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Broken 💔 somya

Singapore,,

Palace of Kapoor's,,

सुबह के 6 बजे,,

सौम्या इस वक्त गहरी नींद में बेड पर सोई हुई थी और इस वक्त वह पूरी तरह से बेलीबास थी उसे जरा सा भी होश नहीं था कि आखिर वह किस हाल में है।दूसरी तरफ dhaanishk सामने ही सोफा पर बैठा था और उसकी गहरी नजरे इस वक्त सौम्या पर थी। उसकी लाल आंखों से देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि वह सारी रात सोया नहीं था। और उसके चेहरे को देखकर साफ पता चल रहा था इस वक्त उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। उसकी आंखों के नीचे ब्लैक सर्कल्स पढ़ चुके थे।

कुछ देर सौम्या को ऐसे ही गहरी नजरों से देखते रहने के बाद अब वह अपनी जगह से खड़ा हुआ इस वक्त उसके बदन पर कुछ भी नहीं था । उसने अब अपने कदम उसने बेड की तरफ बढ़ा दिए, देखते ही देखते हैं वह सौम्या के पास आया और उसके ऊपर झुक कर उसके चेहरे को बड़े गौर से देखते हुए,, इस वक्त उसके दोनों हाथ सौम्या के इर्द गिर्द थे और वह पूरी तरह से सौम्या के चेहरे पर झुका हुआ था। उसने अपनी गहरी सांस सौम्या के चेहरे पर छोड़ी जैसे ही उसने अपनी गहरी सांस सौम्या के चेहरे पर छोड़ी सौम्या की आंखें हल्की सी फड़फड़ाई लेकिन अगले ही पल वह फिर से गहरी नींद में चली गई क्योंकि सारी रात dhaanishk ने उसे बेहद परेशान किया था जिस वजह से अब वह गहरी नींद में सोई हुई थी।,,, जैसे ही सौम्या गहरी नींद में गई dhaanishk को अपनी गहरी आवाज में,, आई एम सॉरी स्वीट मार्शमैलो लेकिन तुम्हें अकेला छोड़ना बहुत जरूरी है तुम्हें भी पता चलना चाहिए कि इश्क में दर्द देने की सजा तड़पना होती है अगर आज मैंने तुम्हें माफ कर दिया तो कल फिर तुम वही गलती करोगी,,

इतना कहकर अब उसने अपने होंठ सौम्या के माथे पर रख दिए,, और अगले पल उसके ऊपर से हटा और अपने कदम बाथरूम की तरफ बढ़ा दिए,,

कुछ ही देर में वह शावर के नीचे खड़ा था और इस वक्त शावर का पानी उसके ऊपर गिर रहा था,, एक बार फिर से उसकी आंखों के सामने वही मंजर घूम रहा था जब उसे रात सौम्या उस बार में आई थी और उसने,, सामने बैठे शख्स को कोई और समझकर dhaanishk से शादी तोड़ने तक कह दिया था। और उसे पाल को याद करते ही एक बार फिर से dhaanishk की मुठिया कश्ती जा रही थी। शावर का ठंडा पानी उसके बदन पर गिर रहा था लेकिन सौम्या की बाते उसे अंदर तक जला रही थी। अब उसने दांत पीसकर खुद से ही बड़बड़ाया,,, no sweet marshmallow no not this time मैं तुम्हें माफ नहीं करूंगा जो तुमने गलती की है तुम्हें उसका एहसास होना बहुत जरूरी है क्योंकि विश्वास की नींव बहुत बड़ी होती है अगर तुम्हें मुझ पर विश्वास ही नहीं आज नहीं तो कल तुम फिर से वही हरकत करोगी और विश्वास होना सबसे ज्यादा जरूरी है,,

