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Phisco adarsh🔞🔞🔞⚠️⚠️

हाईवे पर,,

In the car,,,

आदर्श इस वक्त ध्वनि को ass fuck कर रहा था और ध्वनि का चेहरा इस वक्त पूरी तरह से पीला पड़ चुका था वह लगातार अपने डिक को ध्वनि की ass में वाइल्डली पुश कर रहा था। जिससे ध्वनि को हद से ज्यादा दर्द हो रही थी और अब तो उसका दर्द से बुरा हाल होने लग गयाथा। ध्वनि की ass से ब्लड आने लग गया था लेकिन। गुस्से में अंधा हुआ आदर्श यह चीज अच्छी नहीं पा रहा था। वह लगातार ध्वनि को ass fuck किए जा रहा था,,

वही ध्वनि जिसके हाथ पूरी तरह से गाड़ी से बंधे हुए थे वह बेचारी कुछ कर भी नहीं पा रही थी। वह अभी भी डॉगी पोजिशन में आदर्श के सामने थी इस वक्त उसके पर पूरी तरह से कम रहे थे। अब आदर्श ने उसकी ass से अपना dick बाहर निकाल,, और उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला,, आज तो तुम गई, क्या कहा तुमने तुम उत्कर्ष से प्यार करती हो तो आज तुम्हें प्यार का मतलब बताता हूं कि प्यार होता कैसाहै।

इतना कहकर वह अपनी गाड़ी के आगे की तरफ आया और अगले ही पल गाड़ी स्टार्ट कर दी इस वक्त वह पूरी तरह से नेकेड था। लेकिन उसे इस चीज से कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा था। पीछे ध्वनि भी पूरी तरह से नेकेड थी। अब आदर्श ने गाड़ी स्टार्ट की और अगले ही पल गाड़ी तेजी से सड़कों पर दौड़ रही थी वहीं पीछे बैठी ध्वनि की सांस जैसे उसके गले में अटकी हुई थी उसे अपनी ass में इस वक्त हद से ज्यादा दर्द हो रहाथा।

उसे ऐसा लग रहा था जैसे आदर्श ने उसकी ass ही फाड़ दी हो और कहीं ना कहीं यह सच भी था। अभी तक उसे इतना नहीं पता था कि उसकी ass से ब्लीडिंग जा रही थी। उसके हाथों पर भी लाल निशान पड़ चुके थे। तकरीबन आधे घंटे बाद उनकी गाड़ी,, एक विला के आगे आकर रुकी और इस विल को देखकर ध्वनि की आंखें बड़ी हो गई क्योंकि पिछले कई दिनों से वह आदर्श के साथ चौहान इंडस्ट्रीज में रह रही थी और आज आदर्श से किसी और ही जगह पर लेकर आया था।

जैसे ही आदर्श ने विला के अंदर अपनी गाड़ी दाखिल की तो वहां पर खड़े सभी बॉडीगार्ड्स अब पीछे की तरफ चले गए क्योंकि उन्होंने आदर्श की गाड़ी को पहचान लिया था। और उन्हें इस चीज की सख्त हिदायत दी गई थी जब आदर्श रात को विला पर आए तो उन्हें वहां पर रुकने की इजाजत बिल्कुल भी नहीं थी और हुआ भी कुछ ऐसा ही आदर्श की गाड़ी जैसे ही बॉडीगार्ड्स ने देखी तो सभी पीछे बैकयार्ड में चले गए,,, और बाहर दरवाजे पर खड़े बॉडीगार्ड ने अपना चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका लिया। बाहर गेट पर खड़े बॉडीगार्ड को अपनी आंखें उठाने तक की इजाजत नहीं थी।

