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नेहा का डर। अंस्टेबल कसक

सिडनी,

इस वक्त कसक पीछे बिस्तर पर चिपकी हुई थी और उसका दिल इस वक्त जोरों- जोरों से धडक रहा था क्योंकि सामने खडे शख्स को वह बिल्कुल भी पहचान नहीं रही थी, वह अपने sir को खुजलाते हुए तुम कौन हो तुम कौन हो ऐसे मुझे क्यों हाथ लगाने की कोशिश कर रहे हो गंदे आदमी, कसक जिस तरह से बात कर रही थी अगले ही पल पारुल की आंखें हैरत से फैल गई, कसक किसी छोटे बच्चे की तरह उससे बात कर रही थी और उसकी आवाज भी बिल्कुल एक छोटे के बच्चे की तरह निकल रही थी, वही बाहर खडी काशवी भी यह चीज हैरानी से देख रही थी क्योंकि उसे भी इस चीज की एक्सपेक्टेशन नहीं थी, जैसे ही कसक ने इस तरह से तोतली जुबान में बात की तो काशवी के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए उसे अब कसक के लिए बुरा लग रहा था,

कि पिछले तीन सालों से पहले ही वह कोमा में थी और अब कोमा से बाहर आते ही उसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उसकी दिमागी हालत बिल्कुल भी ठीक ना हो, और यह चीज देखकर काशवी को बहुत बुरा लग रहा था अब काशवी की आंखों में नमी छाने लगी थी, वही पारुल का तो दिल ही जैसे टूट चुका था, उसकी भी आंखों में कहीं ना कहीं नमी थी क्योंकि जिस लडकी का वह कितनी देर से इंतजार कर रहा था आज उसकी हालत और भी ज्यादा खराब हो चुकी थी पूरे तीन साल बाद होश में आने के बाद उसकी मानसिक स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी और यह चीज कहीं ना कहीं पारुल को अंदर तक तोड रही थी, अगले ही पल उसने एक बार फिर से वो कसक की तरफ अपना हाथ बढाने को हुआ लेकिन कसक ने उसका हाथ झटकते हुए बोला तुम्हें सुनाई नहीं दे रहा गंदे आदमी डोंट Touch मी,

You bad uncle, जैसे ही कसक ने यह बात कही काशवी जल्दी से अंदर की तरफ आई और कसक की तरफ आगे बढते हुए उसके गाल पर हाथ रखकर बोली ऐसा नहीं बोलते कसक, तभी कसक काशवी की तरफ देखते हुए कौन कसक मेरा नाम मेरा नाम मेरा नाम. इतना कहते हुए वह अपना सिर खुजलाने लगी क्योंकि उसे अपना नाम ही याद नहीं था, वह अब sir खुजलाते हुए होठों का पाउट बनाते हुए बोली मुझे तो अपना नाम ही नहीं याद, इतना कहते हुए उसकी आंखों में नमी आ गई और रोते हुए बोली मैं कितनी गंदी बच्ची हूं मुझे अपना नाम ही नहीं याद, उसकी बात पर अब पारुल आगे की तरफ जाकर उसके सिर पर हाथ रखते हुए डोंट वरी बच्चा फिर क्या हुआ नाम नहीं याद इसलिए हमने आपको प्यार से कसक बुलाना शुरू कर दिया,

जैसे ही पारुल ने यह बात कही कसक की आंखों में चमक आ गई और वह खुश होते हुए बोली सच्ची, तभी पारुल आई ब्लिंक करते हुए बोला मूची, उसकी बात सुनकर कसक खिल खिलकर हंसने लगी और उसको हंसता हुआ देखकर पारुल के दिल को एक पल के लिए जैसे राहत सी मिली लेकिन अभी भी उसके दिल में एक अजीब सी हुक उठ रही थी कि जिस लडकी का वह कब से इंतजार कर रहा था वह अब ठीक नहीं है. यह चीज उसे अंदर तक हिला गई थी. और अब वह कसक के sir पर हाथ फेर कर बाहर की तरफ जाने को हुआ लेकिन कसक ने उसका हाथ पकडते हुए, आप कहां जा रहे हैं अच्छे वाले अंकल, उसकी बात सुनकर पारुल के कदम वहीं पर रुक गए और अब उसने पलट कर कसक की तरफ देखा मासूम सा चेहरा ऊपर से पाउट बनाया हुआ इस वक्त कसक हद से ज्यादा क्यूट लग रही थी,

