14

Sexy ashki

त्रेहान पैलेस,,

अरमान और अश्की इस वक्त आमने सामने खड़े थे। इस वक्त अरमान अश्की को बेहद गहरी नजरों से देख रहा था। उसने अभी-अभी अश्की को अपनी शर्ट खोलकर पकड़ाई थी। और इस वक्त वह पूरी तरह से शर्टलेस था उसके लोअर बॉडी पर उसने इस वक्त पैंट पहनी हुई थी। उसे देखकर अश्की का दिल जोरो जोरो से धक-धक कर रहा था। क्योंकि इस वक्त अरमान ने जो कहा था उसे सुनकर अश्की को कुछ-कुछ हो रहा था। एक तो वैसे ही अरमान के पास आने से अश्की का हाल बेहाल हो जाता था। और ऊपर से अरमान ने उसके सामने जो डिमांड रखी थी उसे सुनकर अश्की की हालत और भी खराब होने लगी थी।

अरमान ने उसे अपनी शर्ट पहनने को दी थी और वह भी अभी और उसने अभी उसके सामने ही उसे इस शर्ट को पहनने को कहा था। और ऊपर से उसने कुछ शर्तों के बारे में कहा था जो उसे माननी थी जिस वजह से अश्की के चेहरे पर अब सवालियां एक्सप्रेशन भी आ चुके थे। वहीं अश्की अपना सिर झुकाते हुए बोली,, क्या मैं यह बाथरूम में जाकर पहन कर आऊं उसकी बात सुनकर अरमान जो कि अपनी पैंट की पॉकेट में हाथ डालकर उसे गहरी नजरों से देख रहा था उसने कुछ नहीं कहा जब अरमान ने कुछ देर कुछ नहीं कहा तो अश्की को लगा शायद वह बाथरूम में जाकर उसकी शर्ट पहन कर आ सकती है इसीलिए उसने अपने कदम बाथरूम की तरफ बढ़ा दिए,,

लेकिन तभी अरमान ने उसे डोमिनेटिंग वॉइस में कहा,, I said in front of me wear this shirt,, अरमान की बात सुनकर अश्की के कदम वहीं पर रुक गया और उसका दिल और भी तेजी से धड़कने लगा वह अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली,, पर हमें आपके सामने शर्म आती है प्लीज इसीलिए इतना कहकर वह तेजी से बाथरूम की तरफ भाग गई,, और अंदर से दरवाजा लॉक कर लिया,, उसको इस तरह से भागते देख अरमान के होठों के कोने मुड़ गए और अब वो सामने सोफा पर जाकर बैठ गया,, उसने अपने सामने ही पड़ा हुआ सिगरेट का बॉक्स उठाया और उसमें से एक सिगरेट लेकर,,

अपने होठों में दबाते हुए अपनी जेब से लाइटर निकाला और सिगरेट को निकाल कर लंबे कश भरने लगा,, जिस तरह से अरमान इस वक्त सोफा पर बैठा था वह इस वक्त बेहद हैंडसम लग रहा था उसे कोई भी लकड़ी देखे तो उस इस वक्त उस पर फिदा ही हो जाए,, दूसरी तरफ बाथरूम में अश्की का दिल इस वक्त जोर-जोरों से धड़क रहा था वह किसी तरह से अपने दिल को काबू करने की कोशिश कर रही थी। कुछ देर खड़े रहने के बाद उसने खुद को काबू करते हुए उस शर्ट की तरफ देखा जो कि अरमान ने उसे पहनने को दी थी और उस शर्ट को देखकर एक बार फिर से उसका दिल तेजी से धक-धक करने लगा,,

