02

Cold hearted armaan

नासिक,,

अरमान ने अभी-अभी अश्की को अपनी गोद में उठा लिया था। वहीं अश्क़ी हड़बड़ा कर बोली छोड़िए मुझे क्या कर रहे हैं आपको शर्म नहीं आ रही आप ऐसे कैसे मुझे उठा सकते हैं। और और आप क्यों मेरे इतना करीब आ रहे हैं। प्लीज मुझे छोड़ दीजिए मैं कल के बारे में किसी को कुछ नहीं बताऊंगी प्लीज मुझे छोड़ दीजिए मुझे घर जाना है इतना कहते हुए वह अरमान की गोद में झटपटाने लगी थी लेकिन अरमान का एक्सप्रेशंसलेस चेहरा देखकर साफ पता चल रहा था कि उसे अश्क़ी के झटपटाने से कोई भी फर्क नहीं पड़ रहा था। लेकिन जैसे ही अश्की ने घर जाने की बात की तो अरमान का चेहरा पूरी तरह से सख्त पड़ गया।

अभी तक अरमान पूरी तरह से चुप था लेकिन अब अरमान ने सिर्फ कुछ शब्द कहे,, और इस वक्त उसकी आवाज इतनी ज्यादा इंटेंस थी कि अश्की के रोंगटे खड़े हो रहे थे। अरमान ने उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला,, तुम अब कहीं नहीं जा सकती तुम्हें अब मेरे साथ रहना होगा और तुम मेरे साथ मुंबई जाओगी। उसकी बात सुनकर अश्की का दिल जैसे धड़कना ही भूल गया। वह अरमान की गोद में बुरी तरह से कांपने लगी थी। वहीं अरमान अब अपनी बात कह कर उसने अपने कदम दोबारा बाथरूम की तरफ बढ़ा दिए,,, अरमान को अब बाथरूम की तरफ अपने कदम बढ़ाता देख अश्क़ी उसकी गोद में और भी ज्यादा कांपने लगी,, इस वक्त उसे हद से ज्यादा डर लग रहा था। अश्की की नजरे इस वक्त अरमान के चेहरे पर टिकी हुई थी।

डर के मारे अब वह कुछ बोल भी नहीं पा रही थी वहीं अरमान जिसका चेहरा सामने की तरफ था उसे इतना भी पता था कि अश्की उसके चेहरे की तरफ देख रही है लेकिन उसने कोई भी रिएक्ट किए बिना उसे सीधा बाथरूम में ले गया। अगले ही पल उसने बाथरूम में ले जाकर उसे शॉवर के नीचे खड़ा कर दिया। अश्की के बदन पर अभी भी वह वाइट कलर की ब्लैंकेट लिपटी हुई थी। अरमान ने एक बार भी उस ब्लैंकेट को हटाने की कोशिश नहीं की थी। अब उसने सामने शॉवर बटन ऑन किया और शॉवर चलने लगा,, कुछ ही देर में अश्की के सर से होते हुए शॉवर का पानी उसके बदन को भिगोने लगा।जिससे वह ब्लैंकेट पूरी तरह से अश्की के बदन से चिपकने लगी। और उसमें से अश्की का बदन साफ अरमान को दिखने लगा जिससे अरमान की नजरे उसके बदन पर गहरी हो गई। अरमान उसके सामने खड़ा उसे अपनी गहरी नजरों से देख रहा था जिससे अश्की का दिल और भी जोर-जोर से धड़कने लगा उसकी पूरी बॉडी इस वक्त शिवर कर रही थी क्योंकि इस वक्त उसे अरमान से हद से ज्यादा डर लग रहा था। ऊपर से उसके बदन में जितना दर्द हो रहा था यह वही जानती थी कि वह किस तरीके से इस वक्त शॉवर के नीचे खड़ी थी।

वहीं अरमान जो सामने खड़ा वॉल से सटकर अश्की को देख रहा था। वह एक बार फिर से अपनी जगह से सीधा खड़ा हुआ और उसने अपने कदम जैसे ही अश्की की तरफ बढ़ाए अश्की ने अपने कदम जल्दी से पीछे लेते हुए प्लीज प्लीज मुझसे दूर रहो। कल रात जो भी हमारे बीच हुआ आई डोंट नो वो कैसे हुआ लेकिन मैं ऐसी लड़की नहीं हूं। मैं एक इज्जतदार और शरीफ लड़की हूं मुझे मुझे नहीं पता कि मैं आपके रूम में कैसे आई पर प्लीज आप मुझे जाने दीजिए मैं मैं आपको कभी अपनी शक्ल भी नहीं दिखाऊंगी। और कल रात के बारे में मैं कभी किसी के साथ जिक्र भी नहीं करूंगी पर मैं आपके आगे हाथ जोड़ती हूं प्लीज मुझे छोड़ दीजिए,,

