
चौहान विला,,
प्रीत की गाड़ी इस वक्त चौहान विला के आगे आकर रुकी,, और इस वक्त वह अपनी गहरी नजरों से चौहान विला की ओर देख रहा था। हालांकि वह चौहान मिला उसका भी था लेकिन वह यहां पर बिल्कुल भी नहीं आता था क्योंकि अब यह चौहान विला आदर्श के नाम पर था। क्योंकि आदर्श ने विला प्रीत से छीन लियाथा। और अब इस विल को देखकर प्रीत के जबड़े पूरी तरह से कर चुके थे। और उसकी आंखें सर्द हो गई थी। उसने अपने कदम अब अंदर की तरफ बढ़ा दिए थे।
वहीं दूसरी तरफ,,
ध्वनि इस वक्त बेड पर लेटी हुई थी जैसे आदर्श ने उसे छोड़ा था उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था और उसका सिर नीचे की तरफ लटक रहा था। वही आदर्श जो कि उसके पास लेटा हुआ था वह शायद नींद में जा चुका था या फिर जाने का नाटक कर रहा था यह तो वही जाने,, ध्वनि अब किसी तरह से बेड पर से उठी उसकी ass में हल्की ब्लीडिंग अभी भी हो रही थी और उसकी पेट में हद से ज्यादा दर्द हो रहा था।
इस वक्त उसकी आंखें पूरी तरह से सूनी पड़ चुकी थी। उसने एक नजर आदर्श की तरफ घिन भरी नजरों से देखा। और गुस्से में जबड़े कसते हुए बोली,, बस बहुत हो गया ,, अब मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकती,,,, इतना कहकर उसकी गहरी नजरे इस वक्त आदर्श पर थी जो की आंखें बंद कर लेटा हुआ था। और अगले ही पल अब ध्वनि ने अपने कदम बैठ के कोने की तरफ़ बढ़ाए जहां पर आदर्श की पेंट पड़ी हुई थी। और इस पेट के साथ में आदर्श की गन पड़ी हुई थी जो कि वह हमेशा ही अपनी कमर में अटका कर रखता था।
इस वक्त वह पूरी तरह से बेलीबास थी।इसीलिए उसने साइट पर जमीन पर ब्लैंकेट पढ़ा हुआ था वह भी उठाया और अपने ऊपर लपेट लिया अब उसने वह gun उठाई और अगले ही पल आदर्श पर पॉइंट कर दी,, वही आदर्श जो की आंखें बंद कर लेता था उसके चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी। देखने में ऐसा लग रहा था जैसे वह सोया हो लेकिन वह सोया नहीं था उसने जब अभी ध्वनि ने यह चीज कहीं की बस बहुत हो चुका उसने वह बात बड़ी क्लियर सुनी थी और वह देखना चाहता था कि ध्वनि अब क्या करती है इसीलिए उसने अपनी आंखें नहीं खोली।
अभी उसके चेहरे पर डेविल स्माइल थी लेकिन उसने अपनी आंखें नहीं खोली थी। दूसरी तरफ ध्वनि जो कि उसके चेहरे पर डेविल स्माइल देख रही थी अब उसके हाथ कांपने लगे थे । उसका वह हाथ पूरी तरह से नीचे की तरफ लटका हुआ था जिस हाथ में गण थी और कांप भी रहा था। इस वक्त आदर्श की डेविल स्माइल देखकर ध्वनि का दिल जोरो जोरो से धक-धक कर रहा था। वह चिल्ला कर बोली अपनी आंखें खोली में मुझे पता है अब आप सो नहीं रहे हैं और अब बहुत हो चुका मैं आपकी दरिंदगी और बर्दाश्त नहीं कर सकती इतना कहकर उसने अपनी गण ऊपर की तरफ उठाई और आदर्श पर पॉइंट कर दी,,
ऐसे ही उसने अपनी गण आदर्श पर पॉइंट की आदर्श ने अपनी आंखें खोल ली और अगले ही पल वह सीधा होकर बैठ गया और अपनी गहरी नजरों से ध्वनि को देखने लगा,, दूसरी तरफ ध्वनि जिसके हाथ में गांधी इस वक्त उसका हाथ कांप रहा था लेकिन फिर भी उसने अपना हाथ पीछे की तरफ नहीं किया और उसके हाथ को कांपता हुआ देख,,
आदर्श व्यंग्य से हंसते हुए बोला हिम्मत है। तुम्हारी गांड में,, उसकी बात सुनकर ध्वनि के हाथ गण पर और भी ज्यादा कस गए,, वह गुस्से से दांत पीसकर बोली अपनी बदतमीजी अपने पास रखो मिस्टर आदर्श चौहान बहुत कर सहेलियां मैं और बहुत कर लिया तुमने अब बारी मेरी है,, उसकी बात पर अब आदर्श बड़े आराम से बेड रेस्ट पर अपना सीट आकर अपने दोनों हाथों को बेड रेस्ट पर फैलाकर टेक लगा कर बैठ गया और उसे सारकास्टिकली बोला तुमसे नहीं होगा तुम्हें इतनी हिम्मत नहीं है।
इतना कहकर अब उसने बड़े अंदाज से साइड में रखी हुई अपनी सिगरेट का बॉक्स उठाया और उसे सिगरेट जलाकर अपने होठों में दबा लिया,, आदर्श को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह ध्वनि को उत्साहने की कोशिश कर रहा था। वही ध्वनि इस वक्त उसकी आंखों के सामने वही सारे पाल घूम रहे थे जब-जब आदर्श ने उसे पर जुल्म किए थे जिस तरह से उसने उसकी रूह तक को नोच के रख दिया था। और आज आज तो जैसे आदर्श ने हद ही कर दी थी।
इससे आगे वह कुछ बोलना की तभी वहां पर गन शॉट हुआ और आदर्श की आंखें बड़ी हो गई,, उसने अब अपने सीने की तरफ देखा,, तो उसके सीने से खून का फवारा छूट पड़ा था। गोली उसके सीने पर लगी थी वही ध्वनि जिसने गोली चलाई थी वह इस वक्त कांप रही थी। और उसकी सांस इस वक्त हद से ज्यादा गहरी चल रही थी।
दूसरी तरफ,,
बाहर से आ रहे प्रीत को भी गोली की आवाज सुनाई दी थी जिसे सुनकर प्रीत के कदम वहीं पर रुक गएथे। और आंखें बड़ी हो गई थी अब उसने जल्दी से अपने कदम उसे रूम की तरफ बढ़े और सामने का नजारा देखकर प्रीत का दिल धक सा रह गया,,
सामने आदर्श बेड पर आंखें खोल बैठा हुआ था और उसके सीने पर गोली लगी हुई थी लेकिन अब वहां पर ध्वनि नहीं थी।
4 साल बाद,,
एक छोटे से फ्लैट में एक 3 साल का लड़का जो की बेड पर लेटा हुआ था। और उसकी आंखें पूरी तरह से बंद थी। वह लगातार अपनी आंखें खोलने की कोशिश कर रहा था लेकिन उसे अपनी आंखें खोली नहीं जा रही थी। उस लड़के का चेहरा पूरी तरह से पीला पड़ चुका था।उसे इस वक्त हद से ज्यादा फीवर था और एक लड़की उसके माथे पर ठंडे पानी की पट्टियां कर रही थी। और इस वक्त उसे लड़की के चेहरे पर परेशानी झलक रही थी। वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली कुछ नहीं होगा तुम्हें मेरे बच्चे अभी ठीक हो जाएगा बस अपनी आंखें खोलो।
To be continue....
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