
नासिक,
Agrawal house,
अभी- अभी अरमान के bodyguards अश्की के कमरे का दरवाजा तोडकर अंदर की तरफ आए थे. वही अरमान जो कि पीछे था अब उसने अपने कदम अंदर की तरफ बढाए और अंदर का नजारा देख उसके चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई. क्योंकि अंदर अश्की बुरी तरह से कांप रही थी और उसके हाथों में जो चाकू पडा हुआ था वह उसके हाथों से फिसल कर जमीन पर जा गिर गया था. अरमान को देखकर उसका चेहरा पूरी तरह से पीला पड चुका था. अरमान की नजरे इस वक्त जमीन पर गिरे हुए चाकू की तरफ थी. उस चाकू को देखकर ही अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई थी.
दूसरी तरफ अश्की को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था उसे इस वक्त अरमान किसी सनकी से कम नहीं लग रहा था जिस तरह से वह जमीन पर पडे हुए चाकू की तरफ देखकर डेविल स्माइल कर रहा था. अब उसने एक बार फिर से अपने पॉकेट में से सिगरेट निकाली के तभी एक बॉडीगार्ड अपनी जेब में से लाइटर निकाल कर उसकी तरफ आया और उसकी सिगरेट जलाकर पीछे की तरफ हो गया अब उसने लंबा कश भरा और अपनी आंखें बंद कर अपने sir को थोडा घुमाया जिससे उसकी गर्दन से दो- चार बार चटक की आवाज आई. इस वक्त अरमान जितना शांत था. पता नहीं क्यों लेकिन अश्की को उससे उतना ही ज्यादा डर लग रहा था.
वह अपनी जगह पर खडी- खडी कांप रही थी. और कांपने की वजह से उसके होंठ बुरी तरह से फडफडा रहे थे. अब अरमान ने अपनी आंखें खोली और अपने सिर के पीछे हाथ रखकर धीरे- धीरे अपने सिर पर फेरने लगा जिस तरह से वह अपने सिर पर हाथ फेर रहा था ऐसा लग रहा था जैसे वह खुद को शांत करवाने की कोशिश कर रहा हो. अरमान ने कुछ देर अपने सिर पर हाथ फेरा और फिर अपने कदम अश्की की तरफ बढा दिए, अरमान को अपनी तरफ कदम बढाता देख अश्की का दिल जोरो जोरो से धक- धक करने लगा. दूसरी तरफ बाहर खडी अम्मा भी जोरो जोरो से चिल्ला रही थी. तुम हो कौन जो मेरी बच्ची के कमरे में घुसे चले जा रहे हो बाहर निकलो मेरी बच्ची के Room से, लेकिन उसकी आवाज से अरमान को कुछ भी फर्क नहीं पड रहा था अरमान लगातार अपने कदम अश्की की तरफ बढा रहा था. दरवाजे पर खडी अम्मा जिसको बॉडीगार्ड्स ने पकडा हुआ था वह भी यह चीज देख रही थी कि अरमान के कदम अश्की की तरफ बढ रहे थे.
अरमान को अपने कदम अश्की की तरफ बढाता देख अम्मा को बहुत अजीब लग रहा था. वह अरमान को देख दांत पीसकर बोली दूर रहो मेरी बच्ची से उसके पास मत जाना छोडो मुझे इतना कहते हुए वह बॉडीगार्ड से लगातार छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन कहां ही वह बुजुर्ग औरत उन बॉडीगार्ड से जीत सकती थी क्योंकि उसकी हड्डियों में भी उतनी जान नहीं थी वही मोनिका के चेहरे पर भी अजीब से भाव थे जो कि अब दरवाजे तक आ चुकी थी अरमान को इस तरह से अश्की के पास जाता देख उसका दिमाग पूरी तरह से खराब होने लगा था.
वहीं दूसरी तरफ अरमान अब पूरी तरह से अश्की के सामने आकर खडा हुआ इस वक्त उसकी गहरी नजरे अश्की के चेहरे पर टिकी हुई थी. वहीं अरमान को अपनी तरफ आता देख अश्कि के कदम पीछे की तरफ हो रहे थे वह इतना ज्यादा पीछे आ गई थी कि उसने पीछे पडे सोफा सेट को देखा ही नहीं और अब उसके पैर सोफा सेट से लगकर वह एकदम से लडखडा गई और सोफा सेट पर जा गिरी जिससे उसके मुंह से आह निकल गई. वहीं अरमान की गहरी नजरे अब उस पर और भी गहरी हो गई थी.
