
गोल्डन कपूर पैलेस,,
अभी-अभी dhaanishk ने सौम्या के होठों को अपने होठों में लिया था और कुछ देर पहले ही dhaanishk ने सौम्या से माफी मांगी थी जिसे सुनकर सौम्या का दिल एक पल के लिए धक सा रह गया था। उसे अपने कानों पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि dhaanishk ने उससे माफी मांगी थी वही dhaanishk बड़े प्यार से उसके होठों को चूम रहा था। जिस तरह से dhaanishk को उसके होठों को चूम रहा था सौम्या का दिल इस वक्त जोर-जोरों से ढक-ढक कर रहा था। बढ़ातेपाल के साथ dhaanishk के होंठ सौम्या पर कहर बरसने लगे थे। और होठों के साथ-साथ अब उसके हाथ भी उसके बदन पर चलने लगे थे। धीरे-धीरे कर उसके हाथ अब सौम्या के सीने पर आ चुके थे जिससे सौम्या की हल्की-हल्की सिसकियां उसके होठों में दबने लगी थी। अभी वह सौम्या को चूम ही रहा था कि तभी बाहर से dhaanishk के फोन बजने की आवाज आई जिससे सौम्या अचानक से अपने होश में वापस आए और अगले ही पल उसने dhaanishk की चेस्ट पर अपना हाथ रखा और उसे पीछे की तरफ धकेलते हुए,,
दूर रहिए मुझे मैंने कहा ना कि मुझे अब आपसे दूर जाना है। यही तो चाहते थे कि हमें आपसे दूर हूं सजा देना चाहते थे ना मुझे दे लेना सजा कर दिया ना यह हश्र मेरा,, उसके इस तरह से धकेलना से dhaanishk को तो एक पल के लिए उसे देखा ही रह गया क्योंकि उसने सौम्या से यह कभी एक्सपेक्ट नहीं किया था कि सौम्या को भी उसे इस तरह से धक्का दे सकती थी।, वही सौम्या अपनी बात कह कर,उसने अपनी बाहों को फैलाया और अपने बदन को दिखाने लगी जहां पर जसप्रीत के खरोचों के निशान थे और उन खराशों के निशान देखकर,, dhaanishk का चेहरा गुस्से से कांपने लगा,,, उसे इस वक्त सुखप्रीत पर इतना गुस्सा आ रहा था कि उसका दिल कर रहा था कि सुखप्रीत को एक बार फिर से जिंदा करके उसे दोबारा से इतनी भयानक मौत दे की हर कोई कांप जाए,, सौम्या अब तड़पते हुए बोली आपकी वजह से हुआ है यह सब ना आप मुझे छोड़ कर जाते और ना मेरा दिमाग खराब होता और ना मैं यहां से जाती,,
इतना कहकर अब उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढ़ने को हुई कि तभी dhaanishk ने उसका हाथ पकड़ा,,, इस वक्त सौम्या की आधी सदी उसके बदन से लिपटी हुई थी और अप्पर बॉडी पर सिर्फ ब्लाउज था। जैसे ही dhaanishk ने उसका हाथ पकड़ सौम्या का दिल जोर-जोर से धक-धक करने लगा। वही dhaanishk के जिसका चेहरा इस वक्त गुस्से से लाल हुआ पड़ा था उसे अब खुद पर ही गुस्सा आ रहा था कि क्यों उसने वाकई में सौम्या को अकेला छोड़ा जबकि सौम्या ने उसकी दी हुई पनिशमेंट हंसकर सा ली थी उसने कितना उसे रात को टॉर्चर किया था। उसने वह टॉर्चर सेशन बड़े प्यार से झेला था। लेकिन उसे तक नहीं की थी। और अब इस तरह से dhaanishk का कब चले जाना सौम्या को अंदर तक तोड़ चुका था।
dhaanishk चुपचाप उसका हाथ पकड़ कर खड़ा था और अभी वह कुछ कहने को ही हुआ था कि सौम्या अपनी सख्त आवाज में बोली हाथ छोड़िए मेरा,, dhaanishk भी अपनी गहरी आवाज में बोला नहीं छोडूंगा,, और अब जिंदगी भर नहीं छोडूंगा,,, dhaanishk की बात सुनकर एक पल के लिए सौम्या का दिल धड़क उठा,, सौम्या अब एक बार फिर से अपनी फिलिंग्स को छुपाते हुए,,, नहीं चाहिए आपका साथ अब मुझे,,, मुझे जाने दीजिए मैं यहां से जा रही हूं,,, तभी dhaanishk के दांत पीसकर बोला मैं नहीं जाने दूंगा तुम्हें,, तभी सौम्या आगे से वैसे आप होते कौन है मुझे रोकने वाले,, उसकी बात पर dhaanishk की आंखें बड़ी हो गई और अगले ही पल उसने खींच कर उसे दीवार से सटा दिया,, और सौम्या के ऊपर छुपाकर बोला तुम्हें नहीं पता कि मैं तुम्हारा क्या हूं। पति हूं तुम्हारा और मेरा हक बनता है तुम पर,,
