
महाराष्ट्र,
Nashik में,,
एक लड़की एक बड़े से होटल के क्लब में बैठी हुई थी इस लड़की ने एक सिंपल सूट पहना हुआ था और हाथ में ब्लैक कलर का evil eye bracelet ,, लड़की दिखने में बेहद खूबसूरत थी। उसकी वह हेजल आइस जो कि बिल्कुल ग्रीन कलर की थी। और ऊपर से लंबे सिल्की बाल जो कि उसके कमर से भी नीचे तक आ रहे थे। गोरा रंग पतले होंठ,, होंठ तो जैसे कुदरत का दिया हुआ करिश्मा हो नेचरुली पिंक,,, वह लड़की बला की खूबसूरत थी। और ऊपर से उस लड़की ने जो वाइट कलर का फ्रॉक सूट पहना हुआ था वह उस पर और भी ज्यादा खिल रहा था। वह लड़की अपनी फ्रेंड्स के साथ यहां पर आई हुई थी और मासूमियत से इधर-उधर देख रही थी उसके चेहरे पर इस वक्त अजीब से एक्सप्रेशन थे जैसे मानो वह पता नहीं कहां पर आ गई हो,,
बार-बार उसकी नजर सामने स्टेज की तरफ जा रही थी जहां पर उसकी फ्रेंड्स डांस कर रही थी। वह उस वक्त उस बार काउंटर पर अकेली बैठी हुई थी,, और अपनी ग्रीन हेजल आइज से इधर-उधर देख रही थी। उसकी फ्रेंड्स जो कि सामने ही डांस कर रही थी। उनमें से एक फ्रेंड नीलिमा उसके पास आकर खड़ी होकर उसके कंधे पर हाथ रख,, क्या बात है। अश्क़ी,, तू ऐसे क्या इधर-उधर देख रही है। आगे से अश्क़ी मायूस होते हुए,, क्या करूं सनम दी आज भी नहीं आई,,, इतना कहते हुए अश्क़ी के आंखों से आंसू बहने लगे,, अश्क़ी की आंखों से गिरते हुए आंसू किसी मोती से कम नहीं लग रहे थे उसकी वह खूबसूरत आंखें कोई भी देखे तो उनमें खोना चाहे,,
तभी सनम उसके गाल पर हाथ रखते हुए,, तू समझती क्यों नहीं वह तुझे प्यार नहीं करती हैं। तेरी शादी गौरव से होने वाली है। एक हफ्ते बाद तेरी शादी है वह इसलिए तुझसे गुस्सा है क्योंकि वह गौरव को पसंद करती हैं। सनम की बात सुनकर अश्क़ी उसकी तरफ देखते हुए मैंने तो अम्मा से कहा था कि दी का रिश्ता गौरव से तय कर दे तो अम्मा भी कौन सा मेरी बात सुनती हैं। तभी सनम उसके गाल पर हाथ रखते हुए बोली यह तेरे चाहने से या ना चाहने से कुछ नहीं होता वह तो गौरव तुझे पसंद करता है। उसे मोनिका दी नहीं पसंद है तो इसमें तेरा क्या कसूर, इतना कहते हुए सनम ने उसके आंखों में आंसू पोंछे वहीं दूसरी तरफ स्टेज पर खड़ी नीलिमा यह चीज देख रही थी। नीलिमा अश्क़ी की दूसरी दोस्त थी। या कह सकते थे कि मन में जहर घोल के रखने वाली दूसरी दुश्मन लेकिन अश्क़ी के सामने वह उसकी दोस्त थी।
तभी नीलिमा ने अपनी जेब से फोन निकाला और स्टेज से उतरकर दूसरी तरफ चली गई,, और उसने किसी को फोन लगाया और दूसरी तरफ से एक लड़के की आवाज आई वह आ गई क्या क्लब में तभी नीलिमा हां थोड़ी देर पहले ही आई है सामने ही बार काउंटर पर बैठी है और तुम कहां हो तभी सामने वाला लड़का जो कि नीलिमा का बेस्ट फ्रेंड था राहुल उसने नीलिमा से कहा सामने की तरफ देखो जैसे ही उसने कहा तो नीलिमा ने सामने की तरफ देखा तो उसकी नजर राहुल पर गई जो कि अपना हल्का सा हाथ हिला रहा था उसे देखकर नीलिमा के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई,, अब उसने अगले ही पल फोन काटा और राहुल के पास पहुंच गई अभी वह राहुल के पास पहुंची ही थी कि दोबारा से उसका फोन बजा, नीलिमा का फोन जैसे ही बजा उसने फोन की तरफ देखा तो उसके फोन पर मोनिका का फोन आ रहा था जो कि अश्क़ी की बड़ी बहन थी।
