
शेखावत फार्म हाउस,,
काजल अभी-अभी वार्डरोब की तरफ कदम बढ़ाने वाली थी के तभी उसके कानों में AS की आवाज पड़ी थी। AS इस वक्त बेड रेस्ट पर सर रखकर अपने दोनों हाथ फैला कर और पूरी तरह से बेड पर लेटा हुआ था और इस वक्त उसके कमर पर सिर्फ एक टॉवल था। इस वक्त AS केवल सिक्स पैक एप्स और ब्रेड चेस्ट हद से सेक्सी लग रहे थे। जैसे ही AS की आवाज काजल के कानों में पड़ी काजल के कदम वहीं पर रुक गए और उसका दिल जैसे जोर-जोरों से धक-धक करने लगा,, एस अपनी गहरी आवाज में बोला वार्डरोब की तरफ जाने की जरूरत नहीं है रैबिट कोई फायदा नहीं होगा कपड़े पहनने का क्योंकि,,
बाद में फिर से उतर ही जाने हैं। जिस तरह से AS ने अपनी बात कही थी काजल के रोंगटे खड़े हो रहे थे। उसने पलट कर AS की तरफ देखा तो उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस होने लगा। AS बेड पर लेटा हुआ इस वक्त इतना ज्यादा हॉट लग रहा था कि काजल की नजर खुद ब खुद उसके चेस्ट पर ऑन कर अटक गई थी। दूसरी तरफ AS जो कि उसकी नज़रें खुद पर महसूस कर सकता था और अगले ही पर उसकी आंखें बंद किए हैं ही उसके होठों पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई। इस वक्त काजल जिन नज़रों से उसे देख रही थी यह AS को साफ उसकी नजरों का पता चल रहा था। वह बेहद सेडक्टिव वॉइस में बोला देखने की जरूरत ही क्या है रैबिट आओ झपट पड़ो,,
AS की बात सुनकर काजल झेप गई। और अगले ही पल उसने अपनी नज़रें AS से हटा ली अब वह एक बार फिर से वार्डरोब की तरफ कदम बढ़ाने वाली थी कि तभी AS गहरी आवाज में बोला,, अगर अब तुमने कपड़े पहनने की जिद्द की रैबिट तो मैं कपड़े फाड़ दूंगा एक बात याद रखना,, AS की बात सुनकर काजल के जबड़े पूरी तरह से कस गए,, वह गुस्से में दांत पीसकर बोली,, यू अरे सुच ए रिडिक्यूलोस इतना कहकर वह पर पटक कर बैठ के दूसरी तरफ आकर बैठ गई,,
जैसे ही काजल बैठ के दूसरी तरफ आकर बैठी AS ने अपनी आंखें खोलकर अब काजल की तरफ देखा इस वक्त उसके चेहरे पर गहरी मुस्कराहट तैर गई थी। अब एस अपना हाथ काजल की तरफ बढ़ने ही वाला था कि तभी बेड रेस्ट पर पड़ा हुआ AS का फोन रिंग करने लगा ,, जैसे ही यह AS का फोन रिंग हुआ AS के हाथों की मुठिया काश गई। अब उसे वही काजल अभी भी उसकी तरफ पीठ करके बैठी हुई थी। AS ने अब अपना फोन उठाया तो उसे पर अनन्या का फोन आ रहा था और अनन्या का फोन देखकर एस की एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई।
अगले ही पाल उसने अनन्या का फोन उठाया,, और कान से लगा लिया और दूसरी तरफ से जो कहा गया उसे सुनकर,,AS ने सिर्फ इतना कहा वह शोर है कि वह यह सब करना चाहती है। तभी अनन्या बोली हां छोटे कुछ और है। मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा उन दोनों के बीच ऐसा हुआ क्या है जो इतना ज्यादा,,
इतना कहकर अनन्या चुप हो गई और फूट-फूट कर रोने लगी। वही है सब अपनी गहरी आवाज में बोल दी आपको रोने की जरूरत नहीं है आज रात की पार्टी में जो होगा,,, उसके बाद उसे भी पता चल जाएगा की हर बार दूरियां ही जरूरी नहीं होती इतना कहते हुए AS के चेहरे पर सीरियस एक्सप्रेशन थे। वही काजल भी है AS को देख रही थी उसकी नज़रें भी इस वक्त AS पर गहरी हो गई थी।