तभी सौम्या व्यंग्य से हंसी और बोली पति थे।अब नहीं है आपने जो डिवोर्स पेपर दिए थे वह मैंने साइन कर दिए हैं। उसकी बात पर dhaanishk का का चेहरा एकदम से सुन्न पड़ गया। वह हैरानी से बोला ऐसा नहीं हो सकता,, तभी सौम्या उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोली ऐसा हो चुका है और मैं साइन कर दिए हैं इतना कहते हैं हुए,, एक बार फिर से dhaanishk का हाथ अपने कंधों से हटकर बाहर की तरफ जाने कोहुई,, के तभी dhaanishk ने अपना हाथ उसके पेट पर रखकर पीछे की तरफ खींच जिससे,, सौम्या की पीठ dhaanishk के चेस्ट पर लग चुकी थी। वही dhaanishk का चेहरा अब बिल्कुल ही एक्सप्रेशंस था।
लेकिन आंखें अब आग उगल रही थी। वह अब सौम्या के कंधे पर झुका और उसके क्या कान में गहरी सांस छोड़कर बोला,, तुमने उसे पर साइन तो किया है लेकिन वह तब तक करने में नहीं आएंगे जब तक वह कोर्ट तक नहीं पहुंचते और मैं उन्हें कोर्ट तक पहुंचने नहीं दूंगा माय स्वीट मार्शमैलो,, उसकी बात सुनकर सौम्या के रोंगटे खड़े होने लगे,, और हाथों की मुठिया पूरी तरह से काश गई,, इस वक्त सौम्या की आंखें पूरी तरह से बंद थी क्योंकि जिस तरह से दानिश उसके ऊपर झुका हुआ था उसके कानों के पास उसके होंठ बार-बार टच हो रहे थे जिससे सौम्या को अपनी बॉडी में,, करंट सा दौड़ता हुआ महसूस हो रहा था।
उसको इस तरह से रिस्पांस करता देखा dhaanishk के तिरछी मुस्कुराहट के साथ बोला ,, जरा सा पास आओ नहीं कि तुम्हें मेरी जीवन से कुछ कुछ होने लगता है है ना,, उसकी बात सुनकर सौम्या की आंखें बड़ी हो गई और अगले ही पल है वह पीछे की तरफ पलट कर dhaanishk को धक्का देते हुए बोली हां होता है। मुझे कुछ-कुछ बताइए क्या कर लेंगे इतना कहते हुए उसने dhaanishk की चेस्ट पर हाथ रखकर उसे ज़ोर से धक्का दिया। जिससे dhaanishk को दो कदम लड़खड़ा गया ऐसा नहीं था कि dhaanishk को उसे रोक नहीं सकता था वह चाहता तो सौम्या की नाजुक सी कलाइयों को मरोड़ कर उसकी पीठ पर भी लगा सकता था लेकिन उसने सौम्या को नहीं रोका वह जानता था इस वक्त सौम्या बहुत ज्यादा गुस्से में है इसीलिए उसने सौम्या का गुस्सा इस वक्त सहन करना ज्यादा सही लगा,,,
वही सौम्या लगातार उसके सीने पर धक्का देते हुए हां होता है मुझे बहुत कुछ होता है लेकिन उससे आपको क्या बोलिए इस दिल में आपके लिए बहुत कुछ है बताइए अब बोलिए ना इतना कहते हुए वह लगातार dhaanishk को धक्का दिए जा रही थी और साथ ही साथ बुरी तरह से सबक रही थी एक हाथ से वह dhaanishk को धक्का दे रही थी तो कभी अपने चेहरे से आंसुओं को साफ कर रही थी और उसकी लाल नाक जो बह रही थी उसे भी कभी-कभी साफ कर रही थी,, उसकी वह क्यूटनेस देखकर dhaanishk के एक पल के लिए उसमें कहीं खो सा गया था।
वही सौम्या लगातार धक्का मारते हुए बोलते क्यों नहीं अब बोलिए ना,,, मुझे तो बहुत कुछ आता होता है लेकिन आपको ही नहीं कुछ होता आपको तो यह तरस नहीं आया कि वह मेरे बिना रहेगी कैसे,, इतना आसान था आपके लिए चले जाना तो ठीक है अब मैं आपकी जिंदगी से चली जाऊंगी और ऐसा जाऊंगी की कभी पलट कर नहीं आऊंगी मर जाऊंगी मैं,, अभी उसने इतना ही कहा था कि dhaanishk ने उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए एक जल्दी से घुमाया,, और अब उसकी पीठ दीवार से सटी हुई थी और एक बार फिर से dhaanishk पूरी तरह से उसके चेहरे पर झुका हुआ था।