जैसे ही नीलिमा ने मोनिका का फोन देखा तो उसके चेहरे पर डेविल स्माइल और भी लंबी हो गई और अगले ही पल उसने अपने कान के पास फोन लगाया,, जी दी बोलिए तभी दूसरी तरफ से मोनिका,, आज काम हो जाना चाहिए,, तभी मोनिका आप फिक्र मत कीजिए दी मैंने सब कुछ इंतजाम कर लिया है। और अभी शादी को टूटने से कोई नहीं रोक सकता इतना कहते हुए नीलिमा के चेहरे पर शातिर एक्सप्रेशन थे। वहीं मोनिका दिस इस गुड फॉर यू अगर कोई भी गलती हुई तो कंसीक्वेंसेस इस नॉट गुड फॉर यू,,
मोनिका की बात सुनकर नीलिमा का चेहरा पूरी तरह से पीला पड़ गया,, डर के मारे उसका गला सूखने लगा था और रंग पीला पड़ चुका था,, वह घबराते हुए बोली नहीं दी आपका काम हो जाएगा मैंने पूरा इंतजाम कर लिया है और लड़का भी आ गया है। वह अभी बोल ही रही थी कि तभी मोनिका ने आगे से फोन काट दिया जैसे ही मोनिका ने फोन काटा नीलिमा अपने सर पर हाथ रख कर बोली मुझे किसी भी हालत में यह काम करना होगा नहीं तो, दी मुझे बर्बाद कर देगी,, अब उसने सामने की तरफ देखा जहां पर अश्क़ी अभी भी बार काउंटर पर बैठी हुई थी लेकिन वह कुछ भी पी नहीं रही थी क्योंकि वहां पर उसे जबरदस्ती लाया गया था जो कि नीलिमा और सनम लेकर आई थी वह तो बिल्कुल भी क्लब नहीं आना चाहती थी।
अब नीलिमा ने वहां पर एक वेटर को देखा और उसके हाथ में ड्रिंक थी तभी नीलिमा ने वेटर को अपनी तरफ आने का इशारा किया तो वेटर उसकी तरफ चला गया अगले ही पल नीलिमा ने उसके हाथ में पकड़ी हुई ट्रे में से गिलास उठाया जो कि जूस का था। अब उसमें एक टैबलेट मिला दी उसको टैबलेट मिलाते हुए देखकर वेटर की आंखें हैरत से फैल गई,, वह लङखङाई हुई जुबान से बोला मैडम यह आप क्या कर रही हैं। यहां पर यह चीज allow नहीं है अभी वह बोल ही रहा था कि तभी नीलिमा ने अपनी जींस में से एक नोटों का बंडल निकाला और उसके ट्रे में रख दिया है जिससे वेटर के चेहरे पर लालच साफ दिखाई देने लगा था। उसके चेहरे पर लालच देखकर नीलिमा के चेहरे पर एक बार फिर से डेविल स्माइल आ गई और अब उसने वॉटर से सामने की तरफ इशारा किया तो वेटर ने हां में सिर हिला दिया,,
वेटर अब उसकी तरफ घुमा और अगले ही पल उसने अपने कदम अश्क़ी की तरफ बढ़ा दिए, दूसरी तरफ नीलिमा अब राहुल की तरफ घूमी और उसकी तरफ देखकर बोली तुम रूम नंबर 966 में,, पहुंचो मैं अभी उसे पहुंचाती हूं इतना कहते हुए उसने राहुल को वहां से जाने का इशारा किया तो राहुल ने हां में सिर हिला कर फटाफट से वहां से निकल गया,, वह मन ही मन बड़बड़ाया है आज तो लॉटरी लगने वाली है इतनी खूबसूरत लड़की,,
दूसरी तरफ वेटर अब अश्क़ी के आगे आकर रुका ,, उसने अपनी ट्रे अश्क़ी के आगे की तो अश्क़ी ने पहले तो ना कर दिया लेकिन उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। एक बार ना करने के बाद उसने ट्रे में जूस का गिलास देखा तो उसने वह गिलास उठा लिया और उसको गिलास उठाता देख नीलिमा के चेहरे पर और भी ज्यादा तिरछे एक्सप्रेशन आ गए,, अब नीलिमा के चेहरे पर विनिंग स्माइल आ चुकी थी,,