अरमान ने अब अपनी जगह पर खडे खडे ही अपना हाथ पीछे की तरफ किया जैसे ही उसने अपना हाथ पीछे की तरफ किया वहां पर खडे बॉडीगार्ड ने वह चाकू नीचे से उठाकर अरमान के हाथ में पकडा दिया वही अरमान अब उस चाकू की तरफ देखकर एक बार फिर से डेविल स्माइल करते हुए अश्की को गहरी नजरों से देख रहा था जिस वजह से अश्की की जान अब और भी ज्यादा उसके गले में अटक चुकी थी उसे इतना ज्यादा डर लग रहा था कि उसके माथे पर पसीने की बूंदे आनी शुरू हो गई थी वह लडखडाती हुई जुबान से कुछ बोलने को हुई लेकिन उससे कुछ बोला ही नहीं जा रहा था. वही अरमान अब उसके चेहरे पर झुका, जैसे ही अरमान उसके चेहरे पर झुका अश्की का दिल एक पल के लिए जैसे धडकना ही भूल गया. अरमान इस वक्त उसके चेहरे पर इस तरह से झुका हुआ था कि अश्की को अरमान की गर्म सांसे अपने चेहरे पर महसूस हो रही थी. दोनों की आंखें आपस में मिली हुई थी अश्की की आंखों में इस वक्त अरमान के लिए डर साफ नजर आ रहा था. अरमान के इतना पास आकर खडा होने से उसे अपनी बॉडी में गूसबंप्स आ रहे थे.
अरमान अब उसके चेहरे पर झुका हुआ था वो अपनी कोल्ड वॉइस में बोला, सुसाइड करने जा रही थी तो रुकी क्यों करो ना इतना कहते हुए उसने अपने हाथ वाला चाकू अश्की के हाथ पर रख दिया. जैसे ही अरमान ने अपने हाथों का चाकू अश्की के हाथों पर रखा, अश्की का दिल जैसे धक सा रह गया, वही बाहर खडी अम्मा का दिल भी यह चीज देखकर दहल गया वह घबराते हुए बोली यह तुम क्या कर रहे हो तुम मेरी बेटी को इस तरह से treat कैसे कर सकते हो, वह मेरी बच्ची है एक बार फिर से अम्मा को उसके लिए इतना चिंता करता देख अब तो अश्की को और भी ज्यादा बुरा लग रहा था.
उसकी आंखों में से आंसू एक बार फिर लबालब बहने लगे अब एक बार फिर से अश्की की नजरे अम्मा पर जाकर ठहर गई थी जो बाहर उसके पास आने के लिए झटपटा रही थी. अभी वह झटपटआ ही रही थी कि तभी अरमान ने एक चुटकी बजाई तो बॉडीगार्ड्स अम्मा को अश्की के सामने लेकर आए, जैसे ही बॉडीगार्ड्स ने अम्मा को अश्की के सामने लाकर खडा किया अश्की के चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशन आ गए, वही अरमान जो कि अपनी गहरी नजरों से अश्की को देख रहा था. अब उसने एक नजर पीछे खडे जावेद को देखा तो जावेद उसके देखते ही सारी बात समझ गया अगले ही पल जावेद, बाहर की तरफ चला गया और कुछ पंद्रह सेकंड में ही वह वापस भी आ गया,
और इस बार जावेद के हाथ में भी एक चाकू था अब जावेद अम्मा के पीछे जाकर खडा हुआ और उसने बॉडीगार्ड्स को साइड पर हटने का इशारा किया. तो बॉडीगार्ड्स अगले ही पल पीछे की तरफ हट गए, जैसे ही बॉडीगार्ड्स पीछे की तरफ हटे जावेद ने अपने हाथों में पकडा हुआ चाकू अम्मा के पीछे से उसके गले पर रख दिया और यह देखकर अश्की की जान उसकी हालक में आ गई. दूसरे पल जो चाकू अरमान है उसके हाथ में दिया था उसके हाथ से छूट गया और वह अम्मा की तरफ भागने को हुई कि तभी अरमान ने उसका हाथ पकडकर उसे अपनी तरफ खींचा,
