
शेखावत पैलेस,,
शेखावत पैलेस के गार्डन में इस वक्त जो धमाल मचा हुआ था वहां पर हर शख्स उस चीज को देखकर हैरान था वहीं AS के चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल थी। उसके चेहरे पर धानिष्क को देखकर गरुर साफ झलक रहा था। धानिष्क जिसने इस वक्त बहुत ज्यादा पी हुई थी । लेकिन उसके चेहरे से कहीं से भी देखकर यह नहीं पता चल रहा था इस वक्त धानिष्क ने कोई नशा किया हो। उसके कदम बिल्कुल भी लड़खड़ा नहीं रहे थे।वह अपनी गाड़ी में से रोड निकाल कर लेकर आया था और उसकी गहरी नजरे इस वक्त सौम्या पर थी और अभी-अभी उसने वह रोड रूद्र ने जो रॉयल रॉयल्स लाई थी उसके शीशे पर दे मारी थी जिससे उसका शीशा चकनाचूर हो गया था।
और यह चीज देखकर सौम्या के होश पूरी तरह से उड़ चुके थे उसने चिहुंक कर अपने होठों पर हाथ रख लिया था। वहीं रुद्र की आंखें भी बड़ी हो गई थी। और अगले ही पल उसने सामने खड़े AS की तरफ देखा। तो AS ने उसे आंखों का इशारा कर शांत रहने को कहा। जिसे देख। रुद्र अपनी जगह पर चुप खड़ा रहा वह बस अपनी रॉयल रॉयल्स की हालत खस्ता होते हुए देखता रह गया। उसे अपनी गाड़ी की ओर देखकर तरस आ रहा था। क्योंकि धानिष्क अब यहीं पर नहीं रुका ,, धानिष्क लगातार उस कार पर वार पर वार कर रहा था। जिससे कार के शीशे बुरी तरह से चकनाचूर हो चुके थे। वहीं धानिष्क जो कि गाड़ी पर अभी भी वार पर वार कर रहा था। उसकी सांसे इतनी तेज चल रही थी और उसके माथे पर पसीने की बूंदे भी उभर आई थी। हर वार के साथ धानिष्क की नजरे सौम्या पर और भी गहरी होती जा रही थी।
वहीं सौम्या की आंखों में तो लबालब आंसू बहे जा रहे थे वह बस धानिष्क की ओर ही देखे जा रही थी कि आखिर धानिष्क कर क्या रहा है,। कुछ देर में धानिष्क ने गाड़ी की ऐसी हालत कर दी थी कि वह कोई कबाड़ वाला भी ना ले,, अब उसने रोड नीचे फेंकी और गहरी नजरों से एक बार फिर से सौम्या की तरफ देखते हुए,, अपने कदम उसने अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ा दिए और देखते ही देखते उसने अपनी गाड़ी में से एक केरोसिन की बोतल निकाली और उस गाड़ी के पास आकर उस केरोसिन को उस गाड़ी पर छिड़कने लगा,,, वहीं AS के तो चेहरे पर डेविल स्माइल थी ही वहीं वहां खड़े त्रियांशु के चेहरे पर भी इस वक्त मिस्टीरियस स्माइल थी। धानिष्क ने पूरी तरह से गाड़ी पर पेट्रोल छिड़क कर अगले ही पल अपनी पॉकेट से लाइटर निकाला वहीं यह चीज देखकर सौम्या की सांस उसके हलक में अटक गई। गाड़ी की हालत तो पहले ही खस्ता हो चुकी थी और अब धानिष्क ने गाड़ी के ऊपर लाइटर फेंक कर,, उसे
गाड़ी को सबके सामने जला दिया था और अब एक बार फिर से उसकी गहरी नजरे सौम्या पर आकर टिक चुकी थी। इस वक्त धानिष्क के चेहरे पर बेहद इंटेंस एक्सप्रेशन थे। और अब वह अपने कदम सौम्या की और बढ़ाने लगा जैसे धानिष्क ने अपने कदम सौम्या की तरफ बढ़ाए सौम्या का दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा।
इस वक्त सौम्या का दिल बुरी तरह से कांप पर रहा था। और उसके हाथ पेर पूरी तरह से ठंडे पड़ चुके थे। वहीं धानिष्क अब उसके बराबर आकर खड़े हुआ। और बड़े प्यार से उसके गाल पर हाथ रख कर बोला,, इंगेजमेंट करना चाहती हो,, उसकी बात पर सौम्या की आंखों में आंसू लबालब बहने लगे और वह रोते हुए बोली आप बहुत बुरे हैं मिस्टर कपूर,, उसकी बात पर धानिष्क व्यंग्य से हंसा और बोला,, अच्छा तो कभी मैं था भी नहीं स्वीट मार्शमैलो,,
