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Janoon armaan ka

त्रेहान विला,,

इस वक्त अरमान हाॅल में खड़ा था और एक लड़की उसके सीने से आ लिपटी थी और यह चीज देखकर अश्की की आंखें बड़ी हो गई थी एक पल के लिए उसका दिल जैसे धड़कना ही भूल गया था। अरमान को इस तरह किसी लड़की के साथ देखकर अश्की को न जाने बहुत ज्यादा एक अजीब सी फीलिंग आ रही थी जो कि वह खुद नहीं समझ पा रही थी ना चाहते हुए भी उसकी आंखें जैसे एक पल के लिए नम सी होने लगी थी। वहीं अरमान जो कि सीधे होकर खड़ा था उसने अभी तक उस लड़की को अपनी बाहों में नहीं भरा था।

अब वह लड़की पीछे की तरफ हुई और अरमान की तरफ देखकर उसके गालों को अपने हाथ में भरकर बोली बेबी तुम कहां थे इतनी देर तुम्हें पता है मैंने तुम्हारा कितना वेट किया है और तुम्हें इतनी दूर से मैं मिलने आई हूं। और जब मैं तुम्हें मिलने आई तो तुम यहां पर थे ही नहीं,, और आज सुबह ही मुझे पता चला कि तुम यहां पर आए हुए तो मैं फटाफट यहां पर आ गई,, तभी अरमान ने उसके हाथों को अपने गालों से हटाते हुए,, थोड़ा लिमिट में रहना सीखो और इस तरह मेरे करीब मत आओ, उसकी बात पर वह लड़की आंखें छोटी करते हुए बोली कम ऑन बेबी क्या बच्चों वाली हरकतें कर रहे हो,, इतना कहकर उसने दोबारा से अरमान के गालों को अपने हाथों में भरा और अगले ही पल अपनी एड़ियां ऊपर की तरफ उठाकर अरमान के होठों पर अपने होंठ रखने लगी,,

वहीं उसे। लड़की को इस तरह अरमान के क्लोज होता देख अश्की की सांस एक पल के लिए उसके गले में ही अटक चुकी थी। उसका दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा। इसीलिए उसने अपना चेहरा पूरी तरह से झुकाया और पलट कर अंदर की तरफ जाने को हुई कि तभी वहां पर धड़ाम की आवाज आई। जैसे ही धड़ाम की आवाज आई अश्की के कदम वहीं पर रुक गए,, अगले ही पल उसने पलट कर पीछे की तरफ देखा तो उसकी आंखें हैरत से फैल गई,, क्योंकि वह लड़की अब जमीन पर पड़ी हुई थी और अपने पैर को पकड़कर कराह रही थी ,, उस लड़की को यूं देखकर अश्की ने अरमान की तरफ देखा जो सर्द नजरों से उस जमीन पर पड़ी हुई लड़की की तरफ देख रहा था।

वह अब अपनी गहरी आवाज में बोला मैंने कहा दूर रहो मुझसे,, तभी वह लड़की रश्मि जिसकी आंखों में अब आंसू बहने लगे थे वह रोते हुए बोली क्या हुआ है तुम्हें अरमान तुम मेरे साथ ऐसे क्यों पेश आ रहे हो,, तुम तो जानते ही हो ना दादी ने हमारी शादी फिक्स कर ली है मैं इस बारे में तुमसे बात करने आई थी और तुम तो,, उसकी बात सुनकर दूसरी तरफ खड़ी अश्की की आंखों में आंसू अब और भी तेजी से बहने लगे थे। उसकी सांसे हद से ज्यादा गहरी होने लगी थी।तभी अरमान अपनी कोल्ड वॉइस में बोला जस्ट शट अप,, और तुम्हें किसने कहा मैं तुमसे शादी करूंगा,, उसकी बात पर रश्मि सुबकते हुए बोली तो तुमने दादी से क्यों नहीं कहीं यह बात,, तभी अरमान गहरी आवाज में बोला उन्हें शादी से मतलब है।

तभी रश्मि सवालियां नजरों से देखते हुए तो ,, शादी तो तुम्हें मुझसे ही करनी होगी ना तो उसके बारे में मैं तुमसे बात भी नहीं करने आ सकती क्या,, उसकी बात पर अरमान ने उसे गहरी नजरों से देखा और बोला,, तुम्हें किसने कहा मैं तुमसे शादी करूंगा,, उसकी बात सुनकर रश्मि की आंखों में आंसू लबालब बहने लगे,, दूसरी तरफ अश्की जो कि यह सब देख रही थी। उसका दिल इस वक्त बुरी तरह से तड़प रहा था पता नहीं क्यों लेकिन उसे अजीब सी बेचैनी हो रही थी उससे अब यह सब कुछ देखा नहीं जा रहा था इसीलिए वह जल्दी से पलट कर कमरे में चली गई।

