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Devil amaant

पठानी हाउस,,

इस वक्त असुर नीचे की तरफ बैठा हुआ था और उसकी नज़रें इस वक्त कनिका की pussy पर ठहरी हुई थी उसकी वह गोरी पिक pussy देखकर असुर को अपनी बॉडी में एक अलग ही सिरहन दौड़ती हुई महसूस हो रही थी,, उसे अपने dick में अलग-अलग ही सेंसेशन महसूस हो रही थी। और अगले ही पल जो उसने किया उससे कनिका की तो जैसे सांस ही उसके गलत में अटक गई थी। उसका दिल एक पल के लिए जैसे धड़कना ही भूल गया।

क्योंकि असुर ने अपने होंठ उसकी pussy पर रख कर अपनी लंबी tongue को बाहर निकाल कर उसकी pussy की फ्लेयर्स खोल दी थी और अपनी जीभ को उसके क्लिटरिस पर रगड़ने लगा,, जैसे ही असुर ने उसके क्लीटोरिस पर अपनी जीभ को रगड़ना शुरू हुआ एक पल के लिए कनिका को अपने शरीर में से जान निकलती हुई महसूस होने लगी अगले ही पल उसके हाथ खुद ब खुद असुर के बालों में आ गए और वह उसके चेहरे को अपनी pussy की तरफ पुश करने लगी,,

जैसे ही कनिका ने असुर के चेहरे को अपनी पुसी की तरफ पुश करना शुरू किया असुर ने उसकी टांगों को पड़कर अपने कंधों पर रख लिया अब कनिका की पीठ दीवार से पूरी तरह से सटी हुई थी और उसकी टांगें असुर की कंधे पर लिपटी हुई थी वही असुर आप उसके क्लीटोरिस की स्किन को अपने होठों में लेकर चूस रहा था। असुर जिस तरह से उसके क्लीटोरिस को चूस रहा था कनिका की आंखें पूरी तरह से ऊपर की तरफ रोल हो रही थी और उसकी सांसे इतनी ज्यादा गहरी चल रही थी कि उसका सीन बार-बार ऊपर की तरफ उठ रहा था उसके वह गोल बस इतनी ज्यादा आकर्षित लग रहे थे की असुर की नजरे अब उसके बूब्स पर ठहर चुकी थी जो बार-बार ऊपर नीचे उठ रहे थे,, अब उसने उसके बूब्स पर हाथ रखा और उन्हें प्रेस करने लगा जिससे कनिका की सिसकियां निकलने लगी दोनों को ही पता नहीं चल रहा था कि वह इस वक्त किस तरह एक दूसरे से आकर्षित हो रहे हैं । इस वक्त दोनों की ही सांस हद से ज्यादा तेज थी,,

वही असुर अब उसके क्लीटोरिस को जीव से रगड़ते हुए अब उसने pussy के होल पर अपनी,, रखकर उसे ऊपर से सहलाने लगा जैसे ही उसने ऐसा किया कनिका के पर जो उसके कंधों पर लिपटे हुए थे अब वह पूरी तरह से शिवर करने लगे असुर ने अब उसकी ब्रेस्ट पर से अपना हाथ उठाया और उसकी ass अपना हाथ ले जाकर दोनों हाथों से उसकी आज को भरकर ऊपर की तरफ उठाया और उसकी उसी को और भी अंदर तक शक करने लगा,,,

वही कनिका तो अब पूरी तरह से पागल हुए जा रही थी जहां एक तरफ कनिका पूरी तरह से पागल हो रही थी ।

वहीं दूसरी तरफ,,

अमानत के रूम में,,

अफसाना जो की अमानत के कमरे में अकेली खड़ी थी अब अमानत उसके पीछे आकर खड़ा हुआ जैसे ही अमानत उसके पीछे आकर खड़ा हुआ अफसाना की सांस उसके गले में अटक गई उसका दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा,,, उसे अपने पीछे अमानत बड़ी अच्छी से महसूस हो रहा था। अब उसने अपना सलाइवा गुटका और अमानत की तरफ घूमी जैसे ही वह अमानत की तरफ भूमि अमानत ने उसकी कमर पर हाथ रखकर खुद से sataate हुए,, उसकी हिम्मत कैसे हुई तुम्हारे हाथ पर अपना हाथ रखने की उसे वह तुम्हें पकड़ कर खींच क्यों रही थी उसकी आवाज इतनी ज्यादा डोमिनेटिंग थी कि अफसाना की जान निकलने को हो रही थी,,

उसकी आंखों में आंसू अब लबालब बहने लगे क्योंकि उसे अमानत किसी सनकी से काम नहीं लग रहा था जिस तरह से अमानत ने उसकी कमर पर हाथ रखा था उसका डर हद से ज्यादा बढ़ चुकाथा,, वह रोते हुए उसके सीने पर हाथ रखकर खुद से दूर करने की कोशिश करते हुए यह आप क्या कर रहे हैं और मैं तो आपको जानती भी नहीं हूं आप मुझे इस तरह से ट्रीट क्यों कर रहे हैं।