इतना कहकर वह फिर से रोने लगी और उसने अपने हाथ अरमान के आगे जोड़ लिए थे। वहीं अरमान को तो जैसे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था। उसकी नजरे लगातार अश्की के चेहरे से होते हुए शॉवर की बूंदे जो उसके बदन पर जम रही थी उन पर थी। अरमान के चेहरे के भाव बदलने लगे थे उसने एक भी शब्द अश्की को नहीं कहा था वह लगातार उसके बदन के हर एक हिस्से को तराशने में लगा हुआ था। अगले ही पल वह बिल्कुल उसके पास आकर खड़ा हुआ और उसने अश्की की ब्लैंकेट को अपनी मुट्ठी में भरा जैसे ही उसने अश्की की ब्लैंकेट को अपनी मुट्ठी में भरा अश्की का दिल धक्क सा रह गया। क्योंकि अरमान ने उसे मुट्ठी में ही नहीं भरा था अगले ही पल अरमान ने उस ब्लैंकेट को एक झटके से उसके बदन से अलग कर दिया था और अब अश्की पूरी तरह से उसके सामने थी। जिससे उसका दिल पूरी तरह से कांप उठा था।

वह जल्दी से अपने हाथों से अपने बदन को ढकने की कोशिश करने लगी। लेकिन उसके लिए जैसे लगभग से नामुमकिन था। वहीं अरमान ने अब उसकी कमर पर हाथ रखकर एक झटके से उसे अपनी तरफ खींच लिया जिससे अश्की उसके सीने से जा टकराई और उसका पूरा बदन अरमान के चट्टान जैसे सीने से जा टकराया, जिससे अगले ही पल अश्की के मुंह से आह निकल गई। वहीं अरमान को इस चीज से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था उसके चेहरे पर रति भर भी एक्सप्रेशन चेंज नहीं हो रहे थे। वह अब अश्की के चेहरे के ऊपर झुका, और उसके चेहरे पर गर्म सांस छोड़ते हुए,, तुम मुझसे दूर कभी नहीं हो सकती और ना ही मैं तुम्हें खुद से दूर होने दूंगा क्योंकि अरमान त्रेहान को जो चाहिए वह चाहिए,,

उसकी बात सुनकर अश्की का दिल बुरी तरह से कांप उठा,, अरमान की वह पत्थर जैसी आंखें जिनमें कोई भी इमोशन नहीं था। उन्हें देखकर अश्की की जान जैसे उसके गले में अटकी हुई थी। वहीं अरमान ने अपनी बात कह कर अश्की को दीवार के साथ धक्का दिया जिससे अश्की संभल नहीं पाई और दीवार से उसकी पीठ जा टकराई,, और अगले ही पल अरमान पूरी तरह से उसके ऊपर झुका और उसके नरम होठों को अपने अंगूठे से रगड़ते हुए अपने गहरी नजर एक बार फिर से उसके बदन पर गढ़ाने लगा जिससे अश्की को अपने बदन में एक अलग ही करंट महसूस हो रहा था।

वह रोते हुए बोली आपको मेरे साथ ऐसा करके क्या मिल जाएगा आखिर कौन है आप मैं तो आपको जानती भी नहीं,,, और इस तरह मेरे करीब क्यों आ रहे हैं मैने आपका क्या बिगाड़ा है। मैंने आपको बोला तो है मैं वैसी लड़की बिल्कुल नहीं हूं जैसा आप मुझे समझ रहे है। उसकी बात पर अरमान की नजरे उस पर और भी ज्यादा गहरी हो गई। अब एक बार फिर से वह उसके कान के पास पहुँच कर अपनी डोमिनेटिंग वॉइस में बोला,, और वैसी लड़कियों की औकात भी नहीं है कि वह अरमान त्रेहान को छू सके,, उसकी बात सुनकर अश्की के रोंगटे खड़े हो रहे थे। वहीं अरमान अब बिल्कुल उसके करीब आया और अगले ही पल उसने अपने होंठ अश्की के गर्दन पर रख दिए जिससे उसकी सिसक उस बाथरूम में गूंज गई।

