
Nasik की सड़कों पर,,
एक रॉयल रॉल्स कार मुंबई की सड़कों के बीचो-बीच दौड़ रही थी और उसके आगे पीछे भी कईं गाड़िया थी। और बीच में जो रॉयल रॉल्स कार दौड़ रही उसमें अरमान बैक सीट पर बैठा हुआ था इस वक्त कार का पार्टीशन ओन था। और पिछली सीट पर अरमान बड़े आराम से अपने हाथों को फैला कर और सिर पीछे टिका कर आंखें बंद कर अपना सिर सीट की रेस्ट पर टिका कर बैठा हुआ था वहीं अश्की इस वक्त उसी के पास वाली सीट पर खिड़की से चिपक कर बैठी हुई थी। वह लगातार रोए जा रही थी। इस वक्त उसने नेवी ब्लू कलर की साड़ी पहनी हुई थी। और उसके लंबे बाल खुले हुए थे।
उसने अपने दोनों पैरों को गाड़ी की सीट पर मोङ कर रखा हुआ था और उसने अपना चेहरा घुटनों के ऊपर रखा हुआ था और कंटीन्यूअस रोए जा रही थी उसके हल्की हल्की सिसकने की आवाज़ अरमान के कानों में पङ रही थी लेकिन अरमान को इस चीज से कोई भी फर्क नहीं पड़ रहा था उसका चेहरा एक्सप्रेशंसलेस का एक्सप्रेशन लैस था। उसे जैसे अश्की के रोने से कोई भी फर्क नहीं पड़ रहा था। वहीं अश्की कुछ देर पहले जो होटल में उनके बीच बात हुई उसके बारे में सोचते हुए रोए जा रही थी।
जब अश्की ने अरमान से होटल में उसकी शादी होने की बात कही तो अरमान का चेहरा एक पल के लिए पूरी तरह से काला पड़ चुका था। लेकिन अगले ही पल उसने खुद को नॉर्मल किया और अश्की की तरफ देखकर बोला कपड़े पहनो मैं तुम्हारा बाहर गाड़ी में वेट कर रहा हूं, उसकी बात पर अश्की रोते हुए बोली मैं आपके साथ कहीं नहीं जाऊंगी मुझे अपनी अम्मा के पास जाना है वह मुझे ढूंढ रही होगी अरे क्या सोचेंगे वह मेरे बारे में सारी रात मैं बाहर क्या कर रही थी। अगर मोनिका दी को पता चल गया तो वह इतना कहकर चुप हो गई वहीं अरमान पर उसकी एक भी बात का कोई असर नहीं हुआ, अब उसने अपने पॉकेट में से एक बार फिर से सिगरेट का एक बंडल निकाला जिस पर लिखा हुआ था इनसिग्निया वह सिगरेट देखने में ही काफी ज्यादा लग्जरियस लग रही थी।
क्योंकि उसका रैपिंग ही बहुत ज्यादा एक्सपेंसिव था अरमान ने अब उसमें से सिगरेट निकाली और अपने होठों में दबाकर लाइटर जलाकर एक बार फिर से सिगरेट के लंबे कश भरने लगा उसके चेहरे से देखकर साफ पता चल रहा था कि उस पर अश्की के आंसुओं और उसकी बातों का कोई असर नहीं हो रहा। उसने अब पलट कर एक नजर अश्की की तरफ देखा और बेफिक्री से बोला कपड़े पहनो dilruba,, and this time is last time to I told you that,, अब दोबारा जो होगा जिम्मेदार तुम खुद होगी,, उसकी बात पर अश्की का दिल धक्क सा रह गया।