वही काशवी भी अब उसकी तरफ देखते हुए, कसक वह अभी आ जाएंगे, उसकी बात पर कसक मुंह बनाते हुए लेकिन यह जा ही क्यों रहे हैं. उसकी बात पर अब पारुल ने अपनी आंखों को रोल कर अपनी नमी को अंदर समाते हुए, मैं कहीं नहीं जा रहा हूं मैं तो अपनी कसक के लिए खिलौने लेने जा रहा था, जैसे ही कसक ने खिलौने का नाम सुना कसक तो अपनी बेड पर से उठने को हुई लेकिन उससे उठा ही नहीं जा रहा था यह देखकर पारुल को और भी ज्यादा दुख हो रहा था वही काशवी को कसक के लिए आज बहुत ज्यादा बुरा लग रहा था कि वह इतने दिनों से कसक के साथ Kiss तरह का बर्ताव कर रही थी. हालांकि वह होश में भी नहीं थी लेकिन आज उसे खुद पर शर्मिंदगी महसूस हो रही थी,

अब काशवी उसके पास आकर उसे कंधों से पडकर उसे ऊपर उठाने को हुई तो कसक बडी मुश्किल से ऊपर की तरफ हुई तो काशवी उसके पीछे बैठ गई और अगले ही पल कसक की पीठ काशवी के सीने से जा लगी, इस वक्त काशवी ने उसे अपना सहारा देकर बिठाया हुआ था, काशवी का रवैया कसक के लिए देखकर अब पारुल को थोडी राहत की सांस मिल रही थी लेकिन उसने काशवी से यह चीज जताई नहीं, उसने कसक के चेहरे पर हाथ रखकर बडे प्यार से बोला मैं अभी आता हूं इतना कह कर पारुल बाहर की तरफ चला गया वहीं काशवी अब कसक के सिर पर हाथ फेरते हुए, तुम कुछ खाना पसंद करोगी, तभी कसक पाउट बनाते हुए बिल्कुल नहीं दीदी मुझे कुछ नहीं खाना, उसकी बात पर काशवी छोटी आंखें कर उसे देखते हुए बोली, खाना तो तुम्हें पडेगा ऐसे कैसे काम चलेगा अगर खाओगी नहीं तो तुम बडी कैसे होगी, बडी होना चाहती हो ना उसकी बात पर कसक जल्दी से सिर हा में हिलाते हुए हां दीदी मैं बहुत जल्दी बडी होना चाहती हूं,

इतना कहकर अब कशवी ने अपनी पॉकेट से फोन निकाला और खिचडी ऑर्डर कर दी और खिचडी का नाम सुनकर ही कसक मुंह बनाते हुए बोली नहीं दी मुझे खिचडी नहीं खानी मुझे बर्गर खाना है उसकी बात सुनकर काशवी की आंखें पूरी तरह से सिकुड गई. वह छोटी आंखें करते हुए बर्गर खाओगी? मैं तो कहती हूं पिज्जा न मंगा दूं साथ में, काशवी की बात पर कसक ने जल्दी से हां में सिर हिलाते हुए हां हां दीदी मैं वह भी खा लूंगी, कसक की बात पर एक पल के लिए काशवी की हंसी छूट गई, वह हंसते हुए पागल लडकी अभी खिचडी खाओ जब तुम ठीक हो जाओगी तब तुम्हें बर्गर और पिज्जा भी खिला देंगे इतना कहकर उसने बडे प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरा वही बाहर खडा पारुल भी यह चीज देखकर हंसने लगा इस वक्त पारुल की आंखों में नमी थी, लेकिन कहीं ना कहीं उसे तसल्ली भी थी की कसक अब बेड से तो उठी,

वहीं दूसरी तरफ,

मुंबई,

त्रियांशु की गाडी इस वक्त हाइवे पर तेजी से दौड रही थी. और अभी- अभी एक दो मोड आए थे जहां पर उसने सीधे जाना था लेकिन उसने लेफ्ट टर्न चूस कर लिया था और यह चीज देखकर नेहा की आंखें हैरत से फैल गई थी वह अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली लेकिन sir हमें तो सीधे जाना था ना, इस वक्त उसकी आवाज इस तरह से कांप रही थी कि उसे त्रियांशु से बहुत ज्यादा डर लग रहा था, उसने अब त्रियांशु के चेहरे की तरफ देखा जिसके चेहरे पर इस वक्त डेविल एक्सप्रेशन थे, नेहा ने जब उसके एक्सप्रेशन देखे, उसकी सांसे जैसे उसके गले में अटक गई क्योंकि त्रियांशु के चेहरे पर इस वक्त मिस्टीरियस स्माइल थी, नेहा का दिल तो एक पल के लिए जैसे धडकना ही भूल गया था,

