
Antonio,,
अनिल जो कि इस वक्त बैठा अखबार पढ़ रहा था कि तभी उसके कानों में धानी के कमरे से कुछ आवाज़ पड़ी थी उसे सुनकर अब अनिल ने अपने कदम उसके रूम की तरफ बढ़ा दिएथे। उन आवाजों को सुनकर अनिल को बहुत अजीब सा महसूस हो रहा था। क्योंकि वह आवाज ही ऐसी थी कि कोई भी उसे सुने और समझ में आ जाएगा कि अंदर क्या चल रहा है लेकिन फिर भी अनिल अपने कदम धानी के कमरे की तरफ बढ़ाई जा रहा था। जब धानी का कमरा कुछ ही दूरी पर रह गया तभी सरमेंट अब अनिल के सामने आकर खड़ी हुई और सर झुका कर बोली प्लीज सर आप उधर नहीं जा सकते,, सर्वेंट की बात सुनकर अनिल की इकाई ब्रो ऊपर की तरफ उठ गई और वह गुस्से में जबड़े करते हुए बोला और मैं क्यों नहीं जा सकता,,
अभी वह बोल ही रहा था कि तभी जोर से दरवाजा बंद होने की आवाज आई और उसे आवाज को सुनकर अनिल की आंखें बड़ीहो गई,, उसने अब जल्दी से सर्वेंट को क्रॉस करते हुए अपने कदम रूम की तरफ बढ़ाए,, के तभी सर्वेंट उसे रोकते हुए बोली देखी हमारी बात सुनिए लेकिन तब तक अनिल है उसके दरवाजे तक पहुंच चुका था पर अब कोई फायदा नहीं था क्योंकि दरवाजा पूरी तरह से बंद हो चुका था। और अब अंदर की आवाज बाहर नहीं आ रही थी।
वहीं दूसरी तरफ,,
धानी ने मृत्युंजय को धक्का दिया और वह मृत्युंजय सीधा सोफा पर आकर गिरा और अगले ही बोल धानी ने उसकी तरफ पीठ की और अपनी टांगे उसके दोनों तरफ रख कर उसके डिक को अपने हाथ में पड़ा और अगले ही पल अपनी pussy में इंटर करवा लिया। इस वक्त धानी का मुंह मृत्युंजय के अपोजिट था और धानी की पीठ मृत्युंजय की तरफ थी। और उसके पर सोफे के बिल्कुल नीचे थे। और अब एक बार फिर से वह अपनी हिप को जोर-जोर से हिला रही थी जिस वजह से मृत्युंजय का dick अपने आप ही धानी के अंदर बाहर हो रहा था।
इस वक्त धानी की ass मृत्युंजय को और भी ज्यादा अट्रैक्टिव लग रही थी उसकी आज को देखकर मृत्यु जी ने अपने होठों पर जीव घूमा रहा था। वही धानी लगातार मृत्युंजय थाई इस पर हाथ रखकर ,, अपना चेहरा हल्का सा पीछे की तरफ मुड़ा हुआ था और लगातार अपनी ass को मुंह करवा रही थी। वही मृत्युंजय की सड़कती नजरे पूरी तरह से उसके ass crack पर जो की पिक पिक उसके नजर आ रही थी। मृत्युंजय का दिल कर रहा था कि अपना दिखे उसकी pussy से निकाल कर सीधा उसकी ass में घुसा दे,, लेकिन फिलहाल के लिए उसने खुद पर कंट्रोल रखा हुआ था।
अब उसने एक बार फिर से धानी के बालों को अपनी मुट्ठी में भरा और नीचे से खुद को मुंह करवाने लगा। जिससे उनकी स्किन स्लैपिंग की आवाज और भी तेज हो चुकीथी। धानी के चेहरे पर इस वक्त पसीने से भरा हुआ था जो कि उसके बूब्स पर गिर रहा था। रूम में ऐसी चल रहा था लेकिन फिर भी उन दोनों के बदन पर हद से ज्यादा पसीना उभरा हुआ था। वही मृत्युंजय अब लगातार उसकी बालों को पकड़ कर खींचते हुए उसकी ass पर spank कर रहा था। धानी भी बिल्कुल भी रुक नहीं रही थी वह लगातार अपनी आगे को हिलाई जा रही थी। जिससे उसकी ass की स्किन ऊपर नीचे हिल रही थी। तकरीबन 15 20 मिनट इसी तरह धानी अपनी ass को हिलाती रही और मृत्युंजय का dick पूरी तरह से उसके अंदर move होता रहा। तभी मृत्युंजय ने उसके हाथों को पकड़ कर नीचे जमीन पर लगा दिया जिससे धानी की आंखें बड़ी होगई। क्योंकि मृत्युंजय ने यह काम बहुत तेजी से किया था।
