
गोल्डन कपूर पैलेस,,
dhaanishk के इस वक्त सोफा पर बैठा हुआ सौम्या को अपनी लाल आंखों से देख रहा था और इस वक्त उसका गुस्सा साथ में आसमान पर था और उसके जबड़े पूरी तरह से कैसे हुए थे वही सौम्या,, जिसने अभी थोड़ी देर पहले ही अपनी आंखें खोली थी dhaanishk की आंखें देखकर उसका दिल जैसे धक सा रह गया था। अभी वह अपनी जगह से उठकर बैठी रही थी कि तभी dhaanishk अपनी जगह से उठा,, और अपने कदम उसने तेजी से सौम्या की तरफ बढ़ा दिए जितनी तेजी से वह सौम्या की तरफ आया था एक पल के लिए सौम्या की सांस उसके गले में ही अटक चुकी थी। उसका दिल इस वक्त जोर-जोरों से ढक-ढक कर रहा था। वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली वह मेरी बात सुन.... उसने अभी इतना ही कहा था कि dhaanishk ने उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए उसका चेहरा ऊपर की तरफ उठाया और पूरी तरह से उसके चेहरे पर झुक गया और गुस्से में दांत पीसकर बोला,,
क्या सोचकर तुम गोल्डन पैलेस से बाहर गई थी। तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई यहां से बाहर जाने की जैसे ही dhaanishk ने यह बात कही सौम्या की आंखों में नमी तैर गई और अगले ही पल उसे वही बात आई की dhaanishk कुछ तो छोड़ कर चला ।गया था। अब वह रोते हुए बोली आप तो मुझे छोड़ कर चले गए थे ना अब क्या कर रहे हैं क्यों आए हैं बोलिए जरा आपको तो मुझे सजा देनी थी तो दे देते सजा नच लेने देते उस...
तभी उसके मुंह से आ निकल गई क्योंकि dhaanishk ने उसके बालों पर अपनी पकड़ मजबूत कर दी थी। जिस तरह से dhaanishk ने उसके बालों को पकड़ा हुआ था सौम्या को भी हिसाब दर्द हो रहा था। वह रोते हुए बोली मुझे दर्द हो रहा है। श्री कपूर प्लीज अभी वह बोल ही रही थी तभी dhaanishk चिल्लाते हुए मुझे भी हो रहा है। जब उसने तुम्हें छुआ...
इतना कह कर dhaanishk को वहीं रुक गया इस वक्त उसका गुस्सा हद से ज्यादा बढ़ चुका था। उसने तब सौम्या के बालों को छोड़ा और गहरी गहरी सांस भरते हुए बालकनी की तरफ चला गया और सिगरेट निकालकर उसके लंबे-लंबे कष्ट भरने लगा क्योंकि कहीं ना कहीं वह जानता था अगर वह सौम्या के पास इसी तरह रहा तो उसे तकलीफ ही देगा और वह इतना भी जानता था कि इस वक्त सौम्या खुद बहुत ज्यादा तकलीफ में थी क्योंकि जिस तरह से सुप्रीत ने उसके साथ बिहेव किया था शायद ही वह भूल पाए और उसकी इस हालत में उसे और भी ज्यादा दर्द नहीं देना चाहता था। इसीलिए उसके बालों को एक झटके से छोड़ा और बालकनी में आ गया वही सौम्या की आंखों में नमी अब उसके गालों पर उतर आई थी। उसे जिस तरह से dhaanishk को उसे छोड़कर गया था उसे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की हो रही थी कि dhaanishk ने उसे पनिशमेंट देने के लिए उससे दूर हो गया जबकि उसने कहा था, चाहे वह जो भी पनिशमेंट दे लेकिन उससे दूर न जाए और यह चीज सौम्या को सबसे ज्यादा हर्ट कर गई थी।