दूसरी तरफ अरमान अब रश्मि के ऊपर झुका और उसके चेहरे को अपने हाथों में कस कर पकड़ते हुए,, मेरी शादी हो चुकी है। और जिससे मैं करना चाहता था उससे हुई है। समझी तुम इतना कहकर उसने उसके गालों को छोड़ दिया और अंदर की तरफ जाने लगा कि तभी रश्मि लड़खड़ाअति हुई आवाज में बोली,, तो क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करते,, जैसे ही उसने यह बात कही अरमान के कदम वहीं पर रुक गए,, और उसने अब बिना रश्मि की तरफ पलटे बोला तुम्हें यह गलतफहमी कब हो गई कि मैंने तुमसे प्यार किया है। उसकी बात सुनकर रश्मि अपनी जगह पर बैठी बैठी फ्रीज हो चुकी थी,

वहीं अरमान अब पूरी तरह से अंदर की तरफ चला गया था। जैसे ही अरमान अंदर गया रश्मि का चेहरा अब पूरी तरह से काला पड़ चुका था इस वक्त उसका चेहरा गुस्से से कांप रहा था। वह गुस्से से बोली यह तुमने अच्छा नहीं किया मिस्टर अरमान त्रेहान,, इसकी सजा तो तुम्हें भूखतनी होगी तुमने रश्मि तनेजा से पंगा लिया है। और अब मैं जिससे तुमने शादी की है उसे तो बिल्कुल नहीं छोडूंगी,, इतना कहते हुए उसके चेहरे पर बेहद डार्क एक्सप्रेशन थे,, अब वह अपनी जगह पर खड़ी हुई और अपने आंसू साफ करके बाहर की तरफ चली गई,,

दूसरी तरफ कमरे में,,

अश्की इस वक्त पूरी तरह से बेड पर सिमट कर अपने घुटनों में मुंह देकर रो रही थी। वहीं अरमान जो कि दरवाजे से अंदर आ रहा था जैसे ही उसने अश्की को ऐसे बैठे हुए देखा तो उसकी एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई। उसे नहीं पता था कि इस।अश्की ऐसे बैठकर क्यों रो रही है अब उसने अपने कदम अंदर की तरफ बढ़ाए और जैसे ही,, वह सामने सोफा पर बैठने को हुआ कि तभी अश्की की आवाज आई,, बैठिएगा मत रूक जाइए वहीं पर आप अंदर कैसे आए,, अश्की की यह बात सुनकर अरमान की आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई। जैसे वह अश्की से पूछ रहा हो कि क्या उसे बताने की जरूरत है।

वहीं अश्की अब रोते हुए बोली, जाइए ना उस लड़की के पास जो अभी आकर आपके सीने से लगी थी। और आपकी तो उस लड़की के साथ शादी होने वाली है ना तो जाते क्यों नहीं जाइए ना क्यों आए अब अंदर,, अश्की की बात सुनकर एक पल के लिए अरमान की नजर उसके चेहरे पर टिक गई जो रो-रो कर लाल हो चुका था कल से उसने अश्की को सिर्फ रोते हुए ही देखा था। जिस तरह से अश्की थोड़ी-थोड़ी देर बाद रोती थी उसे देखकर कोई खास फर्क तो नहीं पड़ता था लेकिन अब जो अश्की ने किया था। उसे देखकर अरमान के होठों के कोने मुड़ गए थे।

लेकिन उसने अश्की की बातों का कोई जवाब नहीं दिया वह आराम से सोफा पर बैठा और अगले ही पल उसने सामने से सिगरेट की डिब्बी उठाई और उसमें से सिगरेट निकाल कर अपने होठों में दबाकर सिगरेट के लंबे कश भरने लगा,, और अगले ही पल उसने सिगरेट का धुआं ऊपर की तरफ छोड़ा,, वहीं अश्की की तो आंखों से आंसू अब सुख नहीं रहे थे वह रोते हुए बोली अगर इतना ही था तो क्यों किी शादी,, क्या छोड़ने के लिए शादी की थी मुझसे,, और आपने तो अब मेरे साथ वह सब भी कर लिया है। कल को मैं आपके बच्चे की मां बन गई तो,,