तो अश्की तडपते हुए बोली प्लीज मुझे छोड दीजिए प्लीज उन्हें कुछ मत कीजिए, मुझसे मुझसे गलती हो गई प्लीज अम्मा जी को छोड दीजिए वह मेरी जान है. उसकी बात पर अम्मा जी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर क्यों अश्की अरमान के सामने इस तरह से हाथ जोड रही थी अम्मा जी दांत पीसकर बोली अश्की तू यह क्या कर रही है. और यह शख्स है कौन जिसके सामने तू हाथ जोडे जा रही है. तभी अरमान अपनी कोल्ड नजरों से अम्मा जी की तरफ देखते हुए बोला, क्या आपने दिलरुबा से नहीं पूछा कि मैं कौन हूं इतना कहते हुए उसने अश्की की तरफ देखा,
वही अश्की का दिल अब जोरो जोरो से धक- धक करने लगा, दूसरी तरफ अम्मा जी की भी सवालिया नजरे अब अश्की पर उठ चुकी थी. उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यहां पर चल क्या रहा है. अरमान ने अब जावेद को इशारा किया तो जावेद ने अम्मा जी को छोड दिया वही अम्मा जी अब अश्की की तरफ आते हुए बोली यह कौन है बेटा और यह ऐसे क्यों बोल रहा है कि तूने मुझे कुछ बताया नहीं आखिर क्या है छुपाने वाला अम्मा जी की इस बात पर अश्की की नजरे पूरी तरह से झुक गई जैसे ही अश्की की नजरे पूरी तरह से झुकी अम्मा जी का दिल कांपने लगा, वह अश्की के तुड्डी के नीचे हाथ रखते हुए उसे ऊपर की तरफ उठाकर बोली क्या बात है बच्चा तुम्हारी नजरें क्यों गिर गई देख बेटा जो भी है सच- सच बता क्यों मेरा दिल तडपा रही है.
अम्मा जी की बात सुनकर अश्की की आंखों में अब पूरी तरह से पानी आ गया था जो उसकी गालों पर भी आ चुका था वही अरमान एक्सप्रेशन लैस होकर अब उन दोनों को देखते हुए सामने सोफा पर जाकर बैठ गया और उसने अपनी एक टांग दूसरी टांग पर चढा ली थी उसे तो जैसे इस चीज से कोई फर्क ही नहीं पड रहा था कि सामने हो क्या रहा है. अश्की जो की हद से ज्यादा टूटी हुई थी अब वह अम्मा के सामने अपने हाथ जोडते हुए बोली अम्मा जी मुझसे गलती हो गई जैसे ही उसने यह बात कही अम्मा जी के दिल की धडकन जैसे और भी ज्यादा तेज हो गई उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी और उनके हाथ जो अश्की के कंधों पर रखे हुए थे वह अब नीचे की तरफ होने लगे वह अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली, गलती गल. गल. कैसी गलती साफ- साफ बताओ अश्की मुझे गुस्सा मत दिला,
अम्मा जी की बात पर अश्की ने अब एक बार फिर से अपनी आंखें कसकर बंद कर ली, और अगले ही पल उसने एक ही सांस में कल रात की सारी बात बता दी कि उसने अरमान के साथ रात बिताई थी. जैसे ही अश्की ने यह बात कही कि उसने अरमान के साथ रात बिताई थी अगले ही पाल वहां पर जोरदार तमाचे की आवाज गूंज गई, और यह तमाचा अश्की के गाल पर जढ गया था जो की अम्मा जी जढा था वही पीछे खडी मोनिका के चेहरे पर अब डेविल स्माइल आ चुकी थी. अम्मा जी ने यह थप्पड इतनी जोर से जडा था कि अश्की संभल नहीं पाई और वह गिरने को हुई कि तभी किसी ने उसकी कमर से पडकर उसे थाम लिया.
जिससे अश्की उसकी बाहों में झूल गई और यह कोई और नहीं बल्कि अरमान था जो अब गहरी नजरों से अम्मा जी को देख रहा था इस वक्त अरमान के जबडे पूरी तरह से कस चुके थे अगले ही पल उसने जावेद को इशारा किया तो जावेद जल्दी से आगे की तरफ आया उसने अम्मा जी की बाह पकडकर मरोडते हुए पीछे पीठ पर लगा दी और एक बार फिर से चाकू अम्मा जी के गले पर रख दिया.
