
Take care hospital,,
Dhaanishk इस वक्त स्ट्रेचर पर लेटी हुई सौम्या को अपनी सुनी आंखों से देख रहा था. इस वक्त रात के ढाई बज चुके थे. ऑफिस में दो- चार घंटे से ऐसे ही खडा था पास में स्टूल भी पडा था लेकिन उसने एक बार भी स्टूल की तरफ देखा भी नहीं. वही सौम्या जो की पूरी तरह से बेजान स्ट्रेचर पर लेटी हुई थी उसका चेहरे की रौनक बिल्कुल ही गायब हो चुकी थी और चेहरा पूरी तरह से सफेद पडा हुआ था. उसके वह होंठ जो हर वक्त पिक रहते थे आज वह होंठ बिल्कुल ही सुख मा बेजान हुए पढें थे. सौम्या का यह हाल देखकर Dhaanishk की चेहरे की रौनक पूरी तरह से गायब हो चुकी थी. उसका वह एक्सप्रेशन लेस चेहरा जिस पर हमेशा ही एक अलग ही तेज होता था. जैसे आज कहीं वह गायब था.
उधर त्रिआंशु तीन सीटर चेयर पर बैठा था और उसकी आंखों के सामने नेहा का क्या चेहरा घूम रहा था. उसका हल भी जैसे आज Dhaanishk से काम नहीं था. ऐसे ही तीन घंटे बीत गए, अंदर नेहा का ऑपरेशन चल रहा था. और बाहर त्रिआंशु का हाल भी हाल हो रहा था. तकरीबन एक घंटा और ऐसे ही बीत गया और डॉक्टर अब बाहर की तरफ आए जैसे ही डॉक्टर बाहर आए त्रिआंशु जल्दी से अपनी जगह से खडा होकर डॉक्टर की तरफ आया, भले ही त्रिआंशु की आंखों में नमी नहीं थी लेकिन आज पहली बार त्रिआंशु की आंखों में नेहा के लिए बेचैनी साफ नजर आ रही थी. त्रिआंशु ऑफ डॉक्टर की तरफ देखकर बोला कैसी है वह, त्रिआंशु की बात सुनकर डॉक्टर के चेहरे पर परेशानी झलकने लगी वह अब त्रिआंशु की तरफ देखकर बोले, Mister राणा आपकी Wife की हालत बहुत क्रिटिकल है उनके दोनों पर पूरी तरह से डैमेज हो चुके हैं. और sir पर भी बहुत ज्यादा गहरी चोट आई है जिस वजह से उनकी मेमोरीज लॉस होने के चांसेस बहुत ज्यादा है. और एम Sorry हम आपके बच्चे को नहीं बचा पाए, उसकी बात सुनकर त्रिआंशु की सांस जैसे एक पल के लिए उसके गले में ही अटक गई. और एक और बात सबसे ज्यादा परेशानी की है कि अब पता नहीं वह कब चल पाएंगे लेकिन वह जल्दी अब अपने पैरों पर खडा नहीं हो पाएगी बिकॉज उनके पैरों की जो इंटरनल इंजरी हुई है वह बहुत से ज्यादा उन्हें नुकसान दे गई, और अब उनके लिए जिंदगी का बहुत मुश्किल पडाव शुरू होने जारहा है.
अगर आप उस पडाव में अपनी Wife का साथ देंगे तो मच बेटर लेकिन ऐसी हालत में कई बार पेशेंट डिप्रेशन में भी जाना जाता है. अगर उसे इस वक्त में किसी का साथ नहीं मिला तो हो सकता है. उनकी हालत और भी खराब हो जाए और अभी आप पर निर्भर करता है कि आप उनके साथ कैसा बिहेव करते हैं. इतना कहकर डॉक्टर अब वहां से जा चुके थे और वही त्रिआंशु का दिमाग अब पूरी तरह से घूम चुका था. उसके दिमाग में अब कहीं बातें चल रही थी. और सबसे पहली बात तो यह थी कि अगर नेहा की याददाश्त चली गई. तो वह नेहा को अपने साथ कैसे रखेगा, इसी तरह उसके दिमाग में कई सारी बातें घूम रही थी. जिस वजह से उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल हो चुकी थी और ऐसे ही वह जाकर सामने तीन सीटर कुर्सी पर दोबारा बैठ गया.