दूसरी तरफ शेखावत पैलेस में,,
सौम्या इस वक्त बेड पर बैठी हुई थी और उसके सामने ही अनन्या और कल्याणी की खड़ी थी। उन दोनों की आंखों में इस वक्त लबालब आंसू थे वही सरगम तो मुंह बनाते हुए कब से यहां से निकल चुकी थी उसे तो इस चीज से कोई लेना-देना ही नहीं था। वही सौम्या जो की बेड पर बैठी हुई थी इस वक्त अपनी सूनी आंखों से खिड़की की तरफ देख रही थी। उसकी आंखों में आंसू अब सूख चुके थे। कल्याणी जी अब अनन्या की तरफ देखकर बोली,, इसका दिमाग तो खराब नहीं हो गया है। रात को पार्टी अरेंज कर ली और ऊपर से कह रही है कि इसे रुद्र के साथ इंगेजमेंट करनी है। अरे आखिर इन दोनों के बीच ऐसा हुआ क्या है। अगर दामाद जी को पता चल गया वह क्या सोचेंगे,, तभी सौम्या अपनी ठंडी आवाज में बोली कौन से दामाद की बात कर रहे हैं आप जो मुझे तलाक दे चुका है,, सौम्या की बात सुनकर दोनों की आंखें बड़ी हो गई और वह सौम्या की तरफ देखने लगी और अब अनन्या और कल्याणी जी की आंखों में भी आंसू आने लगे थे।
जिस तरह से dhaanishk को सौम्या को छोड़कर गया था अब सौम्या को जो दर्द हो रहा था वह अब हद से बाहर था इसीलिए उसने एक फैसला लिया था कि वह अब इस गम से दूर जाना चाहती है। इसीलिए अभी थोड़ी देर पहले ही उसने डिसाइड किया था कि वह आज रात एक पार्टी अरेंज करेगी जिसमें वह अपनी इंगेजमेंट की अनाउंसमेंट करेगी वह भी अपने चाइल्डहुड बेस्ट फ्रेंड जो की आज शाम को कनाडा से आने वाला था और उसका नाम था रूद्र वालिया जो बचपन से ही उसे प्यार करता था।
वहीं अनन्या और अब कल्याणी जी भी चुप हो गए थे क्योंकि उनके पास अब कुछ कहने को था हीनहीं,
ऐसे ही सारा दिन बीत गया,,,
शेखावत पैलेस के बाहर गार्डन एरिया में उसे पूरी तरह से सजाया जा रहा था जहां पर लाइटनिंग और कैटरिंग का काम चल रहा था। वही अंदर सौम्या जो कि अभी भी उदास खिड़की में बैठी हुई थी इस वक्त उसके चेहरे पर कोई भी रौनक नहीं थी। और आंखों में जैसे सुना पन भरा हुआ था।
वहीं दूसरी तरफ,,
हाईवे पर,,
Dhaanishk की गाड़ी सब तेजी से सड़कों पर दौड़ रही थी। और इस वक्त Dhaanishk की की आंखें हद से ज्यादा लाल थी। उसकी आंखों के सामने सौम्या का चेहरा घूम रहा था और हाथों में उसने इस वक्त वाइन की बोतल पड़ी हुई थी जो कि वह लगभग होठों से लगाकर सारी खत्म कर चुका था और अब उसने उसे बोतल को गाड़ी की पिछली सीट पर फेंका और दूसरी बोतल निकाल कर एक बार फिर से वाइन की बोतल को होठों से लगा लिया,, अभी वह वाइन पी रहा था कि तभी उसके फोन पर AS का कॉल आया अपने फोन की तरफ देखकर दानिश के की आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई। उसने अब अपना फोन उठाया और कान से लगाए और दूसरी तरफ से जो AS ने कहा उसे सुनकर Dhaanishk के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई।