इस वक्त जिस तरह से उसका बदन कांप पर रहा था अरमान को उसका डर साफ महसूस हो रहा था।

वहीं दूसरी तरफ,,

नीलिमा के चेहरे पर इस वक्त परेशानी छलक रही थी वह इस वक्त राहुल के रूम नंबर 966 में इधर-उधर चक्कर लगा रही थी। उसकी हालत इस वक्त हद से ज्यादा खराब हो रही थी क्योंकि बेड पर उसका फोन पड़ा हुआ था जिस पर मोनिका का फोन आ रहा था। जो कि पिछले 1 घंटे से फोन पर फोन कर रही थी और नीलिमा के पास उसकी बातों का कोई जवाब नहीं था। क्योंकि कल रात नीलिमा ने जब अश्की को vip सेशन में जाते हुए देखा। तो उसे लगा कि राहुल उसे रास्ते में ही अडॉप्ट कर लेगा लेकिन राहुल,, तो अपने कमरे से बाहर निकल कर वॉशरूम की तरफ चला गया था जिस वजह से उसे सामने से आ रही अश्की का पता ही नहीं चला।

और इस वक्त उन दोनों को ही नहीं पता था कि अश्की आखिर गई कहां और जिस वजह से नीलिमा सामने खड़े राहुल को खरी कोट सुना रही थी। और राहुल भी चिड़कर बोला मेरी कोई गलती नहीं अगर मुझे वॉशरूम जाना था तो अब मैं क्या कर सकता हूं मैं सामने ही खड़ा था कि जब वह आएगी तो मैं उसे अंदर ले आऊंगा लेकिन वह मुझे दिखाई ही नहीं दी तो मैं भी क्या करता और मुझे वॉशरूम आ गया इसमें मेरी क्या गलती है वह तो जेनुइन है यार,,, उसकी बात पर नीलिमा दांत पीसकर बोली अब जो मोनिका मेरा हाल करेगी ना वह भी जेनुइन ही होगा क्योंकि वह इंसान के नाम पर डायन है डायन,,,

और अब उसका फोन बार-बार मेरे फोन पर आ रहा है मैं उसे क्या जवाब दूंगी ढूंढो उसे अश्की कहां पर है ढूंढो उसकी बात पर राहुल अपने नाखूनों को चबाते हुए बोला रात का उसे ढूंढ रहे हैं तो मिल तो रही नहीं है यहां पर सारे vip रूम है हम यहां पर किसी की भी इजाजत के बिना नहीं घुस सकते हैं तुम समझती क्यों नहीं हो,, और ऊपर से मैंने सुना है यहां पर अरमान त्रेहान भी रुका हुआ है। गलती से भी हम उसके दरवाजे के आगे आ गए ना तो हमें नहीं पता हम कहां पर गायब हो जाएंगे अरमान का नाम सुनकर नीलिमा के चेहरे पर चमक आ गई,, वह उसकी तरफ देखकर बोली सच में अरमान त्रेहान यहां पर आया हुआ है क्या उसकी बात पर राहुल ने हां में से हिलाते हुए बोला हां हमारे सामने वाला रूम उनका ही है। उसकी बात सुनकर नीलिमा का चेहरा खिल उठा और अगले ही पल वह अपने बालों को सेट करते हुए,, अपनी ड्रेस को ठीक करने लगी और अपने सीने को भी ऊपर की तरफ करने लगी,,

उसकी इस तरह की हरकतें देख राहुल के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए,, वह मुंआ बनाते हुए बोला यह तुम क्या कर रही हो,, नीलिमा उसकी तरफ देखकर गुस्से में बोली अपना मुंह बंद रखो,, तुम तो हो ही गए गुजरे अब कोई अच्छा मिल रहा है तो एक चांस तो बनता है ना इतना कह कर उसने अपने कदम दरवाजे की तरफ बढ़ा दिए, उसकी बात सुनकर राहुल ने मुंह बनाया और बोला तुम बड़ी हुसन परी हो देख लेना कितना ही अरमान त्रेहान तुम्हारी ओर देखता है.। छोटा-मोटा इंसान थोड़ी है कि तुम्हारी ओर देखेगा,, उसे तो कोई स्पेशल ही मिलेगा है यह तो मैं गारंटी के साथ कह रहा हूं बिकॉज इंडिया का मोस्ट eligible बैचलर बिजनेस टाइकून है उसकी बात पर नीलिमा ने पलट कर उसकी तरफ देखा और बोली और उसे अपना बना कर रहूंगी।

तभी राहुल eye रोल करते हुए बोला as यू विश ट्राई कर सकती हो मुझे पूरा विश्वास है कि वह तुम्हारे झांसे में बिल्कुल नहीं आने वाला क्योंकि उसे गोल्डीगर लड़कियां बिल्कुल नहीं पसंद,, उसकी बात पर नीलिमा का चेहरा गुस्से से कांपने लगा और वह गुस्से से अपने जबड़े कसते हुए बोली,, क्या कहा तुमने तुम्हें मैं गोल्डीगर लगती हूं। उसकी बात पर अब राहुल मुंह बनाते हुए बोला मैंने तो ऐसा कुछ भी नहीं कहा इतना कहकर वह बड़े आराम से सामने बेड पर जाकर बैठकर वहीं पर लेट गया।