हर रिश्ते की बुनियाद विश्वास पर टिकी होती है लेकिन तुमने इस बार साबित कर दिया कि तुम्हें अभी मुझ पर विश्वास नहीं तो तुम्हें सजा देना बहुत जरूरी है जब तक तुम मुझसे दूर नहीं होती तुम्हें इस बात की एहसास नहीं हो सकता इतना कहते हुए उसकी आंखें बेहद सर्द थी। अब उसने कुछ देर शावर के नीचे खड़ा रहने के बाद बाथरूब पहने और बाहर की तरफ आगया। बाहर आने के बाद इसलिए एक नजर फिर से सौम्या की तरफ देखा और अगले ही पल अपने कदम वार्डरोब की तरफ बढ़ा दिए,, अभी इतना वक्त नहीं हुआ था इसीलिए सौम्या भी काफी ज्यादा गहरी नींद में गई हुई थी सारी रात जागने की वजह से उसकी आंख बिल्कुल भी खुल नहीं रही थी।उसे नहीं पता था कि जब आंखें खुलेगी तो उसकी दुनिया पूरी तरह से बदलने वाली थी वह बेहद आराम से सुकून की नींद सो रही थी इस चीज से अनजान कि वह जिससे बेहद शिद्दत से इश्क करती है वह उससे काफी दूर जाने वाली है।

वही dhaanishk अब कुछ ही देर में रेडी हुआ। और इस वक्त उसने बिजनेस सूट पहना हुआ था। पर देखते ही देखते वह मिरर के सामने आकर खड़ा हुआ और अपनी टाई को ठीक करते हुए उसने एक नजर मिरर में से ही पीछे सो रही सौम्या की तरफ देखा,, सौम्या को देखकर एक पल के लिए dhaanishk उसकी तरफ देखा ही रहा लेकिन अगले ही पल उसने दोबारा से अपनी नज़रें घुमा ली,, इस वक्त dhaanishk का चेहरा बेहद सख्त था या फिर सख्त बनने की कोशिश कर रहा था यह तो dhaanishk की जाने,, कुछ ही देर में dhaanishk का अब अपने कमरे से बाहर निकाला और टॉप फ्लोर पर चला गया टॉप फ्लोर पर जाते ही वहां पर एक प्राइवेट प्लेन खड़ा था जो कि शायद dhaanishk का ही वेट कर रहा था उसके आसपास काफी सारे गॉड्स थे।

तभी उसका पर्सनल सेक्रेटरी जो काफी टाइम से उसका काफी अच्छा दोस्त था डायमंड उसके पास आया डायमंड काफी समय से उसका दोस्त रह चुका था लेकिन कुछ समय से उसकी financial condition ,, अच्छी नहीं चल रही थी तो जब dhaanishk का को इस बारे में पता चला तो उसने उसे पर्सनल सेक्रेटरी के लिए रख लिया वैसे भी उसे अपने लिए उसका पर्सनल गार्ड चाहिए था जो कि उसने अभी तक रखा नहीं था उसके साथ जो पर्सनल सेक्रेटरी पहले काम कर रहा था वह दादी का था इसीलिए उसने उसे परमानेंटली इंडिया में भेज दिया था डायमंड कल ही अभी जॉब पर लगा था डायमंड अब उसके साथ में आकर खड़ा हुआ और उसके आगे सर झुकाते हुए,,

Island के लिए जेट प्लेन हो चुका है सर उसकी बात पर dhaanishk करने हमें से नहीं लाया और अगले ही फल वह प्लेन में चढ़ गया और देखते ही देखे उसका प्लान हवा में उड़ गया।

दूसरी तरफ कमरे में,,

सौम्या अभी भी गहरी नींद में सो रही थी इस चीज के अनजान की dhaanishk को वहां से जा चुका था।

सुबह के 10 बजे,,

सौम्या की आंख हल्की-हल्की फड़फड़ाने लगी,, कुछ ही देर में उसकी आंखें खुलने लगी और उसने इधर-उधर देखते हुए सामने वॉल क्लॉक की तरफ देखा था उसकी आंखें बड़ी हो गई क्योंकि सामने घड़ी पर 10 बज चुके थे और उसकी नींद इतनी लेट खुली थी यह चीज देखकर वह हड़बड़ा कर जल्दी से अपनी जगह से उठी और जैसे ही उसने आसपास देखा,, तो पहले तो उसे कुछ समझ नहीं आया उसने सोचा कि dhaanishk की शायद बाथरूम में गया हो इसीलिए वह चुपचाप बिस्तर पर बैठी रही और कुछ देर उसने अपना फोन उठाया और फोन स्क्रोल करती रही,, कुछ देर फोन चलाने के बाद वह इंस्टाग्राम की reels स्क्रोल कर रही थी का रियल स्क्रोल करते हुए उसे तकरीबन 20 मिनट बीत चुके थे लेकिन अभी तक dhaanishk बाथरूम से बाहर नहीं आया था और यह चीज उसे बेहद अजीब लग रही थी,,