वह अब गहरी आवाज में बोला मतलब तुम्हारी बहन अब ऐसे नहीं मानेगी,, Dhaanishk की बात पर स बोला तो बहन किसकी है जिद्दी भी तो मेरे जैसी होगी,, तभी Dhaanishk को डोमिनेटिंग वॉइस में,, चाहे तुम्हारी बहन हूं लेकिन मैं भी Dhaanishk कपूर हूं। उसकी हर एक नब्ज और हर एक सांस पर मेरा हक है। देखता हूं कहां तक भागती है भाग ले,, और आज जो भी आगे आएगा,, उसी को यह Dhaanishk कपूर आग लगा देगा,, Dhaanishk की बात सुनकर आस के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई। वही दानिश के चेहरे पर भी इस वक्त डेविल स्माइल थी और यह डेविल स्माइल कोई नॉर्मल नहीं थी साफ पता चल रहा था कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।
अब Dhaanishk ने फोन काटा और बीयर की बोतल दोबारा से अपने होठों से लगाकर पीने लगा और इस वक्त उसके चेहरे पर जो भाब्ते बेहद दिलकश थे। उसने आप अपने होठों से वाइन लगाकर एक ही झटके में सारी वाइन फिनिश करते हुए,, तुम्हें बताना जरूरी है। स्वीट मार्शमैलो कि तुम हो किसकी इतना कहते हुए उसके चेहरे पर बेहद इंटेंस एक्सप्रेशन थे।।
दूसरी तरफ अब तक शाम के 7 बज चुके थे कि तभी एक लग्जरियस कर शेखावत पैलेस के आगे आकर रुकी और उसमें से एक बेहद हैंडसम लड़का,, जो दिखने में हद से ज्यादा अट्रैक्टिव था वह बाहर की तरफ निकला इस लड़के का गेहुआ रंग गहरी काली आंखें और जेल से सेट किए हुए बाल और ऊपर से उसने बिजनेस सूट पहना हुआ था उसे लड़के की हाइट 6 फुट थी और इस वक्त उसे लड़के ने अपने शर्ट के तीन बटन खुला छोड़े हुए थे जिस वजह से उसकी ब्रेड जैसे साफ दिखाई दे रही थी ।
वह लड़का बाहर खड़ा शेखावत पैलेस की तरफ देख रहा था इस वक्त उसकी नज़रें शेखावत पैलेस पर हद से ज्यादा गहरी थी। उसने अब अपने कदम शेखावत पैलेस की तरफ बधाई देखें तभी पीछे से आवाज आई रूद्र आप आ गए, जैसे ही उसे लड़के के कानों में यह आवाज पड़ी लड़के ने पलट कर देखा तो सामने अनन्या खड़ी थी। अनन्या जो की दिव्यांश से बात करते हुए बाहर की तरफ आई थी वह इस वक्त फोन पर थी दिव्यांश जो की अभी सिंगापुर गया हुआ था उसी से वह बात कर रही थी। और बात बाहर आते हुए उसने रूद्र को देख लिया,, और रुद्र की तरफ देखते हुए बोली तुम आ गए,, वैसे काफी बड़े हो गए हो अब तुम तब छोटे से थे।
तभी रूद्र उनकी अन्याया की तरफ देखकर मुंह बनाते हुए बोला बस कीजिए नदी अब मैं इतना छोटा भी नहीं रह गया हूं। उसकी बात पर अनन्या हंसी और बोली हमारे लिए तो अभी भी तो छोटा ही है। अनन्या की बात पर रुद्र का मुंह बन चुका था और वह मुंह बनाते हुए वाला जोगी मुझे आपसे बात ही नहीं करनी है मुझे यह बताओ कि मेरी स्ट्रॉबेरी कैंडी कहां है। रुद्र की बात सुनकर अनन्या का मुंह छोटा सा हो गया था। वह अभी का सा मुस्कुराई और बोली अंदर ही है जाओ मिल लो उससे। उसकी बात पर रूद्र ने हमें से रहालय और अगले ही पल अपने कदम शेखावत पैलेस के अंदर की तरफ बढ़ा दिए कुछ ही देर में वह सौम्या के कमरे के आगे आकर खड़ा हुआ,,