अब वह एक बार फिर से अपनी जगह से खड़ी हुई और उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढ़ा दिए जैसे ही उसने अपने कदम बाहर के तरफ बधाई dhaanishk के जो की बालकनी में सिगरेट पी रहा था। उसका चेहरा पूरी तरह से काला पड़ गया और अगले ही पल वह बालकनी से सौम्या की तरफ आया। और उसे धक्का मार कर दरवाजे से सटा दिया जिस दरवाजे से वह बाहर जाने वाली थी अब वह इस दरवाजे से चिपकी खड़ी थी इस वक्त उसकी सांसे हद से ज्यादा तेज थी और उसकी आंखें इस वक्त पूरी तरह से झुकी हुई थी वही dhaanishk अपने कांपते हुए चेहरे के साथ उसे देख रहा था। वह अपनी गहरी और डोमिनेटिंग वॉइस में बोला कहां जा रही थी तुम अब,,, उसकी बात पर सौम्या ने कोई जवाब नहीं दिया और अगले ही पल उसने दोबारा से दरवाजे की तरफ घूमी और दरवाजा खोलने को ही की तभी dhaanishk ने दरवाजे पर हाथ रखते हुए,, चिल्ला कर बोला ,,,, where the hell are you going dammt,,, are you out of your mind,,
जिस तरह से दानिश के चिल्लाया था सौम्या की सांस उसके गले में अटक चुकी थी वह एकदम से अपनी जगह पर खड़ी-खड़े उछल पड़ी,,, इन कुछ दिनों में उसने दानिश को कोई इस तरह से चिल्लाते कभी नहीं देखा था। वह अभी भी वैसे ही खड़ी थी उसने पलट कर dhaanishk की तरफ नहीं देखा और दोबारा से अपनी नाम होती आंखों से दरवाजा खोलने लगी उसकी इस तरह से दरवाजा खोलने देखा अब dhaanishk का गुस्सा और भी ज्यादा बढ़ गया। उसने अब उसे अपनी तरफ घुमाया और अगले ही पल उसके बालों को मुट्ठी में भरकर उसका चेहरा दोबारा से ऊपर की तरफ उठाकर उसके चेहरे पर झुक गया और दांत पीसकर बोला,,,,
I am asking your question damit then why are you ignoring me,, I said where are you going and why,,, dhaanishk की बात पर सौम्या ने अपनी आंखें खोलकर dhaanishk की तरफ देखा। और अगले ही पल गहरी सांस लेकर बोली,,, I am going from India because ,, मेरा यहां पर दम घुट रहा है मुझे जिया नहीं जा रहा,, इतना कहते हुए सौम्या की आवाज लडखडाने लगी थी। और दूसरे ही पल जो उसने कहा उसे सुनकर dhaanishk की आंखें बड़ी हो गई। वही सौम्या ने अपनी नजर चुराते हुए अब बोली एंड सेकेंड्ली आई वांट a डायवोर्स,,
वही dhaanishk तो अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से सौम्या को देखे जा रहा था उसे यह चीज बिल्कुल भी डाइजेस्ट नहीं हो रही थी जिस तरह से सौम्या बोल रही थी कि उसे dhaanishk से तलाक चाहिए,, तभी dhaanishk बेहद सारकास्टिक कवि में बोला क्या कहा तुमने, वही सौम्या अब दोबारा से अपनी धीमी सी आवाज में आई वांट ए डायवोर्स,,, उसकी इतनी धीमी आवाज सुनकर dhaanishk के एक बार फिर से दोबारा बोल क्या कहा मुझे अभी भी सुनाई नहीं दिया, अब एक बार फिर से सौम्या ने वही बात रिपीट की लेकिन अब उसकी आवाज पहले भी से भी ज्यादा धीमी पड़ चुकी थी जो की dhaanishk को भी जैसे एक पल के लिए साफ सुनाई देनी बंद हो चुकी थी। इस वक्त सौम्या ने अपना चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका लिया था। और उसकी आंखों में नमी उसके गालों पर लौट चुकी थी। उसे बोला तक नहीं जा रहा था उसका दिल इस वक्त इतना ज्यादा बेचैन था कि वह कुछ बोल भी नहीं पा रही थी और उसकी नाक से भी अब पानी बहने लगा था।