उसकी बात सुनकर अरमान के होंठ जो कि सिगरेट पर दबे हुए थे वह अब वहीं पर रुक गए,, और उसका चेहरा काला पड़ने लगा,,, और जबड़े पूरी तरह से कस गए वह अपनी जगह से खड़ा हुआ और अगले ही पल उसने अपने कदम तेजी से अश्की की तरफ बढ़ा दिए,, जिस तरह से उसने अपने कदम अश्की की तरफ़ बढ़ाए थे अश्की का दिल एक पल के लिए जैसे धड़कना ही भूल गया,, देखते ही देखते अरमान पूरी तरह से उसके सामने आकर खड़ा हुआ और अगले ही पल उसने अश्की के बालों को मुट्ठी में भरा ,, जैसे ही अरमान ने उसके बालों को मुट्ठी में भरा अश्की की चीख निकल गई। वह रोते हुए बोली छोड़िए मुझे दर्द हो रहा है प्लीज,,

तभी अरमान अपने सख्त हुए चेहरे को उसके चेहरे के पास लाते हुए बोला,, तुम कभी मां नहीं बनोगी ना आज ना कल ना कभी,, उसकी बात पर एक पल के लिए अश्की उसके चेहरे की तरफ देखते ही रह गई,, और वह लड़खङाई हुई आवाज में बोली लेकिन क्यों पत्नी हूं मैं आपकी और आज नहीं तो कल आपका,,, अभी वह बोल ही रही थी तभी अरमान एक बार फिर से सख्त आवाज में बोला,, शादी जरूर हुई है मेरी तुमसे लेकिन ,, इतना हक नहीं दिया है तुम्हें खुद पर सवाल करने का ,, बस इतना जान लो कीि तुम कभी मां नहीं बन पाओगी और ना ही मैं बनने दूंगा,, तुम सिर्फ अरमान त्रेहान की चीज हो,,

और अरमान त्रेहान अपनी चीजों को किसी के साथ शेयर नहीं करता। अरमान की बात पर अश्की का दिल जोरो से धड़क उठा,, वह एक बार फिर से लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली लेकिन मैं चीज नहीं हूं। तभी अरमान एक बार फिर से गहरी आवाज में लेकिन मेरे लिए मेरी चीज ही हो जो सिर्फ इस घर तक सीमित रहेगी,, और तुम मेरा एक ऐसा खिलौना हो जिसके साथ में हमेशा खेलूंगा,, लेकिन तुम्हारी जगह कोई और खिलौना नहीं लेगा,, अरमान की बातें सुनकर अश्की के हाथ पैर कांपने लगे,, अरमान ने अब उसके बाल छोड़े और अब सीधा बालकनी की तरफ चला गया अभी भी उसके हाथ में सिगरेट थी और अब उसने अपनी सिगरेट दोबारा से होठों में दबाई और बालकनी में खड़ा होकर सिगरेट के लंबे कश भरने लगा,, इस वक्त अरमान ने सिर्फ लोअर पहना हुआ था उसकी अप्पर चेस्ट पर कुछ भी नहीं था। अब उसकी गहरी नजरे सामने आसमान पर थी।

वहीं अश्की तो बस अपनी जगह पर खड़ी रह गई थी। उसे अब अरमान से हद से ज्यादा डर लग रहा था कि आखिर अरमान है क्या, अभी तो बेचारी को दो ही दिन हुए थे आए हुए तो अरमान उसके साथ ऐसे पेश कैसे आ सकता था। यह सोचकर उसकी आंखें भर आई थी लेकिन अगले ही पल उसने गहरी सांस ली और खुद में बोली,, अब कुछ नहीं हो सकता अश्की अब वह तेरा पति है चाहे जैसा भी है तुझे उसे स्वीकार करना होगा,, लेकिन वह लड़की उसको अपने दिमाग से कैसे निकाले वह लड़की कह रही थी इनसे उसकी शादी होने वाली है। यह सोचकर एक बार फिर से अश्की का दिमाग घूमने लगा लेकिन फिर भी उसने अपना दिमाग झटकाया,, और रूम से बाहर की तरफ निकल गई हालांकि अश्की से चला भी नहीं जा रहा था लेकिन फिर भी उसने अपने कदम रूम से बाहर की तरफ बढ़ा,दिए,, वहीं अरमान जो कि आसमान की तरफ देख रहा था उसे इतना पता चल चुका था कि अश्की कमरे से बाहर निकल चुकी है।

वह खुद से ही गहरी आवाज में बोला,, तुम पहली लड़की हो अरमान त्रेहान की जिंदगी में आने वाली,, और मेक सयोर आखरी भी होगी क्योंकि अब तुम्हारी जिंदगी में आने वाला मैं आखिरी मर्द हूं मेरे बाद तुम्हारी जिंदगी में कोई नहीं आएगा चाहे वह हमारा बच्चा ही क्यों ना हो,, क्योंकि तुम सिर्फ मेरी चीज हो,, इतना कहते हुए अरमान के चेहरे पर बेहद सख्त भाव थे।

