
मंदाकिनी का कोठा
सौम्या जोक सुखप्रीत के नीचे की तरफ दबी हुई थी वह उसके ऊपर उसके गले को चूम रहा था. जिस तरह से सुखप्रीत उसके गले को चूम रहा था सौम्या को उस घिन आ रही थी. और अब उसे ऐसा लग रहा था कि उसका शरीर भी घिन से बढता जा रहा हो, जब जब जसप्रीत उसके गले पर अपने होंठ रखना तब तब सौम्या पूरी तरह से कांप उठती उसे ऐसा लग रहा था. कोई उसकी रूस के बदन से निकल रहा हो उसके रोंगटे खडे हो रहे थे,
और बढातेपाल के साथ, उसका दिल कर रहा था कि वह खुद को खत्म कर ले, लेकिन वह इस वक्त कुछ भी नहीं कर सकती थी क्योंकि जसप्रीत ने उसके हाथों को पूरी तरह से ब्लॉक किया हुआ था. और ऊपर बिस्तर पर दशाया हुआ था. उसको चूमते हुए ही अब जसप्रीत ने अपना हाथ उसकी कमर पर रखा और उसे मसलने लगा वही सौम्या रोते हुए प्लीज बस कीजिए मैं आपके आगे हाथ जोडती हूं छोड दीजिए मुझे आप नहीं जानते कि आप क्या कर रहे हैं अगर मेरे Mister कपूर आ गए ना वह आपको इस कोटे के बीचों बीच जला देंगे, वही सुखप्रीत पर तो जैसे इस वक्त उसका ही हवस का पर्दा चढ चुका था. वह पागलों की तरह बस सौम्या को मसलने में लगा हुआ था. के हाथ लगातार उसके पेट पर चल रहे थे. अब अगले ही पल उसने अपना हाथ ऊपर की तरफ ले जाकर उसके ब्लाउस को उसकी बाजू से फाड दिया जिससे की वजह से उसके गोरे कंधे सुखप्रीत के सामने थे. वही सौम्या अब जोरों से चिल्लाई नहीं. इतना कहते हुए उसका रोना और भी ज्यादा तेज हो चुका था!
मायसुख प्रीत उसे अपने डेविल नजरों से देख रहा था और उसके कंधों को देखकर सुखप्रीत और भी ज्यादा पागल होने लगा, उसने अब अपना होंठ उसके कंधे पर रखे तो सौम्या तडपते हुए बोली प्लीज मुझे छोड दो मैं तुम्हारा क्या बिगाडा है. नहीं जसप्रीत ने उसकी बात पर का कोई जवाब नहीं दिया वह लगाया था और उसके कंधे को चूम रहा था, तभी उसने अपना हाथ उसके पेट पर ले जाते हुए नीचे की तरफ ले जाने को हुआ जैसे ही उसने अपना हाथ नीचे की तरफ ले जाने की कोशिश की सौम्या की जान जैसी उसकी बदन से एक पल के लिए निकल ही गई थी कि तभी दरवाजा टूटने की आवाज आई. जैसे ही दरवाजा टूटा सामने खडे शख्स को देखकर सौम्या की आंखें बडी हो गई और उसकी आंखों में आंसू लबालब बहने लगे, वही सुखप्रीत चलते हुए, कौन है बे, तेरी हिम्मत किधर पर गई अंदर आन दी,
इतना कहकर उसने सौम्या का हाथ छोड और ऊपर की तरफ उठने को हुआ कि तभी सौम्या ने उसे जोर से धक्का दिया. और अगले ही पर भाग कर dhaanishk के गले जा लगी इस वक्त उसकी जान उसके बदन से नहीं निकली थी बाकी कुछ बाकी नहीं रह गया था वह रोते हुए लगातार dhaanishk क्यों पर अपनी पकड कस रही थी. और रोते हुए बोली इसने मुझे गंदा कर दिया Mister कपूर, यह बहुत गंदा इंसान है बहुत घटिया इंसान है यह इतना कहते हुए लगातार रोए जा रही थी. dhaanishk के जो की एक नजर सुखप्रीत को देख रहा था अब उसने एक नजर सौम्या को देखा और अपना कोट उतार कर सौम्या के कंधों पर रख दिया और उसे अच्छे से कर करते हुए,
यह तुमने अच्छा नहीं किया स्वीट मार्शमैलो, तुम्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी इतना कहते हुए उसने अपनी सर्द नजरों से सौम्या की तरफ देखा वही सौम्या अब रोते हुए बोली आपको जो सजा देनी है आप दे दीजिए बस मुझे छोडकर मत जाइएगा, उसकी बात पर dhaanishk की नजरे सौम्या पर और भी ज्यादा गहरी हो गई. वही जसप्रीत उन दोनों को देखकर अब dhaanishk के की तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोला तो तू है इसका Mister कपूर, वैसे मानना पडेगा तो जैसे बंदे को की तूने अपनी बंदी को ढूंढ लिया. वैसे है बडा मॉल कडक तेरा इतना कहते हैं उसने एक बार फिर से अपनी गंदी नजरों से सौम्या को देखा तो सौम्या अगले ही पल dhaanishk के पीछे छुप गई. वही dhaanishk के जो कि अपनी गुस्से से लाल नजरों से एक टक सुखप्रीत को देख रहा था. अब न जाने उसका क्या हाल होने वाला था इस वक्त dhaanishk के की आंखें गुस्से से लाल ही नहीं बल्कि उसका पूरा चेहरा गुस्से से कांप रहा था.