इस वक्त रुद्र के चेहरे पर जो चमक थी वह बहुत कुछ बता रही थी कि वह शायद सौम्या से बहुत ज्यादा प्यार करता था। वह जल्दी से अंदर की तरफ आया और उसने देखा सौम्या अभी भी खिड़की के पास खड़ी थी और उसके पास ही उसका लहंगा पड़ा हुआ था लेकिन अभी तक उसने उसे लहंगे को छुआ तक नहीं था। उन कपड़ों को पहने तो दूर उसने अभी तक उसने देखा भी नहीं था उसकी नज़रें बाहर गार्डन एरिया पर थी जहां पर सजावट हो रही थी। गार्डन कितनी चमक देखकर भी उसकी आंखें सुनी थी। रुद्र अब अंदर की तरफ आया और जल्दी से सौम्या के पास आकर उसने सौम्या का हाथ पकड़ कर अगले ही पल अपनी तरफ खींचा और गले से लगा लिया जैसे ही रूद्र ने सौम्या को गले से लगाया सौम्या की आंखें बड़ी हो गई,,,
उसका दिल जैसे धड़कन ही भूल गया एक पल के लिए सौम्या जैसे अनकंफरटेबल हो गई उसने जल्दी से रुद्र के सीने पर हाथ रखा और उसे दूर करते हुए बोली , उसके इस तरह से हाथ रखकर उसे दूर करने से रूद्र थोड़ा दूर होकर उसे छोटी आंखें करके देखते हुए बोला, ऐसे डर क्यों धकेल रहे हो वैसे मुझे यह कह रही थी कि अब मुझे इंगेजमेंट करनी है और आप आते ही मुझे दूध अकेले लगी अरे मेरी स्ट्रॉबेरी कैंडी आज तो मैं तुझे जम के देखूंगा देखूंगा कितनी खूबसूरत गोगी तुम अच्छा टाइम तो कितना हो गया तुम अभी तक तैयार क्यों नहीं हुई,
उसकी बात पर सौम्या फीका सा मुस्कुराई और बोली,, कितना ही टाइम हुआ होगा 5बजे होगे,, उसकी बात पर रूद्र ने मुंह बनाया और बोला क्या तुम्हें टाइम की भी सुधा-बड नहीं है कि टाइम क्या हो रहा है। रुद्र अब इरिटेट होते हुए बोला 7 बज के हैं। जो अभी भी 5 बज रही हो,, उसकी बात पर अब जाकर सौम्या को होश आया अब उसने आसमान की तरफ देखा जहां पर हल्का-हल्का अंधेरा होने लगा था अब वह भी कम मुस्कुरा कर बोली आप नीचे चाहिए रूद्र में तैयार होकर आता हूं रूद्र अब उसका हाथ पड़कर उसे बेड पर बैठे हुए हो जाना तैयार पहले मुझे तुमसे कुछ बात करनी है और यह क्या हुलिया बना कर रखा है क्यों इतना चेहरा उतरा हुआ है तुम्हारा तुम ठीक तो हो ना,,
रुद्र की बात पर सौम्या फीका सा मुस्कुराई और हां में सिर हिला दिया,, सौम्या को हां में सीरियल लता देख पता नहीं क्यों रूद्र को अच्छा नहीं लग रहा था उसके चेहरे पर जो फीकी सी मुस्कुराहट थी वैसे भी रूद्र को बनावटी लग रही थी। न जाने क्यों रूद्र सौम्या का दर्द महसूस कर पा रहा था। उसने अब सौम्या की गाल पर हाथ रखते हुए बोला पक्का ना तुम ठीक हो,, उसकी बात पर सौम्या ने हमें सर हिला दिया अभी तक रूद्र को यह भी नहीं पता था कि सौम्या शादीशुदा है। रूद्र ने अब सौम्या के गाल को सहलाते हुए बोला तुम जल्दी से तैयार हो जाओ मैं तुम्हारा नीचे वेट कर रहा हूं। इतना कहकर रूद्र ने गहरी सांस ली और बेड से उठकर वहां से जाने को हुआ कि तभी सौम्या ने उसका हाथ पकड़ लिया जैसे ही सौम्या ने रुद्र का हाथ पकड़ रुद्र का दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा।
उसकी दिल की धड़कन इस वक्त हद से ज्यादा बढ़ चुकी थी। अब उसने सौम्या की तरफ पलट कर देखा और प्यार से मुस्कुराते हुए बोला क्या हुआ तो सौम्या उसकी तरफ देखकर बोली मेरी शादी हो चुकी है। उसकी बात पर एक पल के लिए रुद्र का दिल धक सा रह गया। और फिर वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोला तो तुम मेरे साथ इंगेजमेंट अभी उसने इतना ही कहा था कि सौम्या ने कहा लेकिन मेरा तलाक भी हो चुका है। अगर तुम इंगेजमेंट करना चाहती हो तो ठीक है नहीं करना चाहते तो... अभी सौम्या बोल ही रही थी कि तभी रूद्र उसके पैरों के पास बैठा और उसके हाथ को अपने हाथ में लेते हुए,,,