वहीं अश्क़ी अब होठों से गिलास लगाकर सामने की तरफ देख रही थी जहां पर सनम अब डांस कर रही थी लेकिन सनम की नजरे इधर-उधर घूम रही थी क्योंकि वह नीलिमा को ढूंढ रही थी। तभी सनम की नजर नीलिमा पर पड़ी जो कि एक्साइड पर खड़ी अश्क़ी को देख रही थी। तो उसने पहले नीलिमा को देखा फिर उसने उसकी नजर का पीछा करते हुए सामने बैठी अश्क़ी को देखा तो उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई उसे लगा शायद नीलिमा उसे प्यार से देख रही थी लेकिन नीलिमा के तो दिमाग में और ही कुछ पक रहा था। सनम अब नीलिमा के पास आई और उसका हाथ पकड़ कर खींचते हुए बोली क्या कर रही है तू अकेली खड़ी है यहां पर,,, अश्क़ी को बाद में देख लेना चल पहले डांस कर मेरे साथ इतना कहकर वह खींचते हुए नीलिमा को स्टेज पर ले गई वही नीलिमा भी सनम से कुछ कह नहीं पाई और स्टेज पर जाकर डांस करने लगी लेकिन उसकी नज़रें तिरछी अश्क़ी पर ही थी।
वहीं आशिकी जो की जूस पी रही थी। कुछ ही देर में उसने जूस का सारा गिलास फिनिश कर लिया था। और अभी भी वह सामने स्टेज की तरफ ही देख रही थी कि तभी उसकी आंखों में धुंधलापन छाने लगा,, और उसे अपने बदन में अलग सी हल्की-हल्की गर्मी महसूस होने लगी,, वह खुद में ही बड़बड़ाई मुझे इतनी घबराहट क्यों हो रही है। पर मुझे ठीक से दिखाई क्यों नहीं दे रहा इतना कहते हुए उसने अपना सिर झटका और फिर से सामने की तरफ देखने लगी,, लेकिन उसे कभी कुछ दिखाई देता तो कभी धुंधलापन उसकी आंखों के सामने छा जाता,,, तकरीबन 15 मिनट अश्क़ी वहीं पर बैठी रही और अब उस पर नशा हावी होने लग गया था जो कि नीलिमा ने उस ड्रिंक में मिलाकर अश्क़ी को पिलाया था।
नीलिमा ने जब अश्क़ी का यह हाल होते देखा तो उसके चेहरे पर विनिंग स्माइल और भी लंबी हो गई अब वह जोरों शोरों से डांस करने लगी अपनी खुशी का जशन मना रही हो जैसे,, उसके मंसूबों को हवा मिल चुकी थी,,
दूसरी तरफ,,
इसी होटल के एक प्राइवेट रूम में जो कि VIP था। वहां पर एक शख्स किंग साइज सोफा पर पैर पर पैर चढ़ाकर बैठा हुआ था। इस वक्त उस शख्स के सामने कुछ बिजनेसमैन बैठे हुए थे। असल में वह बिजनेसमैन थे नहीं बस उन्होंने अपना हुलिया वैसा बना रखा था लेकिन बिजनेसमैन की आड़ में वह असल में यहां पर guns की डील करने आए हुए थे जो कि वह सामने बैठे शख्स से करने वाले थे और यह शख्स जो कि इस वक्त किंग साइज सोफा पर,, बैठा हुआ था। वह कोई मामूली शख्स बिल्कुल भी नहीं था। यह था मुंबई का जाना माना गैंगस्टर अरमान त्रेहान,, जो कि पूरे इंडिया का बिजनेस टाइकून भी था लेकिन किसी को भी यह चीज नहीं पता थी कि अरमान त्रेहान का एक दूसरा चेहरा भी था जो कि किसी और चीज का नहीं गैंगस्टर का था।
अरमान दिखने में बेहद हैंडसम था गोरा रंग,, जेल से सेट किए हुए बाल बिजनेस सूट और वाइट शर्ट के ऊपर ग्रे ब्लेजर पहने हुआ था और साथ ही में ऊपर के तीन बटन खुले हुए थे जिसमें उसकी ब्रॉड चेस्ट साफ दिखाई दे रही थी। और उसने अपनी शर्ट के कफ को ऊपर की तरफ फोल्ड किया हुआ था,, उसकी ग्रे आंखें, शार्प jawline,, हल्की beard,,
होंठ हल्के लाल और सख्त,,, हाथों में रॉयल घड़ी और गले में सोने की चेन और दूसरे हाथ में सोने का ब्रेसलेट पैरों में लेदर के शूज इस वक्त,, किसी भी लङकी की वह जान लेने के लिए तैयार था उसकी एक लुक ही किसी भी लड़की को उस पर फिदा होने के लिए मजबूर कर दे,,, अरमान पर कईं लड़कियां मरती थी लेकिन वह एक नजर भी किसी लड़की को देखना पसंद नहीं करता था। उसकी नजरों में लड़कियां सिर्फ गोल्ड डिगर होती थी जो कि लड़कों को पैसों के लिए फंसाती थी।