उसकी बात पर अमानत की नजरे उसे पर और भी ज्यादा गहरी हो गई और वह दांत पीसकर बोला अगर नहीं जानती तो अब जन लगोगे इतना कहकर उसने अमानत के बालों को पीछे से मुट्ठी में भारत और उसके होठों पर अपने होंठ रखकर उसे पेशेंट इतनी चूमने लगा वही अफसाना की तो जैसे सांस ही उसके हलक में अटक गई उसकी आंखें हैरत से फैल गई और आंखों में आंसू लबालब बहने लगी लेकिन अमानत तो अपनी मनमर्जी करने में लगा हुआ था वह लगातार अफसाना के होठों को चूम रहा था,, लेकिन अफसाना अगले ही पल अपने सेंस में वापस आते हुए उसने जल्दी से अमानत को खुद से दूर करने की कोशिश करने लगी लेकिन अमानत के आगे उसका ज्यादा देर जोर नहीं चला तकरीबन 5 10 मिनट वह उसके हाथों में झटपट आती रही लेकिन अमानत जितना वह झटपट आई उतना ही ज्यादा वाइल्ड होने लगता,,

उसकी ब्राइटनेस देखकर अफसाना को अपने होठों में और भी ज्यादा दर्द महसूस होनेलगता,, जिससे उसके होठों में हल्के-हल्के कट लगने शुरू हो गए थे और उसके ब्लीडिंग उसके होठों में घुलने लगी थी वही अमानत तो जैसे उसके होठों को छोड़ ही नहीं रहा था पूरी तरह से उसके होठों पर कर बरसाने में लगा हुआ था।

तकरीबन 15 20 मिनट बाद अमानत ने उसके होठों को छोड़ा और उसे गहरी नजरों से देखते हुए,,, आगे से किसी को खुद को टच मत करने दे देना एक बात याद रखना,, जैसे ही इमारत ने यह बात कही अफसाना ने उसे जोरों से खुद से दूर धक्का दिया और दरवाजे की तरफ भागी,,,, उसको इस तरह से धक्का देकर भागते हुए देखकर अमानत के चेहरे पर डेविल एक्सप्रेशन आ गए वहीं अफसाना की आंखों से आंसू लगा बहने लगे वह जैसे ही दरवाजे के पास पहुंची उसने दरवाजे को खोलने की कोशिश की लेकिन उसे दरवाजा खुला ही नहीं,,

और अगले ही पल उसकी सांसे एक बार फिर से उसके गले में अटक गई क्योंकि अमानत ने एक बार फिर से उसे पकड़ कर दीवार से सटा दिया था और खुद उसके ऊपर झुका हुआ था अफसाना को उसकी गर्म सांसे अपने होठों पर महसूस हो रही थी वह लगातार रोते हुए बोली आपको शर्म नहीं आती आप एक विधवा के साथ अभी वह बोल ही रहा थी की अमानत ने अपनी उंगली इसके होठों पर रख दी जैसे ही अमानत ने अपनी उंगली के होठों पर रखी अफसाना की सांस उसके गले में अटक गई,, वह तो जैसे सांस लेना ही भूल गई थी उसने पूरी तरह से अपनी सांसों को रोक लिया था और आंखों से आंसू अभी भी लबालब बहे जा रहे थे,,

लेकिन अगले ही पल जो अमानत ने किया उससे उसका डर और भी ज्यादा बढ़ गया उसे ऐसा लगा जैसे किसी ने उसके कलेजे में से उसका दिल निकाल लिया हो क्योंकि अमानत ने अगले ही पल उसे गोद में उठाया और अपने कदम बाहर की तरफ बढ़ा दिए,,, वही हाल में खड़ी रीमा जो की किचन से अमानत के लिए खाना बनाकर ला ही रही थी तभी उसकी नजर अमानत और अफसाना पर पड़ी उन दोनों को देखकर रीमा के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए और आंखें बड़ीहो गई,,,

लेकिन फिर भी वह अमानत के सामने नहीं आई दूसरी तरफ अमानत अफसाना को लेकर अब बाहर की तरफ आया और अगले ही पल उसने अफसाना को गाड़ी में बैठाया और गाड़ी को लॉक करके दूसरी तरफ आकर बैठ गया,, जैसे ही अमानत उसके साथ वाली सीट पर आकर बैठा अगले ही पल अफसाना दूसरे कॉर्नर में जाकर लग गई इस वक्त उसका दिल जोर-जोर से धड़क रहा था और उसका कलेजा मुंह को आने को फिर रहाथा। अमानत ने एक नजर उसकी तरफ देखा, और अगले ही पल उनकी गाड़ी वहां से निकल चुकी थी,,

कुछ आधे घंटे बाद उनकी गाड़ी एक बड़े से मिला के आगे आकर रुकी ,, और विला की तरफ देखकर अफसाना की पकड़ अपने कपड़ों पर काश गई,, और उसकी आंखों में आंसू लबालब बहने लगे,,,

।to be continue...

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