तभी सौम्या तड़पकर बोली लेकिन मेरा फैसला नहीं बदलेगा,, मुझे रुद्र से उसने इतना ही कहा था। कि तभी उसकी आंखें हैरत से फैल गई क्योंकि धानिष्क ने सौम्या को अपने कंधों पर उठा लिया था और यह चीज देखकर रुद्र की आंखें बड़ी हो गई थी। वहीं सौम्या अब उसके कंधे पर झूल रही थी। वह धानिष्क के कंधे पर मुक्के बरसाते हुए छोड़िए मुझे मिस्टर कपूर उतारिए मुझे नीचे यह क्या बदतमीजी है। वह मुक्के बरसाते रह गई धानिष्क को और वो उसे लेकर अंदर की तरफ चला गया वहीं रूद्र उसके पीछे जाने को हुआ कि तभी AS की आवाज रुद्र के कानों में गूंजी उसे जाने दो,,
AS की बात सुनकर रुद्र के कदम वहीं पर रुक गए अब उसने पलट कर AS की तरफ देखा,, और बोला आपने मुझे यहां पर बुलाया ही क्यों अगर इतना कहते हुए वह चुप हो गया क्योंकि वहां पर अनन्या और कल्याणी जी भी खड़ी थी इसीलिए वह चुप हो गया,,AS अब उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला तुम मेरे साथ चलो इतना कहते हुए वह रूद्र को अपने साथ ले गया।
और पीछे खड़े सभी लोग बस वहां पर होते हुए तमाशे को देख रहे थे तभी वहां पर आमिर आया और सब लोगों की तरफ देखते हुए बोला ,, party is over आप लोग खाना खाकर जा सकते हैं everybody I am so sorry for wasting your time,, इतना कह कर आमिर वहां से जाने को हुआ कि तभी वहां पर दूर एक लड़की खड़ी जो कि वेटर की यूनिफॉर्म में थी वह आमिर को अपनी गहरी नजरों से देख रही थी। और यह लड़की कोई और नहीं श्रुति थी इस वक्त श्रुति के जबड़े पूरी तरह से कसे हुए थे। दूसरी तरफ श्रुति के पास ही एक लड़की खड़ी थी जो उसे देखते हुए बोली क्या रे श्रुति तू ऐसे उस लड़के को क्यों देख रही है। और यह लड़की श्रुति की बेस्ट फ्रेंड सपना थी सपना श्रुति की तरफ देखकर बोली तू से ऐसे क्यों घूर रही है जैसे तू उसे जानती हो उसकी बात पर श्रुति चीङते हुए बोली यही वह लंगूर है जो मुझे उस रात होटल में मिला था यह तो शुक्र मनाऊं कि इसने मेरे साथ कुछ गलत नहीं कर दिया इससे तो मैं आज बदला लेकर रहूंगी इतना कहकर श्रुति के चेहरे पर इस वक्त गुस्से भरे भाव थे।
वहीं सपना उसे तिरछी नजरों से देखते हुए तू क्या करने का सोच रही है मेझे तेरे तूफानी दिमाग में कुछ चलता हुआ महसूस हो रहा है मुझे क्यों लग रहा है कि तू कुछ शैतानी सोच रही है उसकी बात पर श्रुति के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई और अगले ही पल उसने पावर काउंटर पर रखा हुआ पानी का गिलास उठाकर एक ही झटके में पी गई।
जैसे ही उसने वह गिलास पिया तभी सपना की आंखें बड़ी हो गई वह कुछ कहने को हुई तभी श्रुति उसके मुंह पर हाथ रखते हुए बोली मुंह बंद रख अपना मुझे कुछ सोचने दे मैं भूतने का क्या कर सकती हूं। इस भूतने की वजह से उस दिन मेरी इज्जत लूटते लूटते बची,, उसकी बात पर सपना ने अपना माथा पीट लिया क्योंकि श्रुति ने अभी-अभी जो गिलास उठाया था वह कोई पानी का गिलास नहीं बल्कि वोडका का गिलास था जो कि बहुत ज्यादा हार्ड थी। सपना अब एक बार फिर से उसे कुछ कहने को हुई श्रुति ने उसके मुंह पर हाथ रखते हुए बोली तुझे सुनाई नहीं दे रहा है चुप कर मुझे कुछ सोचने दे मैं उस भूतने का कीमा बनाने वाली हूं आज,,