अरमान जो कि अपनी गहरी नजरों से सामने बैठे शख्स,, जॉर्डन को देख रहा था जो कि उसके साथ गन की डील्स करने आया हुआ था,, जॉर्डन अब अरमान के सामने पड़े हुए सूटकेस को खोलते हुए,, उन गंस को दिखाने लगा जो कि वह डील के लिए लेकर आया था तो अरमान ने जैसे ही उन guns को देखा तो उसके चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई,, और उस gun को देखते ही अरमान ने सामने बैठे जॉर्डन की तरफ देखते हुए deal is done mister जॉर्डन,, अरमान कि इस बात से ही जॉर्डन के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई और वह अपनी बेहद गहरी आवाज में बोला अगर आप कहें तो मेरे पास ड्रग्स की भी डील है आपके लिए लेकिन वह आपको अगले हफ्ते आना होगा,,
इतना कहते हुए जॉर्डन की नजरे अरमान पर गहरी हो गई थी वहीं अरमान भी अपनी डोमिनेटिंग वॉइस में sure मिस्टर जॉर्डन,, लेकिन ध्यान रखिएगा मुझे सस्ते ड्रग्स की आदत नहीं है,, तभी जॉर्डन तिरछी मुस्कुराहट के साथ डोंट वरी मिस्टर त्रेहान,, हमारे पास मोस्ट एक्सपेंसिव ड्रग्स है जो एक बार नशा लेते हैं इंसान स्वर्ग के दरवाजे पहुंच जाता है। अरमान अपनी जगह से खड़ा हुआ और उसने पीछे की तरफ देखा जहां पर उसका ,, राइट हैंड जावेद खड़ा था। जावेद को देखकर अरमान ने अपनी दो उंगलियों से इशारा किया तो जावेद ने जल्दी से ,, आगे आकर अपने हाथ में पकड़ा हुआ सूटकेस,, जॉर्डन के आगे कर दिया,, और टेबल पर रखकर खोल दिया जिसमें नोटों के बंडल थे और उन बंडल्स को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह 50 करोड़ तो होंगे ही, उन पैसों को देखकर जॉर्डन के चेहरे पर डेविल स्माइल और भी लंबी हो गई अगले ही पल उसने सूटकेस उठाया और अरमान की तरफ हाथ बढ़ाते हुए बोला,,
वेल आपसे मिलकर अच्छा लगा मिस्टर त्रेहान ,, अरमान ने अपने कोट का ब्लेजर ठीक करते हुए उसके हाथ की तरफ देखा लेकिन बिना उसके हाथ की तरफ अपना हाथ बढ़ाए बड़े एटीट्यूड से दरवाजे की तरफ बढ़ गया,, उसको इस तरह से एटीट्यूड दिखाते देखकर जॉर्डन के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट और भी लंबी होगई,, वह अब जाते हुए अरमान की तरफ देखकर बोला बहुत सुना था मिस्टर त्रेहान आपके बारे में जैसा आपका नाम है वैसा ही आपका रुतबा है,, उसकी बात सुनकर अरमान के कदम वहीं पर रुक गए और वह पीछे पलट कर जॉर्डन की तरफ देखते हुए बोला अरमान त्रेहान का रुतबा उसका नाम और उसके काम दोनों से है। इतना कहते हुए अरमान के चेहरे पर बेहद गरुर छलक रहा था।
अब उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढ़ा दिए कुछ ही देर में,, वह अपनी लग्जरियस स्वीट रूम नंबर 669 में आकर खड़ा हुआ,, और अगले ही पल वह अपने रूम में आया उसने अपना कोट और बाकी के कपड़े रिमूव किए,, और अपनी कमर पर टॉवल लपेट लिया और अगले ही पल उसने अपने कदम बाथरूम में बढ़ा दिए,, और अब वह वॉशरूम में जाकर शॉवर लेने लगा इस वक्त वह वॉशरूम में पूरी तरह से बेलिबास था,, और उसने अपनी ग्रे आंखों को पूरी तरह से बंद कर रखा था उसका वह एक्सप्रेशंसलेस चेहरा,, जो कि किसी पत्थर से कम नहीं लग रहा था उसके चेहरे पर इस वक्त कोई भी भाव नहीं थे,,