और खुद में बड़बड़ाया अच्छा भला हाथ में अंगूर लगा था वह भी हाथ से फिसल गया पता नहीं कौन खा रहा है उसे,, इतना कहते हुए राहुल के चेहरे पर फ्रस्ट्रेशन साफ दिखाई दे रही थी। वहीं नीलिमा अब पैर पटकते हुए बाहर की तरफ आ गई थी क्योंकि उसके दिमाग में इस वक्त अरमान त्रेहान चल रहा था।

वहीं दूसरी तरफ,,

एक छोटा सा घर लेकिन फिर भी बहुत ज्यादा खूबसूरत उस घर को आज सजाया जा रहा था ऐसा लग रहा था जैसे कि वहां पर कोई फंक्शन होने वाला हो,, उस घर को बड़े ही प्यार से सजाया जा रहा था वह छोटा से घर के बाहर एक छोटा सा गार्डन जिसमें एक झूला लगा हुआ था और पास ही में एक टेंट लगाया जा रहा था। लेकिन फिर भी वहां पर मेहमानों के लिए जगह पूरी थी। यह था अग्रवाल हाउस,, वहीं बरामदे में बैठी अम्मा जो कि एक प्यारी सी सिल्क की साड़ी में कुर्सी पर बैठी हुई थी। उम्र से वह लगभग 50-55 साल की तो लग ही रही थी। उनके चेहरे पर इस वक्त परेशानी छलक रही थी वह सामने खड़ी मोनिका को देख रही थी जो अपने फोन पर किसी को कॉल कर रही थी।

वह मोनिका की तरफ देखते हुए बोली, तुझे कहा था कल उसे मत भेज आज उसकी बैंगल सेरिमनी है और वह अभी तक घर नहीं पहुंची है पूरी रात वह घर से बाहर रही है शादी के दिन नजदीक आ चुके हैं और तुमने उसे बाहर भेज दिया। कैसी बड़ी बहन हो तुम कितनी बार कहा है कहने को तुम उसकी बड़ी बहन हो पर दिमाग तुम में रत्ती भर नहीं है। वह लगभग उसे डांटे जा रही थी जिस वजह से मोनिका अंदर ही अंदर जल रही थी उसका चेहरा इस वक्त गुस्से से लाल पीला हो रहा था। अम्मा की बातें उसको अंदर तक जला रही थी।

अम्मा अब दांत पीसकर बोली अगर वह घर पर नहीं आई ना तो मैं तुझे भेजूंगी और तू तब तक घर में नहीं आएगी जब तक वह घर पर नहीं पहुंच जाती समझी तू,, अरे वह बेचारी तो मुझे मना कर रही थी कि नहीं अम्मा मुझे नहीं जाना नहीं जाना लेकिन मैंने तुम लोगों की बात सुनी कि चलो शादी के बाद पता नहीं उसको कैसा घर मिलेगा कैसा नहीं पर अभी तो बेचारी इंजॉय कर ले पर इंजॉय के बहाने वह बेचारी पता नहीं कहां पर है अभी तक उसके दोस्तों तक ने उसका फोन नहीं उठाया है। तभी दरवाजे पर सनम आकर खड़ी हुई। और सनम को अपने सामने देखकर मोनिका के होश पूरी तरह से उड़ चुके थे और अब वह तिरछी नजरों से अम्मा को देख रही थी जो सनम को घूर रही थी अब अम्मा अपनी जगह से धीरे से खड़ी हुई क्योंकि इस वक्त अम्मा के घुटनों में बेहिसाब दर्द था उन्होंने अपने घुटने पर हाथ रखा और कराह के अपनी जगह पर खड़ी हुई,, वही सनम अब अम्मा के बराबर आकर खड़ी हुई और उनके तरफ देखकर बोली अम्मा अश्की कहां है वह मुझे उससे काम था आज उसकी bangle ceremony थी तो उससे पूछना था कि अगर मैं उसके लिए घुंघरू वाली चूड़ियां,, अभी सनम ने इतना ही कहा था कि अम्मा की आंखें बड़ी हो गई वह सनम की तरफ देखकर बोली अगर अश्की तेरे साथ नहीं है तो वह है कहां अब अम्मा की सर्द नजरे मोनिका पर घूम चुकी थी और अगले ही पल अम्मा मोनिका के पास आकर खड़ी हुई और एक जोरदार तमाचा उसके गाल पर जङते हुए बोली अगर अश्की को कुछ भी हुआ ना तो मैं तुझे छोडूंगी नहीं एक बात याद रखना आज रात तक कुछ भी कर मुझे मेरी अश्की मेरे सामने चाहिए समझी तू,, अम्मा की बात सुनकर मोनिका ने अपने गाल पर हाथ रखकर रोते हुए बोली यह क्या बात हुई ,, अम्मा आप हमेशा अश्की को ही हर जगह भाव क्यों देती हैं मैं आपकी सगी बेटी हूं अश्की नहीं उसने इतना ही कहा था। की अम्मा एक और थप्पड़ उसके गाल पर जड़ते हुए दांत पीसकर बोली किसने कहा अश्की मेरी बेटी नहीं है अश्की भी मेरी बेटी है मैंने तुझे कितनी बार समझाया है कि मेरे सामने ऐसी बकवास मत किया कर चाहे उसे मैंने गोद ही लिया सही लेकिन वह मेरी बेटी है तुझे पता है वह तुझसे भी बढ़कर है मुझे जानती है क्यों क्योंकि वह मेरी हर बात मानती है।