और दूसरे ही पल उसकी टांगों को पड़कर सोफा पर रख लिया और अब धानी पूरी तरह से सोफा के नीचे बंद हुई पड़ी थी और उसकी ass crack और इस मृत्युंजय की आंखों के सामनेथी,, अब मृत्युंजय ने उसकी pussy में से अपना dick बाहर निकाल लिया था। अमृत्युंजय ने अब अपना अंगूठा उसकी ass हल्का-हल्का उसकी ass crack को सहलाने लगा जिससे धानी की सांस उसके गले में अटकगई। वह अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली नहीं मिस्टर राठौर ,, अभी वह बोल ही रही थी कि तभी उसकी सांस उसके गले में अटक गई क्योंकि मृत्युंजय ने उसके ass के दोनों बंप को हाथ में पड़कर पूरी तरह से खोल दिया था और अब उसकी ass और भी साफ उसकी आंखों के सामने थी। अब उसने अपना अंगूठा लगातार उसकी ass crack पर फिरते हुए,,
लेकिन मेरा बहुत मन कर रहा है।shygirl,, प्लीज एक बार करने दो ना,, उसकी बात सुनकर धानी का रंग पूरी तरह से उड़ गया वह अगले ही पल सीधी होने को हुई लेकिन मृत्युंजय ने अपनी ग्रुप उसके थाई पर बना ली और अगले ही पल उसकी ass में अपना मुंहघुस कर अपनी जीभ को उसकी ass पर चलने लगा,, जिससे ढाणी के अब रोंगटे खड़े हो रहे थे। वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली प्लीज मिस्टर राठौर ऐसा मत कीजिए बहुत दर्द होगा,, सभी नतीजे उसकी ass में से मुंह निकाल कर बोला,,
नहीं shygirl इतना नहीं होगा प्लीज मुझे करने दो,, इतना कहते हुए उसने अपना अंगूठा उसकी ass crack मैं से अंदर की तरफ पुश करना शुरू कर दिया था। जिससे दाने की सांस और भी ज्यादा गहरी होने लगीथी। लेकिन वही दर्द उठने के लिए अभी अफोर्ड नहीं करना चाहती थी इसीलिए वह मृत्युंजय को रोकते हुए बोली अगर आप यह करना चाहते हैं। तो ठीक है लेकिन मैं उसे अपने अंदर खुद डालूंगी क्योंकि मुझे बहुत दर्द होगा अगर आप डालेंगे तो,, उसकी बात सुनकर मृत्युंजय के चेहरे पर दिलकश मुस्कुराहटतैर गई, और अगले ही पल उसमें अपने हाथ उसकी थाई पर से हटालिए,,
अब धानी पूरी तरह से सीधी हुई और उसकी नजर मृत्युंजय कर डिक पड़ गई जो और भी ज्यादा अकड़ चुका था और उसके dick को देखकर धानी की हालात और भी ज्यादा खराब होने लगीथी। उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसके बदन में से उसकी जान ही निकल जाएगी। क्योंकि मृत्युंजय का dick इस वक्त 8 इंच का था और उसकी मोटाई और भी ज्यादा थी। अवधानी पूरी तरह से उसकी कमर पर झुकी और अगले ही पल उसके dick को अपने हाथों में भरकर। उसके ऊपर झुकी और अगले ही पल उसने अपने होंठ मृत्युंजय के dick पर रख दिए थे। जिससे मृत्युंजय की आह निकल गई थी उसने अपना चेहरा पूरी तरह से ऊपर की तरफ कर लिया था और उसकी आंखें ऊपर की तरफ रोल हो रही थी,,