इतना कहते हुए उसकी नज़रें आमिर पर थी जो कि अभी भी शेखावत पैलेस के गेट पर खड़ा था और फोन से किसी से बात कर रहा था। तकरीबन 5 मिनट तक वह आमिर को ऐसे ही देखते रही फिर उसके दिमाग में एक बात चलने लगी और अगले ही पल उसने अपने कदम आमिर की तरफ बढ़ा दिए वहीं सपना ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन सपना को उसने फिर से अपनी आंखें दिखाई तो सपना बेचारी वहीं पर खड़ी चुप रह गई। श्रुति ने अपने कदम अब आमिर की तरफ बढ़ा दिए, और कुछ ही देर में वह आमिर के बराबर आकर खड़ी हुई और उसे अपनी गहरी नजरों से देखने लगी वहीं आमिर जो कि अपने फोन में लगा हुआ था,,
तकरीबन 5 10 मिनट बात करने के बाद आमिर ने फोन काटा और जैसे ही आमिर पलटा तो अपने सामने श्रुति को देखकर आमिर की आंखें बड़ी हो गई और अगले ही पल उसके जबड़े पूरी तरह से कस गए उसे उस दिन की याद आने लगी जब अगले दिन सुबह-सुबह वह श्रुति से मिला था और श्रुति ने उसके कमर के बीचों बीच अपना घुटना दे मारा था। जिसका दर्द वह आज तक नहीं भूला था और तब से ही वह श्रुति से बहुत ज्यादा चिढ़ता था अब वह गुस्से भरी निगाहों से श्रुति को देख रहा था वहीं श्रुति जिसे अब वोडका का असर होने लगा था वह उसकी तरफ देखकर उंगली पॉइंट करते हुए लड़खङाई हुई आवाज में बोली,, you bloody,,
तुम्हारी वजह से उस दिन होटल में मुझे कैसा दिन देखना पड़ा और तुम्हारी वजह से मैं उस दिन उसे रात होटल में फंस गई और मेरी मामी ने मेरी वह वाट लगाई और आज मैं तुम्हारी वाट लगाऊंगी यू घटिया इंसान,, आई विल खून करिंग you और योर कीमा बनाईंग बनाईंग बनाईंग ,, यू बैंगन के भरते,, उसके मुंह से टूटी-फूटी इंग्लिश सुनकर आमिर की एक पल के लिए हंसी छूट गई,,
वह श्रुति को मुंह बनाते हुए देखते हुए बोला बस हो गया तुम्हारा यह घिसी पिटी इंग्लिश लेकर ना यहां से दफा हो जाओ। उसकी बात पर श्रुति अब उसके बिल्कुल करीब आकर खड़ी हो गई और उसके पैरों पर अपने पैर रखकर अपनी बाहों को उसके कंधे पर रख लिया जैसे ही श्रुति आमिर के इतने पास आई आमिर का दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा। उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था।
वहीं श्रुति बिल्कुल उसके पैरों पर खड़ी थी और उसकी तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोली हाउ डेयर यू तुमने मुझे ऐसा क्यों बोला,, तुम्हें पता है मैं कितनी क्यूट हूं इतना कहते हुए उसने पाउट बनाया। उसका पाउट बना हुआ देखकर आमिर तो उसके चेहरे की तरफ देखता ही रह गया उसके वह पिक होंठ जिस तरह से उसने बाहर की तरफ निकाले हुए थे उसे देखकर आमिर को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। वहीं श्रुति अब उसके नाक पर अपनी उंगली पॉइंट करते हुए बोली तुम कितने बुरे हो, कोई किसी लड़की से इस तरह का बिहेव करता है क्या तुम उस दिन मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बेड पर गिराने लगे थे और ऊपर से मुझे यहां पर किसी भी करने लगे थे इतना कहते हुए उसने अपने होठों की तरफ उंगली कर दी,,
फिर फिर कुछ सोचते हुए बोली नहीं तुमने कर भी दी थी। यहां पर किसी इतना कहते हुए उसने अपने होठों पर उंगली रखी। श्रुति को इस तरह से अपने होठों पर उंगली रखते हुए देखकर आमिर की नजरे उस पर गहरी हो गई ,, उसके चेहरे पर अब डेविल स्माइल आ चुकी थी।और अब वह उसकी कमर पर हाथ रखते हुए बोला,,, क्या मैं एक बार फिर से यहां पर किस कर लूं,, उसकी बात पर श्रुति ना में सिर हिलाते हुए बोली बिल्कुल भी नहीं तुम बहुत गंदे हो तुम्हारी किसी भी बहुत गंदी है,, छी...