पूरी रात निकल गई. उधर Dhaanishk ने एक पल के लिए भी अपनी आंख झपक कर नहीं देखी थी, और ना ही एक पल के लिए भी वह स्टूल पर बैठा था. उसकी आंखें एक तक सौम्या के चेहरे पर टिकी हुईथी. अब तक सुबह के सात बज चुके थे. वहीं दूसरी तरफ बाहर खडा AS भी दो घंटे सो कर आ चुका था जब उसने दो घंटे पहले Dhaanishk को देखा था तब भी Dhaanishk तो वैसे ही खडा था और दोबारा से आकर उसने Dhaanishk को देखा दानिश अभी वैसे ही खडा था. Dhaanishk की ऐसी हालत देखकर,
AS को Dhaanishk के लिए हद से ज्यादा बुरा लग रहा था. लेकिन वह अभी कुछ नहीं कर सकता था. शिव इंतजार करने के, डॉक्टर ने सौम्या को सुबह तक का वक्त दिया था. कल्याणी जी और अनन्या को तो किसी तरह वर्ष ने समझा जाकर घर भेज दिया था. जो अब लगभग से पूरा होने वाला था. वही Dhaanishk को जैसे ही सुबह होती हुई महसूस हुई अब उसके हाथ पैर जैसे ठंडे पडने लगे, अब Dhaanishk का दिल कंपनी लगा था क्योंकि डॉक्टर ने साफ कहा था अगर सौम्या को सुबह तक होश नहीं आया तो हो सकता है सौम्या को कोमा में चली जाए, और यह चीज Dhaanishk बिल्कुल भी अफोर्ड नहीं कर सकता था. Dhaanishk ने अब उसके माथे पर बडे प्यार से हाथ फेरा और उसके माथे को चूमते हुए बोला, बस भी करो कितना तडपना का इरादा है.
अभी उसने इतना ही कहा था कि सौम्या की एक उंगली हल्की सी हिल और आंखें हल्की सी फडफडाई, जिसे देखकर Dhaanishk की आंखें बडी हो गई. इस वक्त Dhaanishk का दिल जोरो जोरो से धक- धक कर रहा था. अब एक बार फिर से उसकी आंखों में नमी छाने लगी थी आज पहली बार था कि Dhaanishk की की आंखों में ना चाहते हुए भी बार- बार नमी छा रही थी. दूसरी तरफ सौम्या जिसका सफेद पढा हुआ चेहरा अब थोडा- थोडा नॉर्मल होने लगा था और उसकी आंखें हल्की- हल्की खुलने लगी थी. आंखें खुलती ही सौम्या की नजर सामने खडे Dhaanishk पर गई.
दूसरी तरफ बाहर खडे AS ने भी सौम्या को देख लिया था. सौम्या को होश में आता हुआ देखकर AS के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कराहट तैर चुकी थी. अब वह वहां से जल्दी से डॉक्टर को बुलाने के लिए चला गया. दूसरी तरफ Dhaanishk तो अपनी नम आंखों से सौम्या को देख रहा था जो अपनी सूनी आंखों से इस वक्त Dhaanishk को देख रही थी. इस वक्त सौम्या की आंखों में Dhaanishk के लिए गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था. जिस वजह से सौम्या का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था आज तक सौम्या का चेहरा इस तरह से पत्थर कभी नहीं हुआ था जितना आज था. लेकिन Dhaanishk को तो सिर्फ इतना होश था कि सौम्या को होश आ गया है उसके लिए इतना ही काफी था.
