
Antonio,,
धानी ने अभी-अभी मेड को जाने के लिए कहा था । क्योंकि उसने अभी अभी धानी को नकुल की खबर दी थी कि नकुल नीचे आया है। और नकुल उसका नीचे वेट कर रहा है। उसकी बात सुनकर धानी नेहा में से हिलाते हुए बोली मैं अभी आता हूं। उन्हें नीचे बिठाइए,, इतना कहकर धानी ने अपनी कदम वार्डरोब की तरफ बढ़ाए ही थे। के तभी जो हुआ उसे देखकर धानी का दिल धक सा रह गया। क्योंकि मृत्युंजय ने उसे सीधे वार्डरोब में धक्का देकर,, दरवाजा बंद कर दिया था और अगले ही पल उसने वार्डरोब का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था इस वक्त धानी पूरी तरह से वार्डरोब से सटी हुई थी।
और उसकी नज़रें सुख के सामने खड़े मृत्युंजय पर जो कि अब अपनी डेविल नजरों से सामने वार्डरोब से सट कर खड़ी धानी पर थी। जिसका दिल इस वक्त जोर जोर से धड़क रहा था। अब मृत्युंजय ने अपने कदम धानी की तरफ बढ़ाए,, की तभी धानी ने अपना चेहरा वार्डरोब की तरफ घुमा लिया। इस वक्त उसके बदन पर बॉथरॉब पहना हुआ था। जिसकी नोट्स धानी ने कसकर पकड़ ली थी। वही मृत्युंजय जो कि अपने कदम धानी की तरफ बढ़ा रहा था उसके चेहरे पर अब और भी ज्यादा इंटेंस एक्सप्रेशन आ गए थे। अब वह धीरे से धानी के पास आकर खड़ा हुआ। और उसके कान के पास झुकते हुए,,
नकुल कौन है और यह रात की 11 बजे यहां पर क्या कर रहा है। मृत्युंजय की बात सुनकर धानी की सांस उसके जैसे गले में अटक गई। और इस वक्त उसका दिल जोरो जोरो से धड़क रहा था क्योंकि उसे नहीं पता था कि सच जानने के बाद मृत्युंजय कैसा रिएक्ट करेगा,, उसकी बढ़ती हुई धड़कनों को और चेहरे पर पढ़ता हुआ पीला रंग देखकर मृत्युंजय की नजरे उसे पर और भी ज्यादा गहरी हो गई उसने अब उसकी बाह पकड़ कर उसे अपनी तरफ घुमाया,, और एक बार फिर से उसके चेहरे पर झुकते हुए मैंने पूछा कौन है वह,,
उसकी बात सुनकर धानी की हालत अब और भी ज्यादा खराब होने लगी,, वह अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली,, मेरे pheo.... Pheo ......pheoncy जल्द ही मैं उनसे शादी करने वाली हूं उसकी बात सुनकर मृत्युंजय की आंखें बड़ी हो गई और वह दांत पीसकर बोला और तुम्हें इस चीज का हक किसने दिया,, उसकी बात पर धानी के रोंगटे खड़े हो रहे थे लेकिन किसी तरह मृत्युंजय के आगे टिकते हुए वह सपोर्ट लेज में बोली मुझे आपके साथ नहीं रहना मैं आपको पहले ही कहा है।
तभी मृत्युंजय दांत पीसकर बोला कोई वजह तो होगी मेरे साथ ना रहने की,, मुझे वह वजह सुननी है। मृत्युंजय की बात सुनकर अब धानी और भी ज्यादा अपनी नज़रे चुराने लगी,,, उसकी आंखों में ना चाहते हुए भी नमी तैरने लगी थी। वही मृत्युंजय ने अब उसकी कमर पर हाथ रखकर खुद से चिपकाया और बड़े सेक्सुअल उसके चेहरे से उसके बालों को हटाकर उसके कानों के पीछे लगाकर अगले ही पल थोड़ा उसके ऊपर और झुका और उसके बाथरूम को थोड़ा पीछे की तरफ सरकते हुए उसके कंधों पर अपने होंठ रख दिए,, जैसे ही मृत्युंजय ने अपने होंठ उसके कंधों पर रखे धनी का शरीर पूरी तरह से कंपने लगा,, उसके होंठ फड़फड़ाने लगी थी,,
वही मृत्युंजय उसके कंधों को चूमते हुए बोलो ना वाइफी मैं तुमसे कुछ पूछ रहा हूं। वही धानी अभी भी उसके कहने से कुछ भी नहीं बोली,, उसको कुछ ना बोलना देखा अब मृत्युंजय ने अपने होंठ उसके गले से हटाए और एक बार फिर से उसके चेहरे की तरफ गहरी नजरों उसे देखने लगा जो की उसके होठों को देखकर मृत्युंजय की नजरे उसके होठों पर टिक गई थी। वह एक बार फिर से बोल बोल ना shygirl तुम ऐसे किसी से शादी कैसे कर सकती हो,,