तुमसे किसने कहा कि मैं तुमसे इंगेजमेंट नहीं करना चाहता मैं जरूर करूंगा तुमसे इंगेजमेंट,, और रही बात पहले शादी की मैं तुमसे यह भी नहीं पूछूंगा कि तुम्हारी शादी क्यों टूटी क्या वजह है किस वजह से तुम्हारा तलाक हुआ मैं कुछ भी तुमसे नहीं पूछूंगा मुझे किसी चीज से लेना देना नहीं मुझे सिर्फ तुमसे लेना देना है। उसकी बात पर अब सौम्या एक बार फिर से फीका सा मुस्कुराई अब उसकी आंखों में आंसू आने लगे थे क्योंकि कहीं ना कहीं जो बात रूद्र ने कही थी वह चाहती थी कि Dhaanishk उसके लिए कहे, जिसकी उम्मीद वह पूरी तरह से अब छोड़ चुकी थी उसका दिल बुरी तरह से टूटा हुआ था।
उसका दिल Dhaanishk को पाने के लिए तड़प रहा था लेकिन Dhaanishk के के सामने वह पूरी तरह से हार मान चुकी थी। वही रूद्र अब उसके गाल पर हाथ रखते हुए बोला तुम जल्दी से तैयार हो जाओ मैं नीचे तुम्हारा वेट कर रहा हूं थोड़ी देर में पार्टी स्टार्ट होने वाली है।
रुद्र की बात सुनकर सौम्या ने हमें सर हिला दिया। रुद्र अभी उसके दोनों गालों को हाथों में भरते हुए बोला और मैं तुम्हारे लिए एक सरप्राइज लाया हूं। तुम जब नीचे आओगी तो पार्टी में तुम्हें दूंगा उसकी बात पर सौम्या एक बार फिर से फीका सा मुस्कुराई और हां में सिर हिला दिया,,
तकरीबन 1 घंटे बाद,,
साढ़े आठ सौम्या पूरी तरह से रेडी होकर मिरर के सामने खड़ी थी इस वक्त उसने पीच कलर का लहंगा पहना हुआ था और उसके साथ होठों पर न्यूड लिपस्टिक और आंखों में सिमरी मेकअप इस वक्त सौम्या हद से ज्यादा खूबसूरत लग रही थी उसके लंबे बाल जो कि उसके हिप से भी नीचे जा रहे थे वह हद से ज्यादा खूबसूरत लग रहे थे। उसने अपने बालों को पूरी तरह से खुला छोड़ा था इस वक्त उसके सिल्की बाल उसके चेहरे पर लेट बैंक जिस तरह से उलझ रहे थे कहर ढा रहे थे।
और ऊपर से उसके सिर के ऊपर जो एसेसरी का बैन लगा हुआ था जो कि पूरा तरह से डायमंड का था उसे और भी ज्यादा खूबसूरत बना रहा था। आज सौम्या ने अपनी मांग में सिंदूर नहीं भरा हुआ था और गले में जो मंगलसूत्र था अब उसने उतार कर सामने ड्रेसिंग टेबल पर रखा था जिसे देखकर उसकी आंखों में आंसू और भी ज्यादा आने को आतुर थे लेकिन वह उन आंसुओं को बाहर आने की इजाजत नहीं दे रही थी।
अब उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढ़ा दिए,,
दूसरी तरफ बहार,,
गार्डन एरिया में इस वक्त पार्टी स्टार्ट हो चुकी थी लगभग से सभी मेहमान आ चुके थे। इस पार्टी में बड़े-बड़े बिजनेस टाइकून आए हुए थे यहां तक की त्रिआंशु राणा भी यहां पर आया हुआ था। और अपने साथ इस वक्त वह नेहा को भी लेकर आया हुआ था। त्रिआंशु इस वक्त बार काउंटर एरिया पर था लेकिन उसकी नज़रें इस वक्त नेहा पर थी जो की अनन्या और कल्याणी जी के पास खड़ी थी। वह इस वक्त गहरी नजरों से अनन्या को देख रहा था।
वहीं दूसरी तरफ,