वही आदर्श अब अपनी गाड़ी से बाहर निकाला और उसने पिछले सीट का दरवाजा खोलकर अगले ही पल ध्वनि के हाथ खोले और उसे कंधे पर उठाकर अंदर की तरफ ले जाने लगा वही ध्वनि जो कि उसके कंधे पर झूल रही थी उसके अंदर तो इतनी जान नहीं थी कि वह अपने हाथों को आदर्श की पीठ पर मुक्के बरसा सके क्योंकि उसके हाथ इस वक्त पूरी तरह से लाल पड़ चुकेथे। और उसके शरीर में जैसे जान ही नहीं बचीथी। ऊपर से अंधेरा होने की वजह से कुछ खास दिखाई नहीं दे रहा था चौहान विला में भी कुछ ज्यादा रोशनी नहीं थी बाहर से पूरी तरह से चौहान मिला अंधेरे में डूबा हुआ था और अंदर भी कहीं कहीं माध्यम सी रोशनी जल रही थी। आदर्श ध्वनि को लेकर अंदर की तरफआया।

जिसमें से हल्की-हल्की ध्वनि का बदन दिख रहा था लेकिन इतना भी नजर नहीं आ रहाथा। आदर्श आबू से लेकर बेडरूम में पहुंचा और अगले ही पल उसने ध्वनि को बेड पर पटक दिया। जिससे ध्वनि दर्द से तड़प उठी क्योंकि इतनी देर से आदर्श उसे ass fuck कर रहा था तो उसे वजह से उसे अपने पेट में हद से ज्यादा दर्द हो रहा था। और अब आदर्श के इस तरह से पटकने से उसकी हालत और भी खराब होने लग गई थी। वही आदर्श ने अब रूम की डिम लाइट ऑन की। जिसमें अब ध्वनि का शरीर किसी सोने की तरह चमक रहा था। उसका वह गोरा बदन देखकर आदर्श पागल सा होने लगा था और अब उसने ध्वनि की टांगों को पकड़ा और बेड के कोणों के साथ बांध दिया जिससे उसकी टांगें पूरी तरह से फैल गई,, जैसे ही उसने उसकी टांगों को फैला कर बांध तो एक दर्दनाक सीख ध्वनि की उसे कमरे में गूंज गई। क्योंकि जब आदर्श ने उसकी टांगों को फैलाया था तो उसके पैर में से एक आवाज आई थी जो की अंकल ट्वीट की थी लेकिन आदर्श ने इस चीज पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

और अगले ही पल वह ध्वनि की pussy पर झुका और अपनी दो उंगलियों से उसकी प्लेयर्स को खोलते हुए अपनी दांतों से उसके क्लीटोरिस को पड़कर खींचने लगा जिससे ध्वनि और भी तेजी से तड़प उठी क्योंकि आदर्श के दांत इतने ज्यादा देखे थे जब भी वह उसके क्लीटोरिस को पकड़ कर खींचना तो ध्वनि की दर्द से जान निकलने लगती है। और अगले ही पल वह जोरदार स्पांक ध्वनि की pussy पर कर देता है जिससे ध्वनि की स्किन पर जो दर्द होता है वह उसकी बर्दाश्त से बाहर था। और वह और भी ज्यादा तड़पना लगती है।उसे ऐसा लग रहा था कि जैसे आदर्श इंसान ना होकर एक हैवान हो,,

आदर्श को तो उसके तड़पने से कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था वह लगातार ऐसे ही कभी उसके क्लीटोरिस को पड़कर दांतों से खींचकर अगले ही पल उसकी पूसी पर जोरो से spank करने लगता,,, आज आदर्श किसी फिजिको से काम नहीं लग रहा था। उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल थी ऐसे ही वह लगातार उसकी उसी के साथ खेलता रहा तकरीबन 25 30 मिनट बाद अब उसने बेड का साइड ड्रॉ खोला और उसमें से एक वाइब्रेटर निकाला और उसे वाइब्रेटर को देखकर ध्वनि की सांस उसके गले में अटकगई।