बहुत जल्दी से सौम्या के गाल पर हाथ रखने को हुआ कि तभी सौम्या ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया, सौम्या को अपना चेहरा घूमते देख Dhaanishk की हाथों की मुट्ठियां काश गई, और उसकी आंखों में ना चाहते हुए भी एक अलग ही दर्द उतर आया जो शायद वह शब्दों में बयां नहीं कर सकता था. वह तडपकर सौम्या से बोला इतना गुस्सा हो, कि मेरा छूना भी तुम्हें पसंद नहीं आ रहा, उसकी बात सौम्या को साफ सुनाई दे रही थी लेकिन सौम्या ने कोई भी रिएक्ट नहीं किया ना कुछ बोली क्योंकि इस वक्त सौम्या के चेहरे पर ऑक्सीजन मास्क लगा हुआ था.
Dhaanishk ने एक बार फिर से उसका चेहरे पर हाथ रखने को हुआ कि तभी सौम्या ने अपनी सांस रोक ली जिससे वेंटिलेटर जोर- जोर से भी बीप बीप करने लगा. और यह चीज देखकर Dhaanishk ने अपना हाथ पीछे की तरफ खींच लिया. वही सौम्या ने अब अपने कांपते हुए हाथ अपनी ऑक्सीजन मास्क पर लेकर गए और धीरे- धीरे ऑक्सीजन मास्क अपने मुंह से रिमूव करते हुए, धीरे से बोली भाई.
भाई.
भाई.
उसके मुंह से दो- तीन बार भाई का नाम सुनकर Dhaanishk को पता नहीं क्यों आज AS से जलन महसूस हो रही थी. वही सौम्या अब एक बार फिर से अपनी धीमी सी आवाज में बोली भाई.
इस बार Dhaanishk के गहरी आवाज में बोला, आ जाएगा तुम्हारा भाई अभी डॉक्टर को बुलाने गया होगा, अभी वह बोल ही रहा था कि तभी वार्ड में डॉक्टर की एंट्री हुई और उसके साथ ही AS भी अंदर की तरफ आया, दो सौम्या को होश में आता हुआ देखकर मुस्कुराए और Dhaanishk की तरफ देखकर बोले, कंग्रॅजुलेशन श्री कपूर आपकी Wife का खतरे से बाहर है. डॉक्टर की बात पर Dhaanishk करने कुछ नहीं कहा लेकिन उसका चेहरा जो पहले मुरझाया हुआ था अब एक बार फिर से Dhaanishk के चेहरे पर वही तेज वापस आ चुका था क्योंकि अब उसे थोडी राहत की सांस मिली थी क्योंकि अब सौम्या काफी हद तक ठीक हो चुकी थी.
वही डॉक्टर अब कुछ देर सौम्या को Check करने के बाद बोले, how are you Mrs Kapoor, डॉक्टर के मुंह से मिसेज कपूर सुनकर सौम्या धीमी सी मगर लडखडाती हुई आवाज में बोली मेरा नाम सिर्फ सौम्या शेखावत है. और मैं कोई मैसेज कपूर नहीं हूं. उसकी बात पर डॉक्टर अब एक पल के लिए चुप हो गए और उनकी नजरें अपने आप ही Dhaanishk पर उठ गई वहीं AS की नजरे भी Dhaanishk पर उठ गईथी. AS भी समझ सकता था कि Dhaanishk के इस वक्त कैसा फील कर रहा होगा क्योंकि इस दौर से वह बहुत पहले काजल के साथ गुजर चुका था. वहीं Dhaanishk जो की एक्सप्रेशनless होकर यह सब कुछ देख रहा था. अब उसकी नजरें सौम्या पर गहरी हो चुकी थी. लेकिन अगले ही पल उसके चेहरे पर एक न दिखने वाली छोटी सी मुस्कुराहट आ गई जो शायद ही किसी ने देखी होगी लेकिन AS ने वह मुस्कराहट देख ली थी.