तभी मोनिका रोते हुए बोली इसीलिए आपने उसकी शादी गौरव से तय की ना कि वह आपकी बातें सारी मानती है उसकी बात पर अम्मा ने दांत पीसते हुए कहा नहीं क्योंकि गौरव उसे पसंद करता है वह तुझे नहीं पसंद करता क्यों नहीं समझ रही है यह बात तो बार-बार एक बात दोहराने से क्या गौरव तुझे पसंद करने लगेगा बता, उनकी बात सुनकर मोनिका ने अब अपने होंठ भींच लिए अब उसके पास कहने के लिए कोई भी शब्द नहीं थे । वहीं अम्मा अगर मेरी बेटी रात तक घर नहीं आई तो मैं तुझे छोडूंगी नहीं बात याद रखना ,,

अब तू उसे कहां से ढूंढ कर लाती है कहां से नहीं यह मुझे नहीं पता अगर तूने उसे अपने फ्रेंड्स के साथ बाहर भेजा था ना तो तुझे भी उसके साथ जाना चाहिए था। तू उसके साथ क्यों नहीं गई पहले मुझे यह बता उनकी बात पर मोनिका नज़रे चुराते हुए बोली,, अम्मा मुझे अपनी कॉलेज फ्रेंड के साथ बाहर जाना था और कल रात आपको भी पता था मैं उनके साथ बाहर थी तो मैं उनके साथ कैसे जाती,, उसकी बात पर अब अम्मा खामोश हो गई और अपनी लाल आंखों से उसे देखते हुए बोली मुझे मेरी अश्की घर पर चाहिए,, अपनी बैंगल सेरिमनी से पहले अश्की यहां पर होनी चाहिए समझी तुम वहीं सनम तो अपनी जगह पर खड़ी-खड़ी सुन्न पड़ चुकी थी वह अब अम्मा के कंधों पर हाथ रखते हुए उनका चेहरा अपनी तरफ कर बोली क्या बात है अम्मा,, कल रात अश्की घर नहीं पहुंची क्या ,, नीलिमा तो कह रही थी कि राहुल उसे घर छोड़ आया है तो... इतना सोचते हुए सनम का चेहरा पूरी तरह से घूम चुका था.

उसने अपना हाथ अपने सिर पर रख लिया और वह खुद में बङबङाते हुए बोली आखिर क्यों मैंने उसे अकेला छोड़ा मुझे उसे अकेला छोड़ना ही नहीं चाहिए था इतना कहते हुए सनम को अश्की के लिए,, बुरा महसूस होने लगा,,

दूसरी तरफ,,

Hotel Gold platinum,,

अरमान इस वक्त अश्की के सामने खड़ा था। और खुद को उसकी तरफ पुश कर रहा था। जिस वजह से अश्की का चेहरा पूरी तरह से लाल पड़ चुका था उसे हद से ज्यादा दर्द हो रहा था। पिछली रात भी अरमान उससे बहुत ज्यादा वाइल्ड था। वह तकरीबन पिछले 2 घंटे से इंटिमेट हो रहे थे। लेकिन अरमान तो सेटिस्फाइड होने का नाम ही नहीं ले रहा था। अश्की की चीखों की आवाज लगातार बाथरूम में गूंज रही थी। लेकिन अरमान को उसकी चीखों से कोई भी फर्क नहीं पड़ रहा था। वह तो कंटीन्यूअस खुद को मूव किये जा रहा था।

तकरीबन डेढ़ घंटे बाद जब अश्की के बदन में से पूरी जान निकलने के बाद अरमान ने उसे छोड़ा,, और अपने बदन पर टॉवल लपेटकर उसने अश्की को बाथरोब पहनाया और बाथरूम से बाहर लेकर आया और बाथरूम से बाहर लाकर उसने अश्की को बेड पर लेटा दिया,, अश्की की आंखों में से अभी भी लबालब पानी बाहर जा रहा था। उसे लग रहा था जैसे कि वह पता नहीं किस जहन्नुम मैं फंस चुकी थी। क्योंकि अरमान को तो जैसे उसके किसी भी दर्द से रति भर भी फर्क नहीं पड़ रहा था जो कि उसका चेहरा ही साफ बता रहा था।