वह लड़खड़ाती हुई जुबान से बोली,, ऐसा मत कीजिए मैं आपके आगे हाथ जोड़ती हूं। हम किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे,, और क्या जवाब देंगे हम अपनी अम्मा को,, उसकी बात पर अरमान जो अभी भी अपनी जगह पर खड़ा था अब वह सामने दीवार से जाकर सटकर खड़ा हो गया,, और सिगरेट के लंबे कश भरते हुए अब अपनी गहरी नजरों से अश्की की तरफ देखने लगा। उसने अपनी गहरी नजरे अश्की के पैरों की तरफ घुमाई तो अश्की अपने बाथरोब को नीचे की तरफ खींचने लगी क्योंकि उसका बाथरोब काफी ज्यादा ऊपर की तरफ था जिस वजह से उसके गोरे पैर अरमान को साफ दिखाई दे रहे थे। अरमान अब अपनी डोमिनेटिंग वॉइस में बोला रिमूव योर बाथरोब and were your cloth in front of me,, उसकी बात सुनकर अश्की की आंखें बड़ी हो गई।
और उसके हाथ अपने बाथरोब पर कस गए,, उसने अपने बाथरोब को इतनी ज्यादा कसकर पकड़ लिया था। कि जैसे अरमान अभी आकर उसका बाथरोब खींच कर उतार देगा,, वहीं अरमान भी उसकी हरकतें देख रहा था लेकिन उसके चेहरे पर रत्ती भर भी एक्सप्रेशन चेंज नहीं हुए थे। एक बार फिर से अपनी कोल्ड वॉइस में बोला,, I said remove your bathrobe and were your cloth in front of me,, उसकी बात सुनकर अश्की के रोंगटे खड़े होने लगे,, उसकी आवाज ही इतनी ज्यादा ठंडी थी कि अश्की की रीङ की हड्डी तक कांप रही थी। और उसके पैर भी अब थर-थर कांपने लगे थे।
उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। अब वह अपना गला तर करते हुए बोली प्लीज़ ऐसा मत कीजिए मैं आपसे पहले भी कह चुकी हूं मैं वैसी लड़की नहीं हूं जैसी आप मुझे समझ रहे हैं आप क्यों नहीं समझते,, उसकी बात का अब अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया,, बस अपनी जगह पर खड़ा-खड़ा सिगरेट के कश भरता रहा और ऊपर की तरफ छोड़ने लगा,, कुछ देर सिगरेट के गहरे कश भरने के बाद,, अब वह अपनी जगह पर खड़ा हुआ और उसने अपने कदम अश्की की तरफ बढ़ा दिए,, जैसे ही अरमान ने अपने कदम अश्की की तरफ बढ़ाए अश्की का दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा वह अपने कदम पीछे की तरफ लेने लगी,,
अरमान को देखकर ही अश्की की जान उसके जैसे हलक में आ जाती थी। अरमान लगातार अपने कदम अश्की की तरफ बढ़ा रहा था वहीं अश्की भी अपने कदम पीछे की तरफ ले रही थी देखते ही देखते अश्की दीवार से आ टकराई,, अरमान अब बिल्कुल उसके पास आकर खड़ा हुआ,, जिससे अश्की पूरी तरह से कांपने लगी,, उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसके पैरों में जान ही ना हो, उसके हाथ पैर फूल रहे थे। जिस तरह से अरमान उसके पास खड़ा था। अरमान ने अब एक और सिगरेट का कश भरा और अश्की के ऊपर झुकते हुए उसके चेहरे पर सिगरेट का धुआं छोड़ दिया। जिससे अश्की की खांसी छूट गई,, उसकी आंखें पूरी तरह से लाल पड़ गई,, उसकी लाल आंखों में से पानी अब एक बार फिर से बहने लगा क्योंकि उसे सिगरेट की स्मेल बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती थी।