उसकी बात सुनकर आमिर की आंखें उस पर छोटी हो गई अब उसने आसपास देखा क्योंकि वहां पर बहुत से लोग थे इसलिए वह अब पीछे की तरफ हुआ जिससे श्रुति थोड़ा सा लड़खड़ा गई लेकिन अगले ही पल उसने श्रुति का हाथ पकड़ा और उसे बैकयार्ड की तरफ ले गया,, तकरीबन 5 मिनट बाद बैकयार्ड रूम में जहां पर आमिर का क्वार्टर था वहां पर वह श्रुति को लेकर आया और अगले पल रूम में आकर उसने दरवाजा लॉक कर श्रुति को दरवाजे से लगा दिया,,
और अब एक बार फिर से श्रुति के चेहरे की तरफ देखने लगा जो कि पूरी तरह से रेड हो चुका था उस पर वोडका का असर अब पूरी तरह से चढ़ चुका था। उसके होंठ पूरी तरह से रेड हो चुके थे जिस तरह से आमिर ने उसे दरवाजे से लगाया था श्रुति मुंह बनाते हुए बोली धीरे करो ना क्यों मेरे हाथ तोड़ने पर लगे हुए हो,, आमिर अब अपनी गहरी आवाज में बोला,, तुम्हें मेरी किस खराब लगती है गंदी लगती है। तभी श्रुति मुंह बनाते हुए बोली और नहीं तो क्या तुम्हारी किस बहुत गंदी है।eeww,,
इतना कहते हुए उसने अपने नाक को अपनी दोनों उंगलियों में पकड़ कर दबाते हुए जैसे सांस घुटने की एक्टिंग करने लगी,, और उसकी इस बात पर अब आमिर की नजरे उस पर और भी ज्यादा गहरी हो गई और अगले ही पल उसने श्रुति के सिर के पीछे हाथ रखा और उसके बालों में ग्रिप बनाकर उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए जैसे ही आमिर ने अपने होंठ श्रुति के होठों पर रखे श्रुति अपनी जगह पर खड़ी-खड़ी सुन रह गई उसकी आंखें जो नशे में डूबी हुई थी वह अब बड़ी हो चुकी थी वहीं आमिर लगातार उसके होठों को अब चूम रहा था। दोनों इस वक्त इस हद तक पास थे कि दोनों के सीने आपस में रगड़ खा रहे थे।
जिससे आमिर को श्रुति की सॉफ्टनेस साफ महसूस हो रही थी।
वहीं दूसरी तरफ,,
शेखावत पैलेस के अंदर,,
धानिष्क सौम्या को कंधे पर उठाए हुए अंदर की तरफ लेकर आया और ले जाते ही उसने सौम्या को बेड पर पटक दिया जिससे सौम्या के मुंह से आह निकल गई। धानिष्क अब सौम्या को अपनी गहरी नजरों से देख रहा था। और अगले ही पल उसने अपनी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए,, वहीं सौम्या का दिल जोर-जोर से धक-धक करने लगा वह अपने आप को पीछे करते हुए लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली दु..दु...दूर रहिए,, यह क्या कर रहे हैं आप मिस्टर कपूर आपने तो मुझे तलाक दे दिया है ना तो अब यह हरकतें करके क्या फायदा,, उसकी बात पर धानिष्क की नजरे उस पर और भी गहरी हो गई,,
और वह अपनी गहरी और डोमिनेटिंग आवाज में बोला किसने कहा मैंने तुम्हें तलाक दे दिया,, क्या तुमने तलाक के पेपर फटे हुए नहीं देखे इतना कहते हुए उसने अपनी जेब में से तलाक के पेपर्स निकाले जो कि टुकड़ों में थे वह उसने अपनी जेब में ही डाल रखे थे। अब उसने उन पेपर्स को अपने हाथ में सौम्या के सामने किया और अगले ही पल सामने टेबल पर रखा हुआ लाइटर उठाया और उन पेपर्स को जला दिया यह चीज देखकर सौम्या की आंखें बड़ी हो गई,, अब उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया ,, आज तक सौम्या उससे कभी इस तरह से नाराज नहीं हुई थी। सौम्या तो उस पर जान देती थी लेकिन इस बार वह धानिष्क से हद से ज्यादा नाराज हो गई थी।
