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Want eat your pussy

Antonio,,

मृत्युंजय इस वक्त पूरी तरह से dhaani के ऊपर झुका हुआ था। और इस वक्त जिस तरह से मृत्युंजय के चेहरे पर डेविल स्माइल थी उसे देखकर धानी को अपनी धड़कन रुकती हुई महसूस हो रही थी। इस वक्त उसकी सांसे बेहद गहरी चल रही थी। वह अपनी लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली आप क्या करने की सोच रहे हैं। कुछ ऐसा वैसा सोचिएगा भी मत कि मैं आपसे नफरत करने लग जाऊं रिश्ता तो पहले ही खत्म करना चाहती.... इतना कहते हुए उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूम लिया था। उसकी आवाज चौक होने लगी थी। इसके आगे वह उसे कुछ बोला भी नहीं जा रहा था। और कहीं ना कहीं उसकी आंखें इतनी ज्यादा लाल हो चुकी थी कि उसकी आंखों में नमी उतरने लगी थी लेकिन उसे नमी को वह उतरने की इजाजत नहीं दे रही थी।

उसने अपना चेहरा इसलिए दूसरी तरफ घुमाया था की मृत्युंजय उसका रिएक्शन ना देख पाए लेकिन फिर भी मृत्युंजय ने उसके चेहरे के भाव पड़ चुका था।

उसके बोल और उसका रिएक्शन देखकर मृत्युंजय के डेविल स्माइल और भी ज्यादा गहरी हो गई। वह अपनी बेहद सेडक्टिव वॉइस में बोला छोड़ना चाहती हो,, लेकिन तुम्हारे बल और तुम्हारा रिएक्शन मैच नहीं कर रहा है।shygirl,,

Dil pe zakham khate hain

jaan se guzarte hain

Dil pe zakham khate hain

jaan se guzarte hain

Jurm sirf itna hai

un ko pyar karte hain

मृत्युंजय की बात सुनकर धानी की आंखें एक पल के लिए बड़ी हो गई,, और उसने अगले ही पल मृत्युंजय के चेहरे की तरफ देखा जो गहरी मुस्कुराहट से उसे ही देख रहा था। लेकिन अगले ही पल उसने अपनी आंखों को झुकते हुए मैं झूठ नहीं बोल रही हूं मैं सच कह रही हूं कुछ ऐसा मत कर दीजिएगा कि मैं आपसे नफरत करने लगी डिवोर्स तो मैं पहले ही आपको दे...... कितना कहते हुए उसकी आवाज एक बार फिर से उसके गले में अटकने लगी,, उसकी आवाज को अटकता देख मृत्युंजय उसके कान के पास झुका और बेहद सेडक्टिवली बोला पक्का ना पहले मन को समझ लो,, जिस तरह से मृत्युंजय ने उसको यह बात कही थी धानी का दिल एक पल के लिए जोरों से धड़क उठा,,, मृत्युंजय बेहद सेडक्टिव वॉइसमें,,

Uff ये इश्क ना जीने देता है ना मरने देता है। और छोड़ना... इतना कहते हुए मृत्युंजय उसे अपनी गहरी नजरों से देख रहा था! उसका छोड़ने की बात सुनकर धानी का दिल एक पल के लिए तड़प उठा था धानी खुद नहीं समझ पा रही थी आखिर क्यों वह मृत्यु जैसे दूर नहीं जा पा रही थीं। मृत्युंजय की बात सुनकर उसकी आंखों में ना चाहते हुए भी नमी तैरने लगी थी।

तभी मृत्युंजय उसके ऊपर से उठा और बोला ठीक है तुम चाहती हो तलाक देना पर कल जो होगा अगर उसके बाद भी तुमने कहा तलाक देना है तो मैं तुम्हें छोड़कर चला जाऊंगा,, मृत्युंजय की बात सुनकर एक पल के लिए धानी का दिल धक्का सा रह गया।

Aitbaar bharta hai aur bhi mohabbat ka

Jab wo ajnabee ban kar, paas se guzarte hain

unki anjuman bhi hai daar bhi rassan bhi hai

dekhna hai deewaane ab kahan theharte hain

मैं मृत्यु जी अब उसके ऊपर से उठा और उसकी तरफ गहरी नजरों से देखते हुए मुझे भूख लगी है। इतना कहकर उसने सामने टेबल की तरफ देखा जहां पर अभी भी खाना वैसे ही लगा पड़ा था। लेकिन धानी तो अपने ही अपने को चुकी थी उसकी आंखों में नमी हद से ज्यादा भर आईथी। हालांकि वह खुद ही मृत्युंजय को तलाक देना चाहती थी लेकिन मृत्युंजय के मुंह से यह बात सुनकर उसे बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही थी। वही मृत्युंजय उसके एक्सप्रेशन देखकर उसके चेहरे पर डेविल एक्सप्रेशन आ गए और वह मन ही मन बोला सॉरी shygirl,,, अगर तुम्हारे साथ जिंदगी भर रहना है तो तुम्हें एक झटका तो देना ही पड़ेगा,, इतना कहते हुए उसके चेहरे पर इस वक्त मिस्टीरियस एक्सप्रेशन थे।