वहीं अरमान अब उसके चेहरे पर पूरी तरह से झुकते हुए उसे गहरी नजरों से देखकर बोला,, 15 मिनट है तुम्हारे पास अगर तुमने 15 मिनट में कपड़े नहीं पहने तो मैं खुद तुम्हें कपड़े पहनाऊंगा,, और इस बार कपड़े पहनाऊंगा ही नहीं,, इस बार रात पड़ जाएगी कपड़े पहनाते पहनाते ,,, उसकी बात सुनकर अश्की के रोंगटे खड़े हो गए,, अपनी बात कह कर अरमान अब पीछे की तरफ हुआ और अपने कदम दरवाजे की तरफ बढ़ाए ही थे कि तभी अश्की अपनी धीमी सी आवाज में बोली,, सुनिए,, जैसे ही अश्की ने सुनिए कहा अरमान के कदम वहीं पर रुक गए,, लेकिन उसने पलट कर अश्की की तरफ नहीं देखा,, अश्की अपनी बात आगे जारी रखते हुए ,,मैं कपड़े पहन लूंगी,, पर प्लीज आपके आगे एक रिक्वेस्ट है प्लीज मुझे मेरी अम्मा से मिलवा दीजिए प्लीज आपके आगे हाथ जोड़ती हूं मुझे मेरी अम्मा से मिलना है वह मुझे ढूंढ रही होंगी,, कल रात से मैंने अपनी अम्मा को नहीं देखा,, इतना कहकर वह बुरी तरह से सुबकने लगी,, अरमान ने उसकी बात साफ सुनी लेकिन उसके चेहरे के भाव अभी भी नहीं बदले थे लेकिन उसके कदम जरूर रुक गए थे जो किसी के भी बुलाने से कभी रुकते नहीं थे।
अब उसने बिना अश्की की बात का जवाब दिए अपने कदम बाहर की तरफ बढ़ा दिए,, अरमान को यूं अपने कदम बाहर की तरफ बढ़ाता देख अश्की को अब अरमान की चुप्पी ने साबित कर दिया था कि वह उसे कहीं पर भी किसी से भी मिलने नहीं लेकर जाएगा इसीलिए वह वहीं पर बैठकर जोर-जोर से फूट-फूट कर रोने लगी।
Present time,,,
अश्की अभी भी अपने घुटनों में मुंह छुपा कर रो रही थी और उसके सुबकने की आवाज़ आंखें बंद करके सीट पर टेक लगा कर बैठे हुए अरमान के कानों में साफ जा रही थी लेकिन उसने कोई भी रिएक्ट नहीं किया,, तकरीबन आधे घंटे बाद उनकी गाड़ी एक जगह पर आकर रुकी जैसे ही गाड़ी रुकी तो अश्की ने अपना चेहरा घुटनों से उठाकर बाहर की तरफ देखा तो उसकी आंखें हैरत से फैल गई,, क्योंकि उनकी गाड़ी इस वक्त अग्रवाल हाउस के आगे आकर खड़ी थी और अग्रवाल निवास को देखकर अश्की का दिल धक्क सा रह गया था। जैसे ही गाड़ी वहां पर आकर रुकी अश्की ने जल्दी से दरवाजा खोलने की कोशिश की ताकि वह जल्दी से गाड़ी से निकलकर अंदर की तरफ भाग जाए लेकिन दरवाजा खोलने से भी खुल नहीं रहा था वहीं अरमान जो कि आराम से अभी भी सीट पर टेक लगाए बैठा था। वह अब अपनी कोल्ड वॉइस में बोला 15 मिनट है तुम्हारे पास जिससे मिलना है मिलो अगर 15 मिनट से 1 मिनट भी ऊपर हुआ तो इस घर में जितने भी लोग हैं उनकी लाश यहां पर बिछी होगी उसकी बात सुनकर अश्की का दिल पूरी तरह से दहल गया,,