इस वक्त अरमान पूरी तरह से शॉवर के नीचे भीग रहा था।,, कुछ ही देर में वह शाॅवर लेकर बाहर की तरफ आया और उसने इस वक्त अपनी कमर पर टॉवल लपेट रखा था और अपने बालों को टॉवल से पोंछते हुए बाहर की तरफ आ रहा था। कि तभी उसके स्वीट का दरवाजा खुला और एकदम से एक लड़की अंदर की तरफ आकर पीछे दीवार से लगी,,, उस लड़की के कदम पूरी तरह से लड़खड़ा रहे थे। जिस तरह से उसके कदम लड़खड़ा रहे थे साफ पता चल रहा था कि वह लड़की शायद किसी नशे में हो,, जैसे ही अरमान ने किसी लड़की को अपने स्वीट में देखा तो उसकी आंखें सर्द हो गई,, और जबड़े पूरी तरह से कस चुके थे।
अपने हाथ में पकड़ा हुआ टॉवल बेड पर फेंका और अपने कदम उस लड़की की तरफ दरवाजे के पास बढ़ा दिए,, उस लड़की का चेहरा पूरी तरह से झुका हुआ था जिस वजह से उसके लंबे बाल उसके चेहरे पर आ रहे थे। और उसका चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा था। वह लड़की लड़खड़ाते हुए जुबान में बोली मुझे कुछ हो जाएगा मुझे बहुत गर्मी लग रही है कोई मेरी हेल्प करो मेरी जान निकल रही है uff यह गर्मी,, इतना कहते हुए वह लगातार अपने कपड़ों को खींच रही थी। वहीं अरमान अब उसके सामने आकर खड़ा हुआ अभी भी उस लड़की का चेहरा नीचे की तरफ था। अरमान दांत पीसते हुए बोला ,, who the hell are you,, लेकिन वह लड़की कुछ भी नहीं बोली,, उस लड़की की हालत इतनी ज्यादा खराब थी कि वह अपने कपड़े ही खींची जा रही थी उसे तो पता ही नहीं चल रहा था कि उसके कोई पास आकर खड़ा है या फिर कुछ उससे पूछ रहा है,, वह लगातार अपने कपड़े खींचते हुए बोली मुझे गर्मी लग रही है कुछ करो मुझे कुछ हो जाएगा नहीं तो,,
इतना कहते हुए वह अपने कपड़े खींचते हुए सामने खड़े शख्स जो कि अरमान था उससे जा टकराई और अचानक से किसी से टकराने से उस लड़की ने अपना चेहरा ऊपर की तरफ उठाया तो उसकी नजरे अरमान से जा मिली हालांकि उसे अरमान का चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा था लेकिन अरमान ने उसका चेहरा साफ देख लिया था। सामने खड़ी लड़की को देखकर अरमान की नजरे एक पल के लिए उसकी आंखों में ठहर गई जो कि बिल्कुल हरे रंग की थी। उसकी वह झील सी आंखें देखकर एक पल के लिए अरमान उसे देखता ही रह गया। क्योंकि अश्क़ी थी ही इतनी खूबसूरत की कोई भी उसे देख तो उसके लिए पागल हो जाए,, अरमान तो बस उसके चेहरे की तरफ ही देखे जा रहा था वह चांद सा चेहरा देखकर,, अरमान जैसे कहीं खो सी गया था।
वहीं अश्की अब उसके करीब आकर अगले ही पल उसके चेहरे को अपने हाथों में भरकर बोली प्लीज मेरी हेल्प कीजिए मैं मर जाऊंगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है मेरा पूरा शरीर टूट रहा है मुझे बहुत ज्यादा गर्मी लग रही है कुछ कीजिए प्लीज मेरे कपड़े उतार दीजिए उसकी बात सुनकर अरमान की आंखें बड़ी हो गई लेकिन एक बार फिर से उसने बड़े गौर से उसका चेहरा देखा तो वह समझ चुका था कि अश्की को किसी ने ड्रग्स दिया हुआ है । अरमान अब उसे देखकर अपनी गहरी आवाज में बोला,, सोच लो दिलरुबा अगर कपड़े उतर गए तो बहुत कुछ हो जाएगा,,
उसकी बात सुनकर अश्की जिसकी सांसे हद से ज्यादा गहरी चल रही थी उसे लग रहा था उसके बदन में से जान निकल रही थी वह बेहद तड़पती हुई आवाज में बोली,, हो जाने दीजिए कुछ भी लेकिन प्लीज मेरी हेल्प कीजिए,, उसकी बात सुनकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई। और वह बेहद गहरी आवाज में बोला सोच लो,, उसकी बात पर अश्क़ी बोली प्लीज क्यों सवाल जवाब कर रहे हैं कुछ करिए मेरी जान निकल रही है मैं मर जाऊंगी मुझे मुझे कुछ हो रहा है। जाॅनी जाॅनी इतना कहकर अब उसने अरमान के कॉलर पकड़े और उसे अपनी तरफ खींच कर उसे अपने ऊपर खींचा और उसे झंकझोरते हुए बोली प्लीज हेल्प करिए मेरी मैं तो मर जाऊंगी,,