और अगले ही पल आदर्श ने वह वाइब्रेटर उसकी ass मैं इंजेक्ट कर दिया,, और उसे ऑन कर दिया जिससे उसकी बॉडी पूरी तरह से कांपने लगी थी। लेकिन अभी भी वह उसकी pussy पर कंटीन्यूअस एसपी spank किया जा रहा था। अब वह ध्वनि के चेहरे के पास आकर उसके गालों को अपने हाथों में कसकर पकड़ते हुए,, क्या अभी कहोगी कि तुम उत्कर्ष से प्यार करती हो उसकी बात पर ध्वनि फूट-फूट कर रोते हुए बोली,, यह आप क्या कर रहे हैं और क्यों कर रहे हैं हां मैं अभी भी उससे प्यार करती हूं। और मैं इस चीज को झूठ ला नहीं सकती,,,

उसकी बात पर अब आदर्श जैसे और भी पागल हो गया,, अब उसने उसका चेहरा पूरी तरह से अपने हाथों में ग्रिप बनाई और अगले ही पल अपने पर पूरी तरह से ध्वनि के इर्द-गिर्द रखकर उसकी सीने पर बैठ गया,, लेकिन उसने अपना भर उसके सीने पर नहीं डाला हुआ था। इस वक्त उसका वो dick ध्वनि के होठों के पास था।

और उसके dick को अपने होठों के पास महसूस कर ध्वनि ने अपने होठों को पूरी तरह से कसकर बंद कर लिया था। उसकी इस हरकत को देखकर आदर्श के होठों के कोने मुड़ गए लेकिन अब उसने उसके गालों को कसकर पकड़ और अगले ही पल ध्वनि की आह निकल गई और अब आदर्श ने अपना dick अपने हाथों में कसकर पकड़ और अगले ही पल ध्वनि केमुंह में घुसा दिया,, और जोर-जोर से उसके मुंह में अपना dick अंदर बाहर करने लगा,, कुछ देर इसी पोजीशन में रहने के बाद उसे कुछ कमी महसूस होने लगी,, पर उसने ज्यादा ध्यान न देते हुए dhvni continuously mouth fuck करता रहा,,लेकिन जब उसे यह पोजीशन कंफर्टेबल नहीं लगी,,

तो उसने ध्वनि को पालता और,, उसका सर वैदिक के नीचे की तरफ लटका दिया,, जिससे ध्वनि का सर पूरी तरह से बेड के नीचे की तरफ लटक रहा था और उसके बाल नीचे जमीन को छू रहे थे,, और ऐसे ही अब आदर्श ने दोबारा से अपने dick को हाथ में पकड़ा और अगले ही पल ध्वनि के सिर के पीछे अपना हाथ रखकर थोड़ा सा बंद होकर,, अपना dick उसके के अंदर घुसा दिया,, जिससे ध्वनि की एक बार फिर से आंखें बड़ी हो गई और घुट्टी घुट्टी आवाज़ वहां पर गूंजने लगी,,,

वह लगातार अपनी कमर को मूव करते हुए उसके मुंह में अपना dick अंदर बाहर कर रहा था। और दूसरी तरफ ध्वनि की ass में,,,vibrator चल रहा था जिससे ध्वनि की बॉडी पूरी तरह से शिवर कर रही थी इस वक्त ध्वनि की हालत हद से ज्यादा खराब हो चुकी थी। लेकिन आदर्श रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। इसका dick ध्वनि के गले तक हिट कर रहा था।

तकरीबन 20 25 मिनट ऐसे ही,, ध्वनि को माउथ fuck करने के बाद,, आदर्श जोरो जोरो से ग्रोल करने लगा ,,, क्योंकि उसका बदन पूरी तरह से अकड़ने लगा था।

Ooohhhhhaaahhhh you bloody bich you are only mine only I will right to fuck you aaaahhhhhh aaaaahhhhh yess I'll come aahh my bich take it my love aaahhhhh

