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Gussa dhaanishk ka

हाईवे पर,,

एक गाड़ी तेजी से हाईवे पर दौड़ रही थी और उस गाड़ी को dhaanishk की तेजी से ड्राइव कर रहा था। और उसकी नज़रें बार-बार फ्रंट मिरर में से पीछे बेहोश पड़ी सौम्या पर जा रही थी जो कि कुछ देर हुई इंसिडेंट को देखकर,, और dhaanishk का वह भयानक रूप देखकर बेहोश हो गई थी उसने कभी भी dhaanishk की यह साइड नहीं देखी थी। वह यह जरूर जानती थी कि dhaanishk के एक काली दुनिया का बादशाह है लेकिन उसने कभी dhaanishk की इतनी क्रूरता नहीं देखी थी। कुछ देर पहले जिम क्रुएलिटी से dhaanishk ने सुखप्रीत को मारा था उसे देखकर सौम्या पूरी तरह से बेहोश हो चुकी थी।

वही dhaanishk सीख अपनी लाल आंखों से फ्रंट मिरर में से पीछे बेहोश पड़ी सौम्या को देखते हुए कुछ देर पहले हुए इंसिडेंट को याद कर रहा था।

Flashback,,

कुछ देर पहले जब वह सुखप्रीत जो की नीडल होकर जमीन पर पड़ा हुआ था। dhaanishk की नहीं उसकी कोई ऐसी दवा दी थी जिसके उसके पूरे शरीर में लकवा मार गया । वह सिर्फ इधर-उधर देख रहा था लेकिन उसके शरीर में इतनी जान नहीं थी कि वह अपनी जगह से उठ सके, दूसरी तरफ सौम्या जो कि यह चीज देख रही थी उसका दिल इस वक्त कांप रहा था। तभी dhaanishk ने पीछे खड़े डायमंड की तरफ अपना हाथ बढ़ाया तो डायमंड ने हाथ में पड़ा हुआ बैग dhaanishk के सामने रखकर उसे खोल दिया। उसे बाग में इस वक्त हॉस्पिटल सर्जिकल इक्विपमेंट से जो कि ऑपरेशन थिएटर में काम आते थे।

उसने अब इक्विपमेंट में से सबसे शार्प इक्विपमेंट उठाया, aur use equipment ko hath mein lekar उसने सीधा ही सुख प्रीत के सीने पर रखा और उसके सीने के केंद्र में रखकर उसे उसे पर गड़ा दिया और अगले ही पल धीरे-धीरे उसकी स्किन को काटने लगा। जैसे ही उसने सुखप्रीत की स्किन को काटना शुरू किया सुखप्रीत के चेहरे पर दर्द के लहर दौड़ गई और उसका पूरा चेहरा कंपनी लगा। हरकी उसके मुंह से कोई आवाज नहीं निकल रही थी लेकिन उसकी आंखों से देखकर साफ पता चल रहा था कि उसकी दर्द के मारे जान निकल रही थी। दूसरी तरफ सौम्या की जगह पर खड़ी-खड़ी तर-तर कहां पर रही थी। जिस तरह से dhaanishk के बेरहमी से अपना इक्विपमेंट उसके सीने में गड़ाए जा रहा था। उसे देखकर सौम्या के होश पूरी तरह से उड़े हुए थे और दिल कांप रहा था।

वही dhaanishk के किसी डेविल की तरह उस equipment से सुखप्रीत के सीने को छलनी कर रहा था। कुछ ही देर में उसने उसका पूरा सीन काट दिया था। और इसकी लौंडिया पूरी तरह से बाहर निकल चुकी थी। इस वक्त सुखप्रीत मर चुका था लेकिन अभी भी dhaanishk उसे डेविल नजरों से देख रहा था। उसके जबड़े पूरी तरह से कैसे हुए थे। जिस तरह से dhaanishk की नहीं उसका पेट खिला हुआ था सौम्या उसे चीज को देखकर अब और बर्दाश्त नहीं कर पाई और अगले ही पल उसकी आंखें भारी होने लगी,, और देखते ही देखते वह बेहोश होने को हुई कि तभी dhaanishk अपनी तेजी से अपनी जगह से खड़ा हुआ और उसने सौम्या को अपनी बाहों में समेट लिया।

Present time,,

दानिश की गाड़ी उसके गोल्डन कपूर विला के आगे आकर रुकी,, और अगले ही पल वह अपनी गाड़ी से बाहर निकाला और घूमते हुए उसने पिछली गाड़ी का दरवाजा खोलकर सौम्या को अपनी गोद में उठाकर अंदर की तरफ ले गया इस वक्त दानिश के जबड़े हद से ज्यादा कसे हुए थे। और उसके चेहरे से ही देखकर पता चल रहा था। कि अब उसका सारा गुस्सा सौम्या पर उतरने वाला था।

जो सौम्या को उसके होश में आने के बाद ही पता चलने वाला था। कुछ ही देर में dhaanishk को सौम्या को टॉप फ्लोर पर लेकर आया। और अगले ही पल उसने रूम का दरवाजा खोला। और अंदर की तरफ आकर उसे बेड पर लेटा दिया। इस वक्त उसकी जलती हुई निगाहे सौम्या पर थी जो की गहरी बेहोशी में थी। और अब उसने सौम्या को लाकर सामने सोफे पर जाकर सामने पड़ी सिगरेट को उठाकर अपनी फोटो से दबा लिया और लाइटर जलाकर लंबे-लंबे कश भरने लगा। और अपनी गहरी नजरों से सौम्या को देखने लगा। उसकी आंखें इस वक्त हद से ज्यादा लाल थी क्योंकि उसकी नज़रें बार-बार सौम्या के बदन के हर उसे हिस्से पर घूम रही थी जहां-जहां सुखप्रीत ने उसे टच किया था।

तकरीबन आधा घंटा dhaanishk उसे यूं ही देखता रहा। उसे पता था कि सौम्या नॉर्मली बेहोश हुई है इसीलिए वह उसे डॉक्टर के पास नहीं लेकर गया था। आधे घंटे बाद सौम्या की आंखें हल्की-हल्की फड़फड़ानी शुरू हुई जैसे ही उसकी आंखें फड़फड़ाई उसकी आंखों के सामने वही सारे फल घूमने लगे और अगले ही पल उसकी सांसे एक बार फिर से गहरी होने लगी और आंखों में आंसू लबालब पहनने लगे। और अगले ही पल उसकी नजर सामने सोफा पर बैठे dhaanishk पर गई। और dhaanishk को देखकर एक पल के लिए सौम्या का दिल धक सा रह गया।

To be continue...

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