अरमान ने अश्की की कमर पर हाथ रखा और उसे खुद से सटाते हुए,,बोला as you wish दिलरुबा लेकिन तुम पछताओगे दिलरुबा यह भी बात जान लो ,, इतना कहकर उसने दरवाजे पर एक पैर मारा और दरवाजा अपने आप बंद हो गया और अगले ही पल उसने अश्की के होठों को अपने होठों में कैप्चर कर लिया, और उसे पैशनेटली चूमने लगा वहीं अश्की भी उसे अपने होठों को खोलकर रिस्पांस दे रही थी लेकिन उसे किस करना नहीं आ रहा था जो चीज देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई उसने अब अपना चेहरा पीछे करके अश्की के चेहरे की तरफ देखा जो कि नशे में पूरी तरह में थी। और वह खुद में ही बड़बड़ाया अरे वाह पहली बार देखी किसी लड़की को किस नहीं करना आता। इतना कहते हुए बड़े गौर से अश्की के चेहरे की तरफ देख रहा था वहीं आशिकी जिसकी बार-बार आंखें बंद हो रही थी। उसके मुंह से बस एक ही आवाज निकल रही थी प्लीज हेल्प मी मेरी हेल्प कीजिए,,
उसके मुंह से एक बार फिर से यह बात सुनकर अब अरमान ने अपने हाथ उसके पीछे फ्रॉक की तरफ लेकर गया और अगले ही पल उसकी पीछे से फ्रॉक की जिप खोलकर उसने पूरी तरह से उसकी फ्रॉक उसके बदन से अल गकर दी,, जैसे ही अरमान ने अश्की के बदन से उसकी फ्रॉक का अलग किया अश्की को थोड़ा रिलीफ फील हुआ,, आशिकी के होंठ अब भी फड़फड़ा रहे थे उसके वह पिक होंठ देखकर अरमान को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। और अब उसके होठों से होते हुए अरमान की नजर उसके गले से होते हुए उसके बदन पर पड़ी तो अरमान के आंखों में मदहोशी छाने लगी,,, आज पहली बार उसे किसी लड़की को देखकर उसके पास जाने का दिल कर रहा था,, अब अगले ही पल अरमान ने उसे गोद में उठाया,, और उसे अंदर की तरफ ले गया,,,
उसने अब अश्की को बेड पर लेटाया और उसे अपनी गहरी नजरों से देखने लगा,, उसकी नजर अश्की पर ऊपर से लेकर नीचे तक जा रही थी। उसका बदन देखकर अरमान के चेहरे पर बेहद सिडक्टिव एक्सप्रेशन आ चुके थे वहीं अश्की बेड पर पूरी तरह से झटपटा रही थी उसका बदन पूरी तरह से लाल पड़ चुका था। वहीं दूसरी तरफ अरमान अब उसके ऊपर झुका और अगले ही पल उसने अपने होंठ आशिकी के गले पर रखकर उसे चूमने लगा धीरे-धीरे अरमान के होंठ अश्की के पूरे बदन पर घूमने लगे और अश्क़ी के बचे कुछ कपड़े भी अरमान ने उतार कर जमीन पर फेंक दिए थे। अब अरमान अश्क़ी को इस तरह से देखकर एक पल के लिए पागल सा हो गया था। उसने अब अपनी कमर पर लपेटा हुआ टॉवल एक झटके में उतारकर नीचे फेंक दिया। और अगले ही पल वह पूरी तरह से अश्की के ऊपर झुका। जिससे अश्की की दर्दनाक चीख,, उसका बदन पूरी तरह से तड़प उठा था। और रोते हुए बोली कुछ कीजिए मुझे हद से ज्यादा दर्द हो रहा है प्लीज,,