सरगम जो की अभी-अभी बाहर की तरफ आई थी उसकी नज़रें इस वक्त AS को ढूंढ रही थी वह इस वक्त AS के साथ टाइम स्पेंड करना चाहती थी। लेकिन यह उसे कहीं दिखाई नहीं दे रहा था अब उसने एक नजर अनन्या नेहा और कल्याणी जी,, जो आपस में बातें कर रही थी। सरगम और उनके पास आई और उनकी तरफ देखते हुए बोली,, वह मिस्टर शेखावत नहीं आए क्या,, सरगम की बात सुनकर अनन्या ने उसे अजीब नजरों से देखा,, और कल्याणी जी कभी से यही रिएक्शन था वही सरगम को तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर वह दोनों ऐसे क्यों देख रहे हैं,,
अनन्या मनी मां बोली काजल तो कभी छोटी को मिस्टर शेखावत नहीं बुलाती थी फिर कुछ सोच कर बोली शायद अब बुलाने लग गई होगी कुछ दूरियां में भी बहुत कुछ काम खराब किया है यह सोचकर उसने कहा नहीं अभी तक तो नहीं आए हैं आ जाएंगे अभी थोड़ी देर में इतना कहते हुए अब उसने सरगम को अपने साथ बैठने को इशारा किया,, तो सरगम नाम से राहिला कर बोली नहीं थी वह मुझे कुछ काम था मैं बाद में आऊंगी इतना कहकर वह एक बार फिर से शेखावत पैलेस के अंदर चली गई वहीं उसके जाते ही कल्याणी जी मुंह बनाते हुए बोली इसे हुआ क्या है आजकल यह बहुत कम हमारे पासबैठी है,, उसकी बात पर अब अनन्या बोली क्या पता दादी काजल कभी ऐसी थी नहीं जैसी बन गई है कभी ऐसा रूप उसका देखा नहीं। अब उन विचारों को क्या पता था कि जिसे वह काजल समझ रही है वह काजल नहीं सरगम थी,, जो की काजल का रूप धर के इस घर में आई हुई थी।
अब वह कुछ ज्यादा ना सोते हुए एक बार फिर से बातों में लग गई वही नेहा भी उनके साथ बैठकर उनकी बातें सुन रही थी वह ज्यादा कुछ रिस्पांस नहीं दे रही थी बस उनकी बातें ज्यादातर सुन रही थी,, तभी उसने अपनी नज़रें कमाई तो उसकी नज़रें सीधा त्रियांशु से जा मिला जो उसे ही अपनी गहरी नजरों से देख रहा था। त्रियांशु को अपनी तरफ इस तरह से देखता पाकर नेहा ने अपना मुंह दूसरी तरफ घूम लिया नेहा को इस तरह से खुद को इग्नोर करता देख त्रियांशु की आंखें पूरी तरह से सर्द हो गई। वह दांत पीसकर बोला तुम मुझे इग्नोर करोगी अभी बताता हूं इतना कहकर वह अपनी जगह से खड़ा हुआ और उसने अपने कदम नेहा की तरफ बढ़ा दिए वहीं नेहा जो की कल्याणी जी और अनन्या से बातें करने में बिजी थी उसने जब त्रियांशु को अपनी तरफ आते देखा तो उसका दिल जोरो जोरो से धड़कने लगा।
वही त्रियांशु अब उसके पास आकर खड़ा हुआ और उसकी तरफ देखकर बोला मिस नेहा मुझे आपसे कोई काम है आप प्लीज मेरे साथ इधर आएगी ,, उसकी बात पर नेहा पिकासा मुस्कुराई और उसने अब कल्याणी जी की तरफ देखा कल्याणी जी और अनन्या उसकी तरफ देखकर बोली जाओ ना उसकी बात पर नेहा नेहा में से हिला दिया,, अब वह अपनी जगह से उठी और त्रियांशु के पीछे-पीछे चल दी,, वहीं अनन्या अब दादी की तरफ देखकर बोली, दादी आपको नहीं लगता कि त्रियांशु की शक्ल कुछ-कुछ काजल से मिलती है। अन्य नहीं तो यह बात यूं ही कह दी थी लेकिन कल्याणी जी ने जब त्रियांशु का चेहरा देखा तो उनकी आंखें बड़ी हो गई वह हा में सिर हिलाते हुए बोली हां बिल्कुल उसी की तरह है और आंखें भी देख आंखें भी उसकी तरह है और अच्छा खासा हैंडसम भी है।