उसके चेहरे पर अब परेशानी छलकने लगी थी। इतना तो वह भी जानती थी अगर वह यह शर्ट बाहर पहन कर जाएगी तो उसके लिए यह चीज बिल्कुल भी अच्छी नहीं होगी क्योंकि कहीं ना कहीं अरमान फिर से शुरू हो जाएगा और यह चीज वह बिल्कुल भी नहीं चाहती थी लेकिन अगले ही पल उसकी नजर सामने आईने पर पड़ी जो कि वाशबेसिन के ऊपर लगा हुआ था और उसमें खुद को देखकर एक पल के लिए अश्की की नजरे अपनी मांग पर टिक गई,, अपनी मांग में भरा हुआ सिंदूर और गले में पहना हुआ मंगलसूत्र देखकर अश्की की आंखों में एक बार फिर से आंसू निकल आए,,

और अगले ही पल एक बार फिर से उसकी आंखों के सामने वही पल घूमने लगा जब अरमान ने उसके सामने उस शख्स को मारा था। उस पाल को याद करते ही अश्की के हाथ पैर एक बार फिर से ठंडे पड़ने लगे। उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। लेकिन उसने खुद को संभालते हुए,, खुद से बोली लगता है हमारी किस्मत यही है और अब हमें इसे खुद ही बदलना होगा,,, और आज के बाद हम आपको बदलेंगे और आपको कोई भी ऐसा काम नहीं करने देंगे,, यह हमारा वादा है खुद से इतना कहते हुए अश्की ने अपनी आंखों से आंसू साफ किये और धीरे-धीरे कर अपनी साड़ी उतारने लगी,,

वहीं बाहर बैठा अरमान जिसकी गहरी नजरे इस वक्त बाथरूम पर थी। अभी भी वो सिगरेट के गहरे गहरे कश भर रहा था। तभी उसने पास में पड़ा हुआ टेलीकॉम उठाया और नीचे के किचन में फोन लगाया और कुछ ऑर्डर देकर अगले ही पल फोन वापस रख दिया और अब एक बार फिर से उसकी गहरी नजरे बाथरूम के दरवाजे पर थी।

तकरीबन 15 20 मिनट बीत चुके थे लेकिन अश्की अभी भी बाथरुम से बाहर नहीं आई थी। अरमान बहुत अच्छी तरह से जानता था कि अश्की ने अब तक उसकी शर्ट पहन ली होगी लेकिन अश्की जानबूझकर बाहर नहीं आ रही थी। उसे अरमान के सामने आने में हद से ज्यादा शर्म आ रही थी। इस वक्त वो बाथरूम में खड़ी थी और अपनी एक हाथ से उसने शर्ट का कॉलर पकड़ा हुआ था और दूसरे हाथ को नीचे की तरफ खिसकाने की कोशिश कर रही थी क्योंकि अरमान की शर्ट सिर्फ उसके थाई तक आ रही थी।

और इस वक्त उसके गोरे पैर हद से ज्यादा खूबसूरत लग रहे थे। दूसरी तरफ बाहर बैठा अरमान जब अश्की 5 मिनट और बाहर नहीं आई तो अब वह अपनी जगह से खड़ा हुआ और उसने अपने कदम बाथरूम की तरफ बढ़ा दिए,,,

अभी उसने अपने कदम बाथरूम की तरफ रखे ही थे कि तभी धीरे से बाथरूम का दरवाजा खुला और अश्की बाहर की तरफ आई जिसे देखकर एक पल के लिए अरमान की नजरे उस पर जम सी गई। अश्की को अपनी शर्ट में देखकर,, एक पल के लिए अरमान की धड़कनों ने जैसे बवाल मचाना शुरू कर दिया था। उसकी नज़रें एकटक अश्की के चेहरे पर से होते हुए उसके पूरे बदन पर घूम रही थी। वहीं अश्की उसकी नजरों से और भी ज्यादा अनकंफरटेबल फील कर रही थी।