उसे ऐसा लगा जैसे किसी ने उसके बदन में से उसका पूरा खून निचोड़ लिया हो जिस वजह से उसका चेहरा पूरी तरह से सफेद पड़ चुका था और हाथ पैर पूरी तरह से ठंडे पड़ चुके थे,, वह बस एकटक अरमान के चेहरे की तरफ देखी जा रही थी जो कि अभी भी सीट पर टेक लगाकर आंखें बंद कर वैसे ही एक्सप्रेशन लैस होकर बैठा हुआ था। उसे तो समझ में नहीं आ रहा था कि सामने बैठा हुआ इंसान आखिर है कौन? और क्या उसके सामने बैठा हुआ इंसान इतना पावरफुल था कि वह एक ही झटके में उसकी पूरी फैमिली को खत्म कर सकता था। इस बात को वह समझने की कोशिश कर रही थी जिस वजह से उसकी जान उसके गले में आई हुई थी। उसने अब अरमान को गौर से देखा उसकी पर्सनैलिटी ही इतनी खतरनाक थी कि कोई भी देखकर डर जाए गले पर ईगल का टैटू जो कि पूरी तरह से उसकी पीठ पर फैला हुआ था उसके तीन बटन खुले होने की वजह से उसकी गर्दन पर जो ईगल का टैटू था वह साफ हल्का-हल्का छलक रहा था। जिसमें वह और भी ज्यादा कातिलाना लग रहा था।
अश्की बस अपनी सुनी आंखों से उसे देखे जा रही थी उसके दिमाग में इस वक्त हजारों सवाल थे कि वह किस तरह से अम्मा से सामना करेगी और क्या कहेगी अम्मा से कि वह कल रात कहां बिता कर आई और दूसरी तरफ अश्की अब अम्मा से क्या कहेगी कि वह क्यों घर से कहीं जा रही है किस लिए कहां जा रही है उसका दिमाग इस वक्त पूरी तरह से सुन्न पड़ चुका था उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह अम्मा से क्या कहेगी ,, लेकिन फिर उसने सोचा कि किसी तरह अरमान उसे घर पर तो लेकर आया क्या पता अरमान ऐसे ही उसे ले जाता तो उसे जिंदगी भर गिल्ट रहता कि वह अपनी अम्मा से भी नहीं मिल नहीं पाई,,, दूसरे पल उसके दिमाग में एक और बात आई और उस बात को सोचकर , अब उसने गहरी सांस ली,, अब वह बात क्या थी यह तो अब अश्की ही जानती थी। किसी तरह अपने कांपते हाथों से गाड़ी का दरवाजा खोला तो इस बार गाड़ी का दरवाजा भी खुल गया,, जिस तरह से उसने गाड़ी का दरवाजा खोला था इस वक्त उसके हाथ बुरी तरह से कांप रहे थे।
अब वह किसी तरह से गाड़ी के बाहर निकली और उसने अपने आसपास देखा तो उसका दिल धक्क सा रह गया क्योंकि वहां पर आसपास इतने ज्यादा काले रंग के कपड़े पहने हुए गार्ड्स खड़े थे। कि उनकी गिनती तो जैसे मुमकिन ही नहीं थी। उन गार्ड्स को देखकर अब अश्की की हालत और भी ज्यादा बुरी होने लगी उसे डर लगने लगा कि कहीं उसकी फैमिली को ही कुछ ना हो जाए इस ख्याल से ही उसके हाथ पैर और भी ज्यादा फूलने लगे थे,, वह गार्ड्स हर तरफ फैले हुए थे और यह देखकर अश्की ने अब अंदर बेफिक्री से बैठे हुए,, अरमान की तरफ देखा और अब उसे अंदाजा हो चुका था कि यह जो इंसान उसके सामने हैं वह कोई मामूली इंसान तो बिल्कुल भी नहीं था।
उसने अब किसी तरह खुद को संभाला और अपने कदम अपने घर की तरफ बढ़ा दिए और कुछ ही देर में उसने अपने कदम जब अपने घर के आंगन में रखे तो अम्मा जो कि सामने ही बैठी थी जब उसकी नजर अश्की पर गई,, तो अम्मा की जैसे जान में जान आई वहीं दूसरी तरफ मोनिका खड़ी जो कि अपने फोन पर किसी से बात कर रही थी उसने जब अश्की को देखा तो उसका चेहरा गुस्से से जलने लगा,, और जबड़े पूरी तरह से कस गए,, वहीं अम्मा अब अपनी जगह से खड़ी हुई और