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I like tight hole

Antonio,,

धानी इस वक्त मृत्युंजय के सामने टेबल पर डॉगी पोजिशन में थी और सामने ही टेबल पर पड़ा हुआ फोन बज था जो कि किसी और का नहीं सौरभ जी का था सौरभ जी ने अभी-अभी धानी को फोन किया था। वही धानी की सांस तो उसके गले में अटकी हुई थी क्योंकि मृत्युंजय ने अपना dick उसकी ass crack पर रखा हुआ था और हल्का-हल्का उसे ass crack पर सहला रहा था जिससे धानी की बॉडी में एक अलग ही कपकपी से महसूस हो रही थी। वही सौरभ जी जो की बेचैन होकर धानी को फोन कर रहे थे। उनके चेहरे पर इस वक्त बेहद परेशानी झलक रही थी।

वह लगातार वहां पर चक्कर लगाते हुए धानी को फोन लगा रहे थे लेकिन धानी अभी फोन नहीं उठा रही थी। दूसरी तरफ मृत्युंजय जो की धानी के पीछे खड़ा था उसके चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल थी। वही धानी जो की मृत्युंजय के सामने इस वक्त डॉगी पोजिशन में थी वह मृत्युंजय को रोकते हुए बोली प्लीज मिस्टर राठौर 2 मिनट रुक जाइए मुझे पापा से बात कर लेने दीजिए ,, मृत्युंजय ने धानी की बात तो सुनी लेकिन उसने आगे से कोई जवाब नहीं दिया। धानी ने 5 मिनट वेट किया तब तक फोन बज कर बंद हो चुका था। और दोबारा से बजने लगा था। जब मृत्युंजय ने कोई जवाब नहीं दिया ,, तो अगले ही पल धानी ने फोनउठाया,, अभी उसने फोन उठाया ही था कि तभी मृत्युंजय ने एक झटके से अपना dick धानी की ass मैं डाल दिया जिससे धानी की चीख,,

उसे कमरे में गूंज गई थी जिसकी आवाज सौरभ जी को भी साफ सुनाई दी थी। और धानी की इतनी दर्दनाक आवाज सुनकर सौरभ जी कांप उठे,, वह हड़बड़ी से बोल क्या हुआ धानी बेटा तुम ठीक तो हो,, और और तुम चिल्लाई क्यों बेटा,, वह अभी बोल ही रहे थे वही धानी अपने मुंह पर हाथ रखकर अपने दर्द को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी क्योंकि मृत्युंजय का डिक इस वक्त धानी की ass में था।

वही सौरभ जी लगातार बोले जा रहे थे लेकिन धानी की तरफ से कोई भी जवाब नहीं आ रहा था जिसे देखकर सौरभ जी और भी ज्यादा घबरा चुके थे। डर के मरे उनकी हालत और भी ज्यादा खराब हो गई थी अब उन्होंने फोन काटा और दोबारा से धानी को फोन करने लगे वही धानी जो कि अपने मुंह पर हाथ रखे हुए दर्द को बर्दाश्त करने की कोशिश कर रही थी। दूसरी तरफ मृत्युंजय के चेहरे पर इस वक्त तिरछी मुस्कराहट तैर गई थी और उसने अब धानी के बालों को अपनी मुट्ठी में भरा ,, और उसके कान के पास झुकते हुए बेहद से डिटेक्टिव वॉइस में बोला,, your ass is so tight baby, this whole make me crazy baby I like it I like your tight hole ,,, इतना कहते हुए उसने लगातार खुद को मूव करना शुरू किया जिससे धानी का दर्द और भी ज्यादा बढ़ गया दूसरी तरफ सौरभ जी कंटीन्यूअस धानी के फोन पर फोन कर रहे थे,,

लेकिन धानी फोन उठाने का नाम ही नहीं ले रही थी। जब तकरीबन 15 मिनट धानी ने फोन नहीं उठाया अगले ही पल उसने घर के सर्वेंट जो कि पिछले 10 सालों से इस विला में काम कर रही थी। उसे फोन किया तो अगले ही पल सर्वेंट ने फोन उठाया और उसने सारी बात सौरभ जी को बता दिया और उसकी बात सुनकर सौरभ जी हक्के-बक्के रह गए कि कैसे मृत्युंजय धानी तक पहुंच गया उन्हें सोचकर ही यह चीज हैरानी हो रही थी और अब उनके चेहरे पर एक बार फिर से परेशानी झलक रही थी क्योंकि उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि वह अनिल को क्या जवाबदे,,

क्योंकि पिछले दो सालों से अनिल पुणे पूरी कोशिश की थी की धानी के साथ किसी तरह से उसका टांका भीड़ जाए,, लेकिन धानी ही उसे कोई भाव नहीं देती थी और अब जब धानी इस चीज के लिए मानी थी तो अब एक बार फिर से मृत्युंजय उसके सामने आकर खड़ा हो गया था। लेकिन अनिल को यह चीज बतानी तो थी ही इसीलिए उन्होंने बिना जीजक अनिल को फोन लगाया क्योंकि सौरभ जी मृत्युंजय को पसंद तो पहले ही करने लगे थे। और वह अपने दिल से उन्हें अपना मानते थे तो इसीलिए उन्हें खुशी भी हो रही थी कि मृत्युंजय धानी टक्कर पहुंच चुका है क्योंकि इन 2 सालों में धानी ने भी कहां मृत्युंजय के बिना सुख की सांसली थी। अगर मृत्युंजय दिन पर आज सोया नहीं था तो ढाणी भी कहां मृत्युंजय के बिना सोई थी।

अब सौरभ जी को इस चीज की खुशी भी हो रही थी कि मृत्युंजय धानी तक पहुंच गया और दूसरी बात उन्हें यह चीज परेशान भी कर रही थी क्योंकि अनिल के साथ इस चीज से उनके बिजनेस में काफी ज्यादा लॉस होने वाला था और यह चीज तो वह पहले ही समझ चुकेथे। अब उन्होंने अनिल को फोन लगाया और उन्हें बताया कि वह इस वक्त अपने हस्बैंड के साथ है जैसे ही अनिल ने यह बात की अनिल के जबड़े पूरी तरह से कस गए,, और दांत पीसकर सौरभ जी से बोल,, यह आपने अच्छा नहीं किया मिस्टर सौरभ अब देखिए मैं आपका क्या हश्र करता हूं कल का सवेरा वोहरा इंस्टिट्यूट आपके साथ कोई संबंध नहीं रखेगा इतना कहकर अनिल ने फोन काट दिया और कांपता हुआ वहां से चला गया,,

दूसरी तरफ सौरभ जी ने उनकी बात सुनी और अब वह फोन की तरफ देखकर बोले मुझे ऐसे इंस्टीट्यूट से रिश्ता रखना भी नहीं जहां पर मेरी बेटी की खुशियों का मैं खुद गला छोड़ दूं इतना कह कर उन्होंने अब गहरी सांस ली,, और राहुल जो कि अभी-अभी उसके पास आकर खड़ा हुआ था उसकी नज़रें अब सौरभ जी पर थी वहीं दूसरीतरफ,,

मृत्युंजय इस वक्त लगातार धानी के ऊपर झुका हुआ था और उसे ass fuck कर रहा था और धानी की चीखे उसे कमरे में गूंज रही थी।

To be continue.....

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