जैसे ही अम्मा जी के गले पर चाकू रखा. अश्की को ऐसे लगा जैसे किसी ने उसका सारा खून निचोड लिया हो. अगले ही पल वह जो अरमान की बाहों में झूल रही थी उसने अरमान को धक्का देकर जल्दी से अम्मा जी की तरफ भागते हुए, जावेद से अम्मा जी को छुडाने की कोशिश करने लगी लेकिन जावेद इतना चट्टान जैसा था कि उससे अम्मा जी को छुडाना लगभग से अश्की के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था वह लगातार छुडाने की कोशिश कर रही थी. आशिक को इस तरह से अम्मा जी को छुडाना हुआ देख अरमान की नजरे जावेद के हाथों पर गई जहां पर अश्की के हाथ लग रहे थे और यह चीज देखकर अरमान की नजरे जावेद पर सख्त हो गई जिसे देखकर जावेद ने अगले ही पल अम्मा जी को छोड दिया क्योंकि वह समझ गया था कि अश्की के हाथ उसके हाथों पर लगने की वजह से अरमान उसे इस तरह से देख रहा था.
अम्मा जी को जैसे ही जावेद ने छोडा, अम्मा जी ने राहत की सांस ली लेकिन अगले ही पल अश्की को दूर धकेलते हुए बोली दूर रह मुझसे, अश्की को इस तरह से धक्का लगता देख अरमान के हाथों की मुट्ठियां कस चुकी थी उसे इस वक्त अम्मा जी पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था लेकिन किसी तरह उसने अपने गुस्से को कंट्रोल किया हुआ था आज पहली बार था जब अरमान अपना गुस्सा कंट्रोल कर रहा था. वही अम्मा जी अपनी बात को जारी रखते हुए, इसी दिन के लिए मैंने तुझे बढा किया था इसी दिन के लिए मैंने तुझे अनाथ आश्रम से यहां पर लेकर आई थी. अम्मा जी की बात सुनकर अश्की तो अम्मा जी की तरफ बस देखते ही रह गई, अब अम्मा जी तडपकर बोली अरे अपनी सगी बेटी से ज्यादा प्यार दिया तुझे कितना सम्मान किया मैंने तेरा पूरी महफिल में अपनी बेटी को थप्पड मारा क्योंकि उसने तेरे चरित्र पर दाग लगाया, लेकिन तू तू तो किसी गैर मर्द के साथ इतना कहते हुए अम्मा जी ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली और बोली छी मुझे तुझे अपनी बेटी कहते हुए भी शर्म आती है. अरे Kiss मुंह से जवाब दूंगी मैं गौरव बाबू को,
इतना कहते हुए अम्मा जी फूट- फूट कर रोने लगी, अश्की अब आगे आते हुए बोली अम्मा मेरी बात तो सुनिए लेकिन अम्मा जी उसके आगे हाथ करते हुए बोली मैंने कहा दूर रहो मुझसे, और आज से तुम्हारा और मेरा कोई रिश्ता नहीं इतना कहते हुए अम्मा जी के चेहरे पर सख्त एक्सप्रेशन थे. अम्मा जी अब उसकी तरफ गहरी नजरों से देखते हुए बोली मैं यही सोच लूंगी कि मैंने तुझे अनाथ आश्रम से कभी उठाया ही नहीं था मेरी एक ही बेटी है मर गई आज से तुम मेरे लिए, इतना कहकर अम्मा जी उस कमरे से बाहर की तरफ निकलने को हुई की तभी उनकी नजर सामने खडी सनम पर गई और उसी के साथ मोनिका भी खडी थी.
जहां मोनिका की आंखों में बेइंतहा गुस्सा था तो वही सनम की आंखों में इस वक्त बेइंतहा नमी थी. वही अश्की जो कि अपनी जगह पर खडी थी उसे ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उसकी रूह उसके शरीर से अलग कर दी हो, आंखों से आंसू तो बह रहे थे लेकिन चेहरे पर जैसे कोई भाव नहीं. शरीर में जैसे जान ही ना बची हो, आवाज पूरी तरह से बंद हो चुकी थी. और अगले ही पल देखते ही देखते अश्की पूरी तरह से बेहोश हो गई, और अरमान ने एक बार फिर से उसे अपनी बाहों में थाम लिया इस वक्त अश्की उसकी बाहों में झूल रही थी, जैसे ही अश्की बेहोश हुई साथ सनम तेजी से चिल्लाई, अश्की.