ऐसे ही उसने एक शॉट दिया और पूरी तरह से ध्वनि के मुंह में, cmm हो गया और उसका सीमन इतना ज्यादा था कि उसके मुंह से सीमन उसके मुंह से लुढ़कते हुए नीचे जमीन पर गिरने लगा वही ध्वनि की आंखों में आंसू भी नीचे जमीन पर गिर रहेथे। उसने अब अपना dick ध्वनि के मुंह से निकाला और उसके बगल में लेट गया,, लेकिन ध्वनि अभी भी इस पोजीशन में लेटी हुई थी और वाइब्रेटर अभी भीउसकी ass में था।जिस वजह से उसे हम भी दर्द हो रहाथा। लेकिन आदर्श नहीं उसे उसकी ass में से नहीं निकला,,

वही ध्वनि ऐसे ही किसी जिंदा लाश की तरह लेती रही और उसकी आंखों में आंसू बहते रहे,, वहीं आदर्श कुछ देर जागने के बाद धीरे-धीरे गहरी नींद में चला गया,,

वहीं दूसरी तरफ,,

चौहान हवेली,,

चौहान हवेली के बाहर मातम का माहौल बना हुआ था और बीच में एक लाश पड़ी थी और उसके इर्द-गेट कई लोग खड़ेथे। वहीं पर एक लड़का भी खड़ा था जो काफी ज्यादा हैंडसम था। और यह लड़का आदर्श का दूसरा भाई जो की उत्कर्ष से बड़ा था। वह खड़ा था और इस वक्त उसकी आंखें सर्दी थी और जबड़े पूरी तरह से कसे हुए थे,, वह गुस्से में दांत पीसकर बोला,,, आज तो भाई आपके यहां पर होना चाहिए था लेकिन आप तो इतना कहते हुए उसे लड़की का चेहरा पूरी तरह से लाल पड़ चुका था,, और अब वह लड़का पार्किंग एरिया की तरफ जाने को हुआ कि तभी उसकी मां ने उसका हाथ पकड़ते हुए,,

कहां जा रहे हो बेटा ऐसी घड़ी में,, तभी प्रीत जो कि गुस्से में बाहर की तरफ जा रहा था। वह अपनी मां की तरफ देखकर बोला ना मॉम यह कोई तरीका नहीं है और आज हमारे घर की हालत क्या है तब भी भाई यहां पर नहीं है मैं उन्हें लेने जा रहा हूं इतना कहकर प्रीत ने अपनी मॉम का हाथ झटक और बाहर की तरफ चला गया,,

वही शीतल जी तो अपनी जगह पर जैसे खड़ी रह गई उन्हें भी पता था । उन्हें भी पता था की प्रीत आदर्श को बुलाने जाएगा तो वह कभी नहीं आएगा,, लेकिन आदर्श उत्कर्ष से बहुत प्यार करता था तो शायद वह आ भी सकता था यह सोचकर उन्होंने अपनी आंखों में आए हुए आंसू को पूछा और अपने सामने अपने बेटे की लाश को देखने लगी। जिसे देखकर अब एक बार फिर से उनकी आंखों में आंसू और भी तेजी से बहने लगे,,

दूसरी तरफ प्रीत की गाड़ी इस वक्त सड़कों पर तेजी से दौड़ रहीथी। और इस वक्त उसका चेहरा गुस्से से लाल हुआ पड़ा था। तकरीबन आधे घंटे बाद उसकी गाड़ी चौहान विला के आगे आकर रुकी,, अभी उसे कुछ देर पहले ही उसके असिस्टेंट का फोन आया था जिसने उसे बताया था कि आदर्श इस वक्त चौहान विला में है। तो इसीलिए उसने अपने कदम चौहान विला की तरफ बढ़ा दिए थे।

और अब वह चौहान विल को अपनी गहरी नजरों से देख रहा था इ

स वक्त रात के 2:30 बज चुके थे।

To be continue....

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