
Singapore,,
सोमेश वक्त वीरान सड़कों पर चले जा रही थी उसकी सुनी आंखें इस वक्त उसके दिल का दर्द बयां कर रही थी आंखों से आंसू तो सूख चुके थे लेकिन दिल में एक अलग ही तूफान चल रहा था। बेजान सी वह सड़कों पर चले जा रही थी जैसे उसमें जान ही ना हो,,
वहीं दूसरी तरफ,,
Palace of Kapoor's,,
बाहर खड़े गार्डों के चेहरे पर परेशानी झलक रही थी और उनके माथे पर पसीने की बूंदे उभर आई थी क्योंकि कहीं ना कहीं उन्हें पता था कि अब जो भी होगा उसके लिए उन्हें तैयार रहना होगा और dhaanishk को दे छोड़ने नहीं वाला यह चीज सोते हुए वह अंदर तक कांप रहे थे। dhaanishk ने उन्हें साफ सुबह इंस्ट्रक्शन दी थी कि किसी भी हालत में सौम्या को बिल्डिंग से बाहर नहीं जाने देना है। लेकिन सौम्या ने उनकी एक नहीं सुनी थी और जो उसने कहा था उसे सुनकर गार्डों को उनकी बात माननी पड़ी,,
अब गार्डों ने dhaanishk का फोन लगाया लेकिन dhaanishk का का फोन अभी भी नॉट रीचेबल जा रहा था। जब dhaanishk का का फोन काफी देर ट्राई करने के बाद नहीं लगा तो उन्होंने डायमंड का फोन ट्राई किया जैसे ही उन्होंने डायमंड का फोन ट्राई किया तो फोन लग गया,,
वहीं दूसरी तरफ,,
Island पर,,
dhaanishk की गाड़ी इस वक्त सड़कों पर दौड़ रही थी । dhaanishk के इस वक्त गाड़ी के पीछे की तरफ बैठा हुआ था और उसके हाथ में लैपटॉप था और शायद उसे लैपटॉप में वह कुछ कर रहा था इस वक्त उसकी आंखें बेहद लाल थी और वह एक तक लैपटॉप में देखे जा रहा था। उसके जबड़े पूरी तरह से कास्ट जा रहे थे। आंखों में जैसे खून उतर आया था तभी डायमंड उसकी तरफ घुमा और कुछ कहने को हुआ।
लेकिन dhaanishk ने उसे हाथ दिखाकर रोकते हुए,,, जल्दी पहुंचे जहां पर जाना है हमें ,, उसकी बात सुनकर हैरानी से डायमंड उसे देखने लगा वह अब लड़खड़ाती हुई आवाज में बोला लेकिन boss मेरी बात तो सुनिए,, तभी dhaanishk के दांत पीसकर मैंने कहा गाड़ी की स्पीड बढ़ाओ हमें अपनी डेस्टिनेशन पर जाना है और गाड़ी अब वहीं पर जाकर रुकेगी,, इतना कहते हुए उसकी लाल आंखें और भी ज्यादा लाल हो चुकी थी और जबड़े पूरी तरह से कर चुके थे,,
अगले ही पल उसने एक बार फिर से अपनी नज़रें अपने लैपटॉप पर गड़ा दी थी,,
दूसरी तरफ,,
Singapore में,,
सौम्या चलते-चलते एक वीरान से इलाके में आ गई थी जहां पर आसपास सिर्फ हाईवे था और इर्द-गिर्द पेड़ ही पेड़ थे वह उजाड़ सा इलाका जहां पर एकी duki गाड़ी ही आ जा रही थी बाकी सारा सड़क सुनसान पड़ी हुई थी। सौम्या लगातार निढ़ाल से होकर चले जा रही थी। उसे तो इतना ही होश नहीं था कि वह इस तरह वक्त कहां पर पहुंच चुकी थी क्योंकि जिस तरह का वह इलाका लग रहा था साफ पता चल रहा था कि खतरे से खाली नहीं होगा,,
चलते चलते अब शाम के 7 बज चुके थे और अंधेरा होने को था। अंधेरा होने की वजह से अब सड़कों पर कुछ खास दिखाई नहीं दे रहा था इसलिए गाड़ियां भी हैडलाइट्स ऑन करके इधर-उधर से आ जा रही थी। और ऊपर से मौसम भी अब खराब होने लगा था धीरे-धीरे बादल छाने लगे थे और हवाएं तेज चलने लगी थी लेकिन सौम्या को तो जैसे इन चीजों से फर्क ही नहीं पड़ रहा था।
अभी वह चल ही रही थी कि तभी हाईवे से एक ट्रक गुजर रहा था और उसे ट्रक ड्राइवर ने जब सौम्या को चलते हुए देखा तो उसकी आंखें ऐसे हाईवे पर एक लड़की को अकेला पाकर बड़ी हो गई वह सौम्या की तरफ देखकर खुद में ही बड़बड़ाया इतनी खूबसूरत लड़की और वह भी इस तरह हाईवे पर,, लेकिन वाहेगुरु जी दी सो कुड़ी सोनी बहुत है। इतना कहते हुए उसे सरदार जी के चेहरे पर एक गहरी मुस्कराहट तैर गई अब उसने अपना ट्रक का साइड पर लगाया और ट्रक से निकलकर नीचे की तरफ आने को हुआ कि तभी उसने सौम्या के पीछे एक लड़का देखा,,