जहां एक तरफ अभी भी होता सेशन चल रहा था वहीं दूसरी तरफ,,
दरवाजे के बाहर खड़ा अनिल इधर-उधर चक्कर लगा रहा था इस वक्त उसके चेहरे पर हद से ज्यादा गुस्सा छलक रहा था। उसने अब सौरभ जी को फोन लगाया और अगले ही पल दो बेल पर सौरभ जी ने फोन उठा लिया। अब लगभग से अनिल चिल्लाते हुए बोला यह क्या बदतमीजी है आपने मुझे घर बुलाया अपनी बेटी के लिए आपकी बेटी ने आपको कहा था। मैं मुझे डील करना चाहती है। और आपने कहा था कि हो सकता है मैं आप उसका बचपन का दोस्त होने के कारण वह मुझसे शादी के लिए यहां कर दे लेकिन यहां तो कुछ और ही चल रहा है। अनिल की बात सुनकर सौरभ जी हैरानी से फोन की तरफ देखने लगे।
और अगले ही पल हर बढ़ाते हुए बोली हुआ क्या है बेटा। तभी अनिल चलते हुए बोला आपकी बेटी की आवाजे उसके रूम से आ रही,, और वह भी नॉर्मल आवाज नहीं जब हम किसी के साथ सेक्स करते हैं वैसी आवाज़,, उसकी बात सुनकर सौरभ जी और भी ज्यादा चौक गया,, सौरभ जी को अब थोड़ा ऑकवर्ड लगने लगा था क्योंकि बाद उनकी बेटी की थी और अनिल उनके साथ बेहद ओपन भी सेक्स की बात कर रहा था इस वजह से उन्हें बहुत ज्यादा शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। वह अभी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोला नहीं अनिल बेटा वह ऐसे कैसे किसी कैसे करीब जा सकती है तुम्हें मैंने पहले ही बताया कि वह मृत्युंजय से प्यार करती है और मृत्युंजय टू सिंगापुर में है वह यहां पर है ही नहीं,,
सभी अनिल चिल्लाते हुए बोला आई डोंट केयर अबाउट मृत्युंजय,, मुझे यह बताइए की धानी इस वक्त किसके साथ है और अभी मुझे पता करके दीजिए,, इतना कहकर अनिल ने फोन काट दिया,,
दूसरी तरफ अवध सौरव जी के चेहरे पर परेशानी झलक रहीथी। और अगले ही फल उन्होंने धानी को कॉल लगाया तो धनी का फोन जो की टेबल पर पड़ा था। वह बचाने लगा और उसे फोन को देखकर धानी जो कि इस वक्त टेबल पर डॉगी पोजिशन में बंद हुई पड़ी थी और मृत्युंजय ने उसे अपना डिक को उसकी ass पर रखा हुआ था अभी तक उसने thrust नहीं किया था।
जैसे ही उन्होंने सौरव का फोन देखा तो मृत्युंजय के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई। वही धानी की सांस अब हलक में अटक चुकी थी वह मृत्युंजय को रोकते हुए बोली प्लीज थोड़ी देर रुक जाइए मिस्टर राठौर,, उसकी बात पर मृत्युंजय ने उसे कोई जवाब नहीं दिया वही धानी ने अब जब मृत्युंजय का कोई जवाब नहीं आया तो उसने फोनउठाया,, अभी सौरभ जी कुछ बोलने को हुए ही थे कि तभी मृत्युंजय ने एक ही झटके से अपना dick धानी की ass में डाल दिया,,
जिससे धानी जोरों से चिल्लाओ थी जिसे सुनकर सौरभ जी की सांस उनके गले में अटक गई,,
To be continue...
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