और इस बात का एहसास अब धानिष्क को हो रहा था। लेकिन उसे झुकना मंजूर नहीं था। वह अपनी गहरी आवाज में बोला अगर इश्क करोगी तो इश्क दूंगा लेकिन मनाना भूल जाओ स्वीट मार्शमैलो,, सौम्या को एक पल के लिए लगा था शायद धानिष्क उसे मनाएगा लेकिन जैसे ही धानिष्क ने यह बात कही वह कभी भी सौम्या को मनाएगा नहीं तो सौम्या का दिल एक पल के लिए चकनाचूर हो गया,, और उसकी आंखों में आंसू लबालब बहने लगे,,
वह तड़प कर बोली यही तो आता है आपको बस एटीट्यूड दिखाने तो रहिए अपने एटीट्यूड में मुझे भी आपके साथ अब नहीं रहना इतना कहकर वह अपनी जगह से उठने लगी कि तभी धानिष्क ने उसका हाथ पकड़ कर दोबारा से उसे बेड पर गिरा दिया और अगले ही पल अपनी शर्ट उतार कर जमीन पर फेंक दी,, उसकी ब्रॉड चेस्ट और खुला सीना देखकर अभी भी सौम्या की जान निकलती थी लेकिन उसने आज उसके सीने पर से अपनी नज़रें दूसरी तरफ घूमा ली क्योंकि इस वक्त उसे हद से ज्यादा रोना आ रहा था। उसे हद से ज्यादा दर्द महसूस हो रहा था कि क्यों धानिष्क उसकी फिलिंग्स को समझ नहीं पा रहा।
जैसे ही धानिष्क ने सौम्या को बेड पर फेंका अगले ही पल वह पूरी तरह से उसके ऊपर चढ़ गया जिससे सौम्या का दिल जैसे एक पल के लिए रुक ही गया। उसकी धड़कनों ने एक बार फिर से शोर मचाना शुरू कर दिया था और सांसों ने और भी ज्यादा गहरा होना शुरू कर दिया था। वहीं उसकी सांसों का उफान उसके सीने में साफ दिखाई दे रहा था। जो कि धानिष्क साफ़ देख सकता था जिस वजह से सौम्या का सीना धानिष्क के सीने से टकरा रहा था। उसकी सांसों में आए हुए तूफान को देखकर धानिष्क के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ चुकी थी। किसी और की होने की बात करती हो क्या उसके छूने से भी ऐसा ही रिएक्ट करोगी। धानिष्क की बात सुनकर एक पल के लिए सौम्या का दिल तड़प उठा,, और उसकी आंखों में आंसू और भी तेजी से बहने लगे अब वह अपना चेहरा घूमाते हुए बोली मैंने आपसे बुरा इंसान आज तक नहीं देखा ना ही मुझे अब आपको देखना है आप बहुत बुरे हैं मिस्टर कपूर ,, आप जानबूझकर मेरे सामने ऐसी बातें कर रहे हैं।
सौम्या की बात पर धानिष्क की नजरे जो उस पर पहले ही गहरी थी। अब उसने अपनी लोअर लिप को अपने दांतों तले दबाते हुए,, सच्च ही तो कह रहा हूं अगर आज इंगेजमेंट होगी तो कल शादी भी तो होगी और जब शादी होगी तो वह तुम्हें छूएगा भी तो मेरी तरह ही सॉरी मेरी तरह तो नहीं लेकिन छूएगा तो ना अगर उसने तुम्हें यहां पर ऐसे किस किया तो ऐसे करते हुए धानिष्क ने अपने होंठ सौम्या के गले पर रख दिए,, जिससे सौम्या ने अपनी पकड़ ब्लैंकेट पर कस दी,, उसे अपने अंदर कुछ टूटा हुआ महसूस हो रहा था। उसे एक पल के लिए वही पल याद आया जब रूद्र ने आज शाम को उसे हग किया था और अगले ही पल सौम्या को अपने अंदर कुछ अजीब सा महसूस हुआ तो उसने जल्दी से रूद्र को पीछे की तरफ कर दिया। उसको रुद्र का यूं गले आकर लगना बिल्कुल भी पसंद नहीं आया था। और जिस तरह की धानिष्क उससे बातें कर रहा था। और धानिष्क को यह चीज साफ महसूस हो रही थी। कि सौम्या को उसकी बातों पर अंदर तक दर्द हो रहा है।