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Let's play a game

Antonio,,

इस वक्त मृत्युंजय पूरी तरह से धानी के ऊपर झुका हुआ था और उसका हाथ इस वक्त धानी की धानी पर था और धानी पूरी तरह से मदहोश चुकी थी। इस वक्त उसे अपनी सांसे गहरी होती हुई महसूस हो रही थी,, लेकिन तभी मृत्युंजय उसके ऊपर आया और अगले ही पल उसने जो कहा धानी की आंखें बड़ी हो गई,, वही मृत्युंजय अब उसके चेहरे के पास आया और बेहद दिलकश अंदाज में बोला तो तुमने दे ही दिया रिस्पांस,, उसकी बात पर धानी को अपनी धड़कने रुकती हुई महसूस हो रही थी लेकिन तभी आगे से जो उसने कहा उसे सुनकर धानी की सांस एक पल के लिए उसके गले में ही अटक गई, वही मृत्युंजय अब उससे बेहद दिलकश अंदाज में अगर चाहती हो कि आगे कंटिन्यू हो ,,said that,, love me now my hubby,,

जैसे ही मृत्यु यह ने यह बात कही धानी ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमते हुए कभी नहीं कहूंगी मैं यह आपको,,, उसका ऐसे चेहरा घूमते देखा मृत्युंजय के चेहरे पर तिरछी मुस्कराहट तैर गई,, अब उसने उसके गाल पर उंगली रखी और अपने तरफ चेहरा घूमते हुए आर यू सर तुम यह बात नहीं खाओगे इतना कहते हुए अपनी दो उंगलियां उसने दोबारा से धनी की पूसी पर रागनी शुरू कर दिए जिससे धनी की सांसों का शोर और भी ज्यादा गहरा होने लगा,, उसका दिल इस वक्त जोरो जोरो से धक धक कर रहा था,, वहीं मृत्युंजय लगातार उसकी पूसी को सहलाते हुए,, tell me wifey,,

उसकी बात पर धानी ने एक बार फिर से अपनी नज़रें झुका कर अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमते हुए मुझे नहींपता,, धानी का इस तरह का रिएक्शन देखकर मृत्युंजय की मुस्कुराहट और भी गहरी हो गई,,, उसने अब धानी की पूसी पर spank करते हुए,, लेकिन तुम्हारा रिएक्शन तो कुछ और ही बता रहा है shy girl,, क्या मैं तुम्हें प्यार कर लूं,, उसकी इस तरह की बात सुनकर धनी के दिल की धड़कन एक पल के लिए स्किप हो गई,,

अब उसने अपनी नजरे उठाकर एक बार फिर से मृत्युंजय की तरफ देखा जो अपनी हसरत भरी नजरों से धानी को देख रहा था, धानी तो आज भी वैसे ही थी ना चाहते हुए भी वह मृत्यु जैसे कुछ बोल ही नहीं पा रही थी। और धानी को इस तरह से कुछ ना बोलना देख मृत्युजय उसके ऊपर झुका और अगले ही पल उसके होठों पर दोबारा से होंठ रख दिए,, और अब वह बेहद सेडक्टिवली उसकी pussy को सहला रहा था। जिससे धनी पूरी तरह से मचल उठी थी। और उसकी बॉडी खुद ब खुद मृत्युंजय को रिस्पांस देने लगी थी वही मृत्युंजय अब उसके होठों को छोड़ धीरे-धीरे कर उसके गले पर आने लगा और गले को चूमते हुए उसने एक नजर धानी के चेहरे को देखा जिसकी आंखें मदहोशी से पूरी तरह से बंद थी। वह बेहद गहरी आवाज में बोला बहुत तड़पाया है तुमने shygirl,, लेकिन अब तुम मुझे तड़पा नहीं सकती क्योंकि अब मैं तुम्हें तड़पाने का मौका ही नहीं दूंगा,,

मृत्युंजय की बात पर धानी की आंखें खुल गई और उसने अपनी नजरों को अब मृत्युंजय की तरफ घुमाया और उसकी आंखों में देखा एक पल के लिए धानी का दिल धक सा रह गया,,, क्योंकि मृत्युंजय की आंखें इस वक्त हद से ज्यादा लाल थी,, मृत्युंजय ने अब उसके गाल पर हाथ रखा और एक बार फिर से उसके चेहरे पर आते हुए तुम्हें नहीं पता मैंने यह,, साल तुम्हारे बिना कैसे कटे हैं। मैं टूट चुका था तुम्हारे बिना,, लेकिन अब नहीं बर्दाश्त होता है shygirl,, प्लीज मुझसे दूर मत जाना,, उसकी बात सुनकर अब ढाणी की आंखों में नमी छाने लगी थी और एक बार फिर से उसकी आंखों के सामने वही मंजर घूमने लगा जब उसकी आंखों के सामने एक बुजुर्ग इंसान की मौत हो रही थी,, उसे याद करते ही धानी ने अब उसका हाथ पूरी तरह से अपनी गाल से झटका और उसे दूर धक्का देते हुए,,

दूर रहिए मुझे और मैं आपको तलाक देने वाली हूं यह बात याद रखेगा हमारा कोई रिश्ता नहीं है और जो लड़की आपसे इश्क करती थी वह मैं नहीं हूं इतना कह कर धानी अब दरवाजे के पास आकर खड़ी हुई और दरवाजा खोल बाहर की तरफ इशारा करते हुए अब आप यहां से जा सकते हैं,, धानी की बात सुनकर एक पल के लिए मृत्यु की अपनी जगह पर जम सा गया था उसे तो समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा हुआ क्या जो धानी इस तरह से बिहेव कर रही थी। लेकिन जैसे ही उसने धानी के तलाक वाली बात सुनी उसका चेहरा पूरी तरह से काला पड़ गया,, अब अगले ही पल अपनी जगह से खड़ा हुआ और उसने धानी की वहां पड़कर उसे सीधा ही दीवार से सताते हुए दांत पीसकर बोला मर जाऊंगा लेकिन तुम्हें तलाक तो बिल्कुल नहीं दूंगा,, तुम इकलौती लड़की हो जिसने इस दिल को धड़कना सिखाया है अब यह धड़कन खत्म होगी या तो मैं और तलाक उसका तो सवाल ही पैदा नहीं होता इतना कहते हुए उसने धानी के हाथों पर अपने हाथ कस दिए थे,,