कुछ कीजिए नहीं तो मैं मर जाऊंगी, वहीं अरमान जो कि पूरी तरह से उसे पर झुका हुआ था उसकी आंखें बड़ी हो गई थी। और अगले ही पल उसके चेहरे पर भाव बदलने लगे थे। अब अरमान के चेहरे पर मुस्कुराहट और भी गहरी हो गई थी। उसने अब अश्क़ी के गाल पर हाथ रखा और बेहद प्यार से बोला क्या तुम वर्जिन हो तुम किसी के पास नहीं गई कभी । उसकी बात पर अश्क़ी तड़पते हुए बोली प्लीज़ कुछ कीजिए मुझे बहुत दर्द हो रहा है। वहीं अरमान अब उसके गालों को सहलाते हुए बोला डोंट वरी,, बहुत जल्दी यह दर्द ठीक हो जाएगा,,, अब लगातार यह सिलसिला शुरू हो चुका था जहां पर अश्की की सिसकियों की आवाज उस कमरे में गूंजने लगी थी,, अरमान पूरी रात अश्की में डूबा रहा,,, उसने एक पल के लिए भी आशिक को छोड़ा नहीं था। सुबह के तकरीबन 4 बजे,, अरमान हांफता हुआ अश्क़ी के साथ लेट गया इस वक्त अरमान का चेहरा पूरी तरह से पसीने से भरा हुआ था। उसने एक नजर अश्क़ी की तरफ देखा जो कि पसीने से भरी हुई थी और अब उसकी आंखें पूरी तरह से नींद से बोझिल हो चुकी थी। लेकिन अगले ही पल अरमान दोबारा से उसके ऊपर आया और एक बार फिर से उसके गले को चूमने लगा और उसको इस तरह से गले को चूमता हुआ देख अश्क़ी ने उसके कंधे पर किसी तरह से हाथ रखकर अरमान से बोली नहीं प्लीज मुझे अब और बर्दाश्त नहीं होगा मैं थक चुकी हूं।
तभी अरमान उसके कान के पास झुक कर बोला सॉरी दिलरुबा मैंने पहले ही कहा था। अगर मैं शुरू हो गया तो तुम पछताओगी,, इतना कहकर वह दोबारा से अश्क़ी पर झुक चुका था और अब अश्क़ी की एक बार फिर से दर्दनाक चीख वहां पर गूंज गई। ऐसे ही पूरी रात बीत गई। सुबह के 10 बजे अश्की की आंख दर्द से खुली और उसके मुंह से हल्की सी चीख निकल गई। वह धीरे-धीरे कर आंखें खोलने लगी जैसे-जैसे उसकी आंखें खुल रही थी। उसके सिर में हद से ज्यादा दर्द हो रहा था और अब उसने अपनी आंखें पूरी तरह से खोली और इधर-उधर देखने लगी। वह खुद से बोली मैं कहां पर हूं और मैं यहां पर आई कैसे इतना कहते हुए धीरे से अपनी जगह से उठने को हुई कि एक बार फिर से उसके मुंह से दर्द भरी चीख निकल चुकी थी क्योंकि उसके बदन में उसे हद से ज्यादा दर्द हो रहा था।
पर अगले ही पल उसकी नजर खुद पर गई तो उसकी आंखें बड़ी हो गई क्योंकि इस वक्त वह पूरी तरह से बेलिबास थी और एक ब्लैंकेट में लिपटी हुई थी। उसने अब आसपास देखा तो उसके पास इस वक्त कोई नहीं था। और अगले ही पल उसकी आंखों में आंसू लबालब बहने लगे उसे यह तो समझ आ चुका था कि उसके साथ रात को कुछ हुआ। एक बार फिर से उसने इधर-उधर नजर की तो उसकी नजर सामने बालकनी पर पड़ी जहां पर एक शख्स खड़ा था और इस वक्त उसके बदन पर सिर्फ एक लोअर था और उसकी अपर बॉडी बिल्कुल बेलिबास थी । उसने अपनी शर्ट नहीं पहनी हुई थी। पीछे से ही उसके कंधे पर बना हुआ एक बड़ा सा ईगल का टैटू हद से ज्यादा अट्रैक्टिव लग रहा था। वह शख्स इस वक्त बालकनी में खड़ा सिगरेट पी रहा था इस वक्त उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था।
उसकी गहरी ग्रे आइज इस वक्त सामने आसमान पर टिकी हुई थी जहां पर इस वक्त बादलों ने अपना पहरा बना रखा था। वह लगातार अपने होठों में सिगरेट दबाए लंबे-लंबे कश भरकर ऊपर की तरफ हवा छोड़ रहा था। अब उसने पलट कर सामने बेड की तरफ देखा। जहां पर अश्की उठकर बैठी हुई थी और इस वक्त उसकी आंखों में लबालब आंसू थे और चेहरा रो-रो कर लाल पड़ चुका था। उसको इस तरह से रोता हुआ देखकर अरमान की नजरे उसके चेहरे पर टिक चुकी थी। पहले तो उसके नेचरली पिंक गुलाबी होंठ और लाल गला पहले से ही लाल थे और अब रो रो कर और भी ज्यादा लाल हो चुके थे जिस वजह से अश्क़ी और भी खूबसूरत लग रही थी। उसने अपनी ब्लैंकेट को इस कदर से अपने ऊपर ओढ़ लिया था जैसे किसी ने उसकी रूह उसके बदन से निकाल ली हो।