वह अपना सलाइवा गटकते हुए बोली sir हम कहां पर जा रहे हैं प्लीज हमें बताइए मुझे बहुत डर लग रहा है, इतना कहते हुए लगभग से उसकी आंखों में नमी आ चुकी थी उसे त्रियांशु से इस वक्त इतना ज्यादा डर लग रहा था कि उसका दिल कर रहा था कि गाडी का दरवाजा खोले और यही से कूद जाए पर वह ऐसा कुछ भी नहीं कर सकती थी क्योंकि त्रियांशु की गाडी इस वक्त बहुत ज्यादा तेज चल रही थी, जिस स्पीड से इस वक्त त्रियांशु गाडी चला रहा था, उस स्पीड से गाडी में से कूदना बिल्कुल ही नामुमकिन ही था क्योंकि अगर कोई भी इंसान उस स्पीड पर गाडी से कूद जाए तो उस इंसान का बचना मुश्किल ही नहीं लगभग नामुमकिन हो जाता,

उसकी आंखों में नमी देखकर त्रियांशु के चेहरे पर डेविल स्माइल और भी ज्यादा गहरी हो गई यही तो वह करना चाहता था वह नेहा को बुरी तरह से आज डराना चाहता था. क्योंकि वह चाहता था कि नेहा किसी तरह से उससे बिल्कुल दूर रहे, लेकिन नेहा भी यही चीज चाहती थी यह बात त्रियांशु से अनजान थी वह उसे सिर्फ एक गोल्ड डिगर लडकी समझता था, उसे लगता था कि नेहा सिर्फ उसके पैसों के लिए उससे शादी कर रही है और इसलिए ही उसने अपनी इमेज दादी के सामने ऐसी बनाई है कि दादी जबरदस्ती त्रियांशु की शादी नेहा से कर दे लेकिन था बिल्कुल इसका उल्टा जबकि दादी ही यह चीज चाहती थी कि नेहा की शादी त्रियांशु से हो, और ऊपर से आज जिस तरह से त्रियांशु नेहा की तरफ अट्रेक्ट हुआ था. उससे उसका दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था और अब वह यह मौका दोबारा से नहीं आने देने वाला था. क्योंकि trinashu कुछ तो करने वाला था. पर क्या ये तो वहीं जाने

वही नेहा जो कि अपनी धडकनों को संभालते हुए त्रियांशु की तरफ देख रही थी वह लगभग गिडगिडाते हुए बोली प्लीज sir मुझे यहीं पर उतार दीजिए मैं यहीं से चली जाऊंगी मुझे बहुत डर लग रहा है, उसकी बात पर त्रियांशु अब उसे ऊपर से नीचे तक गहरी नजरों से देखते हुए बोला तुम्हें लगता है मैं तुम्हें छोडूंगा जैसे ही उसने इतनी बात कही नेहा की जान जैसे उसकी मुट्ठी में आ गई, वह लगभग रोते हुए आप ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं मैने आपका क्या बिगाडा है sir? आप क्यों मेरे साथ ऐसा बिहेव करते हैं क्यों मेरे पीछे पडे हुए हैं प्लीज मुझे छोड दीजिए, वह अभी गिडगिडा ही रही थी, तभी त्रियांशु ने suddenly अपनी गाडी को ब्रेक लगाया जैसे ही गाडी को ब्रेक लगा कि तभी नेहा का sir डैशबोर्ड पर लगने को हुआ लेकिन उससे पहले ही त्रियांशु ने अपना हाथ आगे की तरफ कर दिया जिससे नेहा का सिर त्रियांशु के हाथ पर लगा, त्रियांशु की गाडी इस वक्त इतनी तेज थी जिस वजह से एकदम से ब्रेक लगाने से नेहा का सिर इतनी जोर से डैशबोर्ड पर लगता अगर त्रियांशु अपना हाथ आगे नहीं करता तो हो सकता था कि नेहा के सिर पर चोट लग जाती,