वही dhaanishk के चेहरे पर अब जो थोड़ी देर पहले इतना ज्यादा गुस्सा था आप थोड़ा नॉर्मल होने लगा था। और अब उसने उसके थोड़ी के नीचे अपना हाथ रख उसका चेहरा ऊपर की तरफ कर उसकी आंखों में देखते हुए बोला जरा दोबारा से कहना,, उसकी बात पर सौम्या अब फूट-फूट कर रोने लगी और रोते हुए बोली आप बहुत बुरे हैं मिस्टर को पूरा बहुत ज्यादा बुरे हैं। मुझे आपकी जिंदगी में रहना ही नहीं है मैं दूर जाना चाहती हूं आपसे जब से आप मुझे मिले मुझे मुझे अपने दिल में बहुत सारा दर्द होता है इतना कहकर वह फूट-फूट कर रोते हुए dhaanishk के ही गले लग गई। इसकी इससे हरकत पर dhaanishk के एक पल के लिए उसे देखा ही रह गया जितनी मासूमियत से वह उसके गले लगी थी dhaanishk का दिल जैसे धड़कना ही भूल गया था।
उसकी सांस इस वक्त गहरी होने लगी थी और बॉडी में एक अजीब सी हलचल पैदा होने लगी थी वही सौम्या रोते हुए सिसक रही थी और सर सकते हुए बोली,,, आपने तो हर हद पार कर दी मिस्टर कपूर आप क्यों छोड़ कर गए मुझे जबकि आपको पता है कि मैं आपके बिना नहीं रह सकती लेकिन अब मैं रहकर बताऊंगी अब मुझे आपसे दूर जाना है मुझे नहीं रहना आपके साथ इतना कहते हुए वह लगातार रोए जा रही थी dhaanishk के dhaanishk की ही शिकायत कर रही थी। इस वक्त उसे इस चीज से अनजान थी कि dhaanishk के भाव भाव अब बदलने शुरू हो गए थे। उसकी गर्म सांसे जो की dhaanishk के गले पर पढ़ रही थी dhaanishk को बेकाबू कर रही थी। लेकिन किसी तरह वह खुद को संभाल कर खड़ा था और अब उसने झुक कर नेहा के कंधे की तरफ देखा जहां पर सुखप्रीत के खरोच के निशान थे उसके नाखूनों के निशान सौम्या के कंधों पर थे और वह स्क्रैचेज इतनी ज्यादा गहरे हो चुके थे कि वहां पर रेडनेस आ चुकी थी। उसके उन मार्क्स को देखकर dhaanishk को अपने अंदर एक अलग सी तकलीफ महसूस हो रही थी।
अब वह नीचे की तरफ झुका और अगले ही पल सौम्या को अपनी गोद में उठाकर उसकी तरफ देखकर बोला जितना गुस्सा करना है कर लो आज के बाद में तो भी कहीं कभी कहीं नहीं छोड़ कर जाऊंगा उसकी बात पर एक पल के लिए सौम्या का दिल धड़क उठा लेकिन उसने अपने गुस्से में आकर अपना चेहरा दूसरी तरफ घूम लिया और उसकी इस तरह से दूसरी तरफ चेहरा घूमते देखा एक पल के लिए dhaanishk के चेहरे पर तिरछी मुस्कराहट तैर गई। अब वह से लेकर बाथरूम में आया और उसने उसे शावर के नीचे खड़ा कर दिया।
जैसे ही उसने शावर के नीचे खड़ा किया सौम्या की आंखें बंद हो गई क्योंकि शावर का ठंडा पानी। उसके पूरे बदन को भिगो रहा था और उसे अपने बदन में एक अलग ही गंदा पान जो महसूस हो रहा था वह dhaanishk को भी देख सकता था। सौम्या का पूरा चेहरा इस वक्त लाल हो चुका था। उसकी वह नाक जो लाल हो चुकी थी उसे देखकर dhaanishk उसका चेहरे की तरफ देखा ही रहगया। वह उसके ऊपर झुका और उसकी आंखों में देखते हुए कि अब उसने उसके कंधे पर जहां पर सुखप्रीत ने उसके नाखून लगे थे वहीं पर अपने होंठ रख दिए और उसे चूमने लगा जैसे ही dhaanishk के होंठ उसे अपने गर्दन पर महसूस हुई सौम्या ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली और अपना चेहरा दूसरी तरफ घूम लिया इस वक्त सौम्या की सांस बेहद गहरी चल रही थी,,