जल्दी-जल्दी में चलने लगी जिस वजह से उन्हें इतना भी ख्याल नहीं रहा कि उनके घुटनों में कितना ज्यादा दर्द था,, वह किसी तरह से अश्की के पास चलकर आई और अगले ही पल उन्होंने अश्की को अपने गले से लगाते हुए बोली कहां थी मेरी बच्ची,, तुझे पता है मैं कितना डर गई थी और कल रात कहां थी तू,, जैसे ही अम्मा ने यह बात पूछी अश्की का चेहरा पूरी तरह से पीला पड़ गया और उसका चेहरा पीला पड़ता देख मोनिका के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई,, हालांकि उसकी बात अभी तक नीलिमा से नहीं हुई थी। लेकिन अश्की का चेहरा देखकर उसे कंफर्म हो चुका था कि कल रात का उसका मंसूबा पूरा हो चुका था। वहीं अश्की अब एकटक अपने सामने खड़ी अम्मा को देख रही थी जो परेशानी से उसका चेहरा निहार रही थी। उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि वह अब अम्मा से क्या कहें,,
दूसरी तरफ,,
अरमान जो कि अभी भी गाड़ी में ऐसे ही बैठा था जैसे ही अश्की अपने घर में गई अब उसने अपनी आंखें खोली और फिर अपना चेहरा ऊपर की तरफ उठाकर अश्की के घर की तरफ देखा, उसका घर देखकर अरमान का चेहरा पूरी तरह से सख्त हो चुका था। वह धीरे से बोला आई होप जो तुम सोच कर गई हो वह तुम ना करो,, नहीं तो यह अरमान त्रेहान इस पूरे घर को जलाकर राख कर देगा,, इतना कहते हुए उसके चेहरे के भाव बेहद कॉल्ड थे और अगले ही पल एक बार फिर से उसने अपने पॉकेट से वही सिगरेट निकाली और दोबारा से जलाकर उसके लंबे-लंबे कश भरने लगा और अब उसकी नज़रें उस घर पर गहरी हो गई थी।
कुछ देर सिगरेट पीने के बाद अरमान ने सिगरेट को गाड़ी के बाहर फेंका और अगले ही पल गाड़ी का दरवाजा खोल बाहर की तरफ आ गया,, और इस वक्त उसकी नज़रें सामने अग्रवाल हाउस पर थी और अब उसने अपने कदम अग्रवाल हाउस की तरफ बढ़ा दिए थे।
वहीं दूसरी तरफ,,
आंगन में खड़ी अश्की जो कि अभी भी अम्मा के सामने खड़ी हुई थी इस वक्त उसका चेहरा पूरी तरह से सफेद पड़ा हुआ था अब अम्मा उसके चेहरे की तरफ देखकर बोली क्या हुआ बेटा तेरा रंग क्यों उड़ा हुआ है और तू बताती क्यों नहीं कि तू कल कहां थी। उनकी बात सुनकर अश्की को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि वह अब क्या कहें,, अश्की अब अपनी नज़रें इधर-उधर चुराने लगी जैसे वह अम्मा से नजरे ही ना मिल पा रही हो,, और इस चीज को देखकर मोनिका बहुत ज्यादा इंजॉय कर रही थी,, इस वक्त उसके चेहरे पर हद से ज्यादा शातिर एक्सप्रेशन थे।