उसने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया और एक बार फिर से reels स्क्रोल करने लगी कुछ देर और dhaanishk का इंतजार करने लगी। तकरीबन पौना घंटा ऐसे ही बीत गया। जब पौने घंटे बाद उसने वॉल क्लॉक की तरफ देखा तो इस वक्त पौने ग्यारह बज चुके थे। और यह चीज देखकर उसका दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा। क्योंकि dhaanishk कभी भी बाथरुम में इतना टाइम नहीं लगता था अब वह अपने आप को ब्लैंकेट में खुद को समेटते हुए अपनी जगह से उठी इस वक्त उसका शरीर बुरी तरह से कांप रहा था उसे अंदर ही अंदर एक अजीब सा डर महसूस हो रहा था जो शायद शब्दों में बयां करना ही मुश्किल था।

उसके पैर पूरी तरह से अपनी जगह पर जैसे जम से गए थे। वह अपने कदम में बाथरूम की तरफ बढ़ा तो रही थी लेकिन उसके पैर उसका साथ बिल्कुल नहीं दे रहे थे उसके हाथ जो की ब्लैंकेट पर कसे हुए थे वह भी हल्के हल्के कांप रहे थे और उसके चेहरे पर पसीने की बूंदे उभर रही थी। धीरे-धीरे चलते हुए वह बाथरूम के पास आकर खड़ी हुई। बाथरूम के पास आकर खड़ी तो हो गई थी लेकिन अब उसे अपने बदन में से जान निकलती हुई महसूस हो रही थी उसमें हिम्मत ही नहीं थी कि वह हाथ बढ़ाकर उसे दरवाजे को खोल सके, लेकिन किसी तरह से उसने खुद को संभाला और गहरी गहरी दो-तीन सांस भारी,,

और फिर अपने कांपते हुए हाथों को दरवाजे की तरफ ले जाकर उसने हल्का सा दरवाजे पर अभी हाथ रखा ही था कि तभी दरवाजा अपने आप खुल गया जैसे ही दरवाजा अपने आप खुल तो सौम्या की आंखें बड़ी हो गई। क्योंकि बाथरूम में इस वक्त कोई नहीं था और बाथरूम में किसी को न देखकर एक पल के लिए सौम्या ने गहरी सांस भरी और अब वह बाथरुम से बाहर निकली और उसने आसपास देखने शुरू किया उसने बालकनी में देखा तो dhaanishk वहां पर भी नहीं था। और अब उसने वार्डरोब में देखा तो वार्डरोब का दरवाजा भी खुला था,, कुछ देर ढूंढने के बाद जब उसे dhaanishk का कहीं भी दिखाई नहीं दिया अब एक बार फिर से उसका दिल घबराने लगा और अगले ही पल वह वार्डरोब की तरफ बड़ी उसने ब्लैंकेट उतार कर अब उसने साड़ी पहन कर बाहर की तरफ आई और वहां पर अभी भी गॉड्स खड़े थे और गार्डों को देखकर सौम्या उनके पास आई,,