दूसरी तरफ हाल में,,

अश्की इधर-उधर नजरे दौड़ा रही थी। वह एक्चुअल में किचन को ढूंढ रही थी कि यहां पर किचन कहां है। तभी वहां पर एक सर्वेंट आई और सिर झुका कर अश्की के आगे खड़ी हो गई। उसने एक बार भी अश्की को सिर उठाकर नहीं देखा था और वह ललङखङाई हुई आवाज में बोली,, आपको कुछ चाहिए था। मैम तभी अश्की बोली किचन कहां है। अश्की की बात पर सर्वेंट पूरी तरह से कांपने लगी वह डरते हुए बोली लेकिन mam आप किचन में नहीं जा सकती हैं। सर्वेंट की बात सुनकर अश्की उसकी तरफ अजीब सी नजरों से देखते हुए बोली और क्यों नहीं जा सकती,, तभी सर्वेंट बोली क्योंकि,, सर यह चीज कभी भी आलो नहीं करेंगे आप सर के साथ आई है ना,,

उसने इतना ही कहा था कि तभी अश्की कुछ बोलने को हुई कि तभी अरमान की पीछे से आवाज आई,, यह तुम्हारी मालकिन है यह मेरे साथ नहीं आई है यह मेरे साथ यहीं पर रहेंगी,, अरमान की आवाज सुनकर सर्वेंट की हालत अब और भी ज्यादा खराब होने लगी,, उसने डरते हुए अपना सिर हां में हिला दिया और अश्की की तरफ देखकर बोली मालकिन आप किचन में नहीं जा सकती हैं प्लीज,, उसकी बात पर अश्की मुंह बनाते हुए बोली मैं किचन में जाऊंगी और मैं भी देखती हूं मुझे कौन रोकता है इतना कहते हुए उसने अपने कदम किचन की तरफ बढ़ा दिए,,

वहीं सर्वेंट ने अब नजर उठाकर अरमान की तरफ देखा तो अरमान ने उसे आंखों का इशारा कर दिया तो सर्वेंट नीचे की तरफ सिर झुका कर वहां से चली गई,, अश्की अब किचन में आई और उसने अपना साड़ी का पल्लू कमर में टक किया,, और किचन में आसपास देखने लगी वहीं वहां पर खड़े सभी सर्वेंट तो बस अश्की के सामने सिर झुका कर खड़े हो गए थे। क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले जब उस सर्वेंट से बात हो रही थी तो सभी सर्वेंट ने बाहर की तरफ देखा था और सभी सर्वेंट की नजरे अश्की पर थी। हालांकि अरमान को यह चीज पता चल चुकी थी और अभी थोड़ी देर में उन servants की वाट भी लगने वाली थी और शायद इस सब की भनक उन सर्वेंट को बिल्कुल भी नहीं थी । सर्वेंट ने अपना सिर पूरी तरह से नीचे की तरफ झुक रखा था वहीं अश्की अब सामान ढूंढ़ रही थी और धीरे-धीरे कर उसने सामान इकट्ठा किया और खाना बनाने लगी,,

कुछ ही देर में अश्की ने काफी सारा खाना बनाकर तैयार कर लिया था। और तकरीबन 1 घंटे बाद जब खाना बनाकर तैयार हो गया तो आशकी ने वह सारा खान डाइनिंग टेबल पर लगाना शुरू किया उसने किसी भी सर्वेंट की हेल्प नहीं ली थी जो भी किया था खुद ही किया था। खाने की खुशबू उस पूरे किचन में फैल चुकी थी। और किचन के अलावा बाहर भी उसकी खुशबू आ रही थी।

वहीं अरमान जो कि बालकनी में खड़ा अभी भी सिगरेट पी रहा था। उसे भी उस खाने की खुशबू आ रही थी। खाने की खुशबू से अरमान के होठों के कोने मुड़ गए,, अब उसने उस सिगरेट को नीचे फेंका और अपने पैर से मसलते हुए,, दोबारा से रूम से बाहर आया,, और सामने का नजारा देख एक पल के लिए अरमान की नजरे अश्की पर ठंडी हो गई क्योंकि अश्की की गोरी कमर साफ दिखाई दे रही थी। हालांकि वहां पर खड़े हर सर्वेंट की नज़रें नीची थी किसी ने भी एक नजर उठाकर अश्की को नहीं देखा था। वहीं अश्की इस चीज से अनजान अपने ध्यान में खाना लगा रही थी।