वही त्रियांशु तो खुद अपनी इस हरकत पर हैरान था कि आखिर क्यों उसने नेहा को इस तरह से चोट लगने से बचाया, और नेहा का तो दिल जैसे उसके कलेजे से बाहर ही आ गया था वह लगभग चीख ही उठी थी. लेकिन जब उसने त्रियांशु का हाथ अपने सिर के नीचे देखा एक पल के लिए उसने राहत की सांस ली लेकिन अगले ही पल एक बार फिर से रोते हुए, प्लीज sir मुझे जाने दीजिए आखिर क्यों आप ऐसा कर रहे हैं मैंने आपका क्या बिगाडा है. मैं तो आपके आगे कुछ बोलती भी नहीं हूं जो आप इतनी नफरत करते हैं मुझसे, अभी वह बोल ही रही थी कि त्रियांशु गाडी से बाहर निकला और घूम कर उसकी तरफ आया. जैसे ही त्रियांशु घूम कर उसकी तरफ आया नेहा के हाथ पैर ठंडा पडने लगे उसे अब त्रियांशु से और भी ज्यादा डर लगने लगा कि आखिर त्रियांशु करना क्या चाहता है. त्रियांशु ने अब गाडी का दरवाजा खोला और अगले ही पल नेहा को अपनी गोद में उठा लिया, जैसे ही एक बार फिर से त्रियांशु ने नेहा को अपनी गोद में उठाया नेहा कांप उठी, अगले पल उसकी नजर सामने की तरफ गई सामने एक बडा सा फार्म हाउस था जिस पर बाहर लिखा हुआ था राणा फार्म हाउस और उस फार्म हाउस को देखकर एक पल के लिए नेहा दंग रह गई,

वही त्रियांशु ने अब अपने कदम फार्म हाउस की तरफ बढा दिए नेहा को अपनी धडकने रुकती हुई महसूस होने लगी थी इस वक्त उसकी सांसे हद से ज्यादा गहरी चल रही थी और रो- रोकर उसकी नाक पूरी तरह से लाल हो चुकी थी वह रोते हुए एक बार फिर बोली प्लीज sir ऐसा मत कीजिए मैं आपके आगे हाथ जोडती हूं मुझे छोड दीजिए मैं घर वापस चली जाऊंगी मैं यहीं से अपने आप चली जाऊंगी प्लीज मुझे छोड दीजिए भगवान के लिए ऐसा कुछ मत कीजिएगा कि.

इतना कहते हुए ही नेहा वहीं पर रुक गई लेकिन त्रियांशु की नजरे अब पूरी तरह से उस पर गहरी हो चुकी थी क्योंकि वह सुनना चाहता था कि आखिर नेहा कहां तक सोच सकती थी, तो अब अपने जबडे कसते हुए बोला बोलो ना क्या बोलना चाहती हो, उसकी बात पर नेहा ने अपनी नजरें पूरी तरह से झुका ली थी इस वक्त उसके दिल की जो हालत थी यह वही जानती थी, बढते पल के साथ आज तो त्रियांशु पूरी तरह से उसे जैसे Heart अटैक देने पर तुला हुआ था, उसकी झुकी हुई नजरे देखकर त्रियांशु की नजरे उस पर हद से ज्यादा गहरी थी और जबडे पूरी तरह से कसे हुए थे क्योंकि वह कहीं ना कहीं नेहा की बात समझ चुका था कि वह क्या सोच रही है लेकिन उसने भी उसका डाउट क्लियर नहीं किया,

अब उसने अपने कदम फार्म हाउस के अंदर बढा दिए जैसे ही उसने अपने कदम फार्महाउस के अंदर बढाने शुरू किए नेहा की सांस फूलने लगी, वही त्रियांशु अब पूरी तरह से अंदर की तरफ आया और सामने मास्टर बेडरूम में जाकर नेहा को बेड पर बैठा दिया जैसे ही त्रियांशु ने नेहा को बेड पर बैठाया अगले ही पल नेहा अपनी जगह से हडबडा कर खडी हो गई. उसकी हडबडाहट को देखकर त्रियांशु के चेहरे पर डेविल स्माइल और भी ज्यादा बडी हो गई, अब वह समझ चुका था कि नेहा की कमजोरी क्या थी अब वह नेहा को और भी ज्यादा डराने वाला था जो उसके चेहरे पर ही दिखाई दे रहा था उसके दिमाग में इस वक्त क्या चल रहा था यह नेहा नहीं जानती थी लेकिन जो भी चल रहा था वह बहुत ज्यादा शैतानी था, जैसे ही नेहा हडबडा कर खडी हुई तो त्रियांशु ने अब उसकी तरफ गहरी नजरों से देखा वह इस वक्त कुछ नहीं बोल रहा था लेकिन उसने अपने कदम नेहा के तरफ बढा दिए थे,

जैसे ही त्रियांशु ने अपने कदम नेहा की तरफ बढाए उसका दिल उसके कलेजे से बाहर होने को फिर रहा था वह अपने कदम पीछे लेने लगी वह लडखडाती हुई जुबान में बोली देखिए sir में ऐसी लडकी बिल्कुल नहीं हूं जैसे आप सोच रहे हैं मैं एक शरीफ खानदान की लडकी हूं प्लीज ऐसा कुछ भी मत कीजिएगा कि मुझे आपसे नफरत हो जाए, उसकी बातें सुनकर त्रियांशु को कुछ भी फर्क नहीं पड रहा था वह लगातार उसके तरफ कदम बढाए जा रहा था वही नेहा अपने कदम पीछे लेते जा रही थी इस वक्त उसका चेहरा पसीने से पूरी तरह से भर चुका था उसे त्रियांशु से इस वक्त इतना ज्यादा डर लग रहा था. कि उसका दिल कर रहा था कि वह वही किसी दीवार में खुद को चुनवा ले,