जैसे ही सौम्या उनके पास आए तो गार्डों ने अपना सिर पूरी तरह से झुका लिया,, सौम्या अब अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली मिस्टर कपूर कहां है कब से देखने की कोशिश कर रही हूं वह दिखाई नहीं दे रहे। तभी गॉड्स सर झुकाए हुए ही,,,mam वह तो सुबह के निकल गए,, गार्डों की बात सुनकर सौम्या के चेहरे पर सवाली एक्सप्रेशन आ गए तभी गॉड्स mam हमें नहीं पता वह कहां पर गए हैं लेकिन आज सुबह ही ,, वो अपने प्राइवेट प्लेन से कहीं गए हैं और कितने दिन बाद लौटेंगे कब आएंगे यह हमें नहीं पता और कौन सी प्लेस पर गए हैं यह भी हमें नहीं पता और वह कुछ बता कर भी नहीं गए हैं,, जैसे ही गार्ड ने यह बात कही सौम्या का दिल धक सा रह गया,, और उसकी आंखों में आंसू लबालब बहने लगे,, और अगले ही पल उसका शक यकीन में बदल गया जब उसका फोन में भी का मैसेज आया और उस मैसेज में साफ लिखा था कि मेरे पीछे आने की कोशिश मत करना स्वीट मार्शमैलो नहीं तो मैं तुमसे उतना ही डर जाऊंगा और यही तुम्हारी पनिशमेंट है। मैसेज को देखते ही,, सौम्या अपनी जगह पर खड़ी-खड़ी फ्रिज हो चुकी थी और अगले ही पल उसका हाथ पूरी तरह से नीडल होकर नीचे की तरफ लटक गया,, अब वह पूरी तरह से समझ चुकी थी कि अभी भी dhaanishk के लिए उसे माफ नहीं किया था। और जो भी हुआ था dhaanishk ने अब जानबूझकर किया था। ताकि वह सौम्या को पनिश कर सके,, उसे अपने दिल में एक अलग ही टीस उठती हुई महसूस हो रही थी,, एक पल के लिए उसके पर पूरी तरह से लड़खड़ा गए,, जिससे वह पीछे गिरने को हुई कि तभी गार्डों ने अपना हाथ आगे बढ़ाकर उसे पकड़ना चाहा लेकिन सौम्या ने अपना हाथ दिखाकर रोक दिया और अपने लड़खड़ाते हुए कदमों से रूम की तरफ बढ़ गई,,

इस वक्त उसका दिल पूरी तरह से चकनाचूर हो चुका था उसे अपने दिल में कुछ टूटा हुआ महसूस हो रहा था। अभी भी उसकी आंखें पूरी तरह से बह रही थी और अब वह लड़खड़ाते हुए किसी तरह से कमरे में आई और दरवाजा बंद कर लिया,, और अगले ही पल सामने बड़ी सी तस्वीर जो की dhaanishk की थी। उसके आगे आकर खड़ी हो गई इस वक्त उसने अपना चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाया हुआ था वह उसे तस्वीर को देख नहीं रही थी। उसके बाल उसके चेहरे पर पूरी तरह से बिखर चुके थे आंखों में आंसू बहे जा रहे थे लेकिन वह से पोंछ नहीं रही थी। अब उसने धीरे से अपना सिर उठाया और सामने dhaanishk की तस्वीर के तरफ देखते हुए,,

क्योंकि आपने ऐसा क्यों ऐसा भी क्या कर दिया था मैंने हां मानती हूं मुझसे गलती हुई थी लेकिन इतनी बड़ी सजा क्या साबित करना चाहते है आप हां.. मेरी गलती कितनी बड़ी सजा नहीं दे सकते आप मुझे.. इतना कहते हुए सौम्या की आवाज कांप रही थी। और अब वह अपनी बात को आगे जारी रखते हुए।

क्या साबित करना चाहते हैं बोलते क्यों नहीं इतना कहते हुए वह चीख उठी और उसकी चीख उसे कमरे में पूरी तरह से गूंज उठी थी और उसकी चीख में वह तड़प और दर्द इस वक्त इतना ज्यादा था कि ऐसा लग रहा था कि वहां पर दीवारें भी उसकी चीख सुनकर एक पल के लिए तड़प उठी होगी,, वह रोते हुए अब दानिश की तस्वीर को देखते हुए बोली तोड़ दिया आपने मिस्टर कपूर मुझे तोड़ दिया,,, अरे आपके कहने पर मैंने वह किया जो मुझे नहीं पसंद था। बड़ी उम्मीद से कि आप मुझे माफ कर देंगे,, लेकिन आपकी इगो मुझे भी बढ़कर होगई,, मुझे भी बढ़कर हो गई क्या आपकी को इतना कहकर वह जोरों से चिल्लाई क्यों मिस्टर कपूर क्यों किया इतना कह... आसपास रखी हुई चीजों को तोड़ने लगी,,,

कुछ देर चीजों को तोड़ने फोड़ने के बाद वह दोनों से चिल्लाई और घुटनों के बाल वहीं पर बैठकर फूट-फूट कर रोने लगी,, रोते-रोते ही वह जमीन पर लेट गई,