जैसे ही सनम चिल्लाई अम्मा जी के कदम वहीं पर रुक गए, और वह पलटने को हुई कि तभी उन्हें अपनी अभी- अभी कही हुई बात याद आई तो उन्होंने एक नजर अश्की को देखा जो अरमान की गोद में झूल रही थी. और अब उनके चेहरे पर जो भाव नॉर्मल हुए थे अब एक बार फिर से सख्त हो चुके थे. दूसरे ही पल वह दरवाजे से बाहर की तरफ चली गई. सनम की आंखों से अब आंसू लबालब बहने लगे थे.
दूसरी तरफ खडा जावेद भी सनम के चेहरे की तरफ देख रहा था सनम को इस तरह रोता हुआ देखकर जावेद को एक अजीब सी फीलिंग आ रही थी जो कि वह खुद नहीं समझ पा रहा था उसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था जिस तरह से सनम अश्की के लिए रो रही थी.
वही अरमान जिसके चेहरे पर अब भी कोई एक्सप्रेशन नहीं था अब उसने अश्की को गोद में उठाया और उसे बाहर की तरफ ले जाने लगा के तभी सनम अरमान की तरफ देखते हुए बोली यह आप इसे कहां पर लेकर जा रहे हैं अम्मा जी इससे गुस्सा है और आप इसे यहां से लेकर जा रहे हैं. वही अरमान उसे तो जैसे सनम की बातों का कोई असर नहीं हुआ, और अब वह अश्की को लेकर वहां से निकल चुका था. दूसरी तरफ जावेद जो की सनम के रिएक्शन देख रहा था वह अब सनम के सामने आकर खडा हुआ जैसे ही जावेद सनम के सामने आकर खडा हुआ सनम का चेहरा गुस्से से कंपने लगा क्योंकि अभी- अभी जावेद ने अम्मा जी के गले पर चाकू रखा था और यह चीज सनम ने भी देखी थी. सनम के जबडे पूरी तरह से कस चुके थे.
वह गुस्से से दांत पीसते हुए बोली तुम मेरे सामने क्यों खडे हो दफा हो जाओ यहां से, उसकी बात सुनकर जावेद हैरानी से सनम को देखने लगा वह अब सनम की तरफ देखकर बोला तुम मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकती, तभी सनम दांत पीसकर बोली तुम्हारी हरकत ही ऐसी थी तुमने हमारी अम्मा जी के गले पर चाकू रख तुम्हें शर्म नहीं आई तुम्हें अपने से इतनी बडी उम्र की औरत पर चाकू रखते हुए, सनम की बात सुनकर जावेद अब अपने चेहरे पर सख्त एक्सप्रेशन लाते हुए बोला वह मेरी ड्यूटी थी मेरे बॉस का ऑर्डर था और मेरे बॉस का आर्डर मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अगर वह कहते हैं की अम्मा जी को मार दो तो मैं वह भी करता,
जावेद की बात सुनकर सनम की आंखें बडी हो गई और अगले ही पल सनम ने एक जोरदार थप्पड जावेद के गाल पर जड दिया. जैसे ही सनम ने एक जोरदार थप्पड जावेद के चेहरे पर जडा जावेद का चेहरा गुस्से से कांपने लगा, वह दांत पीसकर बोला How डेयर You मैंने सोचा था कि तुम्हें साथ ले जाकर, Miss अश्की के लिए रख लूंगा ताकि उन्हें कोई दिक्कत ना आए लेकिन तुमने, just fuck off, गो टू हेल इतना कह कर जावेद ने अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए वहीं सनम का चेहरा अभी भी गुस्से से कांप रहा था.