लेकिन धानिष्क फिर भी रुक नहीं रहा था। अब वह फूट-फूट कर रोते हुए बोली मत करिए ऐसी बातें मुझे अच्छा नहीं लग रहा है,, उसकी बात पर धानिष्क के होंठ एक पल के लिए उसके गले पर रुक गए,, और उसने अब अपना चेहरा उठाकर सौम्या के चेहरे की तरफ देखा जो कि रो-रोकर लाल हो चुका था। उसका मेकअप भी हल्का-हल्का खराब होने लगा था लेकिन उसकी वह नाक इतनी ज्यादा क्यूट लग रही थी कि धानिष्क का दिल कर रहा था कि उसकी नाक को चुम ले,,
फिर धानिष्क उसके चेहरे के पास आकर उसकी आंखों में देखते हुए बोला मैं तो सिर्फ बात कर रहा हूं। तुम सच में चाहती हो क्या कि तुम इंगेजमेंट करो इतना कहकर उसने अपने होंठ दोबारा से उसके गले पर रख दिए जिससे उसके तपते हुए होंठ अपने गले पर महसूस कर सौम्या के मुंह से सिसक निकल गई, धानिष्क की इतनी सी छुअन से सौम्या के रोंगटे खड़े हो रहे थे।, जहां कुछ देर पहले रुद्र का छुना उसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था वहीं धानिष्क के छूने से वह पल भर में पिघलती जा रही थी। लेकिन उसका दिल इस चीज की गवाही बिल्कुल नहीं दे रहा था आज वह धानिष्क से जी भर कर रूठना चाहती थी। वह धानिष्क की शिकायत धानिष्क से ही करना चाहती थी लेकिन, जिस तरह की बातें धानिष्क कर रहा था। उससे वह सिर्फ और भी ज्यादा हर्ट नहीं बल्कि अंदर तक टूट रही थी। लेकिन फिर भी उसने खुद को किसी तरह से संभाला ,,
वह अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली दूर हो जाइए मुझे प्लीज ऐसा मत करिए आज मेरी इंगेजमेंट है रुद्र से,, जैसे ही सौम्या ने यह बात कही अगले ही पल सौम्या अपना मुंह घूमाते हुए बोली मैं इन चीजों को नहीं मानती आपको जो करना है करिए लेकिन अब मैं शादी को नहीं मानती,, मुझे आपके साथ नहीं रहना बहुत हो गया। आपको मनाना नहीं आता आपको मेरा दुख नजर नहीं आता,,, उसकी बात पर धानिष्क ने कोई भी जवाब नहीं दिया। लेकिन अब भी उसकी गहरी नजरे लगातार सौम्या के चेहरे पर बनी हुई थी अब वह नीचे की तरफ हुआ और अगले ही पल उसने अपने तपते हुए होंठ सौम्या के पेट पर रख दिए जिससे सौम्या का पेट अंगड़ाइयां लेने लगा उसका अंगड़ाइयां लेता हुआ पेट देखकर धानिष्क को अपनी जान निकलती हुई महसूस हो रही थी उसका वह पतला सा पेट,, और ऊपर से उसकी छोटी सी नेवल उसे देखकर धानिष्क को कुछ-कुछ होने लगा था।
