
पठानी हाउस,
कनिका इस वक्त शावर के नीचे खड़ी थी और उसकी आँखों से आँसू लबालब बहे जा रहे थे कि तभी बाथरूम का दरवाज़ा खुला और बाहर की तरफ़ से असुर अंदर आया।
वही असुर को अंदर आता देख कनिका की आँखें हैरत से फैल चुकी थीं और उसकी साँसें जैसे उसके गले में ही अटक गई थीं। होंठ बुरी तरह से फड़फड़ा रहे थे।
वही असुर, जो कि अभी-अभी अंदर आया था, गुस्से से जबड़े कसते हुए सामने खड़ी कनिका को देखकर दाँत पीसते हुए बोला—
“मरना है क्या… अभी-अभी बचा रहा हूँ ठंड से, और अब फिर से बिना बात के मुँह उठाकर चली आई।”
इतना कहकर असुर वहीं चुप हो गया। उसकी गहरी नज़रें इस वक्त कनिका के होंठों पर जम गई थीं, जो बुरी तरह से फड़फड़ा रहे थे।
कनिका के वे होंठ, जिन पर पानी की बूँदें जमी हुई थीं, किसी गुलाब की पंखुड़ी से कम नहीं लग रहे थे। उसके चेहरे पर हर जगह पानी की बूँदें तैर रही थीं। शावर का पानी उसके पूरे बदन को भिगो रहा था और उसके बदन पर पानी की बूँदें कुछ इस तरह रुकी हुई थीं जैसे ओस का पानी हो।
असुर की नज़रें इस वक्त कनिका पर इतनी ज़्यादा गहरी हो गई थीं कि उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था।
वही कनिका, जो असुर की नज़रें खुद पर महसूस कर सकती थी, अपनी नज़रें चुराने की कोशिश कर रही थी क्योंकि उसे इस वक्त बेहद शर्म महसूस हो रही थी। उसने अपना हाथ अपनी pussy और breasts पर रखकर उन्हें कवर करने की कोशिश की, लेकिन उसके boobs उसके हाथ में नहीं आ रहे थे, जिस वजह से उसे और भी ज़्यादा शर्म महसूस हो रही थी।
वही असुर, जो यह सब देख रहा था, उसे अपने बदन में एक अलग ही गर्माहट महसूस होने लगी थी। उसकी नज़रें इस वक्त कनिका पर हद से ज़्यादा गहरी हो चुकी थीं।
एक पल के लिए वह भूल ही गया था कि उसके और कनिका के बीच शायद ही कोई जंग छिड़ी हो। उसने अपने कदम धीरे-धीरे कनिका की ओर बढ़ा दिए।
असुर के कदम अपनी तरफ़ बढ़ते देख कनिका का दिल ज़ोर-ज़ोर से धक-धक करने लगा।
कुछ ही देर में असुर बिल्कुल उसके सामने आकर खड़ा हो गया।
वही कनिका ने अपनी नज़रें पूरी तरह से नीचे की ओर झुका ली थीं। उसने एक बार भी नज़र उठाकर असुर की आँखों में नहीं देखा था, क्योंकि शायद अगर वह देख लेती तो उसकी जान निकल जाती।
क्योंकि असुर आज उसे नज़रों से देख रहा था—उसने कभी भी असुर को इस तरह खुद को देखते हुए नहीं पाया था।
वही असुर ने अब उसकी कमर पर हाथ रखा। जैसे ही उसने अपनी कमर पर उसका ठंडा हाथ महसूस किया, कनिका पूरी तरह से काँप उठी। उसकी दिल की धड़कन जैसे एक पल के लिए ड्रॉप ही हो गई थी।
दूसरी तरफ़ असुर ने अब उसे अपनी तरफ़ खींच लिया। जैसे ही उसने अपनी तरफ़ खींचा, कनिका का सीना उसके सीने से टकरा गया, जिससे असुर की धड़कनें भी तेज़ होने लगीं। उसे अपनी लोअर बॉडी में एक अलग ही sensation महसूस हो रही थी। उसका वह soft सीना असुर को मदहोश करने पर मजबूर कर रहा था।
असुर के इस तरह से सीन से लगते ही कनिका के हाथ उसके सीने पर आ गए थे और उसने अभी भी अपनी नज़रें पूरी तरह से झुका रखी थीं, क्योंकि इस वक्त वह शर्म के मारे डूबी जा रही थी।