काजल की भी आंखें पूरी है और इसकी भी आंखें बिल्कुल बुरी है इसकी तरह। तभी अनन्या मुंह बनाते हुए बोली अरे दादी मैं तो मजाक कर रही थी आप तो सीरियस ले गई,, आप बात कुछ ज्यादा सीरियस मत लीजिए छोड़ दीजिए यहीं पर इतना कह कर अब अन्य अपनी जगह पर खड़ी हुई और अपने फोन पर कुछ करते हुए वहां से चली गई लेकिन दादी की नजरे अभी भी सामने खड़े त्रियांशु पर थी वह मन ही मन बोली पता नहीं क्यों लग रहा है कि इसकी नजर इतनी हो बहू काजल से कैसे जा सकती है नया नक्शा आंखें,, हो सकता हूं मेरे मन का व्यायाम हो इतना सोचकर अब दादी ने अपना सिर झटक और एक बार फिर से पार्टी की तरफ देखनेलगी,,
जहां एक तरफ पार्टी की शुरुआत हो चुकी थी,, तभी पार्किंग एरिया में AS की कर कर रुकी,,AS इस वक्त अकेला आया था वह अपने साथ काजल को नहीं लेकर आया था। क्योंकि इस वक्त उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था अंदर आते ही उसकी नजर शेखावत पैलेस के दरवाजे पर खड़ी सरगम पर घड़ी और उसको देखकर AS के चेहरे पर तिरछी मुस्कराहट तैर गई अब उसने अपने कदम सरगम की तरफ बढ़ाया वहीं सरगम जिसने यश को देख लिया था वह तो अब तितली की तरह उड़ते हुए,, एस की तरफ पहुंच गई,,
उसको अपनी तरफ आता हुआ प्रकार AS के चेहरे पर डेविल स्माइल और भी लंबी हो गई। अब सरगम उसके पास आकर खड़ी हुई और बेहद प्यारी सी मुस्कुराहट से बोली आप कहां रह गई थी मैं आपको कब से,, अभी वह बोल ही रही थी कि तभी वहां पर तालिया का शोर गूंजने लगा क्योंकि शेखावत पैलेस के दरवाजे से सौम्या और रुद्रा गार्डन एरिया में आ रहे थे। जिनके लिए खास पार्टी रखी गई थी रूद्र ने अपना हाथ सौम्या की तरफ बढ़ाया तो सौम्या ने एक नजर रुद्र के हाथ की तरफ देखा इस वक्त सौम्या का दिल जोरो जोरो से धक धक कर रहा था। उसने अब एक नजर गार्डन एरिया की तरफ देखा लेकिन उसे कहीं भी dhaanishk की नजर नहीं आया। dhaanishk को वहां न पाकर अब उसका दिल और भी ज्यादा बुरी तरह से टूट रहा था कहीं ना कहीं वह जानती तो थी ही की dhaanishk को कोई यह बात पता तो चल ही चुकी होगी कि सौम्या ने पार्टी रखी है और वह भी किस लिए लेकिन dhaanishk का अभी भी नहीं आया तो मतलब साफ था कि dhaanishk की यहां पर नहीं आने वाला था जो चीज सौम्या को अंदर तक और हट कर रही थी कि क्या dhaanishk उसे रोकना भी नहीं आएगा,,,
और अब उसकी आंखों में आंसू और भी ज्यादा तेजी से बहने लगे थे लेकिन उसने किसी तरह खुद को कंट्रोल किया और अपना हाथ रुद्र के हाथ में रख दिया और धीरे-धीरे कर वह दरवाजे से बाहर की तरफ आने लगे,, तभी रूद्र उसकी तरफ देखकर बोला यही पर रुको मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं इतना कहकर उसने चुटकी बजाई के तभी वहां पर एक रॉयल रोल्स कर आकर रुकी वह पूरी तरह से न्यू वर्जन थी और रिबन वगैरा उसे पर बंधे हुए थे कर दिखाने में हद से ज्यादा खूबसूरत थी अभी कर आकर वहां पर खड़ी हुई थी कि तभी रूद्र ने एक चाबी सौम्या की तरफ बढ़ा दी और उसे देखकर बोला यह तुम्हारी लिए मेरी तरफ से इंगेजमेंट प्रेजेंट अभी वह बोल ही रहा था कि तभी वहां पर कुछ टूटने की आवाज आई और उसे टूटने की आवाज इतनी ज्यादा तेज थी कि वहां पर खड़े सभी शख्स दर से चिहुंक उठे,,