धानिष्क को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। उसने सौम्या के पेट की तरफ देखते हुए अपनी जीभ को अपने होठों पर घुमाया जैसे ही धानिष्क ने यह हरकत की सौम्या के तन बदन में करंट दौड़ गया। एक पल के लिए उसे ऐसा लगा जैसे धानिष्क ने उसके बदन में से उसकी जान निकली हो,, अब उसने अपने होंठ सौम्या के पेट पर रखे और धीरे-धीरे उसके पेट को चुमने लगा जिससे सौम्या की पकड़ उस ब्लैंकेट पर और भी ज्यादा कस गई। वह लगातार उसके पेट को अपने होठों में दबाकर पागलों की तरह चूम रहा था कभी अपनी जीभ को उसकी नेवल में डालकर चूम रहा था जिससे सौम्या का चेहरा पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठने लगा था और सौम्या पूरी तरह से मदहोश होने लगी थी। धीरे-धीरे कर धानिष्क ने उसके लहंगे का दुपट्टा भी निकाल कर साइड पर फेंक दिया था और अब वह पूरी तरह से उसके पेट को चूमे जा रहा था।
जिससे सौम्या को भी अपने बदन में से जान निकलती हुई महसूस हो रही थी। वह भी अब धानिष्क में कहीं खोने लगी थी। सौम्या को खुद में खोते हुआ देख धानिष्क के चेहरे पर अब डेविल स्माइल और भी लंबी हो चुकी थी। अब उसने अपना चेहरा पीछे की तरफ किया और पीछे होकर जाकर खड़ा हो गया उसको इस तरह से पीछे जाकर खड़ा होता देख सौम्या हैरानी से धानिष्क की तरफ देखने लगी,, सौम्या की आंखों में आंसू अब एक पल के लिए रुक से गए थे।
धानिष्क पर जिस तरह से उस पर हावी हो रहा था सौम्या अब पूरी तरह से बहक चुकी थी। धानिष्क की नज़रे इतनी ज्यादा इंटेंस थी। सौम्या को अपने पेट में बटरफ्लाइज उड़ती हुई महसूस हो रही थी। जिससे उसका दिल जोरो जोरो से धड़क रहा था लेकिन अचानक से छोड़ने से अब सौम्या होश में आ चुकी थी और अब वह धानिष्क को ठीक से देख भी नहीं पा रही थी और वह अपनी नज़रें धानिष्क से चुरा रही थी यह चीज देखकर धानिष्क की मुस्कुराहट और भी लंबी हो गई। वह अब अपनी जगह से खड़ी हुई और अपना दुपट्टा ठीक करते हुए बोली,,
मुझसे दूर रहिए मैं आपको बार-बार कह रही हूं इतना कहते हुए भी उसने एक बार भी धानिष्क की तरफ नहीं देखा था। वहीं धानिष्क अब उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला। और तुम मुझे रोकने वाली होती कौन हो कि मैं अपनी बीवी के पास ना आऊ,, उसकी बात पर सौम्या गुस्से में बोली मैं आपकी बीवी अब नहीं हूं। मुझे यह शादी अब मंजूर नहीं,, और आज मेरी इंगेजमेंट है सुन लीजिए मिस्टर धानिष्क कपूर,, उसके मुंह से अपना पूरा नाम सुनकर धानिष्क की आंखें बड़ी हो गई थी। वह अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से इस वक्त सौम्या को देख रहा था।
धानिष्क अब अपनी गहरी नजरों से उसे देखते हुए बोला ठीक है तुम्हें यह इंगेजमेंट करनी है ना करो . अभी तुम्हारे कमरे से बाहर निकलते ही यहां पर एक लड़की मेरे बिस्तर पर आएगी उधर तुम्हारी इंगेजमेंट रिंग रुद्र के हाथ में पड़ेगी और इधर आज सारी रात मेरी किसी और लड़की के साथ बीतेगी,, इतना कहते हुए उसने चुटकी बजाई कि तभी दरवाजे पर आकर एक लड़की खड़ी हुई और उसने दरवाजा नॉक किया। वह लड़की ऐसे आकर खड़ी हुई थी जैसे पहले ही उसे वहां पर खड़ा किया गया हो,, वहीं सौम्या का दिल तो जैसे एक पल के लिए धड़कना ही भूल गया था।