असुर के नज़दीक आने से उसके कंधे पर पानी की बूँदें मोतियों की तरह जमी हुई थीं। असुर की नज़रें उस पर ठहर गईं। उसका वह गोरा कंधा, जिस पर पानी की बूँदें ठहरी हुई थीं, और ऊपर से उसके कंधे पर वह काला तिल—उसे और भी ज़्यादा पागल कर रहा था। उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था।
उसकी नज़रें अब उसके कंधे पर हद से ज़्यादा गहरी हो गई थीं, जिससे उसने अपने हाथों को ऊपर की तरफ़ ले जाते हुए उसके कंधे पर अपने अंगूठे से रगड़ते हुए अपने होंठों पर हल्की-सी जीभ घुमाई।
वही कनिका इस सब से अनजान अपनी आँखें बंद कर चुकी थी। उसके दिल की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि उसकी हिम्मत नहीं पड़ रही थी कि वह असुर की आँखों में देख ले।
और अगले ही पल उसके होंठों से हल्की-सी सिसकी निकली, क्योंकि असुर ने उसके कंधे पर अपने होंठ रखकर पानी की बूँद को पीना शुरू कर दिया था।
जैसे ही असुर ने अपने होंठ उसके कंधे पर रखे, कनिका के रोंगटे खड़े होने लगे। उसकी साँसें गहरी होने लगी थीं, जिससे उसके सीने में एक अलग ही तूफ़ान पैदा हो रहा था। उसके नाज़ुक-से boobs पूरी तरह से असुर के सीने से टकरा रहे थे, जिससे असुर और भी पागल होता जा रहा था।
उसका पेट भी पूरी तरह से बल खाकर अंगड़ाइयाँ ले रहा था।
असुर उसके कंधे को चूमते हुए अब उसके गले तक आया और धीरे-धीरे गले से भी पानी की बूँदों को होंठों से suck करते हुए जीभ से lick करने लगा।
दोनों की साँसें इस वक्त रफ्तार पकड़ चुकी थीं और उनकी साँसों का शोर बाथरूम में इतना गूँज रहा था कि अगर कोई भी बाहर से आ जाए तो समझ जाए कि अंदर क्या चल रहा है।
कनिका की पकड़ उसके कंधों पर पूरी तरह से कस चुकी थी। हर बढ़ते पल के साथ असुर उसकी जान उसके बदन से निकालने पर तुला हुआ था।
असुर उसके गले को चूमते हुए अब उसके सीने की ओर बढ़ने लगा। जब उसने कनिका के गोरे सीने को देखा—उसके पिंक nipples पर पानी की बूँदें—तो असुर की जान निकल रही थी। उसका मन कर रहा था कि उन दोनों को अपने हाथों में भरकर और अपने मुँह में लेकर suck करने लगे, लेकिन उसने खुद को रोका और उसकी नज़रें अब उसके बल खाते हुए पेट पर चली गईं।
और अगले ही पल वह नीचे की तरफ़ झुका।
जैसे ही असुर नीचे झुका, कनिका की दिल की धड़कन एक पल के लिए रुक-सी गई। उसे अपनी साँसें बंद होती हुई महसूस होने लगीं।
लेकिन असुर नहीं रुका।
वह पूरी तरह से उसके पेट के पास झुका और अगले ही पल अपने होंठ उसके पेट पर रख दिए।
असुर के होंठ अपने पेट पर पाकर कनिका को ऐसा लगा जैसे उसके शरीर से जान निकल रही हो। उसका पूरा शरीर जैसे सुन्न पड़ता जा रहा था।
लेकिन असुर ने उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया था, जिस वजह से उसके हाथों के निशान कनिका की कमर पर पड़ चुके थे।
और कनिका की सिसकियाँ असुर के ऐसे पकड़ने से और भी तेज़ हो गई थीं। वह पूरी तरह से मचल उठी थी।
अभी तो वह उसके पेट को चूम ही रहा था कि असुर के हाथ धीरे-धीरे नीचे की तरफ़ बढ़े…
और अगले ही पल उसने
जो किया, उससे मानो कनिका की साँसें थम-सी गईं—
To be continue….







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