और अब AS की आंखें उसे पर छोटी हो गई थी. AS समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर Dhaanishk करने क्या वाला है. क्योंकि वह इतना तो समझ चुका था इस वक्त दानिश के दिमाग में कुछ ना कुछ तो खिचडी पक रही थी और अब वह क्या थी यह तो Dhaanishk की जाने, Dhaanishk ने अब एक नजर AS की तरफ देखा और उन दोनों में आंखों ही आंखों में कोई इशारा हुआ जिसे ना तो डॉक्टर ने देखा और ना ही सौम्या ने सौम्या इस वक्त डॉक्टर की बातों का जवाब दे रही थी लेकिन Dhaanishk को और AS का अपना ही नैन मटका चल रहा था.
कुछ देर बाद AS ने अब डॉक्टर की तरफ देखकर उन्हें बाहर जाने का इशारा किया जिसे समझ कर डॉक्टर ने हां में सिर हिला दिया, और देखते ही देखते AS डॉक्टर को अपने साथ बाहर की तरफ ले गया और बाहर ले जाते हुए उसने एक नजर दोबारा से Dhaanishk की तरफ देखा तो Dhaanishk ने AS को अपनी एक आंख मार दी, जिसके रिप्लाई में AS ने भी Dhaanishk को एक आंख मारी, दोनों के चेहरे पर इस वक्त तिरछी मुस्कुराहट तेरी हुई थी. डॉक्टर और AS के जाते ही Dhaanishk की नजरे एक बार फिर से सौम्या पर गहरी हो गई थी वही सौम्या ने अब अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा रखा था. और अगले ही पल सौम्या की आंखें बडी हो गई, और उसके दिल की धडकन एक पल के लिए स्किप हो गई,
क्योंकि डॉक्टर और AS के जाते ही, Dhaanishk के लिए सौम्या को गोद में उठा लिया था और अब उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए थे. और उसको यूं खुद को उठाते देखा सौम्या जल्दी से बोली यह क्या हरकत है. आप ऐसा नहीं कर सकते हैं हमारा तलाक.
उसने इतना ही कहा था कि तभी Dhaanishk के बिना उसकी तरफ देखें, Dhaanishk में कोई ऐसा कागज नहीं बनाया जो हम दोनों को अलग कर सके, और जिस कागज की तुम बात कर रही हो वह कब से मैंने जला कर रख कर दिया है. उसकी बात पर सौम्या की सांस उसके गले में ही अटक गई. और अब उससे कुछ बोला ही नहीं गया, वही Dhaanishk ने अपने कदम अब Hospital से बाहर की तरफ ले लिए थे, देखते ही देखते Dhaanishk के सौम्या को अपनी गाडी में ले जाकर बैठाया और सौम्या को वहां से लेकर निकल गया,
तकरीबन आधे घंटे बाद उनकी गाडी कपूर विला के आगे आकर रुकी और कपूर विल को देखकर सौम्या की दिल जोर- जोर से धक- धक करने लगा, अब Dhaanishk के लिए सौम्या की तरफ अपनी गहरी नजरों से देखा तो सौम्या की हालत और भी ज्यादा खराब होने लगी, तभी Dhaanishk की पूरी तरह से सौम्या के ऊपर झुका जिस वजह से सौम्या पीछे की तरफ होने लगी, Dhaanishk पूरी तरह से उसके ऊपर झुकते हुए बेहद गहरी आवाज में बोला, फिलहाल तो तुम्हें पनिशमेंट देनी बनती है लेकिन दूंगा नहीं पर जितनी भी दूंगा, तुमने जो कल हरकत की है ना दोबारा करने से पहले सौ बार सोचोगी, उसकी बात पर सौम्या की दिल की धडकन एक पल के लिए स्किप हो गई और अब दानिश के गाडी से बाहर निकाला और घूम कर सौम्या की तरफ आया और गाडी का दरवाजा खोल सौम्या को बाहर निकाल कर अपने कदम फार्महाउस के अंदर की तरफ बढा दिए,
To be continue.







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