उसने अपने हाथों की मुट्ठियां बनाकर अपनी साड़ी को पूरी तरह से कस लिया था। वही दानिश कब लगातार उसके गले को चुनते हुए ही। उसने उसके साड़ी का पूरी तरह से पल्लू नीचे की तरफ फेंक दिया था। जिस वजह से सौम्या का गोरा पेट अब dhaanishk के सामने था। उसका वह गोरा पेट देखकर दानिश की आंखें उसकी कमर पर जम गई। जिस जगह पर सुप्रीत के नाखून के निशान बड़े हुए थे। सौम्या की कमर पर भी सुखप्रीत के नाखूनों के निशान थे जो की पूरी तरह से रेड पड़ चुके थे और उन निशानों को देखकर dhaanishk के हाथों की मुठिया कसती जा रही थी।
अब dhaanishk के नीचे की तरफ झुका और उसने अपना एक घुटना जमीन पर लगाया,, और अगली पर उसने सौम्या की कमर पर अपना हाथ रख उसे अपनी तरफ खींच वही सौम्या बस अपनी जगह पर आंखें बंद किया खड़ी थी जैसे ही dhaanishk ने उसे अपनी तरफ खींच एक पल के लिए उसकी होठों से सिसक निकल गई। क्योंकि सुखबीर ने जोर से जख्म दिए थे वह काफी ज्यादा गहरे थे। जैसे ही उसकी सिसकी निकली एक पल के लिए dhaanishk ने अपनी पकड़ उसके कमर पर ढीली कर दी और अपना चेहरा ऊपर की तरफ उठाकर सौम्या की तरफ देखने लगा जिसकी आंखों में आंसू अब बेहिसाब बहने लगे थे लेकिन फिर भी उसकी आंखें पूरी तरह से बंद थी वह बुरी तरह से रो रही थी। उसको रोता हुआ देखकर dhaanishk का दिल अंदर तक जल रहा था। उसने अब एक बार फिर से सौम्या की कमर पर देखा और उन निशानों को देखकर उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल होने लग चुकी थी और अगले ही पल उसने अपने सख्त होंठ सौम्या की नाजुक कमर पर रख दिए जिससे सौम्या की एक बार फिर से सिसक निकल गई और अब उसका रोना और भी ज्यादा बढ़ चुका था। वही dhaanishk कब लगा था और उसकी कमर को चूम रहा था।
सौम्या का रोना उसे और भी ज्यादा बेचैन कर रहा था। अब वह अपनी जगह पर खड़ा हुआ और उसके चेहरे को अपने हाथों में भरकर बोला,, I am sorry sweet marshmallow,, इतना कहते हुए उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल थी और आवाज उससे भी ज्यादा गहरी,, वही उसका सॉरी सुनकर एक पल के लिए सौम्या का दिल धक्का सरक गया क्योंकि उसने कभी सोचा नहीं था कि dhaanishk उससे कभी सॉरी कहेगा,,, वह अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से अब dhaanishk को देख रही थी। उसका दिल इस वक्त जोर-जोरों से धड़क रहा था क्योंकि जिस तरह से dhaanishk ने उससे माफी मांगी थी। सौम्या का दिल एक पल के लिए जैसे धड़कन ही भूल गया था। वही dhaanishk ने अब उसके चेहरे को अपने हाथों में अच्छी तरह से भरा और उसके होठों को अपने होठों में कैप्चर कर लिया,, और पैशनेटली उसे चूमने लगा।
To be continue...







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