क्योंकि यह दरवाजा टूटने की आवाज थी और सभी का ध्यान अब दरवाजा टूटने की आवाज से दरवाजे की तरफ गया तो वहां से dhaanishk ने अपनी गाड़ी सीधा दरवाजा तोड़कर अंदर की तरफ ले आया था और यह चीज देखकर अन्य कल्याणी जी हैरानी से देख रही थी। वही AS के चेहरे पर तो डेविल स्माइल थी जैसे वह पहले से ही जानता था कि अब क्या होने वाला था। वही नेहा जो कि अपनी जगह पर खड़ी थी इस वक्त उसके हाथ पैर ठंडे पड़ चुके थे। उसके पर इस वक्त कहां पर रहे थे और हाथ भी जो की रुद्र के हाथ में था। रूद्र ने उसका हाथ उसके गाड़ी की चाबी देने के लिए थमा हुआ था।
सौम्या की नजरे इस वक्त dhaanishk पर थी जो अभी तक अपनी गाड़ी से निकला नहीं था और अपनी लाल आंखों से शेखावत पैलेस के दरवाजे पर खड़ी सौम्या को ही देख रहा था। इस वक्त dhaanishk के की नजरे सौम्या पर बहुत ज्यादा गहरी थी। और आज जिस तरह से dhaanishk का सौम्या को देख रहा था सौम्या को इस वक्त बहुत ज्यादा डर लग रहा था उसने फैसला तो ले लिया था लेकिन अब उसे अपने फैसले से न जाने क्यों बहुत ज्यादा डर लगने लगा था। वही dhaanishk के जो कि अपने हाथ में अभी भी वाइन की बोतल लेकर बैठा हुआ था अब उसने उसे बोतल को दोबारा से होठों से लगाया और एक झटके से पीकर उसने पिछली सीट पर बोतल को फेंका।
कुछ देर ऐसे ही सौम्या को निहारने के बाद उसने गाड़ी में ही एक रोड पड़ी हुई थी जो शायद वह अभी-अभी लेकर आया था अब उसने उसे रोड को उठाया और गाड़ी का दरवाजा खोलकर बाहर की तरफ आया। dhaanishk की हालत देखकर वहां पर खड़े सब लोगों की आंखें हैरत से फटी हुई थी। दूसरी तरफ त्रिआंशु जो इस चीज को देखकर उसके चेहरे पर भी डेविल स्माइल आ चुकी थी। वह खुद में ही बड़बड़ाया,, जब माशूक पंगे लेने पर आ जाए तो आशिक भी कहां पीछे हटता है। इतना कहते हुए त्रिआंशु की नजरे अब नेहा की तरफ आ चुकी थी। और उसके चेहरे पर इस वक्त बेहद एंट्रेंस एक्सप्रेशन थे वही नेहा ने इस चीज को नोटिस नहीं किया था वह तो सामने की तरफ देख रही थी जहां पर अभी-अभी dhaanishk दरवाजा तोड़कर अंदर की तरफ आया था।
dhaanishk कब रोड को घसीटते हुए आगे की तरफ लेकर आ रहा था जिस वजह से रोड की आवाज वहां पर खड़े हर एक शख्स के कानून में गुल रही थी वहां पर लगे हुए डीजे अब बंद हो चुके थे। कुछ था तो पूरी तरह से सन्नाटा किसी भी चीज की कोई भी आवाज नहीं थी। अगर आवाज थी तो सिर्फ रोड के घसीटने की,, अबdhaanishk उसे गाड़ी के पास आया जैसे ही dhaanishk उसे गाड़ी के पास आकर खड़ा हुआ,,, तो सौम्या की जान और भी ज्यादा निकलने लगी उसका दिल जैसे धड़कने से इनकार करने लगा पता नहीं क्यों उसे लग रहा था जैसे कि वह जानती है कि अब क्या होने वालाहै। और अगले ही पल जो हुआ उसे सौम्या ने चिहुंक कर अपने होठों पर हाथ रख लिया दूसरी तरफ रुद्र की आंखें भी बड़ी हो गई,,
क्योंकि dhaanishk ने हाथों में पड़ी हुई रोड सीधा,, रॉयल रोल्स के शीशे पर दे मारी थी और शिक्षा बुरी तरह से चकनाचूर हो चुका था,, और यह चीज देखकर AS के चेहरे पर डेविल स्माइल और भी लंबी हो चुकीथी,
To be continue
...







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