कुछ ही देर में अपने कदम पीछे लेते- लेते नेहा की पीठ पीछे दीवार से जा लगी जैसे ही उसकी पीठ दीवार से लगी उसकी धडकन एक पल के लिए जैसे स्किप हो गई, उसकी सांस इस वक्त इतनी गहरी चल रही थी कि उसका तूफान उसके सीने में साफ दिखाई दे रहा था, जिस वजह से उसका सीना पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ रहा था. जैसे ही त्रियांशु की नजर उसके सीने पर पडी एक पल के लिए उसकी नजर वहीं पर ठहर गई. चाहे कुछ भी था, था तो वह भी एक लडका ही, नेहा से कहीं ज्यादा नफरत तो करता था लेकिन कहीं ना कहीं अब नेहा उसको अपनी तरफ अट्रेक्ट भी कर रही थी जो शायद वह मानने को तैयार नहीं था.

नेहा के सीने की तरफ देखकर उसके चेहरे के एक्सप्रेशन अब चेंज होने लगे थे. उसके कदम लगातार नेहा की तरफ बढ चुके थे एक पल के लिए वह भूल ही गया था कि नेहा अपने पीरियड्स में है. अब वह बिल्कुल उसके पास आकर खडा हुआ जैसे ही त्रियांशु नेहा के बिल्कुल पास आकर खडा हुआ नेहा ने अपनी आंखें पूरी तरह से बंद कर ली और अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया, नेहा का चेहरा पूरी तरह से दूसरी तरफ घुमा हुआ था जिस तरह से नेहा ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमाया था उसकी गर्दन अब त्रियांशु के सामने थी जिसे देखकर त्रियांशु की नजरे अब उसकी गर्दन से होते हुए बार- बार उसके सीने पर जा रही थी, जिसे देखकर अब वह मदहोश होने लगा था उसे अपनी बॉडी में अलग से चेंज होते महसूस होने लगे थे,

त्रियांशु अब पूरी तरह से बिल्कुल उसके पास आ चुका था जिस वजह से नेहा को उसकी गर्म सांस अपनी गर्दन पर महसूस हो रही थी जिस वजह से उसके दिल की धडकन और भी ज्यादा तेजी से धडक रही थी, उसकी धडकनों का शोर इस वक्त इतना ज्यादा था कि त्रियांशु को भी साफ सुनाई दे रहा था. लेकिन त्रियांशु की नजर तो अब सिर्फ उसकी गर्दन से होते हुए उसके सीने पर थी जो कि ऊपर की तरफ उठ रहा था. त्रियांशु उसे अपनी गहरी नजरों से देखते हुए पूरी तरह से उसके ऊपर झुका और अगले ही पल वह अपने होंठ उसकी गर्दन पर रखने ही वाला था कि तभी नेहा सिसकते हुए प्लीज sir ऐसा कुछ मत कीजिएगा प्लीज मैं आपके आगे हाथ जोडती हूं. मेरा एक Boyfriend है मैं उसे प्यार करती हूं, जैसे ही नेहा ने यह बात कही त्रियांशु की आंखें पूरी तरह से सर्द हो गई. उसकी गुस्से से पूरी तरह से मुठिया कस गई.

और अगले ही पल उसने अब नेहा के बालों को मुट्ठी में जकडा जिससे नेहा का चेहरा पूरी तरह से घूम कर ऊपर की तरफ उठ गया और अब नेहा का चेहरा त्रियांशु के चेहरे के बिल्कुल पास था. नेहा को त्रियांशु की सांस अपने चेहरे पर महसूस हो रही थी इस वक्त त्रियांशु की आंखें हद से ज्यादा लाल हो चुकी थी वह गुस्से में जबडे कसते हुए बोला क्या कहा तुमने, वह दांत पीसकर बोला तुम तो मुझसे शादी करने वाली थी ना और तुम्हारा एक Boyfriend भी है, वहीं नेहा जिसकी सिसक निकल चुकी थी वह रोते हुए, मैंने दादी से कहा है मैं आपसे शादी नहीं करना चाहती और चाचा चाची भी मेरी शादी जबरदस्ती आपसे करवा रहे हैं. उसकी बात पर अब त्रियांशु पूरी तरह से स्पीचलेस हो चुका था. लेकिन उसे अब बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था और यह चीज उसे खुद भी नहीं पता थी कि उसे इतना गुस्सा क्यों आ रहा था लेकिन अगले ही पल वह गुस्से से दांत पीसते हुए बोला मुझे पता है तुम झूठ बोल रही हो तुम्हारा ही यह प्लान होगा ना कि तुम अपने Boyfriend को भी सेटिस्फाइड करो और मेरे साथ भी.