अपनी बकवास बंद रखो उतना ही बोला करो जितना बर्दाश्त कर सकूं ऐसा ना हो कि तुम्हारी यह जुबान कल को चलने लायक ना रहे,, उसकी बात पर सौम्या का रोना और भी ज्यादा बढ़ गया वह रोते हुए बोली यही तो करना आता है आपको धमकियां देनी आती है तो काट दीजिए ना जुबान यह तो अब चलेगी ही क्योंकि आपने गलती ही ऐसी की है आपकी गलती है इस बार,, मैं मानती हूं मैंने गलती की मुझे उसे वक्त आपको बताना चाहिए था कि मैं क्यों वहां पर जा रही हूं लेकिन अब मैं कोई बात नहीं आपसे करूंगी मैं अब जा रही हूं शेखावत पैलेस और कभी आपके पास लौटकर नहीं आऊंगी कर लूंगी मैं दूसरे किसी से शादी,,,
उसकी बात पर dhaanishk के की नजरे उसे पर गहरी होगई। और एक पल के लिए उसके बालों पर उसकी पकड़ ढीली पड़ गई। और वह बेहद गहरी आवाज में बोला क्या कहा तुमने,, तभी सौम्या अपनी ढीली सी आवाज में मैं किसी और से शादी इतना कहकर वह चुप हो गई क्योंकि इससे आगे वह कुछ बोल नहीं पा रही थी क्योंकि उसका गला उसका साथ नहीं दे रहा था। वही dhaanishk अब अपना हाथ नीचे करते हुए,, शादी करनी है किसी और से वह भी,, उसकी बात पर सौम्या ने अपना चेहरा पूरी तरह से झुका लिया और उसका ढीला पड़ता हुआ चेहरा देखकर dhaanishk के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई,, और अब वह बेहद डोमिनेटिंग वॉइस में बोल देन फाइन,, कर लो दूसरी शादी इतना कहकर वह आगे से पीछे हटा और उसने सौम्या को बाहर जाने का इशारा करदिया,,
उसकी बात सुनकर सौम्या का दिल जैसे एक पल के लिए धक सा रह गया,, जो इंसान उसे पर किसी की छुवन बर्दाश्त नहीं कर सकता वह किसी और से शादी बर्दाश्त कर लेगा यह सोच सोच कर उसका दिमाग एक पल के लिए खराब हो चुका था और कैसे ही dhaanishk ने उसे इतनी इजीली कह दिया कि वह उसे छोड़कर चली जाए और इस बात पर सौम्या की आंखों में आंसू और भी ज्यादा तेज हो चुके थे। वह रोते हुए dhaanishk की तरफ देखकर बोली आई हेट यू मिस्टर कपूर आई हेट यू आप यही तो चाहते थे कि मैं आपको छोड़कर चली जाऊं,, वही dhaanishk के चुपचाप एक्सप्रेशन लैस होकर खड़ा था।
उसके चेहरे पर इस वक्त किसी तरह के भाव नहींथे। लेकिन आंखें जो की सौम्या आज पढ़ ही नहीं पा रही थी उनमें आज अलग आग थी। सौम्या अब एक बार फिर से रोते हुए उसे धक्का देते हुए बोली,, चली जाऊंगी इतनी दूर चली जाऊंगी कभी आपको दिखाई भी नहीं दूंगी इतना कहकर अब रोते हुए वह बाहर की तरफ भाग गई वही dhaanishk उसे गहरी नजरों से देखे जा रहा था। वह अब इस तरफ देख रहा था जिस तरफ से सौम्या भाग कर बाहर की तरफ गई थी। अब वह अपनी डोमिनेटिंग वॉइस में बोला तुम्हें एक सबक सिखाना बनता है भी स्वीट मार्शमैलो कि अगर तुम्हारे पास कोई आएगा तो यह dhaanishk कपूर से जिंदा जला देगा,,
इतना कहते हुए उसकी आंखों में एक अलग ही ऑब्सेशन दिखाई दे रहा था जो की सौम्या के लिए था और इस वक्त उसके चेहरे पर एक दिलकश मुस्कुराहट थी। वही सौम्या अब भागते हुए बाहर की तरफ आए और बाहर आते ही वह बेड पर उल्टे मुंह लेटते हुए रोते हुए बोली,, आई हेट यू श्री कपूर आई हेट यू मैं आप कभी आपसे प्यार नहीं करूंगी इतना कहते हुए वह बुरी तरह से रो रही थी। मैं ही आपके स्कूल के फिटर में इतना पागल हो गई थी कि मुझे सब कुछ दिखाई देना ही बंद हो गया था।
कितना कहते हुए वह बेइंतहा रोए जा रही थी और उसका दिल इस वक्त बुरी तरह से तड़प रहा था। अभी वह रो ही रही थी कि तभी उसके दिल की धड़कन एक पल के लिए जैसे स्किप हो गई। क्योंकि dhaanishk को पूरी तरह से उसके ऊपर झुक चुका था। इस वक्त सौम्या पूरी तरह से बेड पर उल्टी लेटी हुई थी। वही दानिश को इस वक्त उसके ऊपर था। और अगले ही पल सौम्या की गर्म सिसकी उसके मुंह से निकल गई क्योंकि dhaanishk ने अपने होठों को उसकी पीठ पर रख दिया था। जिसे सौम्या के जलते हुए दिल को एक पल के लिए सुकून मिल गया था।
To be continue....







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