अरमान की नजर लगातार उसके चेहरे पर बनी हुई थी और वह अपने होठों में सिगरेट दबाए,, लगातार उसके चेहरे को निहारे जा रहा था। लेकिन अभी भी वह उसके पास नहीं गया था। उसकी नज़रें इस वक्त अश्क़ी पर इतनी ज्यादा गहरी थी। ऐसा लग रहा था जैसे उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा हो,,, अब उसने गहरी सांस ली और सिगरेट को नीचे जमीन पर रखकर मसलते हुए अपने कदम अश्क़ी की तरफ बढ़ा दिए,, जैसे ही अरमान ने अपने कदम अश्की की तरफ बढ़ाए, अश्क़ी का दिल जैसे धक्क सा रह गया। वह एकदम से पीछे की तरफ होकर लड़खड़ाते हुए बोली प्लीज मेरे पास मत आना तुमने क्या किया वह इतनी जल्दी पीछे हुई थी कि उसने ध्यान ही नहीं दिया और उसकी ब्लैंकेट पूरी तरह से उसके साथ ही साइड पर से सरक गई और अगले ही पल बेड पर उसका ब्लड स्टेन लगा हुआ,, जो कि अरमान की नजरों में आ गया और उस ब्लड स्टेन को देखकर अरमान के होठों के कोने हल्के से मुड़ गए, और अब वह टेबल की तरफ गया और उसने एक और सिगरेट निकालकर अपने होठों में दबाते हुए लंबे कश भर के सामने सोफा पर जाकर बैठ गया और एक बार फिर से अश्क़ी को गहरी नजरों से देखने लगा लेकिन उसने एक पल के लिए भी अश्क़ी से कुछ नहीं कहा था।
वहीं अश्क़ी अभी भी लगातार रोए जा रही थी अब वह अरमान की तरफ देखते हुए बोली आपने ऐसा क्यों किया और और मैं यहां पर कैसे पहुंची। अभी भी अरमान ने अश्क़ी की बात का कोई जवाब नहीं दिया वह लगातार अपने सिगरेट के कश भरते हुए अश्क़ी को अपनी गहरी नजरों से देख रहा था उसकी वह गहरी ग्रे आइज इस वक्त अश्क़ी को जिस तरह से निहार रही थी अश्क़ी खुद में ही सिमट रही थी। जिस तरह से अश्क़ी बैठी हुई थी उसे ही पता था कि उसे उसके बदन में कितना ज्यादा दर्द महसूस हो रहा था उसका पूरा बदन इस वक्त टूट रहा था। वहीं अश्क़ी लगातार रोते हुए बोली बताइए मुझे मैं यहां पर कैसे आई और .. और आपने मेरे साथ ऐसा क्यों किया आखिर मैंने आपका क्या बिगाड़ा था।
उसकी बात पर अभी भी अरमान कुछ नहीं बोला लेकिन अब उसने अपनी सिगरेट सामने ashtray में बुझाई और अपनी जगह से खड़ा हो गया। और अगले ही पल उसने अपने कदम अश्क़ी की तरफ बढ़ा दिए,, जैसे ही अरमान ने अपने कदम अश्क़ी की तरफ बढ़ाए अश्क़ी का दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा,, अरमान अब बिल्कुल उसके पास आकर खड़ा हुआ और उसके चेहरे पर झुकते हुए अगले ही पल उसने उसे गोद में उठा लिया,, अश्की को यूं गोद में उठाते ही अश्क़ी षयकी सांस उसके गले में अटक गई वह रोते हुए बोली छोड़िए मुझे छोड़िए आपको शर्म नहीं आ रही प्लीज छोड़ दीजिए मुझे मुझे अपने घर जाना है। मुझे मुझे छोड़ दीजिए मैं आपसे कुछ नहीं कहूंगी प्लीज,,
उसके घर जाने की बात सुनकर अरमान ने सिर्फ इतना ही कहा अब से तुम कहीं नहीं जाओगी सिर्फ मेरे पास रहोगी और मेरे साथ मुंबई जाओगी,, उसने यह शब्द कहे ही थे कि अश्क़ी की जान उसके गले में अटक गई,, वही अरमान अपना एक्सप्रेशनलेस चेहरा लेकर अश्क़ी को गोद में उठाए हुए बाथरूम की तरफ बढ़ गया। वही अश्क़ी तो ऐसे सुन हो गई थी जैसे उसे कोई सांप सूंघ गया हो ..
To be continue....







Write a comment ...