उसने अभी इतना ही कहा था कि वहां पर एक जोरदार थप्पड की आवाज गूंज गई और यह थप्पड किसी और ने नहीं नेहा ने त्रियांशु को जडा था. जैसे ही नेहा ने त्रियांशु के चेहरे पर थप्पड जडा त्रियांशु का चेहरा गुस्से से पूरी तरह से लाल हो चुका था और अब उसका चेहरा गुस्से से कांप रहा था. इस वक्त उसका गुस्सा पूरी तरह से सातवें आसमान पर पहुंच चुका था और अगले ही पल उसने एक बार फिर से नेहा के बालों को ग्रिप बनाते हुए बेड पर ले जाकर उसे पटक दिया,

अब वह गुस्से से पागल हो चुका था. उसकी तरफ देखकर फिंगर पॉइंट करते हुए बोला बहुत हाथ चलते हैं ना तुम्हारे अब मैं तुम्हें बताता हूं कि हाथ चलते कैसे हैं. और इतनी देर से जो तुम सोच रही थी ना वह अब होगा और मेरे साथ ही होगा क्या कहा तुम्हारा Boyfriend है, अब तुम उस Boyfriend के लिए हो भी नहीं तुम सिर्फ मेरे बिस्तर तक सीमित रह जाओगी इतना कहकर त्रियांशु अपने शर्ट के बटन खोलने लगा जैसे ही त्रियांशु ने अपने शर्ट के बटन खोलने शुरू किए. नेहा का शरीर पूरी तरह से ठंडा पडने लगा, उसे तो ऐसा लग रहा था जैसे उसकी जान ही निकल जाएगी वह ना में सिर हिलाते हुए रोते हुए पीछे की तरफ खिसकने लगी, नहीं नहीं.

दूसरी तरफ,

Sydney में,

रॉयल होटल,

AS इस वक्त रॉयल होटल के लग्जरियस Room में बैठा हुआ था और इस वक्त उसके आसपास Mister खुराना और और भी शेयर डीलर्स बैठे हुए थे जो वहां पर Meeting कर रहे थे सामने एक लडकी Presentation दे रही थी जो कि शेयर्स के बारे में थी और AS का पूरा फोकस इस वक्त Presentation पर था. लेकिन इस वक्त उस लडकी की नजरे पूरी तरह से AS पर टिकी हुई थी. जो कि AS भी पूरी तरह से जानता था लेकिन उसने एक बार भी उस लडकी को कुछ नहीं कहा था. उस लडकी ने अपने शर्ट के ऊपर के दो बटन खोल रखे थे जिस वजह से उसका सीना ऊपर से हल्का- हल्का झलक रहा था जो शायद वह AS को खुद की तरफ अट्रैक्ट करने की कोशिश कर रही थी लेकिन AS का ध्यान पूरी तरह से Presentation में था, वहीं पास में बैठे Mister मुखर्जी जो कि उस लडकी की अदाओं को देख रहे थे वह उसकी तरफ बेहद सेडक्टिवली देख रहे थे उनका ध्यान बिल्कुल भी Presentation पर नहीं था,

अब Mister मुखर्जी अपनी जगह पर खडे हुए, और Presentation की तरफ देखकर बोले हमें यह Presentation पसंद है Mister खुराना और हमारी डील आपके साथ पक्की हुई जैसे ही उसने कहा AS ने तिरछी नजरों से Mister मुखर्जी की तरफ देखा, इस वक्त AS की नजरे जिस तरह से Mister मुखर्जी पर थी. वह चीज कहीं ना कहीं Mister खुराना ने भी देखी थी और बहुत अच्छी तरह से समझ रहे थे कि क्यों AS उसे इस तरह से देख रहा था. वही Mister मुखर्जी अब Mister खुराना की तरफ देखकर बोले Mister खुराना हमने डील तो एक्सेप्ट कर ली है लेकिन इसमें हमारा भी तो कुछ फायदा होना चाहिए आई मीन हमें भी तो कुछ मिलना चाहिए ना इसमें, जैसे ही उन्होंने यह चीज कहीं Mister खुराना अब उनकी तरफ देखकर बोले लेकिन sir हम, अभी वह बोल ही रहे थे कि तभी Mister मुखर्जी उसके हाथ पर हाथ रखते हुए आप चाहे तो अगले दस साल तक हम इसी तरह से आपकी कंपनी को अपने शेयर्स भेजते रहेंगे जिससे आपकी मार्केटिंग बहुत अच्छी होगी, उसकी बात सुनकर एक पल के लिए Mister खुराना चुप हो गए उन्होंने एक नजर अब AS की तरफ देखा,