दूसरी तरफ,
अरमान अश्की को गोद में लिए हुए ही बाहर की तरफ जा रहा था. वही अश्की जिसको कोई भी होश नहीं था वह अरमान की गोद में उसके सीने पर sir रखे पूरी तरह से बेहोश थी और उसकी दोनों हाथ नीचे की तरफ लटक रहे थे. दूसरी तरफ अम्मा जी जो कि यह सब देख रही थी. उनकी नजरें इस वक्त अश्की के चेहरे पर टिकी हुई थी. कुछ देर अश्की के चेहरे को देखने के बाद, पता नहीं उनके मन में क्या आया, अगले ही पल उन्होंने थोडी सख्त आवाज में बोली रुक जाओ,
अम्मा जी के इतना कहते ही अरमान के कदम वहीं पर रुक गए लेकिन उसने पलट कर अम्मा जी की तरफ नहीं देखा, अम्मा जी ने अब मंदिर की तरफ देखा और वहां से कुछ सामान उठाकर अपने कदम अरमान की तरफ बढा दिए, अभी भी अम्मा जी के चेहरे पर बेहद सख्त भाव थे. अब वह अरमान के सामने खडी हुई और उन्हें देखते हुए अपनी सर्द आवाज में बोली, चाहे कुछ भी था एक वक्त पर इसे हमने अपनी बेटी माना था अब चाहे हमने इसे रिश्ते खत्म कर दिए हो, लेकिन मैं ऐसे ऐसे तुम्हें ले जाने नहीं सकती, अम्मा जी की बात अरमान ने साफ सुनी लेकिन उसके चेहरे पर अभी भी कोई भाव नहीं आया,
अगले ही पल अम्मा जी ने अपने हाथ में पडे हुए सामान को अरमान के आगे किया और उसे देखकर अपनी सख्त आवाज में बोली इसे इसके गले में पहनो कितना कहते हुए उन्होंने अपने हाथ में पडे हुए मंगलसूत्र को अरमान के आगे कर दिया, और दूसरे हाथ में सिंदूर की डिब्बी थी और उन्हें देखकर बोली और मांग में इसे भरो, सिंदूर की डिब्बी और मंगलसूत्र को देखकर अरमान का चेहरा और भी सख्त हो गया, लेकिन अगले ही पल उसकी पॉकेट में पडा हुआ फोन बजा,
और अब उसने अश्की को सीधा जमीन पर खडा किया लेकिन अभी भी अश्की लेकिन उसने एक हाथ से अभी भी अश्की को संभाल रखा था जिससे उसकी उसके सहारे खडी थी. लेकिन अभी भी उसका चेहरा पूरी तरह से अरमान की बाहों में लडका हुआ था. उसका चेहरा देखकर एक पल के लिए अम्मा के भाव थोडे नरम हुए लेकिन अगले ही पल उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमालिया, वही अरमान जिसने अभी- अभी फोन उठाया था दूसरी तरफ से जावेद का फोन था जावेद लडखडाती हुई आवाज में बोला वह sir जानवी मॉम का फोन आया था. और आगे से जो जावेद ने कहा उसे सुनकर अरमान ने अगले ही पल फोन काट दिया,
दूसरी तरफ बाहर खडा जावेद अब फोन की तरफ देख रहा था वह खुद में ही सोच रहा था कि आखिर अब अरमान क्या करेगा,
अंदर अरमान जो की अम्मा के सामने खडा था अम्मा अभी भी उसके आगे सिंदूर की डिब्बी और मंगलसूत्र लेकर खडी थी और अगले ही पल अरमान ने उसे सिंदूर की डिब्बी में से सिंदूर लिया और अश्की की मांग में सजा दिया और मंगलसूत्र भी उसके गले में पहना दिया, जिसे देखकर अम्मा जी ने अब गहरी सांस ली, अरमान ने अब अम्मा जी की तरफ देखा और बिना कुछ कहे अब अश्की को दोबारा से गोद में उठाकर उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए, अरमान को आशिक को ले जाता देख अम्मा जी की आंखों में नमी उतर आई वही सनम भी यह चीज देखकर थोडा इमोशनल हो गई थी और उसकी आंखों में भी आंसू अब उसके गले पर उतर आए थे. अम्मा जी ने अब अपना चेहरा दूसरी तरफ घूम लिया था. हालांकि वह सख्त होकर अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमाया जरूर था लेकिन उनकी आंखों में भी आंसू बह रहे थे.
दूसरी तरफ अरमान अश्की को लेकर बाहर आया, जावेद भी बाहर ही खडा था जब उसने अरमान की बाहों में अश्की को देखा तो उसकी आंखें बडी हो गई क्योंकि अब आशिकी पूरी तरह से सुहागन थी जिसे देखकर जावेद की आंखें बडी हो चुकी थी मतलब वह साफ समझ चुका था कि अश्की की शादी अरमान से हो चुकी थी, वही अरमान अब गाडी में बैठा और अगले ही पल उसकी गाडियों का काफिला वहां से निकल गया, अश्की अभी भी अरमान की गोद में ही थी. अरमान अश्की को अभी भी अपनी गहरी नजरों से देख रहा था. अश्की का चेहरा कल रात से पूरी तरह से फीका पड चुका था जब अरमान ने उसे कल रात देखा था तो अश्की का चेहरा पूरी तरह से, खिला हुआ था लेकिन आज उसका चेहरा मुरझाया हुआ था. रो- रो कर अश्की का चेहरा लाल हो चुका था और उसकी नाक भी पूरी तरह से लाल थी.