अरमान अब उसके सामने आकर खड़ा हुआ और अपना टॉवल निकाल कर उसके सामने ही अपने कपड़े पहनने लगा जिसे देखकर अश्की ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया। अश्की को अपना दूसरी तरफ चेहरा घूमाते देख ,, अरमान के होंठों के हल्के से कोने ऊपर की तरफ उठ गए,, अपने कपड़े पहनकर अरमान ने सामने पड़े फोन को उठाया और उसने अपने फोन से जावेद को कॉल किया। क्योंकि अब उसे मुंबई के लिए निकलना था। निकलना तो उसे कल ही मुंबई के लिए था। अगर अश्की नहीं आती तो वह रेडी होकर यहां से चेक आउट करने ही वाला था। लेकिन उससे पहले ही अश्की की एंट्री उसके कमरे में हो चुकी थी। जिस वजह से अरमान यहां से जा ही नहीं पाया था।

वहीं अरमान बलकानी में आया और अपने फोन पर जावेद से बात करने लगा। अरमान को बालकनी की तरफ जाता देख अश्की के चेहरे पर अब थोड़े नॉर्मल एक्सप्रेशन आए और अगले ही पल उसने,, सामने वार्डरोब की तरफ देखा और किसी तरह हिम्मत करके अपनी जगह से खड़ी हुई हालांकि उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था क्योंकि अरमान ने उसकी हालत बहुत ज्यादा खराब कर दी थी। फिर भी किसी तरह अश्की हिम्मत करके अपनी जगह से खड़ी हुई,, और अपने कदम वार्डरोब की तरफ बढ़ाने को हुई कि तभी उसके मुंह से दर्द भरी चीख निकल चुकी थी। क्योंकि जमीन पर पैर रखते ही उसके पैर से होते हुए कमर तक इतनी तेज दर्द उठा था कि उसकी हिम्मत ही नहीं पड़ी कि वह दोबारा से खड़ी हो जाए,,

उसकी चीख अरमान ने भी साफ सुनी थी। जो कि फोन पर बात कर रहा था पता तो उसे तभी चल गया था जब अश्की बेड पर से उठी थी। लेकिन फिर भी उसने कोई भी रिएक्ट नहीं किया था। अब जब अश्की दर्द से तड़प रही थी तो अरमान ने अपना कॉल कट किया और अपने कदम रूम में बढ़ा दिए, उसको रुम में आता देख एक बार फिर से अश्की की सांस उसके गले में अटक चुकी थी। क्योंकि अरमान की पर्सनैलिटी थी ही ऐसी कि कल से जितनी बार भी अश्की के सामने आया था अश्की की हिम्मत ही नहीं पड़ती थी कि वह अरमान के आगे टिक पाए वह तो उस नजर तक नहीं मिला पा रही थी।

अरमान अब अंदर की तरफ आया और बालकनी के दरवाजे से टेक लगाकर खड़ा हो गया वह लगातार आशिक को देख रहा था जो कि बेड पर लेटी हुई दर्द से तड़प रही थी,, उसने अब अपनी जेब में से सिगरेट बॉक्स निकाला और सिगरेट जलाते हुए एक बार फिर से लंबे कश भरने लगा,, लेकिन उसकी नज़रें अभी भी बेड पर तड़प रही अश्की पर थी। अब अरमान अंदर की तरफ आया , और उसने अपने कदम वार्डरोब की तरफ बढ़ाए और वहां से मेडिकल बॉक्स उठा कर लाया जिसमें से शायद उसने पेन किलर निकाल कर अश्की की तरफ बढ़ा दी लेकिन उसने अपने मुंह से कुछ भी नहीं कहा,, अश्की जो कि बेड पर तड़प रही थी उसने जब अरमान को अपनी तरफ मेडिसिन बढ़ाते देखा तो उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा दिया,, और वह तड़प कर बोली आपका क्या पता है आपने मेडिसिन के बहाने कुछ और दे दिया मुझे तो,, उसकी बात पर अरमान ने अब गहरी सांस ली और मेडिसिन वहीं पर बेड रेस्ट पर रख दी और सामने सोफा सेट पर जाकर बैठ गया,, लेकिन उसने दोबारा अश्की को मेडिसिन लेने के लिए नहीं कहा और यह चीज देखकर अश्की की आंखें भर आई। उसे हद से ज्यादा दर्द हो रहा था लेकिन उसकी हिम्मत नहीं थी अब कि वह अरमान की दी हुई मेडिसिन उठाकर खा ले,,