इसीलिए अपनी शर्ट को बार-बार नीचे की तरफ खींच रही थी। उसने अपना सिर पूरी तरह से झुका रखा था। अश्की इस वक्त हद से ज्यादा खूबसूरत तो लग ही रही थी लेकिन उसके मांग में भरा हुआ सिंदूर और गले में मंगलसूत्र उसे अलग ही लुक दे रहा था। जिसे देखकर अरमान और भी ज्यादा पागल हुए जा रहा था। अभी उसे अश्की को रूल बताने थे लेकिन अरमान की आंखें इस वक्त पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी।

वहीं दूसरी तरफ,,

नियति जी इस वक्त हाल में चक्कर लगा रही थी और उनके चेहरे पर इस वक्त गुस्सा हद से ज्यादा झलक रहा था दूसरी तरफ जानवी जी जो कि उनके पास ही खड़ी थी उन्होंने अपना सिर पूरी तरह से झुक रखा था। इस वक्त सिद्धांत जी और अध्यक्ष भी वहां पर नहीं थे। नियति जी गुस्से से दांत पीसकर बोली वह लड़की उसके कमरे तक पहुंच चुकी है तुम अंदाजा लगा सकती हो तुम तो हो ही बेवकूफ अभी तक अपने बेटे के कमरे तक नहीं जा पाई और वह उस लड़की को अपने कमरे में ले गया,,

हमारा पूरा परिवार उसके फ्लोर पर नहीं जा सकता लेकिन वह उसके फ्लोर पर पहुंच गई,, समझ में नहीं आता किन लल्लुओं से पाला पड़ा है मेरा जो अपने बेटे को ही नहीं संभाल पाते और ऐसी गवार लड़की को ले आए,, इतना कहते हुए नियति जी की आंखों के सामने अश्की का चेहरा घूम रहा था। अब वह मन ही मन खुद में ही बोली अगर यह लड़की यहां पर रही,, सब कुछ खत्म हो जाएगा क्योंकि इस लड़की को मैंने पहले भी निकाला था और अब दोबारा से निकालने का वक्त आ गया है। और उसके लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े इतना कहते हुए नियति जी का चेहरा बहुत ज्यादा सख्त था दूसरी तरफ,,

जानवी जी को तो हद से ज्यादा डर लग रहा था। वह तो इस वक्त अश्की के बारे में सोच रही थी कि अब अश्की का क्या होने वाला है। वह अब मन ही मन बोली है भोलेनाथ उस बेचारी बच्ची को बचा लेना,, पता नहीं क्यों वह लड़की जानी पहचानी सी लग रही है अपनी अपनी सी लगती है। उसके चेहरे पर जो मासूमियत है देखकर ही पता चल रहा है कि वह लड़की बहुत ज्यादा मासूम है। और दिखने में ऐसा भी लग रहा है कि वह मां को पहचान भी नहीं पाएगी पता नहीं मां क्या षड्यंत्र रचने जा रही हैं इतना कहते हुए जानवी जी के चेहरे पर हद से ज्यादा बेचैनी दिखाई दे रही थी।

दूसरी तरफ,

नियति जी अब अपने कमरे में आई और एक बार फिर से इधर-उधर चक्कर काटने लगी क्योंकि वह जो भी प्लानिंग करने वाली थी उसमें जानवी जी को तो बिल्कुल भी शामिल नहीं करने वाली थी क्योंकि वह कहीं ना कहीं जानती थी कि जानवी जी दिल से बहुत ज्यादा साफ थी चाहे वह कुछ नहीं बोलती थी,, लेकिन अगले ही पल उनके चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई और वह खुद में ही बड़बड़ाई,, प्यारे पढ़पोते क्या तुम्हारी बीवी तुम्हारी काली करतुते जानती है जो तुम्हारी काली दुनिया के रहस्य हैं। इतना कहकर नियति जी के चेहरे पर और भी ज्यादा डेविल स्माइल लंबी हो गई,,

और अब वह खुद में ही बड़बड़ाई और अगर नहीं पता तो आज ही इसकी शुरुआत होगी वह भी रात से,, इतना कहते हुए उन्होंने अपना लोअर लिप अंदर की तरफ दबाया और एक बार फिर से कमरे से बाहर निकल गई ,,