वही धानी भी एक्सप्रेशंस होकर बोली मेरी बला से जो मर्जी कीजिए लेकिन मुझे आपसे तलाक चाहिए मैं आपसे प्यार नहीं करती उसकी बात पर अब मृत्युंजय ठीक है तुम मुझसे प्यार नहीं करती तो साबित करके दिखाओ कि तुम मुझे इश्क नहीं करती इसके लिए तुम साबित करोगी तो ही मैं तुम्हें तलाक दूंगा नहीं तो मुझे यकीन नहीं होगा कि तुमने मुझसे कभी प्यार किया ही नहीं,, उसकी बात पर धानी अब उसकी तरफ देखते ही रह गई, अभी उसे बेड पर रखा हुआ फोन दोबारा से रिंग किया अब उसने मृत्युंजय के हाथों को झटका और जल्दी से बेड की तरफ अपने कदम ,, जैसे ही मृत्युंजय का हाथ उसने झटका मृत्यु जय ने इस बार कुछ नहीं कहा वह बस चुपचाप अपनी जगह पर खड़ा रहा और पलट कर उसने धानी की तरफ भी नहीं देखा,,

फोन पर सौरव जी का फोन आ रहा था तो उसने दोबारा से फोन उठाया और कान से लगाया,, धानी बेटा आप कैसी हो तभी दानी ठीक हूं पापा वैसे ही कह रही थी बस खाना खाने का मन नहीं कर रहा था तब खाने जा रही हूं तभी सौरभ जी चौक कर अभी तक तुमने खाया नहीं तुम तो तब भी बोल रही थी खाना खाने जा रही हूं अच्छा मेरी बात सुनो पार्टी चल निकल जाना टाइम पर और वहां पर मिस्टर सिसोदिया भी आए होंगे तो उनका बेटा तुमसे मिलना चाहता है क्योंकि उसने तुम्हें तस्वीर में देखा था। वह कह रहे थे कि तुम्हारे लिए रिश्ता देखने को मैंने उन्हें मना कर रहा था क्योंकि तुम अभी मृत्यु जैसे प्यार करती हो तो मैं अभी वह बोल ही रहे थे कि तभी दानी आपको मना करने की जरूरत नहीं है पापा मेरी तरफ से हां है जैसे ही उसने यह बात कही सौरभ जी हैरानी से बोले व्हाट तुम पागल हो गई हो बेटा मैंने इसलिए तुम्हें फोन किया है ताकि तुम उनके बेटे को मना कर सको,,

तुम पागल हो गई हो तुम मृत्युंजय को गलत क्यों समझ रही हो क्या पता जो तुम ने देखा वह गलत भी तो हो ही सकता है जरूरी थोड़ी ना आंखों देखा ही सच हो,, तभी धनी सख्त आवाज में आपको उनके साइड लेने की जरूरत नहीं है पापा तब बच्ची थी लेकिन अब नहीं हूं,, तभी जी सौरभ जी पर बेटा मेरी बात तो सुनो मेरी उनसे पुरानी बिजनेस रिलेशन है इसीलिए मैं उन्हें मना नहीं कर पाया लेकिन तुम तो कर सकती हो ना,, तभी धानी कोई जरूरत नहीं है पापा,, आज नहीं तो कल यह होना तो था ही,, उसकी बात पर सौरभ जी लेकिन मृत्युंजय टूट जाएगा बेटा,, इस बार धानी ने उनकी एक बात नहीं सुनी आगे से फोन डिस्कनेक्ट कर दिया,, जैसे ही वह फोन डिस्कनेक्ट करके पीछे की तरफ मुड़ी उसकी सांस उसके गले में अटक गई क्योंकि मृत्युंजय इस वक्त लाल आंखों से उसे देख रहा था और पूरी तरह से उसके ऊपर झुका हुआ था,,

जिस तरह से इस वक्त मृत्युंजय उसे देख रहा था धानी का दिल धड़कने से इनकार कर रहा था,, और मृत्युंजय को देखकर साफ पता चल रहा था कि उसने धानी की सारी बातें सुन ली थी और सौरभ जी की भी,, धानी अब अपनी नज़रें चुराकर दूसरी तरफ से जाने को हुई तभी मृत्यु जी ने उसका हाथ पकड़ कर उसे बेड पर धक्का दे दिया और खुद भी उसके ऊपर आ गया,, इस तरह से मृत्युंजय ने धानी को बेड पर धक्का दिया एक पल के लिए धनी की सांस हलक में अटक गई,, उसे अपनी सांस रुकती हुई महसूस होने लगी वही मृत्युंजय अब अपनी गहरी लाल आंखों से देखते हुए,,

तो तुमने शुरूआत कर दी शुरुआत shygirl इतना कहते हुए उसके चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई और अब वह बेहद गहरी और डोमिनेटिंग आवाज में बोला,, let's play a game,, एक गेम तुम खेलो और अब एक गेम मैं खेलूंगा,, उसकी बात सुनकर धानी का दिल जैसे धक सा रह गया,, और मृत्यु जी के चेहरे से ही देखकर पता चल रहा था कि इस वक्त उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा

हो

To be continue..

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