तभी मोनिका बोली बताएगी क्या अम्मा मैं बताती हूं यह कहां पर थी रात को,, उसकी बात सुनकर अश्की के चेहरे के रंग उड़ गए वह मोनिका की तरफ सवालियां एक्सप्रेशन से देखने लगी कि मोनिका को कैसे पता कि वह कहां पर थी। इस वक्त उसका दिल जोरो जोरो से धक धक कर रहा था कि कहीं सच में मोनिका को पता तो नहीं चला कि वह सारी रात किसी और के साथ बिता कर आ रही थी। तभी मोनिका अम्मा की तरफ देखकर बोली अम्मा अभी थोड़ी देर पहले मुझे राहुल का कॉल आया था और वह बता रहा था कि कल रात को अश्की ने उसके साथ जबरदस्ती की है और यह पूरी तरह से नशे में थी आपको पता है इसने कल रात को ड्रिंक की हुई थी,, और राहुल ने इसे बहुत रोकने की कोशिश की लेकिन यह नहीं मानी अम्मा,, जैसे ही मोनिका ने यह बात कही अम्मा का चेहरा गुस्से से कांपने लगा और अगले ही पल वहां पर एक थप्पड़ की आवाज गूंज गई जो किसी और को नहीं मोनिका को पड़ा था।,,
वह गुस्से से दांत पीसते हुए बोली चुप एकदम चुप मेरी प्यारी बच्ची पर इल्जाम लगाते हुए तुझे शर्म नहीं आती मेरी बेटी ऐसा कर ही नहीं सकती,,, मेरी बेटी दूसरों की तरह गंदी लड़की बिल्कुल नहीं है जो पीकर किसी और लड़कों के ऊपर चढ़ जाए,, अपना मुंह बंद रख मुझे उस पर खुद से ज्यादा भरोसा है,, जैसे ही अश्की ने अम्मा के मुंह से यह बात सुनी कि अम्मा को उस पर कितना ज्यादा भरोसा है और यह सुनकर अश्की का दिल जैसे अंदर ही अंदर टूट रहा था,, इस वक्त उसका दिल कर रहा था वह कहीं पर जाकर डूब मरे कि उसकी अम्मा उस पर कितना ज्यादा भरोसा करती थी। पर यह चीज सुनकर उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसके कानों में से खून निकल आया हो और उसकी आंखों में आंसू अब लबालब बहने लगे थे।
उसे अब ऐसा लग रहा था जैसे उससे कोई गुनाह हो गया हो,, उसका वहां पर अब दम घुटने लगा अगले ही पल अश्की जल्दी से अपने कमरे की तरफ भागी उसको इस तरह से कमरे की तरफ भागता देख अम्मा हैरानी से पीछे की तरफ देखने लगी। अम्मा को तो समझ ही नहीं लगा कि अश्की ऐसे भागी क्यों,, वह घबराते हुए अश्की के पीछे भागी कि तभी सनम जो की किचन में थी । पानी पी रही थी और पंद्रह मिनट पहले ही वह यहां पर पहुंची थी क्योंकि उसे अश्की का कोई भी पता नहीं चला था।वह अब बाहर की तरफ आई जब उसने शोर होते सुना,,
तो अब वह बाहर आई उसने भी जब अम्मा को अश्की के कमरे की तरफ जाते हुए देखा तो उसकी आंखें बड़ी हो गई। उसने अभी तक अश्की को नहीं देखा था कि अश्की अपने कमरे में गई है। वहीं अश्की ने अपना दरवाजा बंद कर लिया और अंदर बैठकर अपने मुंह पर हाथ रख फूट फूट कर रोने लगी उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसने पता नहीं क्या कर दिया हो,, उसका दिमाग इस वक्त पूरी तरह से काम करना बंद कर गया था,,
वह खुद से बोली मुझसे गुनाह हो गया अम्मा मुझसे गुनाह हो गया मुझे जीने का कोई हक नहीं अम्मा कोई हक नहीं है मुझे जीने का,, इतना कहकर वह बुरी तरह से रोने लगी और अब उसने अपने आंसुओं को साफ कर आसपास नजर घुमाई वह जैसे कुछ ढूंढ रही थी। कि तभी उसकी नजर सामने पड़े फ्रूट बास्केट पर गई जो कि सामने टेबल पर पड़ा हुआ था। और उसके बीचो-बीच चाकू एक एप्पल पर लगा हुआ था। और अब वह बहुत जल्दी से फ्रूट बास्केट की तरफ गई और अगले ही पल उसमें से चाकू निकालकर अपने कांपते हुए हाथों को उसने अपने हाथ की नस पर रख लिए,,