जो एक्सप्रेशन लैस होकर सामने की तरफ देख रहा था जहां वह लडकी अभी भी Presentation की डिस्क्रिप्शन बंद करने को हो रही थी लेकिन AS के इशारे पर वह यहीं पर रख कर जा चुकी थी, तभी AS ने अपनी नजरें Mister मुखर्जी की तरफ घूमाते हुए तो sir मैं आपसे यह पूछना चाहता हूं कि आपने इतनी देर से हमारे शेयर्स के बारे में इतना कुछ जाना है तो क्या आप थोडी बहुत डिटेल हमें बता सकते हैं जो आपने अभी तक Presentation में थोडा बहुत समझा उसकी बात सुनकर Mister मुखर्जी की आंखें बडी हो गई, वो अब AS की तरफ देखकर दांत पीसकर बोले, who the hell are you, जैसे ही Mister मुखर्जी ने यह बात कही, तभी AS अपनी कोल्ड वॉइस में, do you know who I am I am a Mr Arun Singh Shekhawat,

India' s top business tycoon, you know what I mean Mister मुखर्जी,

जैसे ही Mister मुखर्जी ने AS का पूरा नाम सुना उसकी सांसे उसके गले में अटक गई और अगले ही पल वह लडखडाती हुई आवाज में Mister खुराना की तरफ देखकर बोला नो वरी Mister खुराना हमें यह डील मंजूर है हमें कुछ नहीं चाहिए उसकी बात सुनकर अब AS के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई, वह अब Mister मुखर्जी की तरफ देखकर बोला बडे दल बदलू है Mister मुखर्जी आप तो, उसकी बात पर एक पल के लिए Mister मुखर्जी AS की तरफ देखते ही रह गए, वही AS अब अपनी बात आगे बढाते हुए anyways थैंक You हमारी डील एक्सेप्ट करने के लिए By द वे मैं चाहता तो इस डील को और भी ऊपर तक ले जा सकता था बट now it' s okay, वैसे भी जब तक Mister खुराना के साथ में हूं तब तक उनकी मार्केट में शेयर नीचे नहीं गिर सकते, इतना कहकर AS ने अपने कदम बाहर दरवाजे की तरफ बढा दिए वहीं वह लडकी अभी भी AS को देखकर ठंडी आहें भर रही थी,

अभी AS ने अपने कदम बाहर की तरफ बढाए ही थे कि तभी Mister खुराना का फोन बजने लगा अगले ही पल Mister खुराना ने फोन अपने कान से लगाया दूसरी तरफ से कुछ कहा गया जिसे सुनकर Mister खुराना की आंखें बडी हो गई, वह ऊंचे से बोले व्हाट, मैं अभी Hospital पहुंच रहा हूं इतना कहकर हडबडी में Mister खुराना आगे की तरफ बढने लगे कि तभी AS ने पीछे पलट कर उनकी तरफ देखा और इस वक्त AS की एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई, वही AS को इस तरह से देखकर Mister खुराना साफ समझ चुके थे कि AS क्या पूछना चाहता था, Mister खुराना अब अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोले मेरी बेटी का बहुत सीरियस एक्सीडेंट हुआ है Mister शेखावत मुझे अभी निकलना होगा, तभी AS ने भी उसके साथ कदम बढा दिए, जिसे देख Mister खुराना समझ चुके थे कि AS भी अब उनके साथ ही जाएगा,

कुछ ही देर में वह दोनों होटल के ग्राउंड फ्लोर पर थे और देखते ही देखते दोनों गाडी में आकर बैठे तभी Mister खुराना ने ड्राइवर की तरफ देखते हुए, blood Cure hospital,

Hospital का नाम सुनते ही ड्राइवर ने गाडी Hospital के तरफ बढा दी वही AS जो कि गाडी के बाहर की तरफ देख रहा था आज उसे अलग सी बेचैनी अपने दिल में महसूस हो रही थी और यह बेचैनी क्या थी वह खुद नहीं समझ पा रहा था, इस वक्त उसकी आंखें पूरी तरह से खाली थी. पता नहीं क्यों वह सूनी आंखें आज भी सुनी लग रही थी जबकि काजल उसकी जिंदगी में वापस आ चुकी थी, फिर क्यों AS की आंखें इतनी सुनी थी,