उसकी बात सुनकर धानी एक बार फिर से अपने होश में आते हुए,, उसकी तरफ अपना चेहरा घूम कर बोली,, जिस तरह से पिछले दो साल से आपके बिना रह रही हूं। उसकी बात सुनकर मृत्युंजय की आंखें गहरी लाल हो गई। क्योंकि पिछले दो सालों में वही जानता था कि वह किस तरह से धानी की बिना रहाथा। वही धानी भी उसकी आंखों में छाई लाली को देख रही थी। लेकिन उसने अपना मन कठोर करते हुए कहा पीछे हटिया मुझे बाहर जाना है इतना कहकर वह दोबारा से वार्डरोब की तरफ घूमी और उसमें से अपने लिए एक साड़ी निकली और दोबारा से मृत्युंजय की तरफ भूमि जो अभी भी एक तक अपनी जगह पर खड़ा था और अपनी लाल आंखों से धानी को देख रहा था।
वही ढाणी अब पलटी तो एक बार फिर से उसकी नज़रें मृत्युंजय की नजरों से जा टकराई जो अपनी लाल नजरों से अभी भी उसी को देख रहा था। धानी ने अब उसकी तरफ देखा लेकिन उसने कुछ ज्यादा रिएक्ट नहीं किया अब एक बार फिर से वह अपनी नज़रें घूम कर वहां से जाने लगी कि तभी मृत्युंजय ने उसका हाथ पकड़ लिया,, लेकिन उसने पलट कर धानी की तरफ नहीं देखा ना ही धानी उसकी तरफ पलट कर देख रही थी दोनों की पीठ एक दूसरे की तरफ थी लेकिन मृत्यु जी ने उसका हाथ पकड़ रखा था।
उसने अब एक बार गहरी सांस ली और अपनी गहरी आवाज में बोला,, क्या सच में मैं इतना बुरा हूं कि तुम मुझे छोड़ कर चली जाओ,, उसकी बात सुनकर धानी का दिल कांप उठा ,, उसे अपने दिल में कुछ टूटा हुआ महसूस हो रहा था । और उसकी आंखों में आंसू अब लबालब बहने लगे,, उसकी आंखों से उसकी तड़प साफ दिखाई दे रही थी लेकिन किसी तरह वह खुद को कंट्रोल करते हुए,,, हमें नहीं पता,,
उसने इतना ही कहा था कि मृत्युंजय ने अब एक बार फिर से कहा क्या सच में तुम किसी और से शादी करना चाहती हो,, उसकी बात पर धानी ने बस हम कहकर शांत हो गई,, लेकिन अब जो मृत्युंजय ने कहा उसे सुनकर धनी की रूह जैसे एक पल के लिए उसकी शरीर में से अलग हो गई,, मृत्युंजय अब अपनी लाल आंखों से उसकी तरफ पलटा और अपने लड़खड़ाती हुई आवाज में बोला इस बार अगर तुम अलग हुई तो मैं मर जाऊंगा,, उसकी बात सुनकर धानी का दिल जैसे एक पल के लिए धक सा रह गया और अब उस जैसे खुद को संभालना ही नहीं गया । उसके हाथों में पड़ी हुई साड़ी जमीन पर जा गिरी,, और अगले ही पल वह मृत्युंजय की तरफ पलटी और उसके चेहरे को अपने हाथों में भरकर पागलों की तरह चूमने लगी,
जैसे ही धानी ने मृत्युंजय को चूमना शुरू किया। मृत्युंजय ने उसी वक्त धानी को रिस्पांस ,, और वह पागलों की तरह एक दूसरे को चूमने लगे,, उनकी कि इतनी ज्यादा पैशनेट थी कि दोनों एक दूसरे पर हावी होने की कोशिश कर रहे थे। दोनों के दिल की धड़कनें इस वक्त इतनी ज्यादा तेज थी कि दोनों को ही सुनाई दे रही थी मृत्युंजय ने अब उसे वार्डरोब की तरफ लगाया और और भी पैशनेट होकर किस करने लगा,, अगले ही पल उसने धानी के बाथरूब की नोट खोली ,,, और दूसरे ही पल उसका बाथरूम जमीन पर पड़ा हुआ था और मृत्यु से उसे पागलों की तरह चूमे जा रहा था।
दोनों का सलाइवा एक दूसरे के होठों पर लग रहा था। और सांस उखड़ने लगी थी लेकिन फिर भी एक दूसरे को वह छोड़ नहीं रहे
थे।
To be continue...







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