😇🙃😇😄😚🫠
वहीं दूसरी तरफ,,
अरमान ने अपने कदम उस घर में रखे जैसे ही अरमान के कदम घर पर पड़े तो सब की नजरे अरमान की तरफ उठ गई इस वक्त हाॅल में बहुत सारे मेहमान आए हुए थे जो कि यह सब नजारा देख रहे थे ज्यादातर तो अश्की की सहेलियां थी जो उसकी बैंगल सेरिमनी के लिए आई हुई थी। जब सब लोगों की नजर अरमान पर पड़ी तो एक पल के लिए लड़कियों की नजर उस पर जैसे फिदा ही हो गई। लड़कियां तो जैसे अपनी पलके झपकाना ही भूल चुकी थी उनकी सांसे उनके गले में अटक चुकी थी वहीं मोनिका भी आंखें फाड़े सामने अरमान को देखे जा रही थी।
हालांकि अरमान त्रेहान का नाम सभी ने सुना था लेकिन अरमान की आइडेंटी कहीं पर भी रिवील नहीं की गई थी। उसका चेहरा कहीं पर भी रिवील नहीं था। किसी को भी यह चीज पता नहीं था कि अरमान त्रेहान यहां पर नासिक में था। वहां पर एक दमदार पर्सनालिटी के एक चेहरे को देखकर,, वहां पर खड़े सभी लोग उसी की तरफ देखते ही रह गए थे। वहीं अरमान अब अपनी र्सद नजरों को चारों तरफ दौड़ा रहा था। उसकी नज़रें वहां पर खड़े हर शख्स पर थी वहीं मोनिका भी अपना मुंह खोले बस उसी को ही देखे जा रही थी।
अरमान की वह ग्रे गहरी आंखें और ऊपर से उसकी पर्सनालिटी जैसे लड़कियों को पागल कर रही थी। मोनिका आगे की तरफ आई और उसकी तरफ देखकर बोली आप किस से मिलना चाहते हैं और अभी वह बोल ही रही थी कि अरमान जिसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था लेकिन आंखों में उतनी ज्यादा ठंडक उसने अब अपनी ठंडी आंखों से सामने खड़ी मोनिका की तरफ देखा जो उसे अपनी सिडक्टिव नजरों से देख रही थी। अरमान को देखकर तो जैसे उसकी जान ही निकल रही थी। अरमान अब उसे देखकर अपनी कोल्ड वॉइस में बोला दिलरुबा कहां है। उसके मुंह से किसी दिलरुबा का नाम सुनकर मोनिका के चेहरे पर सवालियां एक्सप्रेशन आ गए,,
वह धीरे से बोली कौन दिलरुबा,,
अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अश्की के कमरे के आगे खड़ी अम्मा जोर-जोर से चिल्लाती हुई बोली अश्की दरवाजा क्यों नहीं खोल रही है दरवाजा खोल बेटा,, हुआ है क्या क्या मैंनै तुझे कुछ ऐसा कह दिया बोल तो मेरी बेटी दरवाजा खोल बच्चा, अम्मा की आवाज जैसे ही अरमान के कानों में पड़ी तो अरमान का चेहरा उस तरफ घूम गया जहां पर अम्मा अभी भी खड़ी थी। अब तक अरमान के बॉडीगार्ड भी वहां पर आ चुके थे वह हर तरफ अंदर फैल चुके थे जैसे ही अरमान के बॉडीगार्ड्स अंदर की तरफ आए वहां पर खड़े लोग डर से कांपने लगे वह लड़कियां जो अरमान को इस तरह से देख रही थी अब उनके चेहरे पर भी डर झलकने लगा था।