दूसरी तरफ,

Blood Cure hospital,

कसक इस वक्त बेड पर लेटी हुई थी और काशवी उसके सिर को सहला रही थी अभी- अभी उसने उसे खिचडी खिलाई थी. और वह भी काशवी ने बडी मुश्किल से खिलाई थी, और बाहर खडा पारुल यह सब चीज देख रहा था, कुछ देर बाद जब कसक की, गहरी सांस उस कमरे में गूंजने लगी तो काशवी अपनी जगह से उठी और उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए अब वह अपना सिर झुका कर पारुल के सामने आकर खडी हो गई जिस तरह से उसने पारुल के सामने अपना सिर झुकाया हुआ था साफ पता चल रहा था कि वह अपनी हरकत पर कितनी ज्यादा शर्मिंदा है उसने अब पारुल के आगे सिर झुकाते हुए आई एम सो Sorry पारुल मुझे ऐसी हरकत नहीं करनी चाहिए थी,वही पारुल जो कि अभी भी उसके साथ नाराजगी जता रहा था. उसने उसकी बात पूरी सुनी लेकिन उसने बिना जवाब दिए ही अब उसके आगे से होकर जाने लगा कि तभी काशवी ने उसका हाथ पूरी तरह से पकड लिया, जैसे ही काशवी ने उसका हाथ पकडा एक पल के लिए पारुल का दिल जोरो जोरो से धक- धक करने लगा वह अब काशवी से कोई भी बात नहीं करना चाहता था हालांकि उसकी नाराजगी काफी हद तक कम हो चुकी थी लेकिन फिर भी वह किसी तरह की बात भी काशवी से नहीं करना चाहता था, वही काशवी अब अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली क्या तुम मुझसे इतना ज्यादा नाराज हो गए हो कि सच में तुमने मुझसे दोस्ती तोड दी है,

उसकी बात पर पारुल के कदम पूरी तरह से अपनी जगह पर थम से गए थे लेकिन उसने अभी भी किसी बात का जवाब नहीं दिया था वही काशवी अब बुरी तरह से रोते हुए माफ कर दो ना मुझे गलती हो गई मुझसे पारुल, इतना कहकर वह फूट- फूट कर रोने लगी काशवी को इस तरह से रोता हुआ देखकर पारुल का दिल एक पल के लिए तडप उठा अब उसने पलट कर काशवी की तरफ देखा और अगले ही पल अपनी बाहें उसकी तरफ देखकर फैला दी, जैसे ही पारुल ने अपनी बाहें, काशवी की तरफ देखकर फैलाई तो काशवी की आंखें बडी हो गई और अगले ही पल वह तेजी से उसके गले से जा लगी,

वही पारुल अब उसके सिर पर हाथ फेरते हुए माफ तो मैंने तुम्हें कर दिया लेकिन आज के बाद कभी कसक के बारे में ऐसी बात मत करना तभी काशवी वादा करती हूं मैं कभी कसक के बारे में ऐसी बात नहीं करूंगी इतना कहकर उसने अपनी बाहें कस दी, वही पारुल के चेहरे पर भी अब मीठी सी मुस्कराहट तैर गई,

वहीं दूसरी तरफ,

वार्ड में,

जैसे ही काशवी बाहर गई, कसक ने अपनी आंखें खोली और अब कसक बिल्कुल भी मासूम नहीं थी इस वक्त उसकी आंखें हद से ज्यादा सुनी थी और ऊपर सीलिंग की और टिकी हुई थी, और उसकी आंखों के सामने इस वक्त एक शख्स का चेहरा घूम रहा था, और उस शख्स की नेवी ब्लू आईज को याद करते ही कसक की आंखों में नमी तैर गई, और अगले ही पल उसकी नमी उसके गालों से लुढक कर तकिए पर जा गिरी, अब रोते हुए ही वह खुद में बडबडाई आप ऐसे कैसे कर सकते हैं.

इतना कहते हुए उस शख्स का चेहरा पूरी तरह से उसकी आंखों के सामने घूम रहा था. और इस वक्त उसकी आंखें पूरी तरह से दर्द से भरी पडी थी साफ पता चल रहा था उसके दिल में एक अनकही टीस उठ रही थी. अगले ही पल उसने अपने दिल पर हाथ रखकर, काश मैं मर गई होती, इतना कह कर कसक की आंखों से आंसू हद से ज्यादा बहने लगे, लेकिन अगले ही पल उसने अपने आंसुओं को पोंछा अपना चेहरा सख्त करते हुए, लेकिन अब मैं पिघल नहीं सकती मुझे सख्त बनना होगा, इतना कहकर उसके चेहरे पर सख्त भाव आ चुके थे,

To be continue.

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