दूसरी तरफ अरमान का रूम,,

अरमान इस वक्त गहरी नजरों से सामने खड़ी अश्की की तरफ देख रहा था। और अब उसने अपने कदम अश्की की तरफ बढ़ा दिए जैसे ही उसने अपने कदम अश्की की तरफ बढ़ाए अश्की का दिल और भी तेजी से धक-धक करने लगा,, हालांकि कुछ देर पहले ही उसने खुद को समझाया था चाहे कुछ भी हो अब उसे अरमान को एक्सेप्ट करना होगा और शायद वह अरमान को बदलने के बारे में भी सोच रही थी । जो कि इंपॉसिबल था। अरमान अब बिल्कुल उसके पास आकर खड़ा हुआ और अगले ही पल उसने अपना हाथ उसकी कमर पर रखा और खुद से सटा लिया,,

जिससे अश्की की सिसक उसके होठों से निकल गई,, उसका सीना अरमान के सीने से जा टकराया था। उसका नाजुक सा सीना जिस तरह से अरमान के पत्थर जैसे सीने से टकराया था। एक पल के लिए उसकी सांसे उसके गले में अटक गई थी। वहीं अरमान अभी उसे गहरी नजरों से देखते हुए अब वह एक बार फिर से अश्की के चेहरे के ऊपर झुका,,

और अपनी गहरी आवाज में एक बार फिर से बोला,,

क्या जाने तू मेरे इरादे

ले जाऊँगा साँसें चुरा के

दिल कह रहा है गुनाहगार बन जा

बड़ा चैन है इन गुनाहों से आगे

उसकी ये लाइन दोबारा सुनकर अश्की के एक बार फिर से रोंगटे खड़े होने लगे ,, अरमान की यह लाइन न जाने क्यों उसे बार-बार बेचैन कर रही थी पहले गाड़ी में यही लाइन बोलना और दोबारा से अब यही लाइन बोलना उसे एक अजीब सी फीलिंग जो कि उसके दिल में उठ रही थी उसे और भी ज्यादा बेचैन कर रही थी। उसकी आंखों में बेचैनी देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी। जो कि बेहद मिस्टीरियस थी। उसने अब अश्की के कमर से हाथ हटाया तो एक पल के लिए अश्की लड़खड़ा कर पीछे की तरफ हो गई,,

वहीं अरमान अब सीधा बाथरूम में चला गया,, अरमान जैसे ही बाथरूम में गया उसने अभी बाथरूम का डोर बंद ही किया था कि तभी अरमान का फोन जो कि कॉफी टेबल पर पड़ा हुआ था वह बजने लगा फोन को बजते हुए देख अश्की ने अरमान के फोन की तरफ देखा और एक नजर बाथरूम के दरवाजे की तरफ देखा जहां पर अभी-अभी अरमान गया था।

अब उसने धीरे-धीरे कदम अपने टेबल की तरफ बढ़ाए और अरमान का फोन जिस पर जावेद का फोन आ रहा था। उसने अब एक बार फिर से बाथरूम के दरवाजे की तरफ देखा। उसका फोन उठाने का मन तो नहीं था लेकिन कुछ सोच कर अब उसने फोन उठाया और कान से लगाते हुए कुछ बोलने को हुई कि तभी आगे से जावेद की आवाज आई,, बाॅस ड्रग्स की शिप रेडी है और कर्म पकड़ा गया,, और आज रात ही आप उसे जाकर खत्म कर दीजिएगा,, जैसे ही अश्की ने यह बात सुनी अश्की की सांस उसके गले में अटक गई और उसकी आंखें बड़ी हो गई,, और अगले ही पल अरमान का फोन जो कि अश्की के हाथ में था ।

वह जमीन पर जा गिरा,, और एक बार फिर

से उसकी आंखों में आंसू लबालब बहने लगे,,

To be continue..

Write a comment ...

Write a comment ...