
Antonio,,
मृत्युंजय ने अभी-अभी धनी को बेड पर पटका था और उसे अपनी गहरी नजरों से देखते हुए उसने अपनी होठों पर जीव घुमाई थी । मृत्युंजय को ऐसे अपने होठों पर जीव घूमते देखकर धानी के रोंगटे खड़े हो रहे थे उसका दिल इस वक्त जोर-जोरों से ढक-ढक कर रहा था। क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले जो मृत्युंजय ने कहा था उसे सुनकर धनी की सांस भी उसके गले में अटके हुई थी। वही मृत्युंजय के चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल थी और वह बेहद गहरी आवाज में एक बार फिर से बोला,,, I want eat your pussy shygirl,,, इतना कहकर मृत्युंजय अब पूरी तरह से उसके ऊपर झुका और अगले ही पर उसके होठों को अपने होठों में कैप्चर कर लिया,,
जैसे ही मृत्युंजय ने अपने होठों में धानी के होठों को लिया,, धानी की सांसों ने गहरा होना शुरू कर दिया,, इसका उपाय उसके सीने में सांप दिखाई दे रहा था उसकी गहरी सांस मृत्युंजय को भी मदहोश कर रही थी। मृत्युंजय अब उसके होठों को चूमते हुए ही उसने अपने हाथ उसके कंधों पर उन्हें हल्का-हल्का सहलाते हुए और नीचे की तरफ जाने लगा,, अब धानी के ब्लाउज में से उसके बूब्स को पकड़कर चलाना शुरु कर दिया जिससे धारी की हिसाब से और भी गहरी होने लगी,
अभी उसने खाने के बस को सहलाना शुरू ही किया था कि तभी बाहर से एक मेड ने दरवाजा खटखटाया जैसे ही बेड ने दरवाजा खटखटाया धानी वापस से अपने होश में वापस आई,, और अगले ही पल उसने मृत्यु जी को खुद से दूर धक्का देते हुए दांत पीसकर बोली दूर रहिए मुझे कहां है ना की तलाक चाहिए आपसे तो क्यों आ रहे इतना करीब इतना कहते हुए उसकी आंखों में नमी साफ उसकी आंखों में दिखाई दे रही थी और उसका गला पूरी तरह से भर आया था,,
और इस वक्त वह कांप पर रही थी। वही मृत्युंजय तो एक पल के लिए उसकी तरफ देखा ही रह गया। इससे पहले धानी उसके साथ कभी भी ऐसे पेश नहीं आई थी जैसे आज पेश आ रही थी वह तो हैरानी से बस धानी के चेहरे की तरफ देखे जा रहा था। वही धारी अपनी बात कह कर जल्दी से बाथरूम में भाग गई और अगले ही पल बाथरूम का दरवाजा बंद कर शावर के नीचे जाकर फूट-फूट कर रोने लगी,, और शॉवर का पानी उसके ऊपर चल रहा था और उसके आंखों के आंसुओं को छुपा रहा था। इस वक्त वह इतनी बुरी तरह से रो रही थी कि उसका चेहरा पूरी तरह से लाल पड़ चुका था वह रोते हुए खुद से क्यों मैं आपके इश्क को भुला नहीं पा रही हूं क्यों,,
क्यों आपका इश्क हर वक्त मेरे आगे ढाल बनकर खड़ा हो जाता है। यह सीने में एक अनचाहा दर्द क्यों,,, आखिर क्यों मैं अपने इश्क को मार नहीं दे पा रही हूं आपको अपने दिल से निकल नहीं पा रही हूं यह आंखें आपके आगे आकर नम हो जाती है। क्यों यह दिल अभी भी आपके पास आने से धड़कता है क्यों इस धड़कन को आपके बिना करार नहीं आता। क्यों यह सांस आपके छूने भर से मचल उठाती है। नहीं मैं अब दोबारा नहीं होने दूंगी,, मुझे खुद को संभालना होगा मुझे आपसे दूर जाना होगा चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े,,