वैसे भी तुम्हारी किसी और से शादी करने के बाद मैं कौन सा जिंदा रह जाऊंगा उसने इतना ही कहा था कि एक जोरदार थप्पड़ उस कमरे में गूंज गया और यह थप्पड़ सौम्या ने धानिष्क के गाल पर जङा था। और बात यही नहीं रुकी एक और थप्पड़ सौम्या ने धानिष्क के गाल पर जङ दिया वह लगातार उसके गालों पर थप्पड़ जड़ रही थी वहीं धानिष्क उसके सामने खड़ा था लेकिन उसने अपने मुंह से उफ्फ तक नहीं किया था। सौम्या लगातार धानिष्क के गालों पर थप्पड़ जड़ते हुए रोते हुए बोली आप बहुत बुरे हैं आप बहुत बुरे हैं आप मुझे जीने नहीं देते और आपकी हिम्मत कैसे हुई इतनी बात कहने की आप.... इतना कहते हुए वह बुरी तरह से कांप उठी थी जो बात धानिष्क ने कही थी वह अपने होठों पर भी ला नहीं पा रही थी लेकिन धानिष्क ने वह बात बड़े आसानी से कह दी थी ।
लेकिन अगले ही पल सौम्या ने उसके हाथों को झटका और अपना चेहरा एक्सप्रेशंसलेस करते हुए बोली,, ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। जा रही हूं यहां से आपको जो करना है आप कर सकते हैं लेकिन आज यह इंगेजमेंट होकर रहेगी क्या कहा आपने कि आप किसी और के साथ रात बिताएंगे,, जाइए बिताइए किसी और के साथ रात मैं भी आपको पूरी छूट देती हूं। उसकी बात सुनकर धानिषक की आंखें बड़ी हो गई एक पल के लिए धानिषक का दिल जैसे धक्क सा रह गया। वहीं सौम्या अब अपने कदम रूम से बाहर बढ़ाने को हुई कि तभी धानिषक ने अपनी बैक में से गन निकाली और अपने माथे पर पॉइंट करते हुए बोला,, तुम्हारे कदम अगर इस कमरे से बाहर पड़े तो यह गोली मेरे माथे के आर पार होगी,,
जैसे ही उसने यह बात कही सौम्या के कदम वहीं पर रुक गए और उसका दिल पूरी तरह से दहल गया अब उसने पलट कर धानिषक की तरफ देखा तो उसे ऐसा लगा जैसे किसी ने उसके शरीर में से उसका पूरा खून निचोड़ लिया हो। उसकी जान उसके पूरे बदन में से निकल चुकी थी और पैर बुरी तरह से कांपने लगे थे।
जिस तरह से धानिषक ने अपने माथे पर गन रखी हुई थी उसके पैरों तले से जमीन निकल चुकी थी। अब चाह कर भी वह अपने कदम बाहर की तरफ नहीं बढ़ा नहीं पा रही थी। लेकिन फिर वो खुद को मजबूत करते हुए बोली बस कीजिए,, और कितना गिरेंगे आप यह क्या हरकत है। फिर वह दांत पीसकर बोली गन नीचे करिए,, आपको क्या लगता है आपके इस तरह से गन उठाने से मैं डर जाउंगी बिल्कुल नहीं,, मैं जानती हूं यह आपका एक नाटक है मुझे बाहर जाने से रोकने के लिए लेकिन आज मैं रुकने वाली नहीं हूं। समझे आप आज आप मुझे नहीं रोक सकते,, चाहे जो हो जाए अब मैं यह इंगेजमेंट करके रहूंगी इतना कहकर वह पलटने ही वाली थी कि तभी धानिषक बोला मैं मजाक नहीं कर रहा हूं नहीं यकीन तो ठीक है तुम्हें यकीन दिलाता हूं इतना कहकर उसने अपना हाथ ट्रिगर पर रखा और अगले ही पल वहां पर फायर की आवाज गूंजी।
To be continue...







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