भले ही इसकी बेहोश थी लेकिन बेहोशी में भी वह हल्का- हल्का सुबक रही थी. अरमान उसे अपनी गहरी नजरों से देख रहा था. लगभग पूरे रास्ते अरमान उसे ऐसे ही देखता रहा, उसने एक पल के लिए भी अपनी आंखें नहीं झपकी थी. लेकिन उसके चेहरे पर भाव भी नहीं बदले थे. उसका चेहरा एक्सप्रेशंसलैस का एक्सप्रेशंसलैस ही था.
कुछ ही देर में अरमान की गाडी एक बिल्डिंग के आगे आकर रुकी, और अगले ही पल अरमान की साइड के बॉडीगार्ड ने दरवाजा खोला तो अरमान अश्की को गोद में लिए हुए गाडी से बाहर निकला, और देखते ही देखते इस बिल्डिंग के अंदर चला गया कुछ ही देर में वह लिफ्ट में गया जो लिफ्ट बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर जाकर रुकी, जैसे ही लिफ्ट रुकी अरमान लिफ्ट से बाहर आया तो सामने प्राइवेट प्लेन खडा था जो कि शायद अरमान का ही था, उस प्लेन को देखकर अरमान ने एक नजर अश्की की तरफ देखा, जो अभी बेहोश थी. और अब वह अश्की को लिए हुए ही private plane पर चढ चुका था.
कुछ ही देर में उनका प्लेन हवा में उड चुका था.
रात के नौ बजे,
एक गाडियों का काफिला तेजी से मुंबई की सडकों पर दौड रहा था. और यह गाडियां कम से कम बीस- 25 तो थी ही, लगभग से सभी गाडियां सफेद रंग की थी सिवाय एक के, एक गाडी सिर्फ ब्लैक Color की थी जो की बेहद रियल और खास लग रही थी. और उसे कर के आगे Spirit of Ecstasy का छोटा सा सिंबल बना हुआ था. और यह कर किसी और कि नहीं बल्कि अरमान की ही थी। Rolls- Royce
अरमान इस वक्त गाडी में बैठा हुआ था और अब वह फिर से दोबारा गाडी की रेस्ट पर अपना सिर रखकर अपने हाथों को फैला कर बैठा हुआ था और इस वक्त उसकी आंखें पूरी तरह से बंद थी, लेकिन इस वक्त वह सिगरेट भी पी रहा था जिस वजह से गाडी में धुआं ही धुआ हो रखा था पास बैठी अश्की जो कि बाहर की तरफ देख रही थी. उसकी तरफ का मिरर खुला हुआ था जिस वजह से उसकी और सिगरेट का धुआं कुछ खास नहीं आ रहा था. और इस वक्त वह बाहर की तरफ अपनी सूनी आंखों से देख रही थी उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था.
लेकिन उसकी आंखों के सामने अम्मा के साथ बिताए हुए पल चल रहे थे. जिस तरह से अम्मा जी ने उसे इतने प्यार से पाला था हर छोटी बडी चीज का ध्यान रखा था उसके बिना मांगे ही अम्मा हर एक बात समझ जाती थी. लेकिन आज जिस तरह से अम्मा जी ने उस रिश्ते को तोडा था उसका दिल जैसे बुरी तरह से चकनाचूर हो चुका था. उसके दिल में बुरी तरह से हुक उठ रही थी रह- रह कर जब उसे अम्मा जी की बातें याद आ रही थी उसका दिल बुरी तरह से रो रहा था आंखें तो बहनी बंद हो चुकी थी लेकिन दिल का क्या, वह तो जैसे चुप कराने से भी चुप नहीं हो रहा था चीख चीख कर कह रहा था. मैंने जानबूझकर ऐसा कुछ नहीं किया जिससे वह अम्मा को ठेस पहुंच जाती अभी वह खुद में ही इतना उदास थी. खुद में इतना खोई हुई थी कि अभी तक उसे यह भी होश नहीं था कि वह अब शादीशुदा है.