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वहीं अरमान ने अब सभी सर्वेंट की तरफ देखा तो सर्वेंट ने जब अरमान की नजर खुद पर महसूस की तो वहां पर खड़े-खड़े कांप गए,, उनकी हालत अब और भी ज्यादा बुरी होने लगी अरमान अब आगे की तरफ आया,, और अपनी कोल्ड वॉइस में बोला अगर आज के बाद तुम लोगों की मालकिन किचन में गई तो तुम सब को जॉब पूरी मुंबई में मिलनी मुश्किल हो जाएगी,, now get lost,, अरमान की आवाज इतनी ठंडी थी। कि अब उन सर्वेंट में से किसी की भी हिम्मत नहीं थी कि वहां पर खड़े हो जाए वह जल्दी से वहां से निकल गए,,

वहीं अश्की जो कि खाना लगा रही थी उसके हाथ तभी रुक चुके थे जब अरमान वहां पर आया था। तभी अरमान ने अपनी ठंडी नजरे अश्की पर डाली जिससे अश्की के बदन के रोंगटे खड़े होने शुरू हो गए,,

उसकी सांसे एक पल के लिए उसके गले में अटक चुकी थी क्योंकि अरमान के देखने का तरीका ही कुछ ऐसा था। उसने धीरे-धीरे अपने कदम अश्की की तरफ बढ़ाने शुरू किये तो अश्की ने अपने कदम पूरी तरह से पीछे लेने शुरू कर दिए थे,, वह डरते हुए लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली,, हमने हमने ऐसा क्या कर दिया जो आप इस तरह से हमें देख रहे हैं। उसकी बात पर अरमान ने उसे कुछ नहीं कहा और उसके बराबर आकर खड़ा हो गया लेकिन इस वक्त उसके चेहरे पर बेहद सख्त भाव थे।

उसने अब अपने हाथ अश्की की कमर पर रखे जिससे अश्की पूरी तरह से कांप उठी,, अरमान की ठंडी उंगलियां अपनी कमर पर महसूस करते ही अश्की के रोंगटे और भी ज्यादा खड़े होने लगे,, तभी अरमान ने उसकी साड़ी का पल्लू जो उसने अपनी कमर में फसाया हुआ था वह अगले ही पल निकाल दिया,, और अगले ही पल उसके चेहरे पर झुक कर बोला,, आगे से तुम ऐसा कुछ नहीं पहनोगी जिससे किसी की भी नजर तुम्हारे शरीर के किसी हिस्से पर पड़े,, नहीं तो तुम्हें जिसने देखा उसकी आंखें बाद में देखने लायक नहीं बचेगी,, उसकी बात पर अश्की का दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा। वह अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली यहां पर सभी सर्वेंट ने अपना सिर नीचे झुका रखा था किसी ने मेरी और नहीं देखा और मैं तो सिर्फ कमर में अपना पल्लू ही,, अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान ने अपनी सख्त उंगली उसके मुलायम होठों पर रख दी,,

और उसकी सांसे उसके गले में अटक गई,, वहीं अरमान अब उसे अपनी गहरी नजरों से देखते हुए,, अरमान त्रेहान की चीज को कोई और देखें यह चीज अरमान त्रेहान को बिल्कुल नहीं पसंद ,, उसकी चीज वाली बात सुनकर एक बार फिर से अश्की को बुरा लगा और वह रोते हुए बोली में कोई चीज नहीं हूं मैं इंसान हूं आपने तो मुझे चीजों में गिन दिया,,

वहीं अरमान अब गहरी आवाज में बोला मेरे लिए मेरी चीज ही हो और हमेशा रहोगी,, जिससे यह अरमान अश्की के साथ जब दिल करेगा तब खेलेगा,, वहीं अश्की अब उसके सीने पर हाथ रखकर उसे पीछे की तरफ करने को हुई,, कि तभी अरमान ने उसका हाथ पकड़ कर मरोड़ कर पीठ से लगा दिया,, जिससे अश्की की चीख उस हाल में गूंज गई क्योंकि अरमान ने बेहद बेरहमी से उसका हाथ उसकी कमर पर लगा दिया था।

वह अब सर्द आवाज में बोला,, अपनी औकात से बाहर मत जाना और इस तरह से तुम मुझे खुद से दूर नहीं कर सकती इतना कहकर अब उसने अश्की के गले पर हाथ रखा और उसे दीवार से सटाते हुए उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए,, जिससे

अश्की के आंखों में आंसू और भी तेजी से बहने लगे,,

To be continue...

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