जो शायद सौम्या का ही पीछा कर रहा था वह लड़का अब उसके पास आया और उसकी तरफ देखकर बोला,, हेलो मैडम चलोगे क्या,, एक रात के लिए कितना लोगे,, इतना कहते हुए उसने सौम्या के कंधे पर अपना कंधा मारा वही सरदार जी जो कि यह चीज देख रहे थे उनके माथे पर तेओडिया पड़ गई,,, वही सौम्या जो की बजन सी लावारिस होकर चले जा रही थी जब उसे लड़की ने उसके कंधे पर अपना कंधा मारा वह एकदम से होश में आई और उसने पलट कर उसे लड़के को देखा तो उसकी आंखें बड़ी हो गई क्योंकि वह लड़का बेहद गंदी नियत से इस वक्त सौम्या को देख रहा था,,
सौम्या अब दांत पीसकर बोली यह क्या बदतमीजी है और ऐसे किसी लड़की को बोलते हुए तो शर्म नहीं आ रही। उसकी बात सुनकर लड़का हंस और बोला तुम जैसी खूबसूरत बला सामने हो तो किसको शर्म आएगी चलना एक रात बिताते हैं साथ में और तुझे पूरी तरह से सेटिस्फाइड कर दूंगा, कितना कहते हुए अगले ही पल उसने सौम्या का हाथ पकड़ लिया जैसे ही उसने सौम्या का हाथ पकड़ सौम्या अंदर तक कांप उठी अब अगले ही पल उसने तेजी से अपना हाथ झटकाया और गुस्से में उसे धक्का देते हुए बोली दूर रहो मुझे गंदे इंसान इतना कहकर वह आगे की तरफ बढ़ने को हुई उसने अपने कदम तेज कर दिए थे।
क्योंकि आपसे पास का नजारा देखकर अब उसे डर लग रहा था वहां पर अंधेरा ही अंधेरा था और सिर्फ कुछ गाड़ियों की लाइट पड़ रही थी वहां पर इस वक्त कोई स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी हुई थी। अभी वह जा ही रही थी कि तभी वह लड़का एक बार फिर से आगे जाकर सौम्या का हाथ पकड़ने को हुआ कि तभी सरदार जी बीच में आते हुए,,, ओए खोते दे पुत्तर,, ऐसे किसी लड़की को नहीं चढ़ते तेनु ऐनी समझ नहीं,, तेनु शर्म नहीं andi,,
इतना कहकर सरदार जी ने उसे लड़के का हाथ मरोड़ कर पीछे की तरफ लगा दिया वही वह लड़का बुरी तरह से तड़प उठा,,, यही सौम्या तो अब एक साइड पर खड़ी हो गई थी क्योंकि सरदार जी को ऐसे हो उसे लड़कियों को पिटते देखकर एक पल के लिए,, सौम्या ने राहत की सांस ली थी वही सरदार जी के पिटते ही अपनी कलाई छुड़ा और सरदार जी को धक्का देकर वहां से भाग गया,,, और यह सब देखकर सौम्या ने अब राहत की सांस ली वह अब सरदार जी की तरफ देखकर बोली शुक्रिया आपका सरदार जी अगर आप नहीं होते तो शायद...
तभी सरदार जी आगे से अरे ना जी,, खूबसूरत लड़कियां सॉरी मंगदी हुई अच्छी नहीं लगती, उसकी बात पर सौम्या अब हल्का सा मुस्कुराई और उसकी तरफ देखकर बोली,, लेकिन आपने भी तो मेरी जान बचाई है इसलिए आपको शुक्रिया कर रही हूं तभी सरदार जी उसकी तरफ देखकर मेरा नाम सुखप्रीत है। ते तुसी चाहो ता तुसी मेनु सुखी कह सकादे ओ,,
वैसे तुसी कितने जा रहे सी सुखप्रीत की बात सुनकर अब सौम्या के दिमाग में एक बार फिर से दानिश का ख्याल आ गया और अगले ही पल उसकी आंखें एक बार फिर से नम होने लगी,, वहीं अब सुखप्रीत उसके कंधों पर हाथ रखते हुए,, कोई बात नहीं जी अगर तुसी नहीं dasna चाहते इट्स ओके,, तुसी चाहो तो मैं तेनु आगे तक छोड़ देना ,,, उसकी बात पर एक पल के लिए सौम्या ने उसकी तरफ देखा,, और मन में बोली इंसान तो भला लग रहा है थोड़ी देर के लिए लिफ्ट ले लेती हु। बस इसी इलाके से निकल जाती हो इतना सोचकर अब सौम्या ने हां सर हिला दिया,,
इसको हम इसीलिए लता देखकर किसी की मुठिया पूरी तरह से कई होगी थी और उसका दिल अंदर तक जल रहा था और यह शख्स कोई और नहीं dhaanishk था जो की कैमरा से यह सब कुछ देख रहा था। और यह कैमरा सौम्या के कान के इयरिंग में लगा हुआ था और सौम्या इस चीज से पूरी तरह से अनजान थी,,
dhaanishk के इस वक्त गुस्से से पूरी तरह से कांप रहा था। उसका गुस्सा अब लगातार बढ़ता ही जा रहा था। दूसरी तरफ सौम्या अब उसे ट्रक वाले के साथ उस ट्रक में बैठ गई थी और ट्रक में बैठते ही वही ट्रक वाला सरदार अब उसके चेहरे पर एक मिस्टीरियस स्माइल आ चुकी थी,, अब वह गाड़ी में बैठा और कुछ ही देर में ट्रक अब वहां से निकल चुका था,,,, तकरीबन आधे घंटे बाद उसका ट्रक एक जगह पर रुका और उसे जगह को देखकर ही सौम्या
की आंखें बड़ी हो गई,,
To be continue...







Write a comment ...