनिका की आंखें हैरत से फैल चुकी थी। कनिका पिछले इतने सालों से असुर के साथ थी लेकिन उसे अभी तक असुर के भाई का नहीं पता था यानी कि उसे अमानत का भी नहीं पता था।
लेकिन उसने अब अपना ध्यान झटकाया और अमानत और अफसाना के गृह प्रवेश में लग गई कुछ ही देर में उसने चावल का एक लोटा तैयार किया और साथ ही में आलते की थाली और एक आरती की थाली तैयार की आलते की थाली उसने दूसरी सर्वेंट को पकड़ाई और खुद चावल का लोटा और साथ में पूजा की थाली उठाकर ले आई और पीछे-पीछे सर्वेंट आलते की थाली ला रही थी। और एक सर्वेंट के हाथ में एक सफेद रंग का कपड़ा था जो शायद आलते के पांव के निशान छोड़ने के लिए था।
अब कनिका ने वह चावल का लोटा दहलीज पर रखा और उसके आगे ही आलते की थाली रख दी ,, जहां एक तरफ गृह प्रवेश हो रहा था दूसरी तरफ कोई जलती हुई निगाहों से यह गृह प्रवेश देख रहा था और यह कोई और नहीं सुहानी थी जो कि असुर की बहन थी। इस वक्त उसका चेहरा गुस्से से जल रहा था दूसरी तरफ crystal भी उसके चेहरे की तरफ देख रहा था,,,
क्रिस्टल और सुहानी दोनों बिस्तर पर लेटे हुए थे और दोनों ही बेलिबास थे इस वक्त उनके सामने इस वक्त एलईडी चल रही थी और सुहानी इस वक्त गुस्से से कांप रही थी। सामने अमानत को देखकर इस वक्त उसका खून पूरी तरह से जल चुका था जिस तरह से अमानत एक सर्वेंट से शादी करके उसे घर ले आया था आज सुहानी गुस्से के साथ बोली मुझे इंडिया वापस जाना होगा चाहे किसी भी हालत में जाऊं तभी क्रिस्टल उसके कंधे पर हाथ रखते हुए पागल हो गई हो तुम तुम इंडिया वापस कैसे जा सकती हो अगर असुर को पता चल गया तो सारी बात क्लियर हो जाएगी कि यह सारा षड्यंत्र कनिका को फसाने के लिए किया गया है।
उसकी बात पर सुहानी दांत पीसकर बोली,, I don't care about anyone,, मुझे बस इंडिया जाना है और वह मैं अब जाकर रहूंगी तभी क्रिस्टल उसके कंधे पर हाथ रख कर बोला लेकिन कैसे,,, तभी सुहानी बोली मैं कुछ ऐसा करूंगी जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे इतना कहते सुहानी के चेहरे पर डेविल स्माइल थी। वहीं क्रिस्टल भी उसके चेहरे की तरफ देख रहा था उसे भी समझ नहीं आ रहा था कि अब सुहानी करने क्या वाली है,,
वहीं दूसरी तरफ पठानी हाउस में,,
अफसाना का गृह प्रवेश पूरा हो चुका था और अब असुर और अमानत एक दूसरे के सामने खड़े थे असुर इस वक्त अमानत को अपनी गहरी नजरों से देख रहा था वहीं अमानत जो कि असुर से अभी तक गुस्सा था। उसने अब आई डोंट केयर वाले एक्सप्रेशन दिए और वहां से जाने को हुआ कि तभी असुर ने उसका हाथ पकड़ लिया। और एक बार फिर से उसके सामने जाकर खड़ा हो गया जैसे ही असुर अमानत के सामने खड़ा हुआ और अमानत मुंह बनाकर बोला मेरे सामने से हटिए भाई मुझे आपसे कोई बात नहीं करनी। अमानत की बात सुनकर असुर की एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई दूसरी तरफ कनिका और अफसाना यह चीज देख रहे थे।
अमानत को असुर के साथ इस तरह से बात करता देख, कनिका भी हैरान थी। तभी वहां हाॅल में एक तमाचे की आवाज गूंज गई,, और यह तमाचा असुर ने अमानत के गाल पर जङा था और अमानत का चेहरा नीचे की तरफ झुक गया था लेकिन अगले ही पल अमानत के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी। कुछ ऐसा ही हाल असुर के चेहरे का भी था इस वक्त उसके भी
चेहरे पर डेविल स्माइल थी।
To be continue....







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