वहीं दूसरी तरफ धानी अब अपनी जगह से खड़ी हुई और गुस्से से मृत्युंजय की तरफ देखकर बोली तो मुझे क्या है खाना खाना है खाई नहीं खाना तो आपकी मर्जी इतना कहते हुए वह फ्रस्ट्रेटेड होते हुए बालकनी में जाकर खड़ी होगी वही उसका रिएक्शन देखकर तो मृत्युंजय भी हैरानी से उसे देखने लगा। अब वह कंधे ऊपर की तरफ कुछ खाते हुए मन ही मन भर बढ़ाया तलाक खुद ही देना चाहती है और मैं कह दिया तो मिर्ची लग गई,, इतना कहते हुए उसने अपने मुंह बनाया और सामने खान की तरफ देखा जो वैसा का वैसा ही धारा पड़ाथा,,

अब उसने गहरी सांस ली और बालकनी की तरफ अपने कदम बढ़ा दिए,,, वही बालकनी में खड़ी धानी अभी तक सुबह तक रही थी उसकी आंखों में आंसू अब उसके गालों पर आ चुके थे। इस वक्त वह जिस तरह से सुबक रही थी इसका नाक पूरी तरह से लाल हो चुकी थी। तभी मृत्युंजय बिल्कुल उसके पीछे आकर खड़ा हुआ मृत्युंजय की हाइट धानी से काफी ज्यादा लंबी थी धानी की हाइट मृत्यु जैसे काफी छोटी थी धानी कहीं ना कहीं मृत्युंजय के सामने बिल्कुल बच्ची की तरह लगती थी।लेकिन फिर भी उनकी जोड़ी बहुत खूबसूरत लगती थी। जैसे ही मृत्युंजय उसके पीछे आकर खड़ा हुआ धानी की आंखें बड़ी हो गई और उसका दिल जोरो जोरो से धक-धक करने लगा,,

अगले ही पल मृत्युंजय ने धानी को गोद में उठा लिया धानी किसी बच्चे की तरह उसकी गोद में पूरी तरह से सिमट गई थी। जिस तरह से मृत्युंजय ने धानी को उठा लिया था धानी तो एक पल के लिए उसकी तरफ देखते ही रह गई। जिस तरह से धानी से देख रही थी मृत्यु से बेहद गहरी आवाज में बोला आई नो दैट आई एम सेक्सी बट इस तरह से मत देखो मुझे कुछ कुछ होता है। उसकी बात पर धानी हड़बड़ा कर इधर-उधर देखने लगी और अगले पार्लर गुस्से से दांत पीसकर बोली मुझे नीचे उतारिए यह क्या तरीका है किसी को उठाने का,,, तभी मृत्युंजय अपनी डोमिनेटिंग वॉइस में फर्स्ट ऑफ ऑल तो में किसी को नहीं उठा रहा हूं अपनी वाइफ को उठा रहा हूं। और दूसरी बात मैं जब चाहे तुम्हें उठा सकता हूं तुम मुझे रोक नहीं सकती इन फैक्ट में इससे भी ज्यादा कुछ कर सकता हूं जाना चाहती हूं क्या?

जिस तरह से मृत्युंजय ने उसे यह बात कही धानी को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था और उसका चेहरा एक पल के लिए लाल पड़ता जा रहा था क्योंकि मृत्युंजय के एक्सप्रेशन से ही पता चल रहा था कि वह कहना क्या चाहता था। धानी अब उससे नज़रें चुराते हुए बोली प्लीज मुझे नीचे उतारिए,, तभी मृत्युंजय नहीं उतारूंगा पहले खाना खाओ और मुझे भी भूख लगी है मुझे भी खाना है,, उसकी बात पर धानी झलकर तो खाई ना जाकर मुझे क्यों उठा रहे हैं अपने साथ में मैं नहीं खाना चाहती मुझे नहीं भूख है।

उसकी बात पर मृत्युंजय की नजरे उसे पर और भी गहरी हो गई वह बेहद गहरी आवाज में बोला सोच लो,,, उसकी बात पर धानी नाक खुल कर सोच लिया मुझे नहीं खाना इतना कहकर उसने अपने हाथों को फोल्ड कर अपना चेहरा दूसरी तरफ घूम लिया,, जिस तरह से धानी रूठी थी एक पल के लिए मृत्युंजय को उसे पर हंसी आ रही थी लेकिन फिर भी उसने खुद को कंट्रोल किया और बोला तो ठीक है। अब मैं अपना डिनर करूंगा फिर,, उसकी बात पर धानी उसकी तरफ देखते हुए गुड कर लीजिए,, जैसे ही उसने यह बात कही मृत्युंजय ने अब अपने कदम अंदर की तरफ बढ़ा दिए,,

वही धानी अब उसे दांत पीसकर बोली मुझे तो नीचे उतार दीजिए मुझे तो यहीं पर खड़े रहना है मैं अभी अंदर नहीं जाना चाहती,, उसकी बात पर मृत्युंजय अपनी गहरी आवाज में लेकिन आई वांट ईट योर पूसी,,, उसकी बात पर धानी की आंखें बड़ी हो गई।। और उसका मुंह खुला का खुला रह गया,,, भाई मृत्युंजय अब उसे गहरी नजरों से देखते हुए अब खाना तो तुम खिलाई नहीं रही हो अब तुमसे ही भूख मिताऊंगा इतना कहकर वह कमरे में आया और अगले ही पल उसे बेड पर पटक दिया और एक बार फिर से उसे अपनी

गहरी नजरों से देखने लगा,,

To be continue....

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