दूसरी तरफ पीछे से डायमंड जाकर dhaanishk के के सामने आकर खडा हुआ और बोल बस हमने सभी को फायर गोदाम में भेज दिया है इसको भी वहीं पर भेजना है क्या उसकी बात पर dhaanishk ने उसे अपनी गहरी नजरों से देखते हो बोल पहले इसको मैं यहीं पर सजा दूंगा इतना कहकर उसने, सौम्या को पीछे की तरफ किया और अपने कदम सुखप्रीत की तरफ बढा दिए जैसे ही उसने अपने कदम सुखप्रीत की तरफ बढाए,
की तभी सुखप्रीत ने अपने पीछे से एक खंजर निकालकर dhaanishk परिवार करने को हुआ कि तभी dhaanishk के नीचे झुक कर उसने उसकी वही हाथ को पडकर उसके पीठ से लगा दिया जिस तरह से उसने उसकी हाथ को मरोड कर उसकी पीठ से लगाया था सुखप्रीत के हाथ से हड्डी चटकाने की आवाज आई थी जिसे सुखप्रीत की चीख वहां पर गूंज गई, dhaanishk कब दांत पीसकर बोला इतने में ही तेरी चीज निकल गई एक औरत पर अपनी मर्दानगी आसमा रहा था एक औरत पर तू हाथ उठा रहा था. इतना कहते हुए उसने सौम्या के हाथों की तरफ देखा जो की पूरी तरह से इस वक्त लाल पडे हुए थे.
उसके लाल हाथों को देखकर इस वक्त dhaanishk के की आंखों में जैसे एक पल के लिए खून उतर आया था. वही सौम्या जिसने dhaanishk की नजर का पीछा किया और अगले ही पल उसकी नजर अपने हाथों पर गई तो वह हैरानी से dhaanishk को देखने लगी क्योंकि उसे उम्मीद नहीं थी कि दानिश उसकी छोटी- छोटी बातों पर इतना ज्यादा ध्यान देता है. उसकी आंखों में अब आंसू और भी ज्यादा तेजी से बहने लगे, वही dhaanishk अब सौम्या की तरफ दांत पीसकर do not you dare to cry sweet marshmallow, उसकी बात पर नेहा की आंखें जो आंसुओं से लबालब भरी हुई थी अगले ही पहले सौम्या ने अपनी आंखों को ऊपर की तरफ रोल कर अपनी आंसू को अंदर लेने की कोशिश करने लगी, इसीलिए उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया था लेकिन, dhaanishk को बहुत अच्छी तरह से जानता था कि सौम्या के आंसू इतनी जल्दी रुकने वाले तो थी नहीं जो कुछ आज उसके साथ हुआ था उसे इतना भी पता था कि सौम्या का दिल अंदर ही अंदर बुरी तरह से तडप रहा होगा अब उसने सुख प्रीत की तरफ देखा और गुस्से में उसकी गर्दन से पकड कर उसकी गर्दन की नसों को दबा दिया और अगले ही पल सुखप्रीत नीडल होकर जमीन पर गिर पडा उसकी आंखें अभी भी खुली थी और सांस अभी भी चल रही थी लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे उसके बॉडी को लकवा मार गया हो,
To be continue.







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