क्योंकि अरमान के हर बॉडीगार्ड के हाथ में राइफल्स थी। वहीं अरमान ने अब अपने कदम अम्मा की तरफ बढ़ा दिए थे जो लगातार दरवाजा खटखटा रही थी। अम्मा चिल्लाते हुए बोली अश्की बेटा दरवाजा खोल मुझे घबराहट हो रही है क्यों नहीं दरवाजा खोल रही है।तू अरे अपनी अम्मा को बता ना क्या हुआ क्या है क्या बात हो गई बेटा कुछ बोलेगी नहीं तो मुझे समझ कैसे आएगा तू दरवाजा तो खोल इतना कहते हुए लगभग से अम्मा रोने लगी थी।
वहीं अरमान अब अम्मा के बिल्कुल पास आकर खड़ा हो गया जैसे ही अम्मा ने किसी को अपने बिल्कुल पास खड़ा महसूस किया तो उन्होंने अपनी नजरे उठाकर पीछे की तरफ देखा तो उनकी नज़रें अरमान से जा टकराई,, अरमान को देखकर अब अम्मा जो कि बुरी तरह से रो रही थी वह अब एकदम से चुप हो गई थी और उनकी आंखों से जो आंसू बह रहे थे वह वहीं पर जैसे रुक गए थे वह अरमान की तरफ देखकर बोली आप कौन हैं और यहां क्या काम है आपका,, अम्मा बोल ही रही थी कि तभी अरमान साइड हटिए,, अरमान ने जैसे ही यह बात कही अम्मा की एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई वह उसकी तरफ देख कर बोली हम पीछे क्यों हटे और आप हैं कौन अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान ने उसके बॉडीगार्ड की तरफ देखा तो बॉडीगार्ड ने अगले ही पल अम्मा की बांह पकड़ ली जैसे ही बॉडीगार्ड ने अम्मा की बांह पकड़ी अम्मा की आंखें हैरत से फैल गई।
अम्मा उसकी तरफ देखते हुए बोली यह क्या बदतमीजी है और तुम ऐसे कैसे हमारे घर में घुस सकते और हो कौन तुम,, उसकी बात सुनकर अरमान ने अब अम्मा को सर्द नजरों से देखते हुए बोला,, अरमान त्रेहान नाम है मेरा,, और इससे ज्यादा आपको कुछ बोलने की जरूरत नहीं है मुझे,, जैसे ही उसने अरमान त्रेहान कहा वहां पर खड़े हर शख्स की आंखें हैरत से फैल गई वहीं मोनिका की तो आंखें जैसे बाहर निकलने को ही हो गई थी।
दूसरी तरफ कमरे में,,
अश्की अपनी लाल आंखों से चाकू की तरफ देख रही थी जो कि उसने अपनी कलाई पर रखा हुआ था उस चाकू को देखकर अश्की को हद से ज्यादा रोना आ रहा था। वह रोते हुए खुद से बोली मुझे माफ कर दीजिए अम्मा मैं जीने के लायक नहीं हूं। क्योंकि मैं गंदी हो चुकी हूं मां,, इतना कहकर उसकी आंखों से लबालब आंसू बहने लगे और अगले ही पल अभी वह अपने हाथ पर चाकू फिर रखने ही वाली थी कि तभी दरवाजा टूटने की आवाज आई जिससे अश्की डर से कांप गई और उसके हाथों से चाकू फिसल कर नीचे की तरफ गिर गया,, उसने अगले ही पल दरवाजे की तरफ देखा तो उसके हाथ पैर अगले ही पल जैसे ठंडे पड़ गए,,
क्योंकि दरवाजे पर इस वक्त अरमान खड़ा था और उसका चेहरा इस वक्त पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था लेकिन उसने अश्की के हाथों से छुट्टी ह़ई चाकू को देख लिया था। और
उस चाकू को देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी।
To be continue....







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