वह रोते हुए खुद में ही बोली कैसा जल्लाद इंसान है इसने मेरी इज्जत की धज्जियां उड़ा दी,, इतना कहते हुए वह लगातार सुबक रही थी,, वह रोते हुए बोली क्या मुंह दिखाऊंगी मैं घर पर क्या कहुंगी अम्मा से की कहां से आई हूं मैं अपनी इज्जत रोंद कर आई हूं,, इससे अच्छा तो मैं मर ही जाती हूं वह अभी मन ही मन बोल ही रही थी कि तभी अरमान की ठंडी आवाज उसके कानों में पड़ी,, जो सोच रही हो दिलरुबा अपने दिमाग तक सीमित रखना अगर वह ख्याल बाहर आए तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा,, क्योंकि तुम्हारे खुद को मारने से पहले मैं ही तुम्हें खत्म कर दूंगा,,

उसकी बात सुनकर अश्की का दिल एक पल के लिए जैसे धड़कना ही भूल गया,,, उसका शरीर एक बार फिर से डर से कांपने लगा। और दिल जोरो से धड़कने लगा अरमान ने कल से उससे कुछ ज्यादा बात नहीं की थी लेकिन जब भी उसने कोई शब्द कहा था तो अश्की अंदर तक कांप जाती थी। अरमान वैसे तो कुछ ज्यादा बोलता नहीं था लेकिन जब भी बोलता था अश्की को हिला कर रख देता था। अश्की को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। उसके डर से कांपते हुए चेहरे को देखकर अरमान अपनी सिगरेट को अपने होठों से लगाकर एक बार फिर से लंबे कश भरने लगा,,, और एक बार फिर से लंबा कश भर अपनी कोल्ड वॉइस में बोला यह डर हमेशा के लिए ऐसा रहना चाहिए इतना कर उसकी गहरी नजरे अश्की पर थी और अश्की के रोंगटे खड़े हो रहे थे उसकी बातों पर,,

अरमान ने अब अपने दोनों पैरों को टेबल पर रखा और बड़े आराम से सोफा पर लीन होकर बैठ गया और साथ ही में सिगरेट के लंबे-लंबे कश भरने लगा,, वहीं अश्की अब खुद में ही सिमट कर बैठने लगी उसे अब अरमान से और भी ज्यादा डर लगने लगा था। अभी वह खुद में सिमट ही रही थी कि तभी रूम का डोर नॉक हुआ,, तो अरमान अपनी जगह से उठा और अपने कदम दरवाजे की तरफ बढ़ा दिए अश्की तो बस खुद में सिमटे उसे देखे ही जा रही थी उसके अंदर हिम्मत ही नहीं थी कि वह अरमान से अब कुछ कह सके,, अरमान अब दरवाजे के पास आया और अगले ही पल उसने दरवाजा खोलकर सामने की तरफ देखा जहां पर जावेद खड़ा था और जावेद के पीछे ही एक लड़की थी जिसे अरमान के बॉडीगार्ड्स ने पकड़ा हुआ था और यह लड़की कोई और नहीं बल्कि नीलिमा थी जो अरमान को इंप्रेस करने के लिए आ रही थी और उसके बॉडीगार्ड ने नीलिमा को पकड़ लिया था।

वहीं नीलिमा ने जैसे ही अरमान को देखा तो एक पल के लिए उसकी नज़रें अरमान पर ठहर गई वह गहरी ग्रे आइज और जेल से सेट किए हुए बाल इस वक्त उसने ब्लैक कलर का बिजनेस सूट पहना हुआ था। जिसका कोट उसने अपने बदन से उतार कर साइड पर रखा हुआ था और उसके व्हाइट शर्ट के ऊपर से सिर्फ उसका ब्लेजर था। और उस व्हाइट शर्ट के कफ उसने ऊपर की तरफ फोल्ड किए हुए थे और हमेशा की तरह अपने शर्ट के तीन बटन खुले छोड़े हुए थे जिसमें से उसकी ब्रॉड चेस्ट उभरा सीना और भी ज्यादा हॉट लग रहा था।

अरमान को देखकर नीलिमा की हालत तो जैसे खराब होने लगी,, उसकी पर्सनालिटी को देखकर नीलिमा के होंठ सूखने लगे थे। उसने अपने कदम अरमान की तरफ बढ़ा दिए लेकिन उससे पहले ही बॉडीगार्ड्स ने उसके हाथ फिर से पकड़ लिए और उसे रोकते हुए उसे अपनी सर्द नजरों से देखने लगे,, अभी वह नीलिमा को सर्द नजरों से देख ही रहे थे कि तभी रूम का दरवाजा खुला और राहुल बाहर की तरफ आया,,