सारा दिन ऐसे ही रोते हुए बीत गया अब तक शाम के 4 बज चुके थे। सौम्या जो की जमीन पर लेते हुई थी उसकी आंखें इस वक्त रो-रो के हद से ज्यादा लाल और सज चुकी थी । अब उसकी आंखों में आंसू जैसे सूख गए थे। लेकिन उसे देखकर ही पता चल रहा था आंखों में आंसू तो सूख चुके थे लेकिन अब दिल रो रहा था वह भी बेहद बुरी तरह से,,

अब वह अपनी जगह से धीरे-धीरे कर उठे इस वक्त उसकी आंखें हद से ज्यादा सुनी हो चुकी थी जैसे दुनिया जहां का दर्द उसकी आंखों में उतर चुका हो,, उसने अब एक भी नजर dhaanishk की तस्वीर की तरफ नहीं देखा और अपने कदम बाहर दरवाजे की तरफ बढ़ा दिए,, उसने अपने हाथों में इस वक्त कुछ नहीं लिया हुआ था ना हाथ में फोन था। बस वीरान होकर दरवाजे की ओर बढ़ गई दरवाजा खोला और वहां से लिफ्ट में गई और सीधा गोल्डन पैलेस से बाहर की तरफ निकलने लगी,, के तभी वहां पर खड़े गॉड्स उसके आगे जाकर रोकते हुए mam आप बाहर नहीं जा सकती सर ने आपको,, उसकी बात पर सौम्या ने अपनी लाल आंखों से उसका गार्ड्स की तरफ देखते हुए,, और कौन रखेगा मुझे और मुझे रोकने वाले वह होते कौन है,, उसकी बात सुनकर गार्ड सब चुप हो गए और उन्होंने अपना चेहरा इस वक्त पूरी तरह से झुक रखा था किसी की भी हिम्मत नहीं थी कि वह सौम्या की तरफ नजर उठा कर देख ले,,

वही सौम्या अब एक बार फिर से बाहर की तरफ जाने को हुई तभी गॉड्स आगे जाकर प्लीज mam जिद मत करिए,, वरना sir हमें जब से निकाल देंगे और साथ ही साथ में पनिश भी करेंगे प्लीज..

गार्ड्स की बात पर सौम्या व्यंग्य से हंसी और बोली तुम्हारे सर को यही तो करना आता है हर किसी पर अपना आप थोपना आता है बस,,, लेकिन अब नहीं तलाक चाहते थे ना वह मुझे तो ठीक है। अब मैं खुद उन्हें तलाक दूंगी इतना कहते हुए उसकी आवाज बेहद कांप रही थी जैसे उसकी अंदर से जान निकल रहीहो,, दूसरी तरफ गार्डों को भी उनका दर्द साफ दिखाई दे रहा था उन्हें भी सौम्या के लिए बुरा लग रहा था लेकिन थे तो वह एक मामूली गाड़ी कर भी क्या सकते थे,, सौम्या आप अपनी सख्त आवाज में बोली मेरे आगे से हटो वरना मैं खुद्खुशी कर लूंगी ऊपर जाकर कितनी देर मेरी पहली तारी कर लोगे तुम लोग,, उसकी बात सुनकर एक पल के लिए गुड्स हैरानी से सौम्या की तरफ देखने लगे,, और अब किसी की भी हिम्मत नहीं थी कि वह सौम्या को रोक सके उन्होंने बस अपना सिर झुकाए रखा वही सौम्या अब चुपचाप आगे की तरफ बढ़ गई,,

वही गार्डों ने अब जल्दी से अपना फोन निकाला और अपने फोन से dhaanishk को फोन करने लगे,,

वही सौम्या अब बेजान सी होकर बाहर की तरफ चले जा रही थी इस वक्त उसने सिर्फ एक साड़ी पहनी थी और पैरों में चप्पल तक नहीं थी वीरान सी होकर सड़कों पर जा रही थी ना उसकी आंखों में कोई चमक थी ना चेहरे पर कोई रौनक था तो आं

खों में दर्द का समुद्र जो शायद अब थामने नहीं वाला था।

To be continue.....

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