
मुंबई में,
एक प्राइवेट प्लेन एक खाली ग्राउंड में आकर रुक, अगले ही पल उसे प्राइवेट प्लेन का दरवाजा खुला और उसमें से सौम्या और dhaanishk बाहर आए, पिछले सात घंटे से वह दोनों सफर कर रहे थे लेकिन सौम्या ने एक बार भी दानिश को बुलाने की कोशिश नहीं की थी उसका चेहरा सफर में भी कंटिन्यू बाहर की तरफ और उसने एक बार भी पलट कर dhaanishk के की तरफ नहीं देखा था उसके दिमाग में सिर्फ पहले जब सिंगापुर में उसकी dhaanishk के साथ बहस हुई वही घूम रही थी. जिस वजह से उसका दिमाग पूरी तरह से dhaanishk ने उडा रखा था. क्योंकि dhaanishk ने डाइवोर्स पेपर फाड दिए थे और उसने यह बात कही थी कि कोई भी उसे dhaanishk से दूर नहीं कर सकता चाहे वह खुद AS ही क्यों ना हो,







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