इतना कहकर उसने अपने आंसू पूछे और एक बार फिर से शावर शॉवर लेने लगी तकरीबन आधे घंटे बाद उसने अपने बदन पर बाथरूब पहन कल बाहर की तरफ आई और सीधे सामने नजर पड़ी जहां पर मृत्युंजय अभी भी अपनी जगह पर बैठा हुआ था और इस वक्त उसके चेहरे पर कोई भी भाव नहीं था लेकिन जैसे ही उसने dhaanit को अपने सामने देखा तो उसके चेहरे के भाव एक बार फिर से बदलने लगे,,
धानी के चेहरे पर भी इस वक्त कोई भाव नहीं था उसने अब अपनी नज़रें फेरी और अपने कदम वार्डरोब की तरफ बढ़ा दिए,, इस वक्त धानी की आंखें हद से ज्यादा लाल थी। लेकिन उसने अब मृत्युंजय का पलट कर एक बार भी नहीं देखा, मृत्युंजय भी उसकी यह चीज नोटिस कर रहा था,, अब अपनी जगह से खड़ा हुआ और अगले ही पल उसने भी अपने कदम धानी के पीछे बढ़ा दिए,, ऐसे ही मृत्युंजय ने अपने कदम धानी के तरफ बधाई तभी धानी बिना मृत्युंजय की तरफ पलटे,,, stop it Mr राठौर मेरे पीछे आने की कोशिश मत कीजिए,,
मुझे जितना हो सके दूर रहिए क्योंकि नफरत हो चुकी है मुझे आपसे और कल आपको डाइवोर्स पेपर भी मिल जाएंगे और उन पर आपको साइन करना होगा,, धड़ी की बात सुनकर मृत्युंजय का चेहरा सख्त हो गया,, और जबड़े पूरी तरह से कस गए अगले ही पल उसने धारी का हाथ पकड़ा और एक बार फिर से उसे बॉल से सटा दिया,, उसके चेहरे पर झुकते हुए,, दूर होना चाहती हो मुझसे दूर होना चाहती हो तो यह धड़कनों का क्या जो मेरे इतने पास आने से अभी भी बवाल कर रही है,, इन सांसों का क्या जब मैं तुम्हें छूता हूं तो गहरी हो जाती है,,
तभी धरी ने उसकी तरफ से चेहरा फिरते हुए,, कुछ देर की बात है जब आप चले जाएंगे यह भी नॉर्मल हो जाएगा,, और मैं अब आपको अपनी जिंदगी में नहीं चाहती,, उसकी बात पर मृत्युंजय व्यंग्य से हटाओ और बोला अब तुम मुझे अपनी जिंदगी में नहीं चाहती,, तो ठीक है यही बात मेरी आंखों में देखकर बोलो,,,
उसकी बात पर धानी ने एक बार भी उसकी तरफ पलट कर नहीं देखा,, लेकिन उसके दिल की धड़कने बहुत कुछ कह रही थी। अभी वह बोल ही रहा था कि तभी मेड ने दोबारा से दरवाजा खटखटाया अब इस बार मृत्युंजय फ्रस्ट्रेटेड होकर दरवाजे की तरफ देखा जहां पर मीट खड़ी थी मृत्युंजय के ऐसे देखने से मेड पूरी तरह से डर गई और उसने अपना चेहरा नीचे की तरफ चुका लिया वही धानी अब मेड की तरफ देखकर क्या काम था आपको आप पहले भी कुछ कह नहीं आई थी तभी मेरे सिर झुकाते हो वह मैडम नीचे नकुल कर आए हैं नकुल का नाम सुनकर धानी के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गई और वह बेड की तरफ देखकर बोली उन्हें नीचे बिठाए में अभी आती हूं।
इतना कह कर धानी ने अपने कदम वार्डरोब की तरफ बधाई के तभी उसकी दिल की धड़कन एक पल के लिए स्किप
हो गई,,
To be continue...







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