वह अपने ही ध्यान अम्मा के बारे में सोच ही रही थी कि तभी गाडी का पार्टीशन ओंन हुआ. लेकिन अश्की को अभी तक इस चीज का होश नहीं था की गाडी का पार्टीशन ओंन हो रहा है जो कि शायद अरमान ने ही किया था अरमान की गहरी नजरे अब अश्की पर थी अरमान अपने होठों से सिगरेट बाहर की तरफ फेंक चुका था. लेकिन अश्की इस चीज से अनजान बाहर की तरफ देखते हुए अपने ही ख्यालों में कहीं गुम थी. लेकिन तभी उसे अपनी कमर पर अरमान का हाथ महसूस हुआ जिसे महसूस करते ही अश्की पूरी तरह से कांप उठी, और उसकी आंखों से आंसू एक बार फिर से बहने लगे, लेकिन इस बार अश्की अरमान का हाथ पकडकर पीछे झडते हुए बोली, दूर रहिए मुझसे आपकी वजह से आज मेरी अम्मा मुझसे दूर हो गई उन्होंने मुझसे रिश्ता तोड दिया,
आपने मेरा सब कुछ छीन लिया, जिस तरह से उसने अरमान का हाथ झटका था अरमान की आंखें सर्द हो गई वह आगे कुछ बोलने को हुई कि तभी उसकी सांसे उसके हालात में अटक गई क्योंकि अरमान ने उसको कमर से पडकर अपनी गोद में खींच लिया था और अब अश्की की इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि वह अपने मुंह से एक शब्द भी निकाले वह डरी सहमी अरमान की गोद में बैठी हुई थी.
तभी अरमान कोल्ड वॉइस में बोला, do not try this again, because I hate this, तुमने जिस तरह से मेरा हाथ झटका किसी की औकात नहीं है कि अरमान त्रेहान की तरफ उंगली तक उठा ले. लेकिन तुमने जो गलती की है उसकी सजा तो बनती है दिलरुबा और अभी के लिए तो सिर्फ इतना ही काफी है इतना कहकर उसने अश्की के होठों पर अपने होंठ रख दिए जिससे अगले ही पल अश्की के रोंगटे खडे हो गए, वह लगातार अश्की के होठों को वाइल्ड स्मूच कर रहा था और चूमते हुए ही कभी ऊपर के लिप्स को चूमता तो कभी नीचे के Lip को चूमता वह लगातार उसके होठों को चूमे जा रहा था.
अश्की अपनी तरफ से कोई भी रिस्पांस नहीं दे रही थी वह बस रूडली अरमान के होठों को अपने होंठ पर चलते हुए महसूस कर रही थी.
तकरीबन पंद्रह मिनट अरमान उसके होठों को चूमता रहा अश्की को अपने होठों में हद से ज्यादा दर्द होने लगा था लेकिन और अरमान उसे छोडने का नाम ही नहीं ले रहा था अब अश्की उसकी गोद में झटपट आने लगी थी लेकिन अरमान ने उस पर अपनी ग्रिप इतनी ज्यादा कस दी थी कि अश्की का छूटना अरमान के हाथों से बहुत ज्यादा मुश्किल था. तकरीबन पाँच मिनट और बीत गए जब अश्की की सांस पूरी तरह से बंद होने पर आ गई तो अरमान ने उसे छोडा इस वक्त अरमान की नजरे उसके होठों पर और भी ज्यादा गहरी हो चुकी थी. अब अरमान उसके चेहरे के ऊपर झुका और उसके कान के पास आकर अपनी गहरी आवाज में बोला, अभी तो एक Kiss किया है यह सिर्फ हाथ झडकने की सजा है और जो सुबह तुमने किया है उसकी सजा तो तुम्हें मैं घर जाकर दूंगा, इतना कहते हुए उसकी नजरें अश्की की मांग पर थी. जहां पर उसके नाम का सिंदूर भरा हुआ था इस वक्त उसकी बेहद खूबसूरत और क्यूट लग रही थी हल्का सा सिंदूर उसकी नाक पर गिरा हुआ था.
दूसरी तरफ अरमान की बात सुनकर अश्की के रोंगटे खडे हो गए और उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस होने लगा, वही अरमान ने अब एक बार फिर से उसके sir के पीछे से ग्रिप बनाई और उसे दोबारा से चूमने लगा,
तकरीबन आधे घंटे बाद अरमान की गाडी, त्रेहान विला के आगे आकर रुकी. और अगले ही पल अरमान गाडी से बाहर निकाला और दूसरे तरफ से घूम कर गया आज दरवाजा खोलकर उसने उसकी तरफ अपना हाथ बढाया, और अब अश्की गाडी से बाहर निकली,
To be continue.







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