जैसे ही राहुल ने बाहर का नजारा देखा नीलिमा को बॉडीगार्ड ने पकड़े हुए देखा तो उसकी आंखें हैरत से फैल गई और अगले ही पल उसने नीलिमा का हाथ पकड़ते हुए अपनी तरफ किया और बॉडीगार्ड की तरफ देखकर बोला सॉरी हमें माफ कर दीजिए इसका थोड़ा स्क्रु ढीला है इसीलिए वह ऐसे ही किसी रूम में घुस जाती है सॉरी सॉरी वह अभी बोल ही रहा था कि नीलिमा उसे दांत पीसकर देखने लगी और इस वक्त उसका चेहरा गुस्से से कांप रहा था। वहीं जावेद जो कि यह सब खड़ा देख रहा था तभी अरमान उसे अपनी कोल्ड नजरों से देखने लगा जब जावेद ने किसी की कॉलड नजरे खुद पर पड़ती हुई महसूस की तो अगले ही पल उसकी नज़रें अरमान की तरफ घूमी तो उसकी रीङ की हड्डी तक कांप गई जिस तरह से अरमान उसे देख रहा था।

वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोला वह बॉस यह मैडम के कपड़े,, इतना कहकर उसने हाथ में पकड़ा हुआ बैग अरमान की तरफ बढ़ा दिया,, अरमान ने उसके हाथ से बैग पकड़ा और अगले ही पल दरवाजा जोर से बंद कर दिया है जिसे देखकर जावेद ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली इस वक्त जावेद के माथे पर पसीने की बूंदे थी उसने जल्दी से अपनी जेब से रुमाल निकाला और अपने माथे से पसीना पोंछते हुए अब र्सद नजरों से नीलिमा की तरफ देखा,, जावेद की नजर खुद पर पाकर नीलिमा जल्दी से पीछे की तरफ हो गई और लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली,,, वह बस जा ही रही थी मैं,, उसकी बात पर अब जावेद के एक्सप्रेशन नॉर्मल हो गए,,

अब जावेद ने अपने कदम वहां से बाहर की तरफ बढ़ा दिए,, और कुछ ही देर में वह दरवाजे से एग्जिट लेने ही वाला था कि तभी उससे एक लड़की टकरा गई और अगले ही पल वह लड़की नीचे की तरफ गिरने को हुई कि तभी जावेद ने उसकी कमर पर हाथ रखते हुए उसे संभाल लिया, जैसे ही जावेद की नजरे उस लड़की के चेहरे पर गई एक पल के लिए उसकी नज़रें उसके चेहरे पर ठहर गई। वहीं वह लड़की जो की घबराई हुई थी अब वह जल्दी से अपनी जगह से खड़ी हुई और जावेद के आगे सिर झुकाते हुए बोली आई एम सो सॉरी आई एम सो सॉरी सर मैं गलती से आपसे टकरा गई थी वह मैं अपनी फ्रेंड को ढूंढने आई हूं,, और इसी वजह से मैं घबरा गई थी तो आपसे टकरा गई,,

उसकी वह इनोसेंट सी आवाज जावेद के कानों में जैसे किसी मिश्री की तरह घुल रही थी। और इस तरह से बार-बार सॉरी बोलना एक पल के लिए जावेद को अपना दिल धड़कता हुआ महसूस हो रहा था उसकी नज़रें लगातार उस लड़की पर बनी हुई थी। वह लड़की अब जावेद की तरफ देखते हुए बोली आपको लगी तो नहीं ना सर,, तभी जावेद ने ना में ही सिर हिला दिया तो लड़की अपने सिर पर हाथ रखकर खुद से ही बोली ohh god क्या कर रही है सनम अश्की को ढूंढना होगा इतना कहकर उसने जल्दी से अंदर की तरफ अपने कदम बढ़ा दिए वहीं जावेद अपनी जगह पर खड़ा-खड़ा बस सनम को देखता ही रह गया।

दूसरी तरफ,, अरमान के रूम में,,

अरमान ने अपने हाथों में पकड़ा हुआ बैग अश्की के आगे रखा और अपनी गहरी आवाज में बोला पहनो इसे हमें मुंबई के लिए निकलना है। उसने इतना ही कहा था कि अश्की की जान जैसे उसके गले में एक बार फिर से अटक गई,, रोते हुए अरमान को देखते हुए बोली प्लीज़ में कहीं नहीं जाऊंगी मैं अपनी अम्मा के पास जाऊंगी आज मेरी bangle ceremony है और मेरी शादी एक हफ्ते बाद है। प्लीज मैं आपके आगे हाथ जोड़ती हूं। उसकी शादी वाली बात सुनकर अरमान का चेहरा पूरी